हमें अकेलेपन का अहसास क्यों होता है?...


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Dr.Nisha Joshi

Psychologist

0:35

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जी बहुत अच्छा प्रश्न में अकेलेपन का अहसास क्या होता है देखिए अगर आपको किसी के साथ की इच्छा होती है और वह साथ नहीं मिलता है तो हमें अकेलेपन लगता है तो अकेलेपन का एहसास होता है अगर आपको फ्री नहीं रहना है वह साफ महसूस नहीं करना किसी के साथ चाहिए फैमिली के साथ के साथ रहिए दूर चला जाएगा अपनी बात करिए

ji bahut accha prashna mein akelepan ka ehsaas kya hota hai dekhiye agar aapko kisi ke saath ki iccha hoti hai aur vaah saath nahi milta hai toh hamein akelepan lagta hai toh akelepan ka ehsaas hota hai agar aapko free nahi rehna hai vaah saaf mehsus nahi karna kisi ke saath chahiye family ke saath ke saath rahiye dur chala jaega apni baat kariye

जी बहुत अच्छा प्रश्न में अकेलेपन का अहसास क्या होता है देखिए अगर आपको किसी के साथ की इच्छा

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Mehnaz Amjad

Certified Life Coach

1:18
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका सवाल है हमें अकेलेपन का एहसास क्यों होता है दिखे अकेलेपन का एहसास 3:00 बजे से होता है पहला कारण है कि अगर आपका मानसिक कंपैटिबिलिटी ने जो आप जिस तरह सोच विचार रखते हैं वह मेल नहीं खाती बहुत ज्यादा लोगों से तब आप अकेला महसूस करेंगे भीड़ में भी क्योंकि आपको लगेगा कि आपकी राय दूसरों की राय से टकरा रही है ज्यादा आपके वाली उस दूसरों के बाली नहीं जोड़ते तो यहां आपका अकेलापन लगेगा दूसरा अगर आपके कोई अच्छे दोस्त ना हो या आपके घर में वह फैमिली सपोर्ट सिस्टम ना हो क्योंकि आजकल हो गया है पहले जॉइंट फैमिली थे इंडिया में तो ऐसा नहीं होता था लेकिन जहां छोटी फैमिली होती हैं ज्यादा अच्छे दोस्त नहीं बन पाते अच्छे लाइफ पार्टनर किसी को नहीं मिलते और भाई बहनों से भी ज्यादा इतनी क्लोज नस नहीं होती तब भी इंसान को इन एवरी स्टोर की कमी से भी अकेलापन महसूस होता है तीसरी कारण सकता है थोड़ा सा हार्मोन अल चेंज जो मानसिक तनाव हो तो आप थोड़ा सा भीड़ को अवॉइड करते हैं लेकिन यह चीज थोड़ी सिक्योर बल है मतलब आप दोस्त बनाकर इसे सॉल्व कर सकते हैं 3:00 बजे हैं एक कॉमन बचे हैं जिससे इंसान अकेला महसूस करता है धन्यवाद

aapka sawaal hai hamein akelepan ka ehsaas kyon hota hai dikhe akelepan ka ehsaas 3 00 baje se hota hai pehla karan hai ki agar aapka mansik kampaitibiliti ne jo aap jis tarah soch vichar rakhte hain vaah male nahi khati bahut zyada logo se tab aap akela mehsus karenge bheed mein bhi kyonki aapko lagega ki aapki rai dusro ki rai se takara rahi hai zyada aapke wali us dusro ke baali nahi jodte toh yahan aapka akelapan lagega doosra agar aapke koi acche dost na ho ya aapke ghar mein vaah family support system na ho kyonki aajkal ho gaya hai pehle joint family the india mein toh aisa nahi hota tha lekin jaha choti family hoti hain zyada acche dost nahi ban paate acche life partner kisi ko nahi milte aur bhai bahnon se bhi zyada itni close nas nahi hoti tab bhi insaan ko in every store ki kami se bhi akelapan mehsus hota hai teesri karan sakta hai thoda sa hormone al change jo mansik tanaav ho toh aap thoda sa bheed ko avoid karte hain lekin yah cheez thodi secure bal hai matlab aap dost banakar ise solve kar sakte hain 3 00 baje hain ek common bache hain jisse insaan akela mehsus karta hai dhanyavad

आपका सवाल है हमें अकेलेपन का एहसास क्यों होता है दिखे अकेलेपन का एहसास 3:00 बजे से होता है

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Greeshma Nataraj

Psychology Counseling, Life Coach, NLP, Cognitive Behavioral Therapist, Motivational Speaker, Handwriting Signature Analyst.

2:12
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

गुड आफ्टरनून देखे जब लोगों को जब हमें अपनी इज्जत लोगों में रहने की आदत हो जाती है तो जब हम अकेले होते हैं तो अकेलापन का एहसास होता है असली देखा जाएगा तो अकेलापन का एहसास भी कोई बुरी बात नहीं है अगर आप अकेले हो तो आप अपने ऊपर कंसंट्रेट करिएगा और देखिएगा कि आपने और क्या सुधर आऊ ला सकते हैं आप में क्या अच्छा ही है और क्या बुराई है यह अपना लायंस करने में आप अपना वक्त बताएगा अकेलापन के साथ कभी बुरा नहीं होता है उसमें अब बहुत सारे अच्छे काम खुद के लिए कर सकते हो ताकि आप एक अच्छा अच्छा पहुंचना लेकर बनसक हो आप अकेलेपन से प्लीज घबराइए गा नहीं अगर कभी आपको थोड़ा बहुत अच्छे ला वक्त मिल जाता है तो आप यह देखिएगा क्या उस अकेलेपन का एहसास को अच्छी तरह से यूटिलाइज करिएगा अरब के अंदर जो छुपी हुई जो कल आए हैं या जो छुपे हुए इश्यूज है उनको आप शॉट आउट कर सकते हो तो अकेलापन का एहसास गलत नहीं है मेरे दोस्त दूसरी बात में यह कहूंगी कि हम जब अकेले आए हैं जिंदगी में तो अकेलेपन से घबराना क्योंकि यू हैव सम टाइम विद योरसेल्फ में हमेशा लोगों को यह कहती हूं कि थोड़ा बहुत वक्त अपने आप से बिताई अपने साथ बताइए ताकि आप अपने आपको पहचान सकूं और अपने आप को जान सके जब हम अपने आप को नहीं जानेंगे अपने आप के साथ वक्त नहीं बताएंगे तो दुनियादारी कैसे निभाएंगे दूसरों को हम प्यार कैसे दे सकते हैं जब हम अपने आपको नहीं जानते हैं तो मेरे फ्रेंड मैं यह कहूंगी कि अकेलापन का एहसास बुरी बात नहीं है इस गुड भील ओनली समटाइम इन अ डे एक बहुत अच्छी बात है कि कभी-कभी हम थोड़ा सा वक्त अपने लिए निकालें हम थोड़ा सा लुप्त हो जाए अपने आप के लिए अगर हम अपने आप से प्यार करेंगे तो हमें भी अकेलापन का एहसास भी नहीं होगा तो आए हो हमें क्या समझाना चाहते हो छोटा सा टाइम में आप समझ गए होंगे और मेरी यह बातें ध्यान से समझिए गाय ने गलत मतलब सेना लेते हुए धन्यवाद थैंक यू वेरी मच एंड ऑल द बेस्ट

good afternoon dekhe jab logo ko jab hamein apni izzat logo mein rehne ki aadat ho jaati hai toh jab hum akele hote hain toh akelapan ka ehsaas hota hai asli dekha jaega toh akelapan ka ehsaas bhi koi buri baat nahi hai agar aap akele ho toh aap apne upar concentrate kariega aur dekhiega ki aapne aur kya sudhar aoo la sakte hain aap mein kya accha hi hai aur kya burayi hai yah apna lions karne mein aap apna waqt batayega akelapan ke saath kabhi bura nahi hota hai usme ab bahut saare acche kaam khud ke liye kar sakte ho taki aap ek accha accha pahunchana lekar bansak ho aap akelepan se please ghabaraiye jaayega nahi agar kabhi aapko thoda bahut acche la waqt mil jata hai toh aap yah dekhiega kya us akelepan ka ehsaas ko achi tarah se utilize kariega arab ke andar jo chhupee hui jo kal aaye hain ya jo chhupe hue issues hai unko aap shot out kar sakte ho toh akelapan ka ehsaas galat nahi hai mere dost dusri baat mein yah kahungi ki hum jab akele aaye hain zindagi mein toh akelepan se ghabrana kyonki you have some time with yourself mein hamesha logo ko yah kehti hoon ki thoda bahut waqt apne aap se bitai apne saath bataye taki aap apne aapko pehchaan saku aur apne aap ko jaan sake jab hum apne aap ko nahi jaanege apne aap ke saath waqt nahi batayenge toh duniyaadaari kaise nibhaenge dusro ko hum pyar kaise de sakte hain jab hum apne aapko nahi jante hain toh mere friend main yah kahungi ki akelapan ka ehsaas buri baat nahi hai is good bhil only sometime in a day ek bahut achi baat hai ki kabhi kabhi hum thoda sa waqt apne liye nikale hum thoda sa lupt ho jaaye apne aap ke liye agar hum apne aap se pyar karenge toh hamein bhi akelapan ka ehsaas bhi nahi hoga toh aaye ho hamein kya samajhana chahte ho chota sa time mein aap samajh gaye honge aur meri yah batein dhyan se samjhiye gaay ne galat matlab sena lete hue dhanyavad thank you very match and all the best

गुड आफ्टरनून देखे जब लोगों को जब हमें अपनी इज्जत लोगों में रहने की आदत हो जाती है तो जब हम

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Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

3:33
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मैं अकेलेपन का एहसास होता है क्योंकि यहां मानो कोई भी हो वह एक सामाजिक प्राणी है कौन सा समूह में रहना पसंद करता है अब हमारे जो वर्तमान परिवार की तरफ से जा रही है कि छोटे परिवार में विभाजित हो गई इसलिए कंपनी देने वाला जो हमारा जॉब भी है और बच्चों से बात इंसान उसकी उम्र के अनुसार कर सकता है लेकिन आदमी को एक मित्र जरूर पसंद करता है क्योंकि जब तू मनसुख वाले और समान विचारधारा वाले लोग उससे जुड़ते हैं तो गुड फील और उसे उसमें आनंद आता है और दुख होता है तो हल्का कर लेता है और सुख होता है तो उसमें बढ़ोतरी हो जाती है इसलिए इंसान का जो शराब है वह मित्रों के साथ रहना ज्यादा पसंद करता है अनेकता में एकता है इसलिए यदि दिलीप करते हैं इंसान बाकी कुछ लोग एकांतिक बंद करते हैं जो क्रिएटिविटी को जन्म देते हैं जैसे कि हमारे लोग जो है कोई वास्ता कर कथाकार ने की कोई लेखक लेखिका और जो कोई नई खोज करते हैं हमारे वैज्ञानिक लोग कांत को इस तरह से इंजॉय करते हैं कि वह अपने आप से बातें करते हैं एक दूसरे से अंदर ही अंदर तक देखते हैं और कोई ना कोई नई सोच करते हैं या नहीं कविताएं के लिख पाते हैं उनको एक आंसर जनशक्ति उनकी स्थिति है उन्हें कोई दूसरा रजिस्टर करने वाला हो तो उनकी वैचारिक की संख्या टूट जाती है इसलिए हमें अधिकतर समय में कुछ न कुछ दोस्तों के साथ समय सेक्स जरूर करना चाहिए परिवार के साथ भी समय जरूर दिखाना चाहिए और जब एकांत में रहे तो हमें अपनी आत्मा के साथ अपने मन के साथ बातचीत करनी चाहिए धन्यवाद

main akelepan ka ehsaas hota hai kyonki yahan maano koi bhi ho vaah ek samajik prani hai kaun sa samuh mein rehna pasand karta hai ab hamare jo vartaman parivar ki taraf se ja rahi hai ki chote parivar mein vibhajit ho gayi isliye company dene vala jo hamara job bhi hai aur baccho se baat insaan uski umr ke anusaar kar sakta hai lekin aadmi ko ek mitra zaroor pasand karta hai kyonki jab tu mansukh waale aur saman vichardhara waale log usse judte hain toh good feel aur use usme anand aata hai aur dukh hota hai toh halka kar leta hai aur sukh hota hai toh usme badhotari ho jaati hai isliye insaan ka jo sharab hai vaah mitron ke saath rehna zyada pasand karta hai anekata mein ekta hai isliye yadi dilip karte hain insaan baki kuch log ekantik band karte hain jo creativity ko janam dete hain jaise ki hamare log jo hai koi vasta kar kathakar ne ki koi lekhak lekhika aur jo koi nayi khoj karte hain hamare vaigyanik log kaant ko is tarah se enjoy karte hain ki vaah apne aap se batein karte hain ek dusre se andar hi andar tak dekhte hain aur koi na koi nayi soch karte hain ya nahi kavitayen ke likh paate hain unko ek answer janshakti unki sthiti hai unhe koi doosra register karne vala ho toh unki vaicharik ki sankhya toot jaati hai isliye hamein adhiktar samay mein kuch na kuch doston ke saath samay sex zaroor karna chahiye parivar ke saath bhi samay zaroor dikhana chahiye aur jab ekant mein rahe toh hamein apni aatma ke saath apne man ke saath batchit karni chahiye dhanyavad

मैं अकेलेपन का एहसास होता है क्योंकि यहां मानो कोई भी हो वह एक सामाजिक प्राणी है कौन सा सम

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Kesharram

Teacher

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखो जब हम सपरिवार करते हैं और फिर हम रह करके सब फ्रेंड के साथ में रहते हैं फिर घर वाले हमारे को माली जी के 11 भेज देते हैं या किसी के साथ में कोई अन्य घटना घट जाती है तो इस वजह से क्या होता है कि हम एकदम से अकेले पड़ जाते हैं और अकेलेपन का एहसास होता है जब तक हमारे पास में घर वाले रहते तब तक नहीं होता है लेकिन वह हमें छोड़ कर के वहां से चले जाता है कैसे रह सकता है धन्यवाद दोस्तों

dekho jab hum saparivar karte hain aur phir hum reh karke sab friend ke saath mein rehte hain phir ghar waale hamare ko maali ji ke 11 bhej dete hain ya kisi ke saath mein koi anya ghatna ghat jaati hai toh is wajah se kya hota hai ki hum ekdam se akele pad jaate hain aur akelepan ka ehsaas hota hai jab tak hamare paas mein ghar waale rehte tab tak nahi hota hai lekin vaah hamein chod kar ke wahan se chale jata hai kaise reh sakta hai dhanyavad doston

देखो जब हम सपरिवार करते हैं और फिर हम रह करके सब फ्रेंड के साथ में रहते हैं फिर घर वाले हम

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Naren khatri

Student And Social Worker

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका सवाल है कि हमें अकेलापन सा ऐसा क्यों होता है तो हमें अकेलापन का ऐसा इसलिए होता है कि कोई भी हमारी एसोसिएशन नहीं समझ पाते और हमें बिना वजह के कुछ भी बोल कर चले जाते हैं और हमारी सिचुएशन को नहीं समझ पाते और ना ही हमारी मदद कर पाते इसलिए हम अपने आप को अकेला महसूस करते हैं धन्यवाद

aapka sawaal hai ki hamein akelapan sa aisa kyon hota hai toh hamein akelapan ka aisa isliye hota hai ki koi bhi hamari association nahi samajh paate aur hamein bina wajah ke kuch bhi bol kar chale jaate hain aur hamari situation ko nahi samajh paate aur na hi hamari madad kar paate isliye hum apne aap ko akela mehsus karte hain dhanyavad

आपका सवाल है कि हमें अकेलापन सा ऐसा क्यों होता है तो हमें अकेलापन का ऐसा इसलिए होता है कि

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