अपने मन की उलझन को कैसे दूर करें?...


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सुरेन्द्र पाल गुप्ता

रिटायर्ड प्रधानाचार्य

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ऐसे और सवाल
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Umesh Upaadyay

Life Coach | Motivational Speaker

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए हमारा मन ही तो है जिसकी तुलना एक वानर से की गई है एक बंदे से की गई है जो एक डाल से दूसरी डाल बेवजह भी आता रहता है उछलता रहता है यह मन ही तो है जिसको आ कंट्रोल करना हमें लगता है बहुत मुश्किल काम है यह मन ही तो है जिसके कारण हम विचलित हो जाते हैं एक पल में हम सुख का खुशी का एहसास करते हैं और दूसरे ही पल में हमें लगता है कि मेरे साथ क्या हो रहा है मेरा जीवन ठीक-ठाक नहीं चल रहा जब आप बोलते हैं अपने मन की उलझन को कैसे दूर करें तो वही बड़ी सिंपल सी बात है जब आपको पता है कि मन में उलझन है तो आपको यह भी पता होगा कि भूषण क्या है मतलब आपको सर चेक योर टॉपिक डेफिनेटली पता होगा जब आपको वह पता है तो फिर आप एक-एक करके गुत्थी को सुलझाने की कोशिश कीजिए वह कुछ ऐसा होता है देखिए जैसे मान लीजिए कहीं पर किसी राशि में हमने देखा है बहुत सारी गाड़ी आगे बहुत सारे गठन बाद दिया है तो भाई एक बार में तो सारे गिटार नहीं खुल जाते आपको पहला सबसे ऊपर वाला खोलना पड़ेगा उसके बाद दूसरा उसके बाद भी इस तरीके से आपको आराम से सोच समझकर गिठान को खोलना होता है ऐसी होता है अब जब आप बोलते हैं कि मन की उलझन है तो जब आपको पता है कि सर जी टी ए टॉपिक है तो उलझन क्या है उसको आप उलझन की तरह मत देखे उसको आप यह देखें कि अच्छा ठीक है तो अभी करना क्या है भाई परिस्थिति यह है तो अभी मुझे क्या करने की जरूरत है आप उसको देखें जब आप सोचते हैं कि अच्छा अभी मुझे क्या करना है क्या करना चाहिए तो आपके पास ऑप्शन देखते हैं ऑप्शन एबीसी मतलब आपको राशन क्या चाहिए करूं क्या चाहिए करूं क्या अच्छा ऐसे लिखता है ओके जब आपको देखता है तो फिर उसके बाद आप तो यह देखें कि भाई एक करना चाहिए या नहीं करना चाहिए करने से मेरे को फायदा किसी और को नुकसान है कहीं कोई गलत काम तो नहीं हो रहा मेरे से कोई अपराध तो नहीं हो रहा कुछ ऐसा कुछ तो नहीं हो रहा आप इस तरीके से फिर उन ऑप्शन को देखिए और फिर वह करिए जो इन सब में से मोस्ट एप्रोप्रियेट है क्योंकि भाई आपका कर्म है तो किसी चीज को सॉल्व करने का यही तरीका होता है यह देखना होता है कि अच्छा इस परिस्थिति में मुझे कदम उठाना है तो वह मेरा कदम क्या हो सकता यह हो सकता है यह सही हो सकता है यह वाला करूं या यह वाला करो और फाइनली आप वह वाला चूस कीजिए जिसमें किसी की हानि ना हो किसी को क्षति न पहुंचे आप आप मानेसर ना हो आपको करते समय याद करने के बाद पछतावा ना हो कि मैंने ऐसा क्यों किया आप कोई गलत काम ना करें आपस आपका ख्याल रखते हुए कोई कदम उठाएं चाहे वह कमीनी किस्म की बात हुआ कि यह चाय वह आकर कर्म या काम करने के बाद तो कोई ऑप्शन देने की बात कोई सलाह देने के बाद वे किसी चीज पर एक तरीके का का काम करने की बात तो यह सब सोच समझकर आप डेफिनेटली उस गुत्थी को सुलझा सकते हैं कई बार ऐसा भी होता है कि भाई अभी समझ नहीं आ रहा कि सॉल्यूशन क्या है तो आप रुक जा ठहर जाए अगर आपको ऐड करने की जरूरत नहीं तो ठहर जाइए क्या पता उस समय नहीं लेकिन थोड़ी देर के बाद या अगले दिन या 2 दिन बाद आपको सलूशन ज्यादा क्लियर से समाचार है तो आप कदम उठाएगा

dekhiye hamara man hi toh hai jiski tulna ek vanar se ki gayi hai ek bande se ki gayi hai jo ek daal se dusri daal bewajah bhi aata rehta hai uchlata rehta hai yah man hi toh hai jisko aa control karna hamein lagta hai bahut mushkil kaam hai yah man hi toh hai jiske karan hum vichalit ho jaate hain ek pal me hum sukh ka khushi ka ehsaas karte hain aur dusre hi pal me hamein lagta hai ki mere saath kya ho raha hai mera jeevan theek thak nahi chal raha jab aap bolte hain apne man ki uljhan ko kaise dur kare toh wahi badi simple si baat hai jab aapko pata hai ki man me uljhan hai toh aapko yah bhi pata hoga ki bhushan kya hai matlab aapko sir check your topic definetli pata hoga jab aapko vaah pata hai toh phir aap ek ek karke gutthi ko suljhane ki koshish kijiye vaah kuch aisa hota hai dekhiye jaise maan lijiye kahin par kisi rashi me humne dekha hai bahut saari gaadi aage bahut saare gathan baad diya hai toh bhai ek baar me toh saare guitar nahi khul jaate aapko pehla sabse upar vala kholna padega uske baad doosra uske baad bhi is tarike se aapko aaram se soch samajhkar githan ko kholna hota hai aisi hota hai ab jab aap bolte hain ki man ki uljhan hai toh jab aapko pata hai ki sir ji T a topic hai toh uljhan kya hai usko aap uljhan ki tarah mat dekhe usko aap yah dekhen ki accha theek hai toh abhi karna kya hai bhai paristhiti yah hai toh abhi mujhe kya karne ki zarurat hai aap usko dekhen jab aap sochte hain ki accha abhi mujhe kya karna hai kya karna chahiye toh aapke paas option dekhte hain option ABC matlab aapko raashan kya chahiye karu kya chahiye karu kya accha aise likhta hai ok jab aapko dekhta hai toh phir uske baad aap toh yah dekhen ki bhai ek karna chahiye ya nahi karna chahiye karne se mere ko fayda kisi aur ko nuksan hai kahin koi galat kaam toh nahi ho raha mere se koi apradh toh nahi ho raha kuch aisa kuch toh nahi ho raha aap is tarike se phir un option ko dekhiye aur phir vaah kariye jo in sab me se most epropriyet hai kyonki bhai aapka karm hai toh kisi cheez ko solve karne ka yahi tarika hota hai yah dekhna hota hai ki accha is paristhiti me mujhe kadam uthana hai toh vaah mera kadam kya ho sakta yah ho sakta hai yah sahi ho sakta hai yah vala karu ya yah vala karo aur finally aap vaah vala chus kijiye jisme kisi ki hani na ho kisi ko kshati na pahuche aap aap manesar na ho aapko karte samay yaad karne ke baad pachtava na ho ki maine aisa kyon kiya aap koi galat kaam na kare aapas aapka khayal rakhte hue koi kadam uthaye chahen vaah kamini kism ki baat hua ki yah chai vaah aakar karm ya kaam karne ke baad toh koi option dene ki baat koi salah dene ke baad ve kisi cheez par ek tarike ka ka kaam karne ki baat toh yah sab soch samajhkar aap definetli us gutthi ko suljha sakte hain kai baar aisa bhi hota hai ki bhai abhi samajh nahi aa raha ki solution kya hai toh aap ruk ja thahar jaaye agar aapko aid karne ki zarurat nahi toh thahar jaiye kya pata us samay nahi lekin thodi der ke baad ya agle din ya 2 din baad aapko salution zyada clear se samachar hai toh aap kadam uthayega

देखिए हमारा मन ही तो है जिसकी तुलना एक वानर से की गई है एक बंदे से की गई है जो एक डाल से द

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Rakesh Tiwari

Life Coach, Management Trainer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आप कैसे हैं अपने मन की उलझन को कैसे दूर करें अपने मन की उलझन के विचारों से आप अपने निर्णय जिसके पास सूचनाओं के पास निर्णय लेने के विकल्प रहेंगे आप इन विकल्पों में सर्वोत्तम का चयन करके एक निर्णय लेंगे और यह है मन में संशय नहीं मन में निश्चय रखें थैंक यू वेरी मच

aap kaise hain apne man ki uljhan ko kaise dur kare apne man ki uljhan ke vicharon se aap apne nirnay jiske paas suchanaon ke paas nirnay lene ke vikalp rahenge aap in vikalpon me sarvottam ka chayan karke ek nirnay lenge aur yah hai man me sanshay nahi man me nishchay rakhen thank you very match

आप कैसे हैं अपने मन की उलझन को कैसे दूर करें अपने मन की उलझन के विचारों से आप अपने निर्णय

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Gopal Srivastava

Acupressure Acupuncture Sujok Therapist

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BK Kalyani

Teacher On Rajyoga Spiritual Knowledge

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Vinod Kumar Pandey

Life Coach | Career Counsellor ::Relationship Counsellor :: Parenting Counsellor

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आप ने प्रश्न किया है कि अपने मन की उलझन को कैसे दूर करें मन की उलझन को दूर करने से सबसे पहले यह जानना होगा कि हमारे मन में उलझन आती क्यों हैं शान से बताता है कि हमारे मन में प्रतिदिन हजारों की संख्या में विचार आते हैं उनमें कुछ विचार होते हैं जो सकारात्मक होते हैं कुछ विचार होते हैं जो नकारात्मक होते हैं उन विचारों में भी कुछ विचार हमारे लिए बहुत जरूरी होते हैं लेकिन ज्यादातर जो विचार होते हैं वह हमारे लिए अनावश्यक विचार होते हैं लेकिन कहीं ना कहीं हम उनको महत्व दे करके उनको अपने दिमाग में रह करके कहीं ना कहीं अपने दिमाग को हम कई सारे दिशाओं में उलझा देते हैं मतलब यह कह सकते हैं कि हमारे पास जो मारा विवेक हमारी बुद्धि है कई विचारों में एक साथ कार्य कर रहा होता है इसलिए जो हमारे अंदर जो हमारी ऊर्जा है सकारात्मक ऊर्जा है जो हमारे अंदर की प्रतिभा वह महत्वपूर्ण कार्यों में अपना ध्यान नहीं दे पाता या उन पर वह फोकस नहीं हो पाता और जब हमारा ध्यान कहीं ना कहीं हमारे जीवन की समस्याओं के समाधान पर ना हो करके केवल और केवल समस्या के ऊपर होता है तो इससे कहीं ना कहीं हमारे दिमाग में जो विचार आते हैं वह बहुत ही नकारात्मक विचार होते हैं और जब दिमाग उसको बड़ा करके कहीं ना कहीं और हमारे दिमाग में उसको और बड़ा कर देता है इसलिए जब हमारा दिमाग हमारे जीवन की कई सारी समस्याओं में एक साथ पता होता है तब वह उनके समाधान के बारे में कुछ नहीं सोच पाता और ना ही उसके लिए कुछ प्रयास कर पाता इसीलिए व्यक्ति ऐसी अवस्था में किसी भी समस्या से बाहर अपने आप को निकला हुआ नहीं महसूस कर पाता और कहीं ना कहीं उस में उलझ कर रह जाता है यही कारण है कि हमारे अंदर पूरी क्षमता होते हुए पूरी पोटेंशियल होते हुए फिर भी अपने जीवन के हम समस्याओं से बाहर नहीं निकल पाते कारण सिर्फ यही होता है कि हमारा दिमाग सिर्फ उन समस्याओं में उन नकारात्मक विचारों में कहीं ना कहीं उलझा रहता है लेकिन उन समस्याओं के समाधान पर हम कुछ नहीं कर रहे होते हैं इसके लिए बहुत जरूरी है कि अगर आप अपने जीवन को एक नई दिशा और दशा देना चाहते हैं कामयाबी देना चाहते हैं तो उसके लिए बहुत जरूरी है कि आप जीवन की समस्याओं में उलझने से ज्यादा जरूरी है कि आप उसके समाधान के बारे में सोचिए और ध्यान रहे हमारे जीवन में कई सारी समस्याएं एक साथ चल रही होती हैं लेकिन उसके समाधान के लिए आपको एक ही स्तर पर ध्यान देना होगा अगर सारी समस्याओं पर एक साथ आप ध्यान देंगे तो हो सकता है कि आप किसी भी समस्या का समाधान ना कर पाए इसलिए बहुत जरूरी है एक समय केवल एक समस्या को देखिए उसके समाधान के लिए आपके पास जितनी उर्जा है जितनी क्षमता है उसको अपने सकारात्मक सोच के साथ दूर करने की कोशिश करिए जब एक समस्या समाधान हो जाए फिर दूसरे समस्या का समाधान करिए इस प्रकार जब आप समस्या का समाधान अपने जीवन में करेंगे तबीयत पाएंगे कि आपका मन उलझा हुआ नहीं रहता है और कहीं ना कहीं आपके जीवन की धीरे-धीरे सारी समस्या की समाप्ति हो जाती है लेकिन अगर आप अपने जीवन की सभी समस्याओं को एक साथ सॉल्व करने की कोशिश करेंगे एक साथ उनमें इंग्लिश होने की कोशिश करेंगे तो कहीं ना कहीं आपकी जो बहुत ही क्षमता है वह सिर्फ उलझन का शिकार होगी और इससे आप किसी भी समस्या का समाधान नहीं कर पाएंगे और कहीं ना कहीं हमेशा तनाव बना रहेगा इसी लिए मेरी शुभकामनाएं आपके लिए कि हमेशा जीवन को सिंपल से सिंपल बनाई है बहुत सारे अनावश्यक रूप से कंपलेक्स बनाने की बिल्कुल जरूरत नहीं है जिस दिन से आप कोशिश कर लेंगे अपने जीवन को सरल बनाने के अपने आप धीरे-धीरे सरल होता चला जाता है जो हमारा जीवन बहुत कॉन्प्लेक्स हो जाता है या जटिल हो जाता है उसके लिए कहीं ना कहीं हमारे विचार ही जिम्मेदार होते हैं जो हम अनावश्यक विचारों को अपने जीवन में स्थान देकर गए शायद हम अपने जीवन को बहुत जटिल बना लेते हैं तो कोशिश करना शुरू करिए कोई ना कोई रास्ता जरूर निकलता चला जाएगा मेरी शुभकामनाएं आपके साथ धन्यवाद

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आप ने प्रश्न किया है कि अपने मन की उलझन को कैसे दूर करें मन की उलझन को दूर करने से सबसे पह

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Dinesh Mishra

Theosophists | Accountant

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अपने मन की उलझन को कैसे दूर करें जैसे मन की झोल जाना है वह हमेशा बनी रहेगी उसका काम ही है खटपट को करना आप जो है मन की उलझन से दूर रहें साक्षी रहें और दृष्टा बंद करके रहे

apne man ki uljhan ko kaise dur kare jaise man ki jhol jana hai vaah hamesha bani rahegi uska kaam hi hai khatapat ko karna aap jo hai man ki uljhan se dur rahein sakshi rahein aur drishta band karke rahe

अपने मन की उलझन को कैसे दूर करें जैसे मन की झोल जाना है वह हमेशा बनी रहेगी उसका काम ही है

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S Bajpay

Yoga Expert | Beautician & Gharelu Nuskhe Expert

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हेलो जय श्री राम संदीप एक योग शिक्षक आपका प्रश्न है अपने मन की उलझन को कैसे दूर करें योग चित्त वृत्ति निरोधा योग करने से चित्र में होने वाले दोष का निवारण होता है अब योग करें आप मेडिटेशन करें आप ध्यान करें यह ऐसी चीजें बताई हुई है हमारे वेदों में हमारे पुराणों में श्रीराम ने किया उसके बाद भगवान श्री कृष्ण ने किया

hello jai shri ram sandeep ek yog shikshak aapka prashna hai apne man ki uljhan ko kaise dur kare yog chitt vriti nirodha yog karne se chitra me hone waale dosh ka nivaran hota hai ab yog kare aap meditation kare aap dhyan kare yah aisi cheezen batai hui hai hamare vedo me hamare purano me shriram ne kiya uske baad bhagwan shri krishna ne kiya

हेलो जय श्री राम संदीप एक योग शिक्षक आपका प्रश्न है अपने मन की उलझन को कैसे दूर करें योग च

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Shailesh Kumar Dubey

Yoga Teacher , Retired Government Employee

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Gaurav Sethia

Career & Spiritual Coach

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अपनी मन की उलझन दूर करने का सबसे आसान तरीका है कि आप अपने हाथ में पेपर और पहन लीजिए सबसे पहले जो आप की उलझन है उनको आप डिफाइन की थी लिखिए क्या की कौन-कौन सी उलझन है फिर एक-एक उस दिन के पीछे का कारण क्या क्या है वह आप लिखिए और फिर विचार कीजिए कि जो कारण आपने लिखे हैं यह कारण क्या रियलिटी में एक्सेप्ट करते हैं या यह कारण क्या इतने ज्यादा महत्वपूर्ण है कि वह आपको उलझन में डालें अगर आप इतना भी लिखेंगे तो आपको आईडिया लग जाएगा कि इसमें से कौन सी ऐसी बातें हैं जो उलझाने वाली नहीं सिर्फ एक बहन है एक बोलते हैं ना कि दीवार है जो इमैजिनरी आपने खड़ी कर रखी है अपने आंखों के आगे तो जब आप ऐसा करते हैं तो काफी प्रॉब्लम तो है वह अपने आप ही सोलबर्ग सॉर्ट आउट हो जाती हैं यह देखिए यह धागों के बच्चों में से गुस्से खींच खींच करके निकाल धागे खींच के निकालने का तरीका है अब हरी धागे अगर खुलकर एक-एक करके देखेंगे तो ऐसी हो गाना बजाएं क्यों को मिक्स करके एक गुट एक साथ में देखने की तो आप जितनी भी अपनी उसने उनको पेपर पर लिखी उनके बारे में विचार कीजिए ऑटोमेटिक न्यूज़ काफी उस दिन है उसमें से खत्म हो जाएंगे

apni man ki uljhan dur karne ka sabse aasaan tarika hai ki aap apne hath me paper aur pahan lijiye sabse pehle jo aap ki uljhan hai unko aap define ki thi likhiye kya ki kaun kaun si uljhan hai phir ek ek us din ke peeche ka karan kya kya hai vaah aap likhiye aur phir vichar kijiye ki jo karan aapne likhe hain yah karan kya reality me except karte hain ya yah karan kya itne zyada mahatvapurna hai ki vaah aapko uljhan me Daalein agar aap itna bhi likhenge toh aapko idea lag jaega ki isme se kaun si aisi batein hain jo ulajhane wali nahi sirf ek behen hai ek bolte hain na ki deewaar hai jo imaijinri aapne khadi kar rakhi hai apne aakhon ke aage toh jab aap aisa karte hain toh kaafi problem toh hai vaah apne aap hi solabarg sort out ho jaati hain yah dekhiye yah dhagon ke baccho me se gusse khinch khinch karke nikaal dhaage khinch ke nikalne ka tarika hai ab hari dhaage agar khulkar ek ek karke dekhenge toh aisi ho gaana bajaye kyon ko mix karke ek gut ek saath me dekhne ki toh aap jitni bhi apni usne unko paper par likhi unke bare me vichar kijiye Automatic news kaafi us din hai usme se khatam ho jaenge

अपनी मन की उलझन दूर करने का सबसे आसान तरीका है कि आप अपने हाथ में पेपर और पहन लीजिए सबसे प

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार आपका प्रशन है मन की उलझन को कैसे दूर करें देखकर मन की उलझन को दूर करने के लिए पहले आपके मन में क्या उज्जैन चल रही है उसके बारे में पूरा सोचना होगा और उसके बाद में उसे आप दूर करने के लिए क्या कर सकते हैं उसके बारे में सोचना होगा यदि यह सब आप लिखित में करें तो आपको लाभ होगा क्योंकि लिखने से चीजें सामने आती हैं प्रकाश में आती हैं हुआ है कहीं ना कहीं उसका हाल भी हमें मिलता है धन्यवाद

namaskar aapka prashn hai man ki uljhan ko kaise dur kare dekhkar man ki uljhan ko dur karne ke liye pehle aapke man me kya ujjain chal rahi hai uske bare me pura sochna hoga aur uske baad me use aap dur karne ke liye kya kar sakte hain uske bare me sochna hoga yadi yah sab aap likhit me kare toh aapko labh hoga kyonki likhne se cheezen saamne aati hain prakash me aati hain hua hai kahin na kahin uska haal bhi hamein milta hai dhanyavad

नमस्कार आपका प्रशन है मन की उलझन को कैसे दूर करें देखकर मन की उलझन को दूर करने के लिए पहले

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Rakesh Kothiyal

Astrologer And Yoga Teacher

4:03
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हरि ओम नमस्कार दोस्तों सभी वह कल ग्रुप के मेंबर को मेरा नमस्कार दोस्तों आपका प्रश्न है अपने मन की उलझन को कैसे दूर करें हम अपनी दिनचर्या में व्यस्त रहते हैं इस पर सोच विचार करते हैं इतना नकारात्मक सोच से कितना पीछे काश ऐसा होता तो आज ही थे आज यह नहीं देखना पड़ता खास पहले कर लिया होता तो आज ऐसा ना होता था उसकी बात मान लेता हूं जितना आप का शिकार पिछले तपे का शिकार पिछले साल खास का 2 साल पहले कर लिया होता तो तो सरिता पीछा सोचेंगे उतना हमारा भविष्य नकारात्मक बनता रहेगा हाउस में उलझन में फंसे रहेंगे काश काश के चक्कर में आप काश काश ना करो जो अभी वर्तमान में चल रहा है करो जितना अच्छा सोचोगे उतना आपको दुख मिलेगा और ज्यादा दुख मिलेगा फिर आप आगे का काम नहीं कर सकते आप आगे के काम में भीग जाओगे जो कल रात निकल गया उसे भूल जाऊं किसके साथ हमारा झगड़ा हुआ था किसके साथ हमारा लेना-देना हुआ था उसने मुझे ऐसा बोल दिया मैंने ऐसा बोल दिया था ऐसा हो गया छोड़कर जाओगे बस यह समझ कि आपका नया दिनचर्या आरंभ हो गया है आप इसी में ही अपना देखो सब की आदत होती है दोस्तों मेरी भी आदत थी पहले योगा करने से पहले मैं भी अब बहुत सोचता था खास में पहले कर लिया होता मैं इतना उलझन में फंस जाता था कि बाहर निकालना बहुत ही मुश्किल हुआ करता था मेरे को कैसे-कैसे करके तू से बाहर निकलना बहुत मुश्किल होता है जब मुझे होगा कि फिल्माया योगा ग्रुप वालों से मिला उनसे बातचीत के लिए प्राणायाम किया योगासन की स्थिति में नकारात्मक ऊर्जा नीति में कनेक्टिविटी है जो मैं सोचता रहता था वह दूर होती चली गई क्यों मिलता है सत्संग मिलता है योगा करने हमारी बॉडी फिट रहती है मन एकदम उत्साह से भरा रहता है आलस्य पन का मात्र जाता है तो सॉन्ग आधी युवा करें प्रणाम करें आप ही मेरी तरह अच्छी सोच रखें और आपको भी अच्छा करने का मौका मिलेगा इस उलझन से बाहर निकालने के लिए एक ही करीब चल रहा है उसमें संतोष रहो खुश रहो आनंद रहो पीछे जो गया सो गया लेकिन अपना आगे का देखो और इसे दूर को हटने के लिए भगवान की सेवा करो कर्म करो धर्म कार्य करो लोगों के अच्छे लोगों के बीच में रहो तो आपको मन में किसी प्रकार का उलझन नहीं पड़ेगा तो मैसेज दोस्तों के बीच में रहोगे जिसे आता नहीं पता नहीं तुमने उससे पूछना मैं विशेष कैसे करूं उसे ठेले पर का पता नहीं और घाटे में डाल दिया और डरा धमका दिया अच्छे लोगों के साथ रहो यह कैडर हो उनसे पूछ लूंगा तो हाजी क्या करना क्या करना है जो सुलझा हुआ व्यक्ति रहता है जो हर समाज में आगे रहता है उनसे पूछना चाहिए कुछ सीखना चाहिए बुजुर्गों के धोरे रहना चाहिए हमारे बुजुर्ग ताऊ जी दादाजी उनके दो रे गाना चाहिए उन से हमें बहुत कुछ सीखने को मिलता है तो उसको बहुत आती पर मोबाइल साइट रखकर के उनके दौरे पर बैठो 1 दिन 2 दिन 3 दिन 4 दिन आपको ऐसा ज्ञान मिलेगा सूचना विज्ञान आपको मोबाइल में नहीं मिलेगा आनंद में रहो व्यस्त रहो जय माता दी

hari om namaskar doston sabhi vaah kal group ke member ko mera namaskar doston aapka prashna hai apne man ki uljhan ko kaise dur kare hum apni dincharya me vyast rehte hain is par soch vichar karte hain itna nakaratmak soch se kitna peeche kash aisa hota toh aaj hi the aaj yah nahi dekhna padta khas pehle kar liya hota toh aaj aisa na hota tha uski baat maan leta hoon jitna aap ka shikaar pichle tape ka shikaar pichle saal khas ka 2 saal pehle kar liya hota toh toh sarita picha sochenge utana hamara bhavishya nakaratmak banta rahega house me uljhan me fanse rahenge kash kash ke chakkar me aap kash kash na karo jo abhi vartaman me chal raha hai karo jitna accha sochoge utana aapko dukh milega aur zyada dukh milega phir aap aage ka kaam nahi kar sakte aap aage ke kaam me bheeg jaoge jo kal raat nikal gaya use bhool jaaun kiske saath hamara jhagda hua tha kiske saath hamara lena dena hua tha usne mujhe aisa bol diya maine aisa bol diya tha aisa ho gaya chhodkar jaoge bus yah samajh ki aapka naya dincharya aarambh ho gaya hai aap isi me hi apna dekho sab ki aadat hoti hai doston meri bhi aadat thi pehle yoga karne se pehle main bhi ab bahut sochta tha khas me pehle kar liya hota main itna uljhan me fans jata tha ki bahar nikalna bahut hi mushkil hua karta tha mere ko kaise kaise karke tu se bahar nikalna bahut mushkil hota hai jab mujhe hoga ki filmaya yoga group walon se mila unse batchit ke liye pranayaam kiya yogasan ki sthiti me nakaratmak urja niti me connectivity hai jo main sochta rehta tha vaah dur hoti chali gayi kyon milta hai satsang milta hai yoga karne hamari body fit rehti hai man ekdam utsaah se bhara rehta hai aalasya pan ka matra jata hai toh song aadhi yuva kare pranam kare aap hi meri tarah achi soch rakhen aur aapko bhi accha karne ka mauka milega is uljhan se bahar nikalne ke liye ek hi kareeb chal raha hai usme santosh raho khush raho anand raho peeche jo gaya so gaya lekin apna aage ka dekho aur ise dur ko hatane ke liye bhagwan ki seva karo karm karo dharm karya karo logo ke acche logo ke beech me raho toh aapko man me kisi prakar ka uljhan nahi padega toh massage doston ke beech me rahoge jise aata nahi pata nahi tumne usse poochna main vishesh kaise karu use thele par ka pata nahi aur ghate me daal diya aur dara dhamka diya acche logo ke saath raho yah cadre ho unse puch lunga toh haji kya karna kya karna hai jo suljha hua vyakti rehta hai jo har samaj me aage rehta hai unse poochna chahiye kuch sikhna chahiye bujurgon ke dhore rehna chahiye hamare bujurg taau ji dadaji unke do ray gaana chahiye un se hamein bahut kuch sikhne ko milta hai toh usko bahut aati par mobile site rakhakar ke unke daure par baitho 1 din 2 din 3 din 4 din aapko aisa gyaan milega soochna vigyan aapko mobile me nahi milega anand me raho vyast raho jai mata di

हरि ओम नमस्कार दोस्तों सभी वह कल ग्रुप के मेंबर को मेरा नमस्कार दोस्तों आपका प्रश्न है अपन

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DR OM PRAKASH SHARMA

Principal, Education Counselor, Best Experience in Professional and Vocational Education cum Training Skills and 25 years experience of Competitive Exams. 9212159179. dsopsharma@gmail.com

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अपने मन की उलझन को कैसे दूर करें उस दिन क्या है क्यों है किस बात पर आधारित है वह उसका काम जाने अपन को किसी के सामने रखें उसकी रहे हो जानू और इस उलझन को हल कैसे किया जा सकता है यह उपाय गाना खुद नहीं पता एक बुद्धिजीवी के माध्यम से अपने गुरुजन की मदद के विश्वासपात्र व्यक्ति के माता-पिता की स्थिति में रहेंगे जब अपनी बात सामने रख सकेंगे तो इंसान को पिजन मिला देते हैं उनकी 150 कोई दिन को दूर करते हैं

apne man ki uljhan ko kaise dur kare us din kya hai kyon hai kis baat par aadharit hai vaah uska kaam jaane apan ko kisi ke saamne rakhen uski rahe ho janu aur is uljhan ko hal kaise kiya ja sakta hai yah upay gaana khud nahi pata ek buddhijeevi ke madhyam se apne gurujan ki madad ke vishwasapatra vyakti ke mata pita ki sthiti me rahenge jab apni baat saamne rakh sakenge toh insaan ko paijan mila dete hain unki 150 koi din ko dur karte hain

अपने मन की उलझन को कैसे दूर करें उस दिन क्या है क्यों है किस बात पर आधारित है वह उसका काम

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Dr.Nisha Joshi

Psychologist

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बहुत ही अच्छा प्रश्न अपने मन की उलझन को कैसे दूर करें यह बहुत ही सिंपल तरीका है अपने मन की उलझन को दूर करने का जब भी आप मन में कुछ सोचते हो और उस दिन आती है तो किसी से पूछ लीजिए अपने 1 को पूछेगा उसको पूछ लिया तो आपको कोई बात ना हो गर्लफ्रेंड या बॉयफ्रेंड भी हो उसे पिंपल दरी का ट्रस्टी बात बताइएगा

bahut hi accha prashna apne man ki uljhan ko kaise dur kare yah bahut hi simple tarika hai apne man ki uljhan ko dur karne ka jab bhi aap man mein kuch sochte ho aur us din aati hai toh kisi se puch lijiye apne 1 ko puchhega usko puch liya toh aapko koi baat na ho girlfriend ya boyfriend bhi ho use pimple dari ka trustee baat bataiega

बहुत ही अच्छा प्रश्न अपने मन की उलझन को कैसे दूर करें यह बहुत ही सिंपल तरीका है अपने मन की

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Mehnaz Amjad

Certified Life Coach

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आपका सवाल है कि आप अपने मन की उलझन को कैसे दूर करें देखिए आपके मन में क्या उलझन है आया अपने स्पष्ट तौर पर नहीं बताया कि कहना मुश्किल है कि अब तक दूर कैसे करें लेकिन एक टिप मैं आपको दे सकती हूं यहां पर के यह उलझन किस से जुड़ी हुई है यह तो आपको पता होगी अगर किसी रिश्ते से जुड़ी है तो कोशिश कीजिए बातचीत करके सुलझाने की अगर आपको यह लगता है कि कोई अच्छी पार्ट आपको चाहिए तो किसी काउंसलर रिलेशनशिप काउंसलर से मिले अगर यह उलझन सेहत को लेकर हेल्थ को लेकर है तो स्पेशलिस्ट डॉक्टर्स है जनरल फिजिशियन सन से मिले अगर योजन इन सबसे हटके किसी और चीज को लेकर है तो जिस भी एरिया में यह उलझन आपकी आती है मन की उलझन पूछना चाहते हो पहले आप यह पता करें कि क्या यह आपके आप किसी अपने टीचर या किसी कोई ज्ञानी या कोई ज्यादा अनुभवी मेंबर आपके या तो शामली के कोई व्यक्ति हो सकते हैं बाहर उनसे अगर आप बातचीत करोगे तो क्या यह सुलक सकती है तो कोशिश पहली चीज उनका क्लोज कीजिए और उनसे बातचीत कीजिए उनसे जी डिस्कस कीजिए अगर आपको लगता है कि इस डिस्कशन से नहीं सुना सकती और किसी एक्सपर्ट की जरूरत है इसमें तो वह जिस जिस भी क्षेत्र में आपकी योजना एक्सपोर्ट को ढूंढिए और फिर उनसे यह चीज शेयर करके इसका समाधान निकाल लिया धन्यवाद

aapka sawaal hai ki aap apne man ki uljhan ko kaise dur kare dekhiye aapke man mein kya uljhan hai aaya apne spasht taur par nahi bataya ki kehna mushkil hai ki ab tak dur kaise kare lekin ek tip main aapko de sakti hoon yahan par ke yah uljhan kis se judi hui hai yah toh aapko pata hogi agar kisi rishte se judi hai toh koshish kijiye batchit karke suljhane ki agar aapko yah lagta hai ki koi achi part aapko chahiye toh kisi counselor Relationship counselor se mile agar yah uljhan sehat ko lekar health ko lekar hai toh specialist doctors hai general physican san se mile agar yojan in sabse hatake kisi aur cheez ko lekar hai toh jis bhi area mein yah uljhan aapki aati hai man ki uljhan poochna chahte ho pehle aap yah pata kare ki kya yah aapke aap kisi apne teacher ya kisi koi gyani ya koi zyada anubhavi member aapke ya toh shamili ke koi vyakti ho sakte hain bahar unse agar aap batchit karoge toh kya yah sulak sakti hai toh koshish pehli cheez unka close kijiye aur unse batchit kijiye unse ji discs kijiye agar aapko lagta hai ki is discussion se nahi suna sakti aur kisi expert ki zarurat hai isme toh vaah jis jis bhi kshetra mein aapki yojana export ko dhundhiye aur phir unse yah cheez share karke iska samadhan nikaal liya dhanyavad

आपका सवाल है कि आप अपने मन की उलझन को कैसे दूर करें देखिए आपके मन में क्या उलझन है आया अपन

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Manish Sharma

Hypnotherapist and Founder, SecondSightIndia

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अपने मन की उलझन को कैसे दूर करें सबसे पहला है कि आप मन की उलझन को दूर करने के लिए उस अगर बात को हटा सकते हैं दिमाग से तो हटाए 10 मिनट के लिए मेडिटेशन करें फ्रेश हो जाए अपने आप मन की उलझन ए कम होने लगेंगे और कोशिश करो उसका हल निकाले जिस चीज की उलझन है और आगरा हल नहीं निकलने वाला तो उसको माइंड से डिलीट करें

apne man ki uljhan ko kaise dur kare sabse pehla hai ki aap man ki uljhan ko dur karne ke liye us agar baat ko hata sakte hain dimag se toh hataye 10 minute ke liye meditation kare fresh ho jaaye apne aap man ki uljhan a kam hone lagenge aur koshish karo uska hal nikale jis cheez ki uljhan hai aur agra hal nahi nikalne vala toh usko mind se delete karen

अपने मन की उलझन को कैसे दूर करें सबसे पहला है कि आप मन की उलझन को दूर करने के लिए उस अगर ब

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Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

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अपने मन की उलझन को कैसे दूर करें बहुत सारी समस्याएं ऐसी आती है हम डिसाइड नहीं कर पाते हैं कि हमें किस तरफ जाना है ऐसी संख्या कभी कभी जिंदगी में आ जाते हैं कमजोर है या चौराहे पर खड़े हो जाते हैं कि हम से नहीं कर सकते हैं कि हमें क्या करना चाहिए हमें इस समस्या से कैसे लिखना चाहिए रास्ते में मालूम होते हैं हम सब रात को कोसते हैं और यह जरूरी होता है क्या कोई समस्या से हम गिर गए हैं तो उससे निकलने के लिए सभी रास्तों का अभ्यास करें और सोचे समझे क्या करेंगे तो उसके क्या परिणाम होंगे और उस रास्ते जाएंगे तो क्या परिणाम होंगे इस तरह से शब्दों का अभ्यास करके और उसमें जो सही रास्ता हो उससे कम से कम नुकसानी हो कम से कम दुख हो और हम जल्दी से जल्दी समस्या से बाहर उसी रात को को चुनना चाहिए इस तरह से मन की उलझन हम दूर कर सकते हैं बाकी समस्याओं से कर खाली उलझे रहेंगे स्वामी की समस्याओं से घिरे रहेंगे और रंगाजी मानसिक आदत बिगड़ की टेंशन होगा फिर भाभी के प्रश्न आएगा लेकिन वह कोई समस्या का विचार नहीं है इसलिए समस्याओं का निकलने का मार्ग सोचना चाहिए और जो सही रास्ता उसके लेना चाहिए

apne man ki uljhan ko kaise dur kare bahut saree samasyaen aisi aati hai hum decide nahi kar paate hain ki hamein kis taraf jana hai aisi sankhya kabhi kabhi zindagi mein aa jaate hain kamjor hai ya chauraahe par khade ho jaate hain ki hum se nahi kar sakte hain ki hamein kya karna chahiye hamein is samasya se kaise likhna chahiye raste mein maloom hote hain hum sab raat ko koste hain aur yah zaroori hota hai kya koi samasya se hum gir gaye hain toh usse nikalne ke liye sabhi raston ka abhyas kare aur soche samjhe kya karenge toh uske kya parinam honge aur us raste jaenge toh kya parinam honge is tarah se shabdon ka abhyas karke aur usme jo sahi rasta ho usse kam se kam nuksani ho kam se kam dukh ho aur hum jaldi se jaldi samasya se bahar usi raat ko ko chunana chahiye is tarah se man ki uljhan hum dur kar sakte hain baki samasyaon se kar khaali ulajhe rahenge swami ki samasyaon se ghire rahenge aur rangaji mansik aadat bigad ki tension hoga phir bhabhi ke prashna aayega lekin vaah koi samasya ka vichar nahi hai isliye samasyaon ka nikalne ka marg sochna chahiye aur jo sahi rasta uske lena chahiye

अपने मन की उलझन को कैसे दूर करें बहुत सारी समस्याएं ऐसी आती है हम डिसाइड नहीं कर पाते हैं

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Nitish Kumar

RRB Railway JE

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अपने मन की उलझन को दूर करने के लिए आपको अच्छे काम में व्यस्त हो जाना चाहिए और अच्छे काम में इतना बिजी हो जाए कि आपकी मन की उलझन को दूर हो जाएगा आप सिर्फ वही काम कर सोचेंगे जो काम करेंगे और जिस में बिजी रहेंगे

apne man ki uljhan ko dur karne ke liye aapko acche kaam mein vyast ho jana chahiye aur acche kaam mein itna busy ho jaaye ki aapki man ki uljhan ko dur ho jaega aap sirf wahi kaam kar sochenge jo kaam karenge aur jis mein busy rahenge

अपने मन की उलझन को दूर करने के लिए आपको अच्छे काम में व्यस्त हो जाना चाहिए और अच्छे काम मे

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Beer Singh Rajput

Career Counsellor & Lecturer.

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अपने मन की उलझन दूर करने के लिए हमें अपने मन की गांठे किसी के सामने खोलना पड़ेगा तो मन की उलझन दूर हो जाएगी कृष्ण की दो परिस्थितियों के बीच में है उनमें से आपको एक का चयन करना है तो उसके लिए आप निश्चित रूप से विकल्प लिख दीजिए उनका विकल्प का चयन कर ली होती है इसलिए अपने मन की बात किसी समझदार व्यक्ति के सामने रखी है आपको दर्शन कितने के ऊपर आपको जो अच्छा लगे और मैसेज

apne man ki uljhan dur karne ke liye hamein apne man ki ganthe kisi ke saamne kholna padega toh man ki uljhan dur ho jayegi krishna ki do paristhitiyon ke beech mein hai unmen se aapko ek ka chayan karna hai toh uske liye aap nishchit roop se vikalp likh dijiye unka vikalp ka chayan kar li hoti hai isliye apne man ki baat kisi samajhdar vyakti ke saamne rakhi hai aapko darshan kitne ke upar aapko jo accha lage aur massage

अपने मन की उलझन दूर करने के लिए हमें अपने मन की गांठे किसी के सामने खोलना पड़ेगा तो मन की

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आपका प्रश्न है आप अपने मन की उलझन को कैसे दूर करें बस अच्छा पोस्ट है कभी भी आपके मन मोचन हो और शांति आईटीआई पेपर ले एक पहले जो भी आपके मन में विचार आते जाते हैं उनको लिखते जाओ थोड़ी देर में आओगे कि जो आपके विचार अभी थे थोड़ी देर के बाद हुए वापस चेंज हो गए फिर देखो एक विचार ऐसे फालतू आए और है ऐसे ही होता विचार हो तो स्कूल जाना समझे आप बैठी है थोड़ी देर शांत से बढ़िया अपने मुल्क पर और लाचारी जवाब होना चाहता है विचार देखोगे तो विचार तो चाचा से यह आकाश में पंछी उड़ते हैं अभी-अभी उड़े पता नहीं कहां गए ऐसे विचार

aapka prashna hai aap apne man ki uljhan ko kaise dur kare bus accha post hai kabhi bhi aapke man mochan ho aur shanti iti paper le ek pehle jo bhi aapke man mein vichar aate jaate hain unko likhte jao thodi der mein aaoge ki jo aapke vichar abhi the thodi der ke baad hue wapas change ho gaye phir dekho ek vichar aise faltu aaye aur hai aise hi hota vichar ho toh school jana samjhe aap baithi hai thodi der shaant se badhiya apne mulk par aur lachari jawab hona chahta hai vichar dekhoge toh vichar toh chacha se yah akash mein panchhi udte hain abhi abhi ude pata nahi kaha gaye aise vichar

आपका प्रश्न है आप अपने मन की उलझन को कैसे दूर करें बस अच्छा पोस्ट है कभी भी आपके मन मोचन ह

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Pramodan swami (PK.VERMAN)

Prem Hi Dharm Hai Premi Karm Hi Prem Hi Safar

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आपने पूछा है कि अपने मन की उलझन को कैसे दूर करें आपको जब तक संसार की निरंतरता पता नहीं चलेगी अब उनसे ही रहेंगे आपको लगता ही रहेगा किचन में कुछ है ज्यादा पैसे कमाने के बाद आनंदित रहेंगे या सुंदर स्त्री के साथ उसे भोगने के बाद आनंदित रहेंगे या कर लेने के बाद आनंदित रहेंगे इसमें उसमें पद में प्रतिष्ठा में कुछ ना कुछ में आप काटकर लगा रहेगा लेकिन जब तक आप को निजी अर्थ था पता नहीं चलेगी की कितनी बीवियां भूख लो हाथ फिर भी खाली है कितना भी धन इकट्ठा कर लो जिंदगी यूं ही गुजर ही जाती है और आप किसी भी विचार के प्रति ईमानदार रहे निस्वार्थ रहे उसमें बहना जैसे कि आप किसी समुद्र के तट पर खड़ी हूं और लहरें आती है जाती है आती है जाती है ऐसे विचार हैं आपके मन में अब उनके साथ बह थोड़ा सी जाते हैं आप सिर्फ खड़े होकर देखते रहते हैं ऐसे ही आप अपने मन में साक्षी भाव प्रकट करें विचार आएं आप देखें जाएं आप देखें सिर्फ देखे उनमें बहना आपका मन शांत हो जाएगा अगर आप उन में बह जाते हैं तो अशांति उसी से आती हैं आप बिल्कुल सरल रहे बिल्कुल सरल शांति उलझा में नहीं बिल्कुल सरलता में आती है शांत रहें और लोगों को देखें और सुनें कुछ बोले नहीं बस

aapne poocha hai ki apne man ki uljhan ko kaise dur kare aapko jab tak sansar ki nirantarata pata nahi chalegi ab unse hi rahenge aapko lagta hi rahega kitchen me kuch hai zyada paise kamane ke baad anandit rahenge ya sundar stree ke saath use bhogane ke baad anandit rahenge ya kar lene ke baad anandit rahenge isme usme pad me prathishtha me kuch na kuch me aap katkar laga rahega lekin jab tak aap ko niji arth tha pata nahi chalegi ki kitni biwiyaan bhukh lo hath phir bhi khaali hai kitna bhi dhan ikattha kar lo zindagi yun hi gujar hi jaati hai aur aap kisi bhi vichar ke prati imaandaar rahe niswarth rahe usme bahna jaise ki aap kisi samudra ke tat par khadi hoon aur laharen aati hai jaati hai aati hai jaati hai aise vichar hain aapke man me ab unke saath wah thoda si jaate hain aap sirf khade hokar dekhte rehte hain aise hi aap apne man me sakshi bhav prakat kare vichar aaen aap dekhen jayen aap dekhen sirf dekhe unmen bahna aapka man shaant ho jaega agar aap un me wah jaate hain toh ashanti usi se aati hain aap bilkul saral rahe bilkul saral shanti uljha me nahi bilkul saralata me aati hai shaant rahein aur logo ko dekhen aur sunen kuch bole nahi bus

आपने पूछा है कि अपने मन की उलझन को कैसे दूर करें आपको जब तक संसार की निरंतरता पता नहीं च

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दिखे तो सवाल है कि अपने मन की उलझन को कैसे दूर करें कि मन में जो उलझन होता है उसके मुख्य रूप से दो भुजाएं होती हैं भला तो होता है कॉन्फिडेंस की कमी भी होती है उसमें और दूसरा भविष्य की चिंता होती है जैसे मान लीजिए कोई लाइफ में ऐसा डिसीजन लेना है आगे बढ़ने के लिए तुरंत चेंज करते हैं तो उसमें से आप किसी भी विकल्प कोशिश कर सकते हैं क्योंकि आप को कॉल करना है आपको कोई काम करना है यदि आप उसमें अपना रुचि रखते हैं और करते हैं केवल करना है भले ही खराब हो या कुछ हो आपको उसे अच्छा बना देना तो बन ही जाएगा वह भी खराब था कैसे खराब नहीं कभी इसमें कॉन्फिडेंस की कमी आपके पास आत्मविश्वास है तो आप आगे बढ़ेंगे उसमें निपुणता के संयोजक लिए टेंशन होती है उसे थोड़ी उलझन लगाओ सही पैदा होता है यदि किसी रिश्ते को लेकर उलझन है तो लगाओ से पैदा होता है उसमें लगाव है आपको भविष्य की चिंता है उसमें रिलेशन में क्या होगा यह क्या होगा पहले उसे सोचना बंद कीजिए और सीधा अपने काम पर ध्यान दीजिए आपको विकल्प कैसा भी मिले उसे आपको अच्छा बना देना है कोई भी विकल्प कोई भी डिसीजन मेरे हिसाब से खराब नहीं होता उसे अपने से अच्छे में तब्दील करना होता है अपना कॉन्फिडेंस और अपने निपुणता के साथ जो कम होते हैं ब्रेड नीचे होते हैं उसके साथ गुजन है ही नहीं इसमें कुछ भी उलझन नहीं आप आसानी से बढ़ सकते हैं

dikhen toh sawaal hai ki apne man ki uljhan ko kaise dur kare ki man mein jo uljhan hota hai uske mukhya roop se do bhujaen hoti hain bhala toh hota hai confidence ki kami bhi hoti hai usme aur doosra bhavishya ki chinta hoti hai jaise maan lijiye koi life mein aisa decision lena hai aage badhne ke liye turant change karte hain toh usme se aap kisi bhi vikalp koshish kar sakte hain kyonki aap ko call karna hai aapko koi kaam karna hai yadi aap usme apna ruchi rakhte hain aur karte hain keval karna hai bhale hi kharab ho ya kuch ho aapko use accha bana dena toh ban hi jaega vaah bhi kharab tha kaise kharab nahi kabhi isme confidence ki kami aapke paas aatmvishvaas hai toh aap aage badhenge usme nipunata ke sanyojak liye tension hoti hai use thodi uljhan lagao sahi paida hota hai yadi kisi rishte ko lekar uljhan hai toh lagao se paida hota hai usme lagav hai aapko bhavishya ki chinta hai usme relation mein kya hoga yah kya hoga pehle use sochna band kijiye aur seedha apne kaam par dhyan dijiye aapko vikalp kaisa bhi mile use aapko accha bana dena hai koi bhi vikalp koi bhi decision mere hisab se kharab nahi hota use apne se acche mein tabdil karna hota hai apna confidence aur apne nipunata ke saath jo kam hote hain bread niche hote hain uske saath gujan hai hi nahi isme kuch bhi uljhan nahi aap aasani se badh sakte hain

दिखे तो सवाल है कि अपने मन की उलझन को कैसे दूर करें कि मन में जो उलझन होता है उसके मुख्य र

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