हमने इस पृथ्वी पर क्यों जन्म लिया?...


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Rajesh Bhawsar

Yoga Instructor & Spiritual Speaker

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प्लास्टिक गलत है यार आपका आपने कोई जनाब नाम नहीं लिया जन्म तो आपको दिया गया है आपने नहीं लिया जाना इस चक्कर में बिल्कुल मत लेना आप को जन्म दिया गया है अब यह बात प्रश्न बनता है कि जन्म क्यों दिया गया कि जन्म लिया है वाली कोई बात नहीं

plastic galat hai yaar aapka aapne koi janab naam nahi liya janam toh aapko diya gaya hai aapne nahi liya jana is chakkar me bilkul mat lena aap ko janam diya gaya hai ab yah baat prashna banta hai ki janam kyon diya gaya ki janam liya hai wali koi baat nahi

प्लास्टिक गलत है यार आपका आपने कोई जनाब नाम नहीं लिया जन्म तो आपको दिया गया है आपने नहीं ल

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DR. MANISH

MULTI TASKER & DR.M.D (A.M.), B-PHARMA, PGDM-M

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दैनिक पावत बनी है जल्दी की के अंदर नागपुर शायर है ना शायर का भतीजा तू तो है अपने मां-बाप के मनोरंजन का नतीजा तो देखो दुनिया क्यों बसी है फिर क्यों नहीं जा सकता वैसे को दिया जा सकता है ए पार्ट ऑफ द मिस्ट्री रहस्य उसका फोन कवर नहीं कर सकते क्योंकि यह तो प्याज के छिलके की तरह जितना करोगे उतना ही ज्यादा रहस्य में उतारा जाएगा विज्ञान अपने हिसाब से कोशिश कर रहा है जैसे पहले उसने ध्यान से दूध निकाला फिर से उसने देखा कि बोलते भी है वॉलपेपर समुराई निकाली ही निकालना चाय पीने के काम आता है फिर दवाई खाने का मन होता है नारियल के तेल से सैकड़ो बनते हैं ऐसे ही दिक्कत है यह कंटीन्यूअस प्रोसेस ध्यान लगाओ मेडिटेशन करो सातों चक्र को जागृत करो तो तुम्हारे शरीर की बूंदों सागर में मिल जाएगी और फिर तुम अथाह सागर का पार्ट बन जाओ फिर तुम्हारे को समझ नहीं सकते द पार्ट ऑफ द टैक्सी स्टैंड अप एंड डांस डांस योरसेल्फ अपने आप को सांत्वना लोगे

dainik pavat bani hai jaldi ki ke andar nagpur shayar hai na shayar ka bhatija tu toh hai apne maa baap ke manoranjan ka natija toh dekho duniya kyon basi hai phir kyon nahi ja sakta waise ko diya ja sakta hai a part of the mystery rahasya uska phone cover nahi kar sakte kyonki yah toh pyaaz ke chilake ki tarah jitna karoge utana hi zyada rahasya me utara jaega vigyan apne hisab se koshish kar raha hai jaise pehle usne dhyan se doodh nikaala phir se usne dekha ki bolte bhi hai wallpaper samurai nikali hi nikalna chai peene ke kaam aata hai phir dawai khane ka man hota hai nariyal ke tel se saikdo bante hain aise hi dikkat hai yah kantinyuas process dhyan lagao meditation karo saton chakra ko jagrit karo toh tumhare sharir ki boondon sagar me mil jayegi aur phir tum athah sagar ka part ban jao phir tumhare ko samajh nahi sakte the part of the taxi stand up and dance dance yourself apne aap ko santwana loge

दैनिक पावत बनी है जल्दी की के अंदर नागपुर शायर है ना शायर का भतीजा तू तो है अपने मां-बाप क

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Kiran

career Counselling ,Meditation Expert

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यहां आए और यहां आकर किसी का मजा नहीं लेकिन इसमें हनुमानगढ़ में रहते हैं और आप लेकिन वहां हम अटक नहीं चाहते वापस आते हैं घूमते हैं फिर से इंजॉय करें यहां पर कितना गुना हो और परमात्मा से हमारा मन हम सदैव शरीर संसार में रहेंगे वेल्मन परमात्मा में जुड़े रहे लेकिन होता होता है शरीर तो है ही हां लेकिन हम जब मन में परमात्मा को रखेंगे हमेशा हमारे लिए सिर्फ और सिर्फ एक छलावा है जैसे कि आपको अपनी सीरियल्स में या किसी में देखते हुए रामायण चला है कि हम लोग घूमने आए हैं इंजॉय करने आएंगे लेकिन इससे कोई लेना देना नहीं है हमारा की जरूरत नहीं है और युद्धपोत

yahan aaye aur yahan aakar kisi ka maza nahi lekin isme Hanumangarh me rehte hain aur aap lekin wahan hum atak nahi chahte wapas aate hain ghumte hain phir se enjoy kare yahan par kitna guna ho aur paramatma se hamara man hum sadaiv sharir sansar me rahenge velman paramatma me jude rahe lekin hota hota hai sharir toh hai hi haan lekin hum jab man me paramatma ko rakhenge hamesha hamare liye sirf aur sirf ek chalava hai jaise ki aapko apni siriyals me ya kisi me dekhte hue ramayana chala hai ki hum log ghoomne aaye hain enjoy karne aayenge lekin isse koi lena dena nahi hai hamara ki zarurat nahi hai aur yuddhpot

यहां आए और यहां आकर किसी का मजा नहीं लेकिन इसमें हनुमानगढ़ में रहते हैं और आप लेकिन वहां ह

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Kanhaiya Bhardwaj

Yoga Expert, M D Panchgavya, Spiritual ,National & Motivational Speaker

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पृथ्वी पर जन्म लेने का एक ही लक्ष्य है क्या बिल्ली की प्राप्ति मोक्ष की प्राप्ति अगर हम इस कुकर में इस कर्मकांड में आकर के फंसे हुए हैं इसलिए हम मोक्ष की प्राप्ति से दूर हो जाते हैं और माया मोह में फंसकर के भूल जाते हैं कि हमें ईश्वर ने क्यों जन्म दिया हमारा जन्म जो है ईश्वर की प्राप्ति के लिए हुआ है मोक्ष की प्राप्ति के लिए हुआ है और किसी भी माध्यम से हम कर्म करते हुए चाहे कर्म योग के माध्यम से चाहे ज्ञान योग के माध्यम से चाय भक्ति हो के माध्यम से करते करते हैं परमात्मा को प्राप्त करें यही जीवन का सबसे सर्वश्रेष्ठ लक्ष्य

prithvi par janam lene ka ek hi lakshya hai kya billi ki prapti moksha ki prapti agar hum is cooker me is karmakand me aakar ke fanse hue hain isliye hum moksha ki prapti se dur ho jaate hain aur maya moh me fansakar ke bhool jaate hain ki hamein ishwar ne kyon janam diya hamara janam jo hai ishwar ki prapti ke liye hua hai moksha ki prapti ke liye hua hai aur kisi bhi madhyam se hum karm karte hue chahen karm yog ke madhyam se chahen gyaan yog ke madhyam se chai bhakti ho ke madhyam se karte karte hain paramatma ko prapt kare yahi jeevan ka sabse sarvashreshtha lakshya

पृथ्वी पर जन्म लेने का एक ही लक्ष्य है क्या बिल्ली की प्राप्ति मोक्ष की प्राप्ति अगर हम इस

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Rakesh Kothiyal

Astrologer And Yoga Teacher

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हरि ओम नमस्कार दोस्तों सभी वह कल ग्रुप के मेंबर कब्रे नमस्कार दोस्तों आपका प्रश्न है हमने इस पृथ्वी पर क्यों जन्म लिया दोस्तों जब मां के गर्भ में होते हैं 9 महीने तक तो हम 2 महीने तक इस कंडीशन में होते हैं कि हमारे तरफ चारों तरफ जो सागर रहता है वह कभी खून से भरा हुआ है कबीर सागर मन से भरा हुआ है कभी वह सागर गंदगी से भरा हुआ है हम उसके बीच में गिरे हुए रहते हैं हर उस गंदगी से बाहर निकल गया परमपिता परमात्मा से क्या प्रार्थना करते भगवान हमें सुनहरा किस से बाहर निकालो हमसे इसमें नहीं रहा जा रहा है इसमें के तारों में तारों मछली मछली सब हमें इसमें काटने को दौड़ रहे हैं हमें बहुत ज्यादा दर्द हो रहा है भगवान मैं तेरी आराधना करूंगा मैं तेरी प्रार्थना करूंगा मेरी पृथ्वी में जाते ही धरती माता में जाते ही तेरी पूजा पाठ करूंगा सिर्फ प्रचार प्रचार करूंगा मैं धर्म कार्य में बढ़-चढ़कर के भाव लूंगा नित्य नियम तेरी पूजा पाठ कर लूंगा मैं भगवान मुझे स्वर्गद्वार से बाहर निकालो दोस्तों जब बच्चा बाहर आता ना दोस्तों को प्रणाम करते हुए दोनों हाथों को छोड़ते हुए वह बच्चा बाहर आ जाता है बच्चा बाहर आ जाता है तो माया से जकड़े देती है मां उसे अपने सीने से लगा लेते हैं मां के मालिक मोह माया है प्यार करती माउस और बच्चा उसी में फंस जाता है बच्चों में संस्कार कब आते हैं कैसे आते हैं दोस्तों बच्चों में संस्कार मां के द्वार आते हैं और सबसे ज्यादा संस्कार मिलते हैं दादा दादी से दादा दादी से अच्छे संस्कार मृत्यु कहानी सुन सुन के बच्चा अच्छे अच्छे संस्कार पकड़ लेता है अच्छी-अच्छी बातें करना सीख जाता है अपने भाई अपने से बड़ों का में छोटे वास्तव का लिहाज करता है और जब हम पृथ्वी में जन्म लेते हैं हम आए तो बोल कर के कुछ और है और यहां कर रहे हैं कुछ और चोरी डकैती नशाखोरी मांस मदिरा एंड जुगल खोरे पराई स्त्री पर आए हैं उसे काटना पेट ना बस सुख मिलना चाहिए बस उस सुख के लिए इंसान दर-दर की ठोकरें खाते खाते लोगों को ज्ञान देने में तुला हुआ है उसे यह नहीं पता कि सुख का है सुख तो परिवार के बीच में है माता पिता माता पिता व भाई बहनों के बीच में है बच्चों के साथ हैं परीक्षण भर के सुख के लिए सब की जान लेने में तो लगा रहता है और जब आदमी अंतिम समय आता है दोस्तों चाहे वह आदमी किसी का भी धर्म में हो जब अंतिम समय में बिस्तर में पड़ा रहता था उसे सब याद आता है कि मैंने कौन-कौन से बात किए और उसी पर वह आदमी मर जाता है तो भगवान अच्छा कर्म कर लिया होता तो मैं तेरे द्वारे में आता है अच्छा कर्म कर भी किया नहीं तो फिर भी नर्क में जाना पड़ेगा 200 अच्छा कर्म करें अच्छा रहो आनंद रहो व्यस्त रहो जय माता दी

hari om namaskar doston sabhi vaah kal group ke member kabrai namaskar doston aapka prashna hai humne is prithvi par kyon janam liya doston jab maa ke garbh me hote hain 9 mahine tak toh hum 2 mahine tak is condition me hote hain ki hamare taraf charo taraf jo sagar rehta hai vaah kabhi khoon se bhara hua hai kabir sagar man se bhara hua hai kabhi vaah sagar gandagi se bhara hua hai hum uske beech me gire hue rehte hain har us gandagi se bahar nikal gaya parampita paramatma se kya prarthna karte bhagwan hamein sunehra kis se bahar nikalo humse isme nahi raha ja raha hai isme ke taaron me taaron machli machli sab hamein isme katne ko daudh rahe hain hamein bahut zyada dard ho raha hai bhagwan main teri aradhana karunga main teri prarthna karunga meri prithvi me jaate hi dharti mata me jaate hi teri puja path karunga sirf prachar prachar karunga main dharm karya me badh chadhakar ke bhav lunga nitya niyam teri puja path kar lunga main bhagwan mujhe swargadwar se bahar nikalo doston jab baccha bahar aata na doston ko pranam karte hue dono hathon ko chodte hue vaah baccha bahar aa jata hai baccha bahar aa jata hai toh maya se jakade deti hai maa use apne seene se laga lete hain maa ke malik moh maya hai pyar karti mouse aur baccha usi me fans jata hai baccho me sanskar kab aate hain kaise aate hain doston baccho me sanskar maa ke dwar aate hain aur sabse zyada sanskar milte hain dada dadi se dada dadi se acche sanskar mrityu kahani sun sun ke baccha acche acche sanskar pakad leta hai achi achi batein karna seekh jata hai apne bhai apne se badon ka me chote vaastav ka lihaj karta hai aur jab hum prithvi me janam lete hain hum aaye toh bol kar ke kuch aur hai aur yahan kar rahe hain kuch aur chori dakaiti nashakhori maas madira and jugal khore parai stree par aaye hain use kaatna pet na bus sukh milna chahiye bus us sukh ke liye insaan dar dar ki thokaren khate khate logo ko gyaan dene me tula hua hai use yah nahi pata ki sukh ka hai sukh toh parivar ke beech me hai mata pita mata pita va bhai bahnon ke beech me hai baccho ke saath hain parikshan bhar ke sukh ke liye sab ki jaan lene me toh laga rehta hai aur jab aadmi antim samay aata hai doston chahen vaah aadmi kisi ka bhi dharm me ho jab antim samay me bistar me pada rehta tha use sab yaad aata hai ki maine kaun kaun se baat kiye aur usi par vaah aadmi mar jata hai toh bhagwan accha karm kar liya hota toh main tere dware me aata hai accha karm kar bhi kiya nahi toh phir bhi nark me jana padega 200 accha karm kare accha raho anand raho vyast raho jai mata di

हरि ओम नमस्कार दोस्तों सभी वह कल ग्रुप के मेंबर कब्रे नमस्कार दोस्तों आपका प्रश्न है हमने

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Dinesh Mishra

Theosophists | Accountant

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हमने इस पृथ्वी पर जो जन्म लिया देखिए विश्व पृथ्वी ग्रह पर जीवन की पूरी संभावनाएं जीवित रहने की है यहां धरती भी है और जल भी है वायु हुई है अग्नि भी है आकाश तत्व भी है और जीवन के जीने की सारे तत्व मौजूद हैं इस कारण से हमने पृथ्वी ग्रह पर जन्म लिया अन्य ग्रहों पर संभव हो वहां आप या ना हो और भी जीवन को जीने के लिए तत्व ना हो इस कारण से वहां हम जी नहीं पाते हो इस कारण से हमने पृथ्वी ग्रह पर जन्म लिया है

humne is prithvi par jo janam liya dekhiye vishwa prithvi grah par jeevan ki puri sambhavnayen jeevit rehne ki hai yahan dharti bhi hai aur jal bhi hai vayu hui hai agni bhi hai akash tatva bhi hai aur jeevan ke jeene ki saare tatva maujud hain is karan se humne prithvi grah par janam liya anya grahon par sambhav ho wahan aap ya na ho aur bhi jeevan ko jeene ke liye tatva na ho is karan se wahan hum ji nahi paate ho is karan se humne prithvi grah par janam liya hai

हमने इस पृथ्वी पर जो जन्म लिया देखिए विश्व पृथ्वी ग्रह पर जीवन की पूरी संभावनाएं जीवित रहन

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Manish Menghani

Health & parenting Advisor

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DR OM PRAKASH SHARMA

Principal, Education Counselor, Best Experience in Professional and Vocational Education cum Training Skills and 25 years experience of Competitive Exams. 9212159179. dsopsharma@gmail.com

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आपने काम इस पृथ्वी पर जन्म क्यों लिया अभी तो पृथ्वी पर ही टेंशन में हो गए हैं अगर किसी और रूप में जन्म होता तो वहां ले लेते आप भी करते हम भी चलते अब पृथ्वी के अलावा कहीं जंग है ही नहीं उत्पत्ति और कोरा शक्ति केवल पृथ्वी लोक पर ही हैं इसलिए हमारे पास कोई दूसरा अभी ब्रह्मांड का ग्रह नहीं है जहां हम लोग जन्म ले लेते चले इतने पुनित ने अपने आदेश का पालन करते हैं कि शायद परमपिता परमेश्वर ब्रह्मांड में कोई ऐसा ग्रह भेजें हमारा अगला जन्म हो सके

aapne kaam is prithvi par janam kyon liya abhi toh prithvi par hi tension me ho gaye hain agar kisi aur roop me janam hota toh wahan le lete aap bhi karte hum bhi chalte ab prithvi ke alava kahin jung hai hi nahi utpatti aur quora shakti keval prithvi lok par hi hain isliye hamare paas koi doosra abhi brahmaand ka grah nahi hai jaha hum log janam le lete chale itne punit ne apne aadesh ka palan karte hain ki shayad parampita parmeshwar brahmaand me koi aisa grah bheje hamara agla janam ho sake

आपने काम इस पृथ्वी पर जन्म क्यों लिया अभी तो पृथ्वी पर ही टेंशन में हो गए हैं अगर किसी और

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Pratibha

Author

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मिथुन ने पृथ्वी पर क्यों बन गया अपने दीदी को पहचानने के लिए और अपनी दिव्यता से इस प्रकृति और मानव जाति का कल्याण करने के लिए लेकिन अफसोस हम अपने स्वार्थ में सब बातें भूल जाते हैं इसलिए ध्यान रखिए ईश्वर ने आपको अगर पृथ्वी पर भेजा है तो आपका मकसद आपका जीने का तरीका सकारात्मक होना चाहिए मुश्किल है लेकिन नामुमकिन नहीं है अपने जीवन से नकारात्मकता को हटाइए और पृथ्वी पर आने की वजह को सार्थक कीजिए धन्यवाद

maithun ne prithvi par kyon ban gaya apne didi ko pahachanne ke liye aur apni divyata se is prakriti aur manav jati ka kalyan karne ke liye lekin afasos hum apne swarth me sab batein bhool jaate hain isliye dhyan rakhiye ishwar ne aapko agar prithvi par bheja hai toh aapka maksad aapka jeene ka tarika sakaratmak hona chahiye mushkil hai lekin namumkin nahi hai apne jeevan se nakaratmakta ko hataiye aur prithvi par aane ki wajah ko sarthak kijiye dhanyavad

मिथुन ने पृथ्वी पर क्यों बन गया अपने दीदी को पहचानने के लिए और अपनी दिव्यता से इस प्रकृति

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Sidharth marwah

Social Influencer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हमने इस पृथ्वी पर क्यों जन्म लिया है जिस तरह से सूरज चौहान धरती आकाश जनजीवन जानवर इसी तरह से इंसानों ने भी जन्म लिया है और मैं आपको यह बताना चाहूंगा कि इन सबसे ऊपर है ईश्वर जिसने इन सब को बनाया है और हमने इस धरती पर क्यों जन्म लिया है इसका एक खास मकसद हो सकता है वही जानने के लिए हम इस धरती पर आए हैं ईश्वर ने हमें किसी खास मकसद के लिए भेजा है और वह क्या मकसद है हमें नहीं मालूम लेकिन हम इस धरती के माया और मोह में ही फंसे हुए हैं अगर हम अशांत हैं या उदास है इसका मतलब यह है कि हम अपना जो जीवन है वह और संतुलन बिजी रहे हैं हमें अनुशासन से जीना चाहिए और संतुलित जीवन जीना चाहिए तभी हम इस मकसद को पूर्ण कर पाएंगे कि हम इस धरती पर क्यों पैदा हुए हैं अधिक जान घर के लिए आप मेरे इंस्टाग्राम को फॉलो कर सकते हैं और मैसेज कर सकते हैं लिंक बायो में दिया गया है धन्यवाद

humne is prithvi par kyon janam liya hai jis tarah se suraj Chauhan dharti akash janjivan janwar isi tarah se insano ne bhi janam liya hai aur main aapko yah batana chahunga ki in sabse upar hai ishwar jisne in sab ko banaya hai aur humne is dharti par kyon janam liya hai iska ek khas maksad ho sakta hai wahi jaanne ke liye hum is dharti par aaye hain ishwar ne hamein kisi khas maksad ke liye bheja hai aur vaah kya maksad hai hamein nahi maloom lekin hum is dharti ke maya aur moh me hi fanse hue hain agar hum ashant hain ya udaas hai iska matlab yah hai ki hum apna jo jeevan hai vaah aur santulan busy rahe hain hamein anushasan se jeena chahiye aur santulit jeevan jeena chahiye tabhi hum is maksad ko purn kar payenge ki hum is dharti par kyon paida hue hain adhik jaan ghar ke liye aap mere instagram ko follow kar sakte hain aur massage kar sakte hain link bio me diya gaya hai dhanyavad

हमने इस पृथ्वी पर क्यों जन्म लिया है जिस तरह से सूरज चौहान धरती आकाश जनजीवन जानवर इसी तरह

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Mukesh K. Agrawal

Spiritual Seeker

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हमने इस पृथ्वी पर क्यों जन्म लिया है यह बहुत ही उम्दा प्रश्न है इस प्रश्न का उत्तर जितना भी दिया जाए उतना कम है फिर भी हम संक्षेप में इसको समझने की कोशिश करते हैं देखे पृथ्वी के इस भौतिक जीवन में जन्म लेते हैं कुछ महत्वपूर्ण सबक सीखने के लिए हर एक व्यक्ति कुछ न कुछ इस पृथ्वी के भौतिक जीवन में सीखने के पृथ्वी पर यह जो जीवन है वह किसी स्कूल में पढ़ाई करने और अपने सबक सीखने के समान ही हर मनुष्य के अपने-अपने सबक होते हैं जिनेवा अपने इस पृथ्वी के जीवन में जीते हुए सीखना चाहता है लेकिन हम मनुष्य ही यह बात भूल गए हैं इसलिए तो आज कल हम अपने सबक नहीं सीख पाते सार्थक सबक नहीं सीख पाते अपनी जिंदगी से और निरर्थक बातों में मतलब फालतू की बातों में लगे रहते और मैं समय बर्बाद करते हैं देखिए छोटे बच्चे अक्सर स्कूल नहीं जाना चाहते वे स्कूल के नाम से ही डरते हैं बहुत सारे बच्चों में से प्रगति होती है जब भी उसके मां-बाप उसे स्कूल जाने को कहते हैं तो अनेक प्रकार के बहाने बनाते हैं हर मुमकिन कोशिश करते हैं कि वह स्कूल नाचा लेकिन उनके माता-पिता उन्हें जबरदस्ती स्कूल में छोड़ कर आते हैं क्योंकि वे जानते हैं कि वही उनका सच्चा विकास होगा फिर वैसे ही ठीक वैसे ही हम इस पृथ्वी जीवन में पृथ्वी के जीवन में जन अपना आत्मिक विकास करने के लिए अपना आध्यात्मिक विकास करने के लिए अपने शब्द का विकास करने के लिए इस पृथ्वी पर कोई मनुष्य अपने मन को धीरज दिखाने आए हैं कोई मनुष्य अपने मन में प्रेम सिखाने प्रेम सीखनी है नफरत की आग से निकलना है किसी का सबक यह हो सकता है कि उसे लीडर बनना है कोई साहस सीखने के लिए आया है और कोई मनुष्य अहंकार से मुक्त होने के लिए आया है हर लोग अपने-अपने सार्थक तलक सीखने के लिए आए हैं और यह सार्थक सब सीख कर ही जाने वाले हैं लेकिन लेकिन बहुत सारे कर्म अनुबंधों के कारण वे अलग-अलग व्यक्तियों में पड़ जाते हैं वे भूल जाते हैं कि उनका जीवन का लक्ष्य क्या था और वह गलत कामों में नकारात्मक नकारात्मक कर्मों में लगकर इस पृथ्वी के अमूल्य जीवन को नष्ट कर लेते हैं अपना समय निरर्थक बातों में लगाते हैं जो कि इस पृथ्वी पर आने का लक्ष्य अपनी जड़े खुद को देते हैं इस पृथ्वी के जीवन की अमूल्य जो दिन है हमारा शरीर इसका हम अनादर करते हैं हम इस शरीर का अतिक्रमण करके इसको अगर हम बेवजह गलत तरीके से अगर हम इसका ख्याल रखते हैं गलत तरीके से अगर हम इसका सेवन करते हैं अपनी सरिता तब भी हम अपने सार्थक सबक नहीं सीख रहे यानी हमारे इस पृथ्वी पर आने का हमारा लक्ष्य जो है वह पूरा नहीं हो पा रहे हैं लेकिन अभी हम बात करते हैं कि पृथ्वी पर हम क्या-क्या सबक सीख सकते हैं बीके पृथ्वी की पाठशाला में सबसे पहले पहला सबक हमें यह सीख सकते हैं कि हम कैसे धनवान बने जीवन जो है हमें धक्के देकर लक्की देकर दिखाता है दूसरा शब्द की है कि हम कैसे ज्ञान अर्जन करें अच्छी जानकारी अच्छे ज्ञान का रीजन आत्मिक ज्ञान का अनशन व हर जानकार दिन कैसे करें यह दूसरा शतक हो सकता है तीसरा सभ्यता को कैसे प्राप्त करें अभय ता कहने का मतलब भय से मुक्ति हम किसी भी प्रकार के भय से नकारात्मक भेजे हमको मुक्ति मिले सबसे बड़ा भाई तो मृत्यु का भय होता है तो इन सब प्रकार के भय से मुक्ति कैसे प्राप्त कर सकते हैं यह तीसरा शतक हमारा होता है तथा चालक हमारा हो सकता है कि हृदय की भावना हम पृथ्वी पर खोलने के लिए आए हैं बंद होने के लिए नहीं तो अपने हृदय को हम खोलें हम सकारात्मक चीजों को देख सकारात्मक तरीके से अपने जीवन को हम यापन करें यह चौथा शतक हो सकता है 5 माह से बस हम होश में जीवन की मसि नियत को तोड़े हम एक मशीनी जीवन माता जी ने लग गए तो हम होश में जीवन जिएंगे तो हमारे अंदर किसी भी प्रकार की नकारात्मकता हावी नहीं होगी या पांचवा सबक हो सकता है जो हम सीखने के लिए छटा सबक विवेक विवेक से काम अपनी बुद्धि का मैक्सिमम जितना परसेंटेज हो सकता है उतना परसेंटेज धन बुद्धि का इस्तेमाल करें पैसा नहीं बुद्धि ही सब कुछ है हम इस बात को समझ लेंगे तो हम पृथ्वी पर यह हमारा छोटा जो सबक है हम यह सबक सीख पाएंगे सातवां शतक हो सकता है कि हम अपने आप पर आत्म नियंत्रण करें शरीर और मन पर अपना अनुशासन करें यह पृथ्वी पर आने का हमारा सातवा लक्ष्य आत्मक सबक हो सकता है हम किसी के जीवन में आत्म नियंत्रण अपने आपको करें आठवां चमक हो सकता है पृथ्वी की पाठशाला का कि हम विकास करें विकास का मंत्र हमेशा जीते जीत किस बात की भौतिक वस्तुओं की प्राप्ति की जीत नहीं होती चीज से सौहार्द्र अच्छी-अच्छी सकारात्मक चीजें हम लोगों के मन को जीते अपने अच्छे कर्मों के द्वारा यह पृथ्वी के सबक में जीवन में जो हम सबक सीखने वाले आत्मा सभा कैसा हो सकता है पृथ्वी की पाठशाला में हम चाहत भी सीखने के लिए आए साहस हम सीख सकते हैं नपे तुले जोखिम उठाने की उठान उठाते हुए कि हम कैसे हम साहसी तौर पर इस जीवन यापन इस जीवन को हम आगे बढ़ाएं के इस जीवन को राहत के तौर पर जो है साहस के साथ हम जो है अपने सार्थक शब्द के दसवां सेवक दिशा एक लक्ष्य बनाने के लिए लक्ष्य वही आत्मिक लक्ष्य की इस व्यक्ति के जीवन में हम जो भी जी रहे हैं जिस प्रकार से हम जी रहे हैं उसको चाहे वह प्राप्त करने का लक्ष्य पृथ्वी की पाठशाला में 11 शब्द देना देना सीखे लेना तो हम सभी चाहते हैं कुछ देना सीखे किसी के लिए कुछ दिन में बने किसी भी चीज के लिए चाय किसी को ज्ञान दे किसी को किसी को सहायता करें इस प्रकार से हम पृथ्वी के इस जीवन में जारवा सबक देना किसी को देने का देने के प्रति हो या सीख सकते हैं पृथ्वी की पाठशाला में बार-बार सड़क होता है आशा आशा आशा वन बनना कभी भी नकारात्मक नहीं निराशावादी नहीं करना चाहिए आशावादी हमेशा इंसान बनना चाहिए भक्ति में आशावाद खिलाना चाहिए ताकि वह सकारात्मक विचारों के महत्व को समझ सके यह पृथ्वी के जीवन में हम तेरवा सबक ऐसा है और चौथा 13 साल का तेरवा सबक सीख सकते हैं पृथ्वी के जीवन में भक्ति हम किस प्रकार से भक्ति के द्वारा जो है ईश्वर के उस चैतन्य स्वरूप हम समझ पाए भक्ति कहने का मतलब कर्मकांड वाली नहीं आप अगर ईश्वर को सही तरीके से सही मन से अगर आप याद भी करते हैं तो वह भी भक्ति के ही के ही बराबर हुआ किस ईश्वर के स्वरूप को चिंतन करना याद करना भी भक्ति है क्योंकि हम उनके गुणों को याद करके हम उनके जैसे बन सकते हैं इसलिए पृथ्वी के जीवन में हमें बहुत सारे बहुत सारे ऐसे घटनाक्रम हमको मिलते हैं उतार-चढ़ाव के जिस सभी घटनाक्रम से जो है हम यह सबक सीख सकते हैं इसलिए कुछ भी विषम परिस्थितियां जीवन में कुछ भी प्रस्तुति आए तो समझ लीजिए कि वह हमेशा सबक सिखाने के इस प्रकार से हम पृथ्वी पर इन सार्थक सेवकों को सीखने के लिए ही आए हैं धन्यवाद

humne is prithvi par kyon janam liya hai yah bahut hi umda prashna hai is prashna ka uttar jitna bhi diya jaaye utana kam hai phir bhi hum sankshep me isko samjhne ki koshish karte hain dekhe prithvi ke is bhautik jeevan me janam lete hain kuch mahatvapurna sabak sikhne ke liye har ek vyakti kuch na kuch is prithvi ke bhautik jeevan me sikhne ke prithvi par yah jo jeevan hai vaah kisi school me padhai karne aur apne sabak sikhne ke saman hi har manushya ke apne apne sabak hote hain Geneva apne is prithvi ke jeevan me jeete hue sikhna chahta hai lekin hum manushya hi yah baat bhool gaye hain isliye toh aaj kal hum apne sabak nahi seekh paate sarthak sabak nahi seekh paate apni zindagi se aur nirarthak baaton me matlab faltu ki baaton me lage rehte aur main samay barbad karte hain dekhiye chote bacche aksar school nahi jana chahte ve school ke naam se hi darte hain bahut saare baccho me se pragati hoti hai jab bhi uske maa baap use school jaane ko kehte hain toh anek prakar ke bahaane 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हमने इस पृथ्वी पर क्यों जन्म लिया है यह बहुत ही उम्दा प्रश्न है इस प्रश्न का उत्तर जितना

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

तो आपको क्या लेकर आना था आपको माफ जुपिटर में जन्म लेना था क्या पृथ्वी एक ऐसा प्लानेट है जहां पर व्हाट्सएप फाइल एवरीथिंग इज अवेलेबल कहां पर मिलता है आप यहां पर हर चीज कर सकते हैं जहां पर है वहां पर रहिए

toh aapko kya lekar aana tha aapko maaf Jupiter me janam lena tha kya prithvi ek aisa planet hai jaha par whatsapp file everything is available kaha par milta hai aap yahan par har cheez kar sakte hain jaha par hai wahan par rahiye

तो आपको क्या लेकर आना था आपको माफ जुपिटर में जन्म लेना था क्या पृथ्वी एक ऐसा प्लानेट है जह

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Harish Chand

Social Worker

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार आपका सवाल है कि आप इस पृथ्वी पर जन्म क्यों लिया है तो मेरे मित्र मैं बताऊं आपका जो इस जन्म से पहले जन्म भूमि के संबंध रहा है वह इस पृथ्वी से ही रहा है अगर किसी और ग्रह पर होता तो आप किसी और ग्रह और ब्रह्मांड में कहीं जन्म लेते तो आपका प्रारंभ यहां से जुड़ा हुआ है इसी कारण आपको यह जन्म लेना पड़ा है क्योंकि कुछ कार्य आपके हाथों से अच्छे हुए होंगे कुछ गलत हो गए होंगे जो गलत कार्य हुए हैं उनको सही करने के लिए आप को जन्म दिया गया है इसलिए सही मार्ग चलें सत बार फिर चलें प्रभु का भजन करें और आनंद लें जय सियाराम

namaskar aapka sawaal hai ki aap is prithvi par janam kyon liya hai toh mere mitra main bataun aapka jo is janam se pehle janam bhoomi ke sambandh raha hai vaah is prithvi se hi raha hai agar kisi aur grah par hota toh aap kisi aur grah aur brahmaand me kahin janam lete toh aapka prarambh yahan se juda hua hai isi karan aapko yah janam lena pada hai kyonki kuch karya aapke hathon se acche hue honge kuch galat ho gaye honge jo galat karya hue hain unko sahi karne ke liye aap ko janam diya gaya hai isliye sahi marg chalen sat baar phir chalen prabhu ka bhajan kare aur anand le jai siyaram

नमस्कार आपका सवाल है कि आप इस पृथ्वी पर जन्म क्यों लिया है तो मेरे मित्र मैं बताऊं आपका जो

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Rakesh Tiwari

Life Coach, Management Trainer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हमने उसी पर क्यों जन्म लिया अपने आपको अपनी आवश्यकता को खोजने के लिए आत्मा भूत के लिए आत्मज्ञान के लिए हमने इस बच्ची को जन्म दिया जन्म उत्सव है जीना चाहिए आनंद लेना चाहिए और आनंद ही हमें बांटना चाहिए और आनंद है प्रेम में उदारता में इसने करुणा में हमारे जीवन में जीने का उद्देश्य करूंगा उदारता और अहिंसा इस भाव को अपने व्यवहार से परिलक्षित करना चाहिए लोगों के सामने प्रस्तुत करना चाहिए और साथ में आना चाहिए था इस पृथ्वी पर जन्म लेने का

humne usi par kyon janam liya apne aapko apni avashyakta ko khojne ke liye aatma bhoot ke liye atmagyan ke liye humne is bachi ko janam diya janam utsav hai jeena chahiye anand lena chahiye aur anand hi hamein bantana chahiye aur anand hai prem me udarata me isne corona me hamare jeevan me jeene ka uddeshya karunga udarata aur ahinsa is bhav ko apne vyavhar se parilakshit karna chahiye logo ke saamne prastut karna chahiye aur saath me aana chahiye tha is prithvi par janam lene ka

हमने उसी पर क्यों जन्म लिया अपने आपको अपनी आवश्यकता को खोजने के लिए आत्मा भूत के लिए आत्मज

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Dr. Mahesh Mohan Jha

Asst. Professor,Astrologer,Author

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार आपका प्रश्न है हमने इस पृथ्वी पर जो जन्म लिया आपको बता दें यह जगत यह संसार परिवर्तनशील है गतिशील है समय के अनुसार परिवर्तन होते रहता कोई बच्चा जन्म लेता है फिर वह जवान होता है फिर वृत्त होता है उसके बाद फिर मृत्यु को प्राप्त करता है इस तरह या जीवन चक्र चलता रहता है अतः प्रत्येक मनुष्य का कर्तव्य है इस पृथ्वी पर आए हैं अपने कर्तव्य का पालन करें और कर्तव्य है यह संसार अगर परिवर्तनशील है हम भी इस संसार को परिवर्तन के लिए कर्म करें धन्यवाद

namaskar aapka prashna hai humne is prithvi par jo janam liya aapko bata de yah jagat yah sansar parivartanshil hai gatisheel hai samay ke anusaar parivartan hote rehta koi baccha janam leta hai phir vaah jawaan hota hai phir vritt hota hai uske baad phir mrityu ko prapt karta hai is tarah ya jeevan chakra chalta rehta hai atah pratyek manushya ka kartavya hai is prithvi par aaye hain apne kartavya ka palan kare aur kartavya hai yah sansar agar parivartanshil hai hum bhi is sansar ko parivartan ke liye karm kare dhanyavad

नमस्कार आपका प्रश्न है हमने इस पृथ्वी पर जो जन्म लिया आपको बता दें यह जगत यह संसार परिवर्त

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Gopal Srivastava

Acupressure Acupuncture Sujok Therapist

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mohit

8307747204 Founder Abhyasa Yogshala

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हमें पता ही नहीं होता है कि हम इस पृथ्वी पर क्यों आए अगर हमें पता चल जाए कि हम इस पृथ्वी पर क्यों आए तो हम स्वयं ही भगवान ही ना हो जाए दूसरा हमारा सबसे पहला लक्ष्य तो होना ही यह चाहिए कि हमें यह जानना है कि हम इस पृथ्वी पर क्यों आए यह जानने के बाद हमें आगे बढ़ना चाहिए उस कार्य को करने के लिए जो आपने जाना तू इतनी दुनिया अंधकार में ही जी रही है इसलिए ज्ञान नहीं होता है जिस व्यक्ति को ज्ञान होकर यह पता चल जाए कि मैं इस कार्य के लिए पृथ्वी पर आया हूं उसको मोक्ष प्राप्ति के लिए कोई नहीं रोक सकता है बस इंसान को करना चाहिए कि अच्छे कर्म करते चाहिए हो सकता है आपको बहुत जल्दी पता चल जाए जैसे ही पता चलेगा अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते जाइए आगे और उस कार्य को करते जाइए धन्यवाद

hamein pata hi nahi hota hai ki hum is prithvi par kyon aaye agar hamein pata chal jaaye ki hum is prithvi par kyon aaye toh hum swayam hi bhagwan hi na ho jaaye doosra hamara sabse pehla lakshya toh hona hi yah chahiye ki hamein yah janana hai ki hum is prithvi par kyon aaye yah jaanne ke baad hamein aage badhana chahiye us karya ko karne ke liye jo aapne jana tu itni duniya andhakar me hi ji rahi hai isliye gyaan nahi hota hai jis vyakti ko gyaan hokar yah pata chal jaaye ki main is karya ke liye prithvi par aaya hoon usko moksha prapti ke liye koi nahi rok sakta hai bus insaan ko karna chahiye ki acche karm karte chahiye ho sakta hai aapko bahut jaldi pata chal jaaye jaise hi pata chalega apne lakshya ki aur badhte jaiye aage aur us karya ko karte jaiye dhanyavad

हमें पता ही नहीं होता है कि हम इस पृथ्वी पर क्यों आए अगर हमें पता चल जाए कि हम इस पृथ्वी प

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Vinita Rastogi

Career Counsellor / Life Coach

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Akhil

Yoga Expert

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सभी जीव अनादि काल से जन्म और मृत्यु के चक्र में है जन्म लेने का अर्थ है कि कुछ संस्कार हैं जो शेष हैं जिन को पूरा करने के लिए शरीर की आवश्यकता है व्यक्ति तक तक जन्म और मरण के चक्र में घूमता रहता है जब तक पूर्ण संस्कार खत्म नहीं होते योग अध्यात्म अपने स्वरूप को जानने की विधि है जिससे व्यक्ति अपने पूर्व से कारों को खत्म कर सकता है और जन्म और मृत्यु के चक्र से बाहर आ सकता है

sabhi jeev anadi kaal se janam aur mrityu ke chakra me hai janam lene ka arth hai ki kuch sanskar hain jo shesh hain jin ko pura karne ke liye sharir ki avashyakta hai vyakti tak tak janam aur maran ke chakra me ghoomta rehta hai jab tak purn sanskar khatam nahi hote yog adhyaatm apne swaroop ko jaanne ki vidhi hai jisse vyakti apne purv se kaaron ko khatam kar sakta hai aur janam aur mrityu ke chakra se bahar aa sakta hai

सभी जीव अनादि काल से जन्म और मृत्यु के चक्र में है जन्म लेने का अर्थ है कि कुछ संस्कार हैं

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Subrat Kar

Tax , Project , Consultant, Spiritual Guru

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हम सोते में क्यों आए हैं जैसे चांद सूरज पृथ्वी और अन्य ग्रहों की उत्पत्ति इस ब्रह्मांड में हुई है वैसे ही धरती में तमाम क्रम विकास के बाद इंसान वजूद में आया है इंसान क्रम विकास की चरम पर है आज हम इस धरती में क्यों आए हैं यह विचार करने का काबिल है यह सवाल किसी और के प्राणी में नहीं आता है यह काबिलियत सिर्फ इंसानों को मिला है

hum sote mein kyon aaye hain jaise chand suraj prithvi aur anya grahon ki utpatti is brahmaand mein hui hai waise hi dharti mein tamaam kram vikas ke baad insaan vajuud mein aaya hai insaan kram vikas ki charam par hai aaj hum is dharti mein kyon aaye hain yah vichar karne ka kaabil hai yah sawaal kisi aur ke prani mein nahi aata hai yah kabiliyat sirf insanon ko mila hai

हम सोते में क्यों आए हैं जैसे चांद सूरज पृथ्वी और अन्य ग्रहों की उत्पत्ति इस ब्रह्मांड में

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Dr Sampadananda Mishra

Sanskrit scholar, Author, Director, Sri Aurobindo Foundation for Indian Culture

3:46
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हम इस पृथ्वी पर क्यों जन्म लिया है बिना प्रयोजन कुछ होता नहीं प्रयोजन अनुदिश संबंधों की प्रवृति बिना प्रयोजन कोई व्यक्ति भी एक कदम आगे नहीं बढ़ता है तो इस संसार में जो कुछ भी होता है एक प्रयोजन के साथ होता है उसके पीछे एक प्रयोजन रहता है कि क्यों मानव जन्म क्यों इस सृष्टि क्योंकि सृष्टि क्यों हो इसके साथ भी यह प्रश्न जुड़ा है इसको हम अलग से नहीं कह सकते हैं या रक्षक नहीं कर सकते हैं फिर हम समझ सकते हैं कि मानव जन्म जन्म में हमको क्या करना पड़ेगा एक प्रश्न के उत्तर में इस पर भी चर्चा की है फिर मैं उसको यहां भी दो सृष्टि का सृष्टि के जो कल्पना है सृष्टि को जो रचना है इस सृष्टि रची गई है एक उद्देश्य से की जो परम चेतना जो रखता है जो भगवान है वह स्वयं को क्योंकि वह सब आनंद में है अपने आनंद को स्वयं उपलब्ध करने के लिए उपयोग करने के लिए अपने लीला के लिए उस रिश्ते को रखें बहू बनकर बहू बहू का मतलब नहीं है कि नहीं दीदी अनेक जब भी टोटा से एक के रूप अखंडता अखंडित इस रिश्ते में उसके उद्देश्य है अपूर्ण को पूर्ण बनना है उस खंडित को फिर अखंड बनना है उतना को फिर से बनता है मांगू जनप्रतिनिधि अपने अंदर उपलब्धता में मानव सारी सुविधाओं का सीन बना है बांध का नक्शा इसी प्रकार 2 लीटर फेवरेट प्लेलिस्ट जिला का मकसद पीड़ित मानव का जन्म इस पृथ्वी पर हुई है जबकि पूर्व को उपलब्ध करना पूर्ण आनंद बन्ना आनंद को पूर्ण रूप से प्रकाशित करना आनंद को विविध रूप से प्रभाव करता इसलिए मानव का जन्म पृथ्वी पर है

hum is prithvi par kyon janam liya hai bina prayojan kuch hota nahi prayojan anudish sambandhon ki pravirti bina prayojan koi vyakti bhi ek kadam aage nahi badhta hai toh is sansar mein jo kuch bhi hota hai ek prayojan ke saath hota hai uske peeche ek prayojan rehta hai ki kyon manav janam kyon is shrishti kyonki shrishti kyon ho iske saath bhi yah prashna juda hai isko hum alag se nahi keh sakte hain ya rakshak nahi kar sakte hain phir hum samajh sakte hain ki manav janam janam mein hamko kya karna padega ek prashna ke uttar mein is par bhi charcha ki hai phir main usko yahan bhi do shrishti ka shrishti ke jo kalpana hai shrishti ko jo rachna hai is shrishti rachi gayi hai ek uddeshya se ki jo param chetna jo rakhta hai jo bhagwan hai vaah swayam ko kyonki vaah sab anand mein hai apne anand ko swayam uplabdh karne ke liye upyog karne ke liye apne leela ke liye us rishte ko rakhen bahu bankar bahu bahu ka matlab nahi hai ki nahi didi anek jab bhi totta se ek ke roop akhandata akhandit is rishte mein uske uddeshya hai apurn ko purn banna hai us khandit ko phir akhand banna hai utana ko phir se banta hai maangu janapratinidhi apne andar upalabdhata mein manav saree suvidhaon ka seen bana hai bandh ka naksha isi prakar 2 litre favourite playlist jila ka maksad peedit manav ka janam is prithvi par hui hai jabki purv ko uplabdh karna purn anand banna anand ko purn roop se prakashit karna anand ko vividh roop se prabhav karta isliye manav ka janam prithvi par hai

हम इस पृथ्वी पर क्यों जन्म लिया है बिना प्रयोजन कुछ होता नहीं प्रयोजन अनुदिश संबंधों की प्

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Dr.Nisha Joshi

Psychologist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जी आपका प्रश्न बहुत ही अच्छा है हमने इस पृथ्वी पर क्यों जन्म लिया है जैसे हर इंसान ने इस पृथ्वी पर जन्म लिया है क्यों जीने के लिए प्रोटीन होता है सृष्टि का अपना विचार जियो और जीने के बीच में स्टडी करो उसको लाइफ़लेस डायल करो अरे बनाओ पढ़ो लिखो पैसे कमाओ एक मनुष्य कृष्णा

ji aapka prashna bahut hi accha hai humne is prithvi par kyon janam liya hai jaise har insaan ne is prithvi par janam liya hai kyon jeene ke liye protein hota hai shrishti ka apna vichar jio aur jeene ke beech mein study karo usko laifales dial karo arre banao padho likho paise kamao ek manushya krishna

जी आपका प्रश्न बहुत ही अच्छा है हमने इस पृथ्वी पर क्यों जन्म लिया है जैसे हर इंसान ने इस प

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Nitish Kumar

RRB Railway JE

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

एक्चुअल में इस पृथ्वी पर जन्म लेने का सबका मकसद अलग-अलग है वह सब के लिए भगवान ऊपर से बना कर भेजा है कि किसको क्या करना है और सब की लाइफ अलग अलग है इसलिए अपनी जन्म को पृथ्वी के बारे में ना पूछे और अब पैसे कम कीजिए कीजिए जिससे आपकी लोगों में प्रशांत अवस्थी

actual mein is prithvi par janam lene ka sabka maksad alag alag hai vaah sab ke liye bhagwan upar se bana kar bheja hai ki kisko kya karna hai aur sab ki life alag alag hai isliye apni janam ko prithvi ke bare mein na pooche aur ab paise kam kijiye kijiye jisse aapki logon mein prashant awasthi

एक्चुअल में इस पृथ्वी पर जन्म लेने का सबका मकसद अलग-अलग है वह सब के लिए भगवान ऊपर से बना क

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Anil Kumar Tiwari

Yoga, Meditation & Astrologer

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Vikas Singh

Political Analyst

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका सवाल है कि हमने इस पृथ्वी पर क्यों जन्म लिया है आपने बहुत ही अच्छा सवाल पूछा देखिए अगर इस पृथ्वी पर हमें मनुष्य का जन्म मिला है तो यह सौभाग्य की बात है न जाने कितने साल ठोकर खाने के बाद यह जन्म मिलता है करोड़ों वर्षों साल होकर हमारी आत्मा खाती है उसके बाद हमें मनुष्य का जन्म मिलता है कीड़े मकोड़े पशु पक्षी का जन्म मिलने के बाद यह जन्म मिलता है तो यह जन्म इसलिए मिला है ताकि हम जीवन और मृत्यु के सिस्टम से छुटकारा पा सके हमेशा के लिए और भगवान श्री नारायण के श्री चरणों में अपनी आत्मा को अस्थान दिलवा सके लेकिन धरती पर जन्म लेने के बाद मनुष्य आज बस गड़बड़ी कर रहा है गलती कर रहा है अपना अपनी कर रहा है कितना लूट लूं किसी दूसरे को या लूट के करोगे क्या आप लेकर जाओगे आसमान में कोई लेकर नहीं गया कोई ना लगना तो लेकर जाएगा आना तो सब शरीर को ही किसी के हाथों कोई स्वर्ग में जाएगा या नर्क में जाएगा आत्मा ही जाएगी आत्मा ना तो मरती है और ना जीती है ना कोई काट सकता है ना कोई जला सकता है भगवान श्री कृष्ण ने साफ शब्दों में लिखा है गीता में आपकी आत्मा निकलेगी दूसरा शरीर धारण कर लेगी आप अच्छा काम करोगे तो भगवान के श्री चरणों में आपको अस्थान मिलेगा और आप जीवन मृत्यु के सिस्टम से हमेशा छुटकारा पा लोगे और स्वर्ग के निवासी हो जाओगे तो आपको क्या करना है आप सोचिए धरती पर बहुत महान महान लोग आए और महान कार्य किया और वह महान बने भगवान बुध भगवान श्री राम भगवान श्रीकृष्ण स्वयं इस भारत की धरती पर जन्म लिए हैं हम तो बहुत सौभाग्यशाली मानते हैं अपने आपको क्या मैं हमारा जन्म भारत की धरती पर हुआ है भारत की धरती ऐसी धरती है जहां स्वयं भगवान ने जन्म लिया है स्वयं भगवान विष्णु ने कई रूपों में उतार लिया है महान महान महापुरुष जन्म लिए इस धरती पर चंद्रशेखर आजाद पृथ्वीराज चौहान गुरु गोविंद सिंह जी गुरु नानक देव जी भगवान श्री कृष्ण बहुत सारे महान महान लोग जन्म लिए तो इस धरती पर जब हमारा जन्म हुआ है तो हम गलत काम क्यों करें हम क्यों नहीं देश के लिए मर मिटने की प्ले के लिए भावना रखें देश प्रेम की भावना रखें जो देश प्रेम की भावना रखते हुए जो अपने जीवन की कुर्बानी देता है उसको सीधे स्वर्ग में स्थान मिलता है जो व्यक्ति बस अपना अपनी करता है हम खुद के लिए जिएंगे ठीक है भैया खुद के लिए जीने की कोशिश करिए लेकिन थोड़ा बहुत आप कर्म करिए मैं देखता हूं कि बहुत पैसे वाले लोग अपना ₹1 भी नहीं निकालते हैं उन से मेरा विनम्र निवेदन है कि आप निकाला करिए लक्ष्मी कभी कम नहीं होती हैं कभी कम नहीं होंगी आपकी लक्ष्मी लेकिन लक्ष्मी को अगर आप सही तरीके से इस्तेमाल नहीं करोगे तो कम हो जाएंगे लक्ष्मी अगर गलत तरीके से इस्तेमाल करोगे तब भी कम हो जाएंगे लेकिन हां लक्ष्मी का उपयोग अगर किसी गरीब व्यक्ति के लिए आप कर रहे हो तो आपकी लक्ष्मी बढ़ेंगे निर्मित क्यों लोग पैसा देते क्या कारण है कि मंदिरों में करोड़ों रुपया दे देते हैं क्योंकि उनकी तरक्की होती है उससे पंडित जी ने क्या किया उन से मतलब नहीं है उन्होंने तो अपना कर्म कर दिया देखिए आज का साइंस का जमाना है बहुत टेक्निकल लोग सोच के धर्म के विरुद्ध बोलते हैं धर्म एक सिस्टम है अगर भगवान शिव की मूर्ति के ऊपर दूध गिराया जाता है हमारे शास्त्र में लिखा गया है पीके मूवी में दिखाया गया कि वह उस दूध को गरीब के बच्चे को पिलाओ भैया गरीब के बच्चे को क्यों पिलाएं भगवान शिव के ऊपर जब दूध गिराने का सिस्टम है हमारे धर्म में तो आधा लिटर दूध गिरा देंगे भगवान शिव भगवान शिव की पूजा में तो क्या आप गरीब हो जाएंगे हमारे शास्त्र में तो यह लिखा है कि भगवान क्या पूजा मंत्र करिए दूध से स्नान कराइए आधा लीटर से नहीं होता 100 ग्राम से स्नान कराइए भगवान शिव को और 800 ग्राम 700 ग्राम जो अब बचाते हैं उसको गरीब को पिलाओ तो जो जिसके हिस्से का है उसको आपको देना पड़ेगा मारवाड़ी लोग बेवकूफ नहीं होते हैं जो करोड़ों अरबों रुपया लगा के मंदिर बनवाते हैं वह धर्म के नियमों पर चलते हैं तब वह तरक्की करते हैं मैं भी बनारस में रहा हूं गुजराती लोग रहते हैं वहां पर और वह लोग धर्म के मामले में इतना पक्के हैं कि मैं क्या बताऊं आपको वहां पर लंका पर करोड़ों रुपया लगाकर उन लोगों ने मंदिर बनवाया एक मंदिर बनवाया है तो सोच लीजिए कि आपको धर्म के पद पर चल के कार्य करना है कि अधर्म के पद पर चल के कार्य करना है हमको भैया ज्यादा टेक्निकल नहीं बनना है हम भगवान से ऊपर नहीं है ऊपर वाला है जो पूरी दुनिया को चला रहा है हमें तो महसूस होता है कि नहीं इस दुनिया में भगवान है एक शक्ति है जो पूरी दुनिया को चला रही है ब्रिटेन के प्रधान राष्ट्रपति आए थे घबरा गए हिंदुस्तान को देखकर बोले कि यार कोई शक्ति है जो इस देश को चला रहा है इतना बड़ा लोकतंत्र इतने सारे लोग इतनी धर्म इतनी जातियां इतना बोल चाल 8 किलोमीटर पर बोल चाल बदल जाता है हिंदुस्तान में यूपी में तो 2 किलोमीटर आप आगे जाएंगे तो बात विचार बदल जाता है क्या हिंदुस्तान है यार हिंदुस्तान की धरती पर भगवान जन्म लेने के लिए पूछते हैं तरसते भी हैं देवता लोग हमारा जन्म भारत की धरती पर हो जाए भगवान श्री कृष्ण जब बचपन में जन्म लिए थे ना तो उनके बाल लीला को देखने के लिए भगवान शिव आए थे और बाल दर्शन करने के लिए उनको न जाने कितना मेहनत करना पड़ा यशोदा माता से वार्तालाप में उनको दर्शन मिला सोचिए उस धरती पर आपका जन्म हुआ है धर्म के पथ पर चलिए और अपना धरती पर जन्म लेने का मतलब समझिए कर्म करिए गीता में एक शब्द लिखा गया कर्म ही पूजा है कर्म ही पूजा है किसी दूसरे व्यक्ति का स्टेटमेंट नहीं है यह गीता कहती है उसके बाद बहुत सारे महापुरुषों ने बहुत सारे धर्म ग्रंथ लिखे उसमें भी यही लिखा है कि कर्म पूजा है हम कर्म क्यों नहीं करते हैं हम दो लाइन बड़ा आसानी से पढ़ लेते हैं बात तो बहुत अच्छी अच्छी कर लेते हैं जो करने का टाइम आता है तो क्यों नहीं करते खाना खाते हैं हम और भूखा बगल में भूखा रहता है हम क्यों खाना खाते हैं हम क्यों नहीं उस को खाना खिलाते हैं हम 4 दिन भूखे रहेंगे लेकिन हम दूसरों को खिलाएंगे उसको कोशिश जॉब दिलाएंगे वह नौकरी करेगा वह खाना खरीदकर खाएगा तो व्यवस्था करिए अपने समाज के लिए जीने की कोशिश करिए जब आप अच्छा कर्म करेंगे तब आपकी आत्मा को भगवान श्री नारायण अपने श्री चरणों में स्थान देंगे और आप हमेशा के लिए स्वर्ग के वासी हो जाओगे धन्यवाद

aapka sawaal hai ki humne is prithvi par kyon janam liya hai aapne bahut hi accha sawaal poocha dekhiye agar is prithvi par hamein manushya ka janam mila hai toh yah saubhagya ki baat hai na jaane kitne saal thokar khane ke baad yah janam milta hai karodo varshon saal hokar hamari aatma khati hai uske baad hamein manushya ka janam milta hai keedein makode pashu pakshi ka janam milne ke baad yah janam milta hai toh yah janam isliye mila hai taki hum jeevan aur mrityu ke system se chhutkara paa sake hamesha ke liye aur bhagwan shri narayan ke shri charanon mein apni aatma ko asthan dilwa sake lekin dharti par janam lene ke baad manushya aaj bus gadbadi kar raha hai galti kar raha hai apna apni kar raha hai kitna loot loon kisi dusre ko ya loot ke karoge kya aap lekar jaoge aasman mein koi lekar nahi gaya koi na lagna toh lekar jaega aana toh sab sharir ko hi kisi ke hathon koi swarg mein jaega ya nark mein jaega aatma hi jayegi aatma na toh marti hai aur na jeeti hai na koi kaat sakta 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galat kaam kyon karen hum kyon nahi desh ke liye mar mitane ki play ke liye bhavna rakhen desh prem ki bhavna rakhen jo desh prem ki bhavna rakhte hue jo apne jeevan ki kurbani deta hai usko seedhe swarg mein sthan milta hai jo vyakti bus apna apni karta hai hum khud ke liye jeeenge theek hai bhaiya khud ke liye jeene ki koshish kariye lekin thoda bahut aap karm kariye main dekhta hoon ki bahut paise waale log apna Rs bhi nahi nikalate hain un se mera vinamra nivedan hai ki aap nikaala kariye laxmi kabhi kam nahi hoti hain kabhi kam nahi hongi aapki laxmi lekin laxmi ko agar aap sahi tarike se istemal nahi karoge toh kam ho jaenge laxmi agar galat tarike se istemal karoge tab bhi kam ho jaenge lekin haan laxmi ka upyog agar kisi garib vyakti ke liye aap kar rahe ho toh aapki laxmi badhenge nirmit kyon log paisa dete kya karan hai ki mandiro mein karodo rupya de dete hain kyonki unki tarakki hoti hai usse pandit ji ne kya kiya un se matlab nahi hai unhone toh apna karm kar diya dekhiye aaj ka science ka jamana hai bahut technical log soch ke dharam ke viruddh bolte hain dharam ek system hai agar bhagwan shiv ki murti ke upar doodh giraya jata hai hamare shastra mein likha gaya hai pk movie mein dikhaya gaya ki vaah us doodh ko garib ke bacche ko pilao bhaiya garib ke bacche ko kyon pilaayen bhagwan shiv ke upar jab doodh girane ka system hai hamare dharam mein toh aadha litter doodh gira denge bhagwan shiv bhagwan shiv ki puja mein toh kya aap garib ho jaenge hamare shastra mein toh yah likha hai ki bhagwan kya puja mantra kariye doodh se snan karaiye aadha litre se nahi hota 100 gram se snan karaiye bhagwan shiv ko aur 800 gram 700 gram jo ab bachate hain usko garib ko pilao toh jo jiske hisse ka hai usko aapko dena padega marwadi log bewakoof nahi hote hain jo karodo araboon rupya laga ke mandir banvaate hain vaah dharam ke niyamon par chalte hain tab vaah tarakki karte hain main bhi banaras mein raha hoon gujarati log rehte hain wahan par aur vaah log dharam ke mamle mein itna pakke hain ki main kya bataun aapko wahan par lanka par karodo rupya lagakar un logon ne mandir banwaya ek mandir banwaya hai toh soch lijiye ki aapko dharam ke pad par chal ke karya karna hai ki adharma ke pad par chal ke karya karna hai hamko bhaiya zyada technical nahi banna hai hum bhagwan se upar nahi hai upar vala hai jo puri duniya ko chala raha hai hamein toh mahsus hota hai ki nahi is duniya mein bhagwan hai ek shakti hai jo puri duniya ko chala rahi hai britain ke pradhan rashtrapati aaye the ghabara gaye Hindustan ko dekhkar bole ki yaar koi shakti hai jo is desh ko chala raha hai itna bada loktantra itne saare log itni dharam itni jatiyaan itna bol chaal 8 kilometre par bol chaal badal jata hai Hindustan mein up mein toh 2 kilometre aap aage jaenge toh baat vichar badal jata hai kya Hindustan hai yaar Hindustan ki dharti par bhagwan janam lene ke liye poochhte hain taraste bhi hain devta log hamara janam bharat ki dharti par ho jaaye bhagwan shri krishna jab 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vyavastha kariye apne samaaj ke liye jeene ki koshish kariye jab aap accha karm karenge tab aapki aatma ko bhagwan shri narayan apne shri charanon mein sthan denge aur aap hamesha ke liye swarg ke waasi ho jaoge dhanyavad

आपका सवाल है कि हमने इस पृथ्वी पर क्यों जन्म लिया है आपने बहुत ही अच्छा सवाल पूछा देखिए अग

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Shubham Saini

Software Engineer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हमने इस पृथ्वी पर इसलिए जन्म लिया है क्योंकि इस पृथ्वी पर कोई भी जीव का जन्म इसलिए होता है क्योंकि उसका कोई ना कोई उद्देश होता है कोई ना कोई काम से वह इस पृथ्वी पर जन्म लेता है व्यक्तियों में कोई लोग छोटे उद्देश्य आते तो कुछ लोग बड़े उद्देश्य से आते हैं अपनी अपनी अलग-अलग श्रेणियां होती हैं तो याद रखें कि हर एक व्यक्ति का जन्म कोई ना कोई उद्देश्य हुआ है अपने सुदेश का पहचान करें उस काम को करें और अपने नाम का परचम लहराया

humne is prithvi par isliye janam liya hai kyonki is prithvi par koi bhi jeev ka janam isliye hota hai kyonki uska koi na koi uddesh hota hai koi na koi kaam se vaah is prithvi par janam leta hai vyaktiyon me koi log chote uddeshya aate toh kuch log bade uddeshya se aate hain apni apni alag alag shreniyan hoti hain toh yaad rakhen ki har ek vyakti ka janam koi na koi uddeshya hua hai apne sudesh ka pehchaan kare us kaam ko kare aur apne naam ka parcham lehraya

हमने इस पृथ्वी पर इसलिए जन्म लिया है क्योंकि इस पृथ्वी पर कोई भी जीव का जन्म इसलिए होता है

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Radha Rangoli

Holistic Healer And Energy Therapist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

वेरी नाइस क्वेश्चन बहुत ही प्यारा क्वेश्चन में हमने इस पृथ्वी पर जन्म क्यों लिया देखिए हर एक इंसान के जीवन में सवाल उठता है कि हमने पृथ्वी पर जन्म क्यों लिया उसने सब है लेकिन जवाब खुद खुद ही बहुत ही चंद लोगों को मिल पाता है इस कारण से इतना है कि चेतना कितनी जाति के प्रति वही इंसान जान पाता कि इस धरती पर क्यों जन्म लिया इसका जवाब जो है वह आपको बाहर कहीं नहीं मिलेगा जी हां आप उसका जवाब आपको बाहर कहीं नहीं मिलेगा इसका जवाब आपको अपने भीतर मिलेगा क्योंकि हर एक चेतना का अपना जीवन का लक्ष्य होता है और वह उसी लक्ष्य के साथ पैदा होती उसे प्राप्त करने के लिए और उसी जैसी उस लक्ष्य को प्राप्त कर लेती है जिसको हम बोलते कि बिना इच्छा की मृत्यु तो वह इंसान को मोक्ष प्राप्त होता है तो हमने जन्म क्यों लिया यह सवाल का जवाब आपको तब मिलेगा जब आप ध्यान की गहराइयों में जाएंगे खुद से अपने आप को जोड़ेंगे जिसमें कि हमें बताया गया योग योग मतलब कि खुद से जोड़ जोड़ ना अपने आप को योग का मतलब ही जोड़ है तो आप खुद को अपने आप से जोड़ ले अपने भीतर व्हिस्की ध्यान करना शुरू करें जिससे आप ध्यान करने लगेंगे आपको भीतरी आनंद की अनुभूति होना शुरू होगी और जैसे-जैसे बिक्री आनंद की अनुभूति होगी आपको पता चलेगा कि आपका यह बर्थ क्यों हुआ है और जैसे-जैसे आपको यह फील आएगा आप अपने ओरिजिन के नजदीक जाना शुरू हो जाएंगे और जैसे-जैसे आप उसके नजदीक पहुंचेंगे तो आपको पता चल जाएगा कि आपका बर्थ क्यों हुआ है और तब मिट्टी के लिए आपको यह फील आएगा कि क्यों आपने इस धरती पर जन्म लिया आपकी चेतना का क्या लक्ष्य है और आपको वह क्वेश्चन का आंसर मिलेगा क्योंकि इसका जवाब आपको बाहर कहीं भी ढूंढ लेंगे तो आपको नहीं मिलेगा इसका जवाब सिर्फ और सिर्फ आपको अपने भीतर ही मिल सकता है इसी तरह हर चेतना का अपना जो यह सवाल है उसका जवाब उसको उसके भीतर ही मिलेगा कि उसने इस धरती पर क्यों जन्म लिया थैंक यू सो मच नाइस क्वेश्चन करने के लिए जिसका जवाब देने के लिए मुझे भी बड़ा आनंद महसूस हो रहा है थैंक यू सो मच

very nice question bahut hi pyara question mein humne is prithvi par janam kyon liya dekhiye har ek insaan ke jeevan mein sawaal uthata hai ki humne prithvi par janam kyon liya usne sab hai lekin jawab khud khud hi bahut hi chand logon ko mil pata hai is karan se itna hai ki chetna kitni jati ke prati wahi insaan jaan pata ki is dharti par kyon janam liya iska jawab jo hai vaah aapko bahar kahin nahi milega ji haan aap uska jawab aapko bahar kahin nahi milega iska jawab aapko apne bheetar milega kyonki har ek chetna ka apna jeevan ka lakshya hota hai aur vaah usi lakshya ke saath paida hoti use prapt karne ke liye aur usi jaisi us lakshya ko prapt kar leti hai jisko hum bolte ki bina iccha ki mrityu toh vaah insaan ko moksha prapt hota hai toh humne janam kyon liya yah sawaal ka jawab aapko tab milega jab aap dhyan ki gaharaiyon mein jaenge khud se apne aap ko jodenge jisme ki hamein bataya gaya yog yog matlab ki khud se jod jod na apne aap ko yog ka matlab hi jod hai toh aap khud ko apne aap se jod le apne bheetar whiskey dhyan karna shuru karen jisse aap dhyan karne lagenge aapko bheetari anand ki anubhuti hona shuru hogi aur jaise jaise bikri anand ki anubhuti hogi aapko pata chalega ki aapka yah birth kyon hua hai aur jaise jaise aapko yah feel aayega aap apne origin ke nazdeek jana shuru ho jaenge aur jaise jaise aap uske nazdeek pahunchenge toh aapko pata chal jaega ki aapka birth kyon hua hai aur tab mitti ke liye aapko yah feel aayega ki kyon aapne is dharti par janam liya aapki chetna ka kya lakshya hai aur aapko vaah question ka answer milega kyonki iska jawab aapko bahar kahin bhi dhundh lenge toh aapko nahi milega iska jawab sirf aur sirf aapko apne bheetar hi mil sakta hai isi tarah har chetna ka apna jo yah sawaal hai uska jawab usko uske bheetar hi milega ki usne is dharti par kyon janam liya thank you so match nice question karne ke liye jiska jawab dene ke liye mujhe bhi bada anand mahsus ho raha hai thank you so match

वेरी नाइस क्वेश्चन बहुत ही प्यारा क्वेश्चन में हमने इस पृथ्वी पर जन्म क्यों लिया देखिए हर

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Jitendra Goswami

Meditation Expert

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आपको यह कैसे पता कि जन्म आपने लिया है क्या आपके पास कोई प्रूफ है कि जन्म आपने लिया है या यूं कहें कि जन्म आपको किसी ने दिया है तो आप यह मत खोजिए कि आपने पृथ्वी पर जन्म क्यों लिया है आप यह इस सवाल का जवाब खोजिए की जन्म आपने लिया है या किसी ने आपको दिया है अगर किसी ने दिया है तो किसने दिया है आप ही खोजिए आप गलत खोज रहे हैं कि आपने जन्म क्यों लिया

aapko yah kaise pata ki janam aapne liya hai kya aapke paas koi proof hai ki janam aapne liya hai ya yun kahein ki janam aapko kisi ne diya hai toh aap yah mat khojiye ki aapne prithvi par janam kyon liya hai aap yah is sawaal ka jawab khojiye ki janam aapne liya hai ya kisi ne aapko diya hai agar kisi ne diya hai toh kisne diya hai aap hi khojiye aap galat khoj rahe hain ki aapne janam kyon liya

आपको यह कैसे पता कि जन्म आपने लिया है क्या आपके पास कोई प्रूफ है कि जन्म आपने लिया है या य

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Neeraj Shukla

Philosopher || Avid Reader.

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका प्रश्न बहुत ही बेहतरीन है कि हमने इस पृथ्वी पर जन्म क्यों लिया है दर्शन शास्त्र के अनुसार अगर हम बात करेंगे हमने पृथ्वी पर जन्म क्यों लिया है आज के दिन जो आपका यह प्रश्न है यह मनुष्य नहीं सोचता ही नहीं है जबकि है प्रश्न बहुत ही उच्च इंदा पसंद है बहुत ही अच्छा प्रश्न है जीवन को समझने का प्रश्न है कि हम इस पृथ्वी पर क्यों आए हैं हमने क्यों जन्म लिया कि आज की जो मानवता है वह इस चीज पर कभी विचार ही नहीं करती इस तरफ जाती ही नहीं है कुछ कुछ आज पॉइंट में कुछ परसेंट से टूटी बहुत छोटा सबका वह बेसिक्स इन विषयों पर चिंतन करते हमने पृथ्वी पर जन्म क्यों लिया है इसका एक ही भाव से उत्तर है मेरा मेरे अनुसार मेरी धर्मशास्त्र के मेरे दर्शन शास्त्र के अनुसार कि हम इस पृथ्वी पर इसे और सुसज्जित और सुशोभित करने आए हैं और एक मां जो वर्ग है उसको और ऊंचा बनाने आए हैं जो मानव जैसा कि हम जानते हैं सतयुग त्रेता युग द्वापर युग से हम देखते आए हैं कि मानव ने सदैव मानव को ऊंचाई कितने दाम में राम ने द्वापर में कृष्ण ने कई राजा हरिश्चंद्र ऐसे ऐसे लोग आए जिन्होंने मानवता को और ऊपर ले जा कर रखा मानवता को और ऊपर दिखाया तो धरती पर हमारे आने का जो अर्थ है वह यही है कि हम मानवता का और ऊंचा दिखाएं और इस धरती को और भी ज्यादा सुसज्जित करें जैसा कि आज के आज कल के प्रश्न कालों में ऐसा कोई प्रश्न ही नहीं उठता लोग धरती को नष्ट करते जा रहे हैं पृथ्वी को नुकसान पहुंचाते जा रहे हैं आए दिन क्षति पहुंचाई जा रही है पीने योग्य पानी को दूषित किया जा रहा है पेड़ों को वनों को काटा जा रहा है ऐसे ही कुल मिलाकर धरती को छोटी पूर्ण बनाया जा रहा है काफी नुकसान पहुंचाया जा रहा है जिस चीज के लिए पृथ्वी में पृथ्वी बनाई ही नहीं थे हम वह कार्य करने की ओर जा रहे हैं हमें जाना था धर्म की ओर हमें करना था पृथ्वी के साथ अच्छा कार्य लेकिन हम बुरे कार्यों की तरह खींचे जा रहे तो जरूरत है सभी को ऐसे प्रश्नों को समझने की गेम पृथ्वी पर क्यों आए हैं और हमें मानवता को ऊंचा दिखाते हुए पृथ्वी को और भी ज्यादा सुसज्जित और सुशोभित बनाना है जैसा कि एक उदाहरण के अनुसार अगर मैं आपको समझाऊं एक बंजर भूमि पर एक किसान को भेजा जाता है तो इसलिए भेजा जाता है कि वहां पर जाकर हरियाली लाएगा और खेती करेगा लहूलुहान करेगा उस चीज को उस जग जोगी बहुत ज्यादा भ्रमित जी बहुत रे की प्रकृति से ही करेगा प्रकृति के प्रश्न करेगा प्रकृति को और भी ज्यादा सुसज्जित बनाएगा यह मानवता है और इसीलिए हमने पृथ्वी पर जन्म लिया है

aapka prashna bahut hi behtareen hai ki humne is prithvi par janam kyon liya hai darshan shastra ke anusaar agar hum baat karenge humne prithvi par janam kyon liya hai aaj ke din jo aapka yah prashna hai yah manushya nahi sochta hi nahi hai jabki hai prashna bahut hi ucch inda pasand hai bahut hi accha prashna hai jeevan ko samjhne ka prashna hai ki hum is prithvi par kyon aaye hain humne kyon janam liya ki aaj ki jo manavta hai vaah is cheez par kabhi vichar hi nahi karti is taraf jaati hi nahi hai kuch kuch aaj point mein kuch percent se tuti bahut chota sabka vaah basics in vishyon par chintan karte humne prithvi par janam kyon liya hai iska ek hi bhav se uttar hai mera mere anusaar meri dharmashastra ke mere darshan shastra ke anusaar ki hum is prithvi par ise aur susajjit aur sushobhit karne aaye hain aur ek maa jo varg hai usko aur uncha banaane aaye hain jo manav jaisa ki hum jante hain satayug treta yug dwapar yug se hum dekhte aaye hain ki manav ne sadaiv manav ko unchai kitne daam mein ram ne dwapar mein krishna ne kai raja harishchandra aise aise log aaye jinhone manavta ko aur upar le ja kar rakha manavta ko aur upar dikhaya toh dharti par hamare aane ka jo arth hai vaah yahi hai ki hum manavta ka aur uncha dikhaen aur is dharti ko aur bhi zyada susajjit karen jaisa ki aaj ke aaj kal ke prashna kaalon mein aisa koi prashna hi nahi uthata log dharti ko nasht karte ja rahe hain prithvi ko nuksan pahunchate ja rahe hain aaye din kshati pahunchai ja rahi hai peene yogya paani ko dushit kiya ja raha hai pedon ko vanon ko kaata ja raha hai aise hi kul milakar dharti ko choti purn banaya ja raha hai kafi nuksan pahunchaya ja raha hai jis cheez ke liye prithvi mein prithvi banai hi nahi the hum vaah karya karne ki aur ja rahe hain hamein jana tha dharam ki aur hamein karna tha prithvi ke saath accha karya lekin hum bure kaaryon ki tarah khinche ja rahe toh zaroorat hai sabhi ko aise prashnon ko samjhne ki game prithvi par kyon aaye hain aur hamein manavta ko uncha dikhate hue prithvi ko aur bhi zyada susajjit aur sushobhit banana hai jaisa ki ek udaharan ke anusaar agar main aapko samjhau ek banjar bhoomi par ek kisan ko bheja jata hai toh isliye bheja jata hai ki wahan par jaakar hariyali layega aur kheti karega lahuluhan karega us cheez ko us jag jogi bahut zyada bharmit ji bahut ray ki prakriti se hi karega prakriti ke prashna karega prakriti ko aur bhi zyada susajjit bnayega yah manavta hai aur isliye humne prithvi par janam liya hai

आपका प्रश्न बहुत ही बेहतरीन है कि हमने इस पृथ्वी पर जन्म क्यों लिया है दर्शन शास्त्र के अन

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Ghanshyamvan

मंदिर सेवा

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जय संपूर्ण सृष्टि ईश्वर की ही देन है ईश्वर ने संकल्प लिया एक वैभवशाली मैं एक हुए हूं बहुत हो जाऊं इस तरह ईश्वरी सब प्राणियों में हाथ रूप में समाहित हो गए पृथ्वी पर जन्म लेने के कारण इसीलिए लिया गया है कि परमात्मा ने हमें सबसे पहले भेजा फिर हम अपने अनुक्रम अनुसार पृथ्वी पर जन्म लेते हैं जैसे हम कर्म करते हैं ऐसी होनी में ही हम पृथ्वी पर जन्म लेते हैं यह हमारे कारण और हमारा प्रारब्ध है जो हम पृथ्वी पर जन्म लेते हैं परमात्मा ने तो सबको एक ही आत्मा दी है शरीर भी नए लोग भिन्न है आदमी जैसे कर्म करता है वैसा ही व शरीर धारण करता है

jai sampurna shrishti ishwar ki hi then hai ishwar ne sankalp liya ek vaibhavashali main ek hue hoon bahut ho jaaun is tarah ISHWARI sab praaniyon mein hath roop mein samahit ho gaye prithvi par janam lene ke karan isliye liya gaya hai ki paramatma ne hamein sabse pehle bheja phir hum apne anukram anusaar prithvi par janam lete hain jaise hum karm karte hain aisi honi mein hi hum prithvi par janam lete hain yah hamare karan aur hamara prarabdh hai jo hum prithvi par janam lete hain paramatma ne toh sabko ek hi aatma di hai sharir bhi naye log bhinn hai aadmi jaise karm karta hai waisa hi v sharir dharan karta hai

जय संपूर्ण सृष्टि ईश्वर की ही देन है ईश्वर ने संकल्प लिया एक वैभवशाली मैं एक हुए हूं बहुत

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