क्या पॉजिटिव थिंकिंग से वाकई फायदा होता है?...


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Psychologist Lovenish Mittal

Psychologist, Motivational Speaker, Psychotherapist, Hypnotherapist.

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नहीं तो बोलती बेटी का नुकसान भी हो सकता है अगर यह वास्तविकता से बिल्कुल हट जाए अगर या व्यवहारिक ना हो अगर यह ओवरकॉन्फिडेंस में हो वास्तविकता में पॉजिटिविटी हमारी मानसिक स्थिति है एक ऐसी स्थिति जिसमें हम अपनी उम्मीद को नहीं खोते हैं हम विश्वास रखते हैं कि बुरे से बुरे समय के अंदर भी कुछ अच्छा हो सकता है हम उम्मीद करते हैं कि बड़ी से बड़ी मुसीबत का कोई ना कोई समाधान उपलब्ध है कितनी भी बड़ी मुसीबत हो कहीं ना कहीं उसका समाधान उपलब्ध है और हम अगर कोशिश करें तो उसको ढूंढ सकते हैं यह उम्मीद आशा विश्वास और अपने में एक विश्वास कि मैं कर सकता हूं जब आपको आपके सामने कोई समस्या आती है या आपके सामने कुत्ता खाता है आप बोल देते कि मैं नहीं कर सकता उस कंडीशन में आपका दिमाग आपको जो समझ और जो ताकत चाहिए उस काम को करने के लिए गुड नहीं देता है लेकिन जब आप बोलते बोलते हैं तो उस आशा विश्वास उम्मीद के साथ आप में वह ताकत और आपकी कुछ समझ भी आ जाती है जिससे उन समस्याओं से बाहर निकल सकते हैं इसलिए होती बीटी जरूर फायदा करती है लेकिन तब भी अगर यह व्यवहारिक हो अगर ओवरकॉन्फिडेंस में ना हो अगर है जो मुसीबत है उसकी ताकत को भी समझें ऐसा नहीं कि मेरे सामने कोई भी ताकत कोई भी सॉरी कोई भी समस्या हो उसका हल कर सकता हूं ठीक है कोई भी इंसान कर सकता है लेकिन उसके लिए आपको पहले प्रिपेयर होना पड़ेगा क्यों उसके लिए अच्छी प्लानिंग करनी पड़ेगी तो अगर आप व्यवहारिक नहीं है आगरा मालू डॉक्टर की ट्रेनिंग नहीं लेते हैं डॉक्टर की छड़ी नहीं करते हैं आपका एक्सपीरियंस नहीं है और आप बोलो जी हां जी मेरे को पूरा विश्वास में बहुत ज्यादा पॉजिटिव हूं मैं किसी का ऑपरेशन कर सकता हूं तुम्हें झूठ हो जाएगा अगर आप बोलो कि मैं छत पर चला और मुझे कुछ भी नहीं होगा तो वह झूठ हो सकता है अगर आपकी ट्रेनिंग नहीं है तू तो दोस्त पोस्ट थिंकिंग सहयोग कर सकती है सिर्फ तभी अगर व्यवहारिक है इसके अलावा अगर पुत्र थिंकिंग व्यवहारिक है तो उसके बहुत ज्यादा फायदे हैं यह आपको पूरी से पूरी मुसीबत के अंदर समस्या के अंदर रास्ता दिखाने के काम आती है बोलते हैं ना कि दुनिया उम्मीद पर कायम है उसकी बेटी का सबसे बड़ी पावर उम्मीद है जो कि आशा है क्योंकि बड़ी से बड़ी मुसीबत में साथ करवाती है कि चिंता मत करो कहीं ना बात

nahi toh bolti beti ka nuksan bhi ho sakta hai agar yah vastavikta se bilkul hut jaaye agar ya vyavaharik na ho agar yah ovarakanfidens me ho vastavikta me positivity hamari mansik sthiti hai ek aisi sthiti jisme hum apni ummid ko nahi khote hain hum vishwas rakhte hain ki bure se bure samay ke andar bhi kuch accha ho sakta hai hum ummid karte hain ki badi se badi musibat ka koi na koi samadhan uplabdh hai kitni bhi badi musibat ho kahin na kahin uska samadhan uplabdh hai aur hum agar koshish kare toh usko dhundh sakte hain yah ummid asha vishwas aur apne me ek vishwas ki main kar sakta hoon jab aapko aapke saamne koi samasya aati hai ya aapke saamne kutta khaata hai aap bol dete ki main nahi kar sakta us condition me aapka dimag aapko jo samajh aur jo takat chahiye us kaam ko karne ke liye good nahi deta hai lekin jab aap bolte bolte hain toh us asha vishwas ummid ke saath aap me vaah takat aur aapki kuch samajh bhi aa jaati hai jisse un samasyaon se bahar nikal sakte hain isliye hoti BT zaroor fayda karti hai lekin tab bhi agar yah vyavaharik ho agar ovarakanfidens me na ho agar hai jo musibat hai uski takat ko bhi samajhe aisa nahi ki mere saamne koi bhi takat koi bhi sorry koi bhi samasya ho uska hal kar sakta hoon theek hai koi bhi insaan kar sakta hai lekin uske liye aapko pehle prepare hona padega kyon uske liye achi planning karni padegi toh agar aap vyavaharik nahi hai agra maloom doctor ki training nahi lete hain doctor ki chadi nahi karte hain aapka experience nahi hai aur aap bolo ji haan ji mere ko pura vishwas me bahut zyada positive hoon main kisi ka operation kar sakta hoon tumhe jhuth ho jaega agar aap bolo ki main chhat par chala aur mujhe kuch bhi nahi hoga toh vaah jhuth ho sakta hai agar aapki training nahi hai tu toh dost post thinking sahyog kar sakti hai sirf tabhi agar vyavaharik hai iske alava agar putra thinking vyavaharik hai toh uske bahut zyada fayde hain yah aapko puri se puri musibat ke andar samasya ke andar rasta dikhane ke kaam aati hai bolte hain na ki duniya ummid par kayam hai uski beti ka sabse badi power ummid hai jo ki asha hai kyonki badi se badi musibat me saath karwati hai ki chinta mat karo kahin na baat

नहीं तो बोलती बेटी का नुकसान भी हो सकता है अगर यह वास्तविकता से बिल्कुल हट जाए अगर या व्यव

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