पूर्ण परमात्मा कौन है उसे कैसे प्राप्त किया जा सकता है और उनकी भक्ति करने का सर्वश्रेष्ठ तरीक़ा क्या है?...


user

Dr Sampadananda Mishra

Sanskrit scholar, Author, Director, Sri Aurobindo Foundation for Indian Culture

3:18
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

पूर्ण परमात्मा देखें क्योंकि जो कुछ रिकॉर्डिंग भी तमाम शास्त्रों में हर व्यक्ति खुद ही परमात्मा परमात्मा को अपने अंदर ही उपलब्ध करना है परमात्मा हमारे अंदर हमसे अलग नहीं होता अगर मतलब हम हमारे खुद को अच्छी तरह से हम समझे संपूर्ण तरह से हम उपलब्ध करें जो आत्मज्ञान प्राप्त हो सकती है आत्मज्ञान भागवत ज्ञान और जगत जयप्रकाश उद्यान में जनता आती है तब पूर्ण परमात्मा को हम हमारे अंदर ही उपलब्ध और सबसे कम हमारे अंदर होता है उस प्रकार का भाग अपने आप जागृत होता है और इसी भागने जोधपुर में परमात्मा के अंदर उपलब्ध किया जो भारत में सब कुछ कोई अंतर नहीं है इसलिए भारतीय संस्कृति में भारतीय परंपरा में भारत की आध्यात्मिक परंपरा में गोलाकार मंडला का हम लिखते हैं लिखते हैं सब कुछ पुर में जो इस मंत्र का उच्चारण करते हैं पूर्णिमा व्यास पूर्णिमा उपलब्ध नहीं कर पाते क्योंकि हमें खंडित फैसला में रहते हैं लेकिन जब हमारे अंदर बहुत लंबी होती है कि हम खुद भी पूर्व

purn paramatma dekhen kyonki jo kuch recording bhi tamaam shastron mein har vyakti khud hi paramatma paramatma ko apne andar hi uplabdh karna hai paramatma hamare andar humse alag nahi hota agar matlab hum hamare khud ko achi tarah se hum samjhe sampurna tarah se hum uplabdh kare jo atmagyan prapt ho sakti hai atmagyan bhagwat gyaan aur jagat jayprakash udyan mein janta aati hai tab purn paramatma ko hum hamare andar hi uplabdh aur sabse kam hamare andar hota hai us prakar ka bhag apne aap jagrit hota hai aur isi bhagne jodhpur mein paramatma ke andar uplabdh kiya jo bharat mein sab kuch koi antar nahi hai isliye bharatiya sanskriti mein bharatiya parampara mein bharat ki aadhyatmik parampara mein golaakar mandla ka hum likhte hain likhte hain sab kuch pur mein jo is mantra ka ucharan karte hain poornima vyas poornima uplabdh nahi kar paate kyonki hamein khandit faisla mein rehte hain lekin jab hamare andar bahut lambi hoti hai ki hum khud bhi purv

पूर्ण परमात्मा देखें क्योंकि जो कुछ रिकॉर्डिंग भी तमाम शास्त्रों में हर व्यक्ति खुद ही परम

Romanized Version
Likes  17  Dislikes    views  125
WhatsApp_icon
3 जवाब
qIcon
ask
ऐसे और सवाल
Loading...
Loading...
play
user

Dr.Nisha Joshi

Psychologist

1:13

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जिया का प्रश्न बहुत ही अच्छा है पूर्ण परमात्मा कौन है उसे कैसे प्राप्त किया जा सकता है और उनकी भक्ति करने का सरल तरीका क्या है पूर्ण परमात्मा कोई नहीं है जो भी परमात्मा है जो भी गिरा वह कोई भी पुराना नहीं है सब पुराना है क्योंकि जब देखो वह कहीं ना कहीं किसी से जन्म लेते योनि से कभी ना कभी कहीं से भी जन्म लेते तो वह पूरा नहीं होता और भक्ति करने का सर्वश्रेष्ठ एक ही तरीका है कि आप सामने वालों की कोई भी बचाओ किसी उनकी खुशी रखें जब मंदिर में पूरे करने जाते हो तो वह जरूर नहीं है लेकिन कोई भूखा है किसी की मदद करते हो तो वह जरूरी है कि से जो बुखार उनको खाना खिला दो किसी को मदद की जरूरत है उनको मदद कर दो यह एक बच्चे का ही उपाय है एक रास्ता है जिससे परमेश्वर ऊपर वाला ऑटोमेटिक खुश हो जाता है यह धर्म आध्यात्मिक इसे मूसली हर तरह से लोग पूरा भी करते पहले के जमाने में जो ऋषि मुनि थे उनका भी आप देख सकते हो

jiya ka prashna bahut hi accha hai purn paramatma kaun hai use kaise prapt kiya ja sakta hai aur unki bhakti karne ka saral tarika kya hai purn paramatma koi nahi hai jo bhi paramatma hai jo bhi gira vaah koi bhi purana nahi hai sab purana hai kyonki jab dekho vaah kahin na kahin kisi se janam lete yoni se kabhi na kabhi kahin se bhi janam lete toh vaah pura nahi hota aur bhakti karne ka sarvashreshtha ek hi tarika hai ki aap saamne walon ki koi bhi bachao kisi unki khushi rakhen jab mandir mein poore karne jaate ho toh vaah zaroor nahi hai lekin koi bhukha hai kisi ki madad karte ho toh vaah zaroori hai ki se jo bukhar unko khana khila do kisi ko madad ki zarurat hai unko madad kar do yah ek bacche ka hi upay hai ek rasta hai jisse parmeshwar upar vala Automatic khush ho jata hai yah dharm aadhyatmik ise muesli har tarah se log pura bhi karte pehle ke jamane mein jo rishi muni the unka bhi aap dekh sakte ho

जिया का प्रश्न बहुत ही अच्छा है पूर्ण परमात्मा कौन है उसे कैसे प्राप्त किया जा सकता है और

Romanized Version
Likes  482  Dislikes    views  8978
WhatsApp_icon
user
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

पूर्ण परमात्मा हम स्वयं हैं क्योंकि हमारे अंदर ही आत्मा के रूप में भगवान निवास करते हैं जो मैं शाक्षी रूप में देखते हमारे कर्मों का लेखा जोखा हमारी आत्मा हमें हमें हमारी आत्मा ही देखती रहती है आत्मा को कैसे प्राप्त करें ध्यान से योग से और सही कर्मों से हम उसे प्राप्त कर सकते हैं और उसकी एवं भक्ति करने का सर्वश्रेष्ठ तरीका है कि आप अपने कर्मों पर फोकस करें कि आप भी कम कर रहे हैं कि नहीं कर रहे क्योंकि इंसान दिल से प्यार होगा उसकी प्योरिटी होगी तो वही भक्ति है उसका मतलब यह है कि आप पूजा पूजा कर रहे हैं सब बैठे हैं ध्यान में लगे हैं और कर्म आपके अच्छे नहीं हैं तो भक्ति आपको किसी भी रूप में कर सकते हैं जैसे आपका कोई भी चीज पकड़ लीजिए जो अच्छी होती है कर्म सत्य बोल रहे हैं या फिर कुछ ऐसी कुछ भी ऐसा जो दैनिक जीवन में हम करते हैं वह सही हो वही सच्ची भक्ति होती है अपने प्रति और उस आत्मा के प्रति जो आपके शरीर के अंदर विद्यमान हैं और आपको शाक्षी रूप में देख रही है कि आप किस तरीके से कर्म कर रहे हैं

purn paramatma hum swayam hain kyonki hamare andar hi aatma ke roop mein bhagwan niwas karte hain jo main shakshi roop mein dekhte hamare karmon ka lekha jokha hamari aatma hamein hamein hamari aatma hi dekhti rehti hai aatma ko kaise prapt kare dhyan se yog se aur sahi karmon se hum use prapt kar sakte hain aur uski evam bhakti karne ka sarvashreshtha tarika hai ki aap apne karmon par focus kare ki aap bhi kam kar rahe hain ki nahi kar rahe kyonki insaan dil se pyar hoga uski pyoriti hogi toh wahi bhakti hai uska matlab yah hai ki aap puja puja kar rahe hain sab baithe hain dhyan mein lage hain aur karm aapke acche nahi hain toh bhakti aapko kisi bhi roop mein kar sakte hain jaise aapka koi bhi cheez pakad lijiye jo achi hoti hai karm satya bol rahe hain ya phir kuch aisi kuch bhi aisa jo dainik jeevan mein hum karte hain vaah sahi ho wahi sachi bhakti hoti hai apne prati aur us aatma ke prati jo aapke sharir ke andar vidyaman hain aur aapko shakshi roop mein dekh rahi hai ki aap kis tarike se karm kar rahe hain

पूर्ण परमात्मा हम स्वयं हैं क्योंकि हमारे अंदर ही आत्मा के रूप में भगवान निवास करते हैं जो

Romanized Version
Likes    Dislikes    views  3
WhatsApp_icon
qIcon
ask
QuestionsProfiles

Vokal App bridges the knowledge gap in India in Indian languages by getting the best minds to answer questions of the common man. The Vokal App is available in 11 Indian languages. Users ask questions on 100s of topics related to love, life, career, politics, religion, sports, personal care etc. We have 1000s of experts from different walks of life answering questions on the Vokal App. People can also ask questions directly to experts apart from posting a question to the entire answering community. If you are an expert or are great at something, we invite you to join this knowledge sharing revolution and help India grow. Download the Vokal App!