आकर्षण का नियम या लॉ ऑफ़ अट्रैक्शन – क्या है?...


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Karan Janwa

Automobile Engineer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आकर्षण के नियम का सिद्धांत के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन के द्वारा दिया गया था उनके अनुसार किसी वस्तु को अपनी ओर आकर्षित कर रही है और इन्हीं दोनों के बीच में आकर्षण के समानुपाती होता है और उसको भी साफ दिखे तो दुनिया में हर एक चीज उसको अटैक कर रहे हैं आध्यात्मिक तरीके से देखें तो हमारे विचार भी एक वस्तु हैं हमारे विचार किसी वस्तु को पाना चाहता है उसको पाने के लिए बार-बार विचार करते हैं अपने मस्तिष्क में कुछ भी निर्मित करते हैं वह चीज हमारी तरफ आकर्षित होती है जब हम पॉजिटिव सोचते हैं तो पॉजिटिव कैसे करती है यही आकर्षण का नियम है जिसे सब सोचते हो सब बन जाते हो

aakarshan ke niyam ka siddhant ke rashtriya adhyaksh nitin ke dwara diya gaya tha unke anusaar kisi vastu ko apni aur aakarshit kar rahi hai aur inhin dono ke beech mein aakarshan ke samanupati hota hai aur usko bhi saaf dikhe toh duniya mein har ek cheez usko attack kar rahe hain aadhyatmik tarike se dekhen toh hamare vichar bhi ek vastu hain hamare vichar kisi vastu ko paana chahta hai usko paane ke liye baar baar vichar karte hain apne mastishk mein kuch bhi nirmit karte hain vaah cheez hamari taraf aakarshit hoti hai jab hum positive sochte hain toh positive kaise karti hai yahi aakarshan ka niyam hai jise sab sochte ho sab ban jaate ho

आकर्षण के नियम का सिद्धांत के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन के द्वारा दिया गया था उनके अनुसार कि

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Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

1:58

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आकर्षण का नियम सर आइज़क न्यूटन हो जाता वह बगीचे में बैठे थे और ऊपर से सेब का पेड़ के नीचे से ऊपर से नीचे गिरा तब उन्होंने दिमाग में सोचा कि इसलिए उन्होंने सिद्धांत को निकाला कि गुरुत्वाकर्षण का नियम होता है इस पृथ्वी के दो ध्रुव होते हैं उत्तर ध्रुव और दक्षिणी दोनों एक दूसरे को अपने अंदर आकर्षित एक दूसरे को करते रहते हैं उत्तर और दक्षिण ध्रुव होते हैं वह एक दूसरे को आकर्षित करते हैं जो आसमान के ऊपर जो वीडियो सेंड किए हो कि दो और समान तो एक दूसरे को आकर्षित होते हैं और दो समान ध्रुव एक दूसरे को परिवर्तित करते हैं उत्तर जरूर होता है वह प्रकाशित करता है और एक दूसरे को आकर्षित करता इस तरह से आकर्षण का नियम आया इस संसार में भी इसी तरह से दोनों की तरह रोज अंडर है वह भी एक दूसरे की ओर आकर्षित होती हैं और उसे आकर्षण का नियम है उनका जाता है समान विचार वाले भी एक दूसरे का आकर्षित होते असमान जो सहयात्री की एक दूसरे की ओर आकर्षित होकर यात्रा पूरी करते इसी तरह से या कश्मीर का नियम संसार में अपने आप काम करता रहता है

aakarshan ka niyam sir isaac newton ho jata vaah bagiche mein baithe the aur upar se seb ka ped ke niche se upar se niche gira tab unhone dimag mein socha ki isliye unhone siddhant ko nikaala ki gurutvaakarshan ka niyam hota hai is prithvi ke do dhruv hote hain uttar dhruv aur dakshini dono ek dusre ko apne andar aakarshit ek dusre ko karte rehte hain uttar aur dakshin dhruv hote hain vaah ek dusre ko aakarshit karte hain jo aasman ke upar jo video send kiye ho ki do aur saman toh ek dusre ko aakarshit hote hain aur do saman dhruv ek dusre ko parivartit karte hain uttar zaroor hota hai vaah prakashit karta hai aur ek dusre ko aakarshit karta is tarah se aakarshan ka niyam aaya is sansar mein bhi isi tarah se dono ki tarah roj under hai vaah bhi ek dusre ki aur aakarshit hoti hain aur use aakarshan ka niyam hai unka jata hai saman vichar waale bhi ek dusre ka aakarshit hote asamaan jo sahyatri ki ek dusre ki aur aakarshit hokar yatra puri karte isi tarah se ya kashmir ka niyam sansar mein apne aap kaam karta rehta hai

आकर्षण का नियम सर आइज़क न्यूटन हो जाता वह बगीचे में बैठे थे और ऊपर से सेब का पेड़ के नीचे

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आकर्षण का नियम यानी कि लॉ ऑफ अट्रैक्शन एक ऐसी चीज है दोस्तों जो आपके सोच को आपकी लाइफ को चेंज कर सकती है जैसे कि आपने स्कूल में पढ़ा होगा गुरुत्वाकर्षण का नियम ग्रेविटी लॉक ग्रेविटी एनी कोई भी चीज जब हम ऊपर फेंकते हैं तो वह नीचे आती है क्योंकि उसके पीछे जाने की धरती के अंदर ग्रेविटेशनल फोर्स होता है जिसकी वजह से कोई भी चीज नीचे खींच भी आती है तो यह नियम हर जगह पर लागू होता है तो वैसे ही एक लॉ ऑफ अट्रैक्शन होता है जिसको हम आकर्षण का नियम कहते हैं उसका नियम ऐसा होता है कि हम अपने दिमाग के जरिए कोई भी चीज जो सोचते हैं उसको जब विजुलाइज करते पिक्चर के माध्यम से वह चीज हमारी जिंदगी में होने लगती है जब हम उस चीज के बारे में ज्यादा सोचते हैं और दिन-रात उसी के बारे में चिंतन करते मनन का पुरुष को फील करते हैं महसूस करते हैं कि वह चीजें मेरी जिंदगी में है कि मुझे मिलने वाली है तो उस समय वह आकर्षण का नियम हमारी लाइफ में काम कर रहा होता है चाहे आप नेगेटिव चीजें सोचे कि पॉजिटिव चीजें सूची दोनों ही चीज आपको मिलेगी क्योंकि आकर्षण का नियम यह बिल्कुल परवाह नहीं करता कि आप अच्छा सोच रहे या बुरा सोच रहे हो वह तो सिर्फ आपकी सोच पर निर्भर करता है कि आप क्या सोच रहे हो तो हमेशा याद रखें कि आप जो भी सोच रहे हो वह आपकी जिंदगी में आपको मिलने वाला है तो जाहिर सी बात है वही सोचिए या वही विजुलाइज कीजिए जो आप जिंदगी में चाहते हो ना कि वह सोचती है जो आप नहीं चाहते व्हाट इस कॉल लॉ ऑफ अट्रैक्शन

aakarshan ka niyam yani ki law of attraction ek aisi cheez hai doston jo aapke soch ko aapki life ko change kar sakti hai jaise ki aapne school mein padha hoga gurutvaakarshan ka niyam gravity lock gravity any koi bhi cheez jab hum upar phenkate hain toh vaah niche aati hai kyonki uske peeche jaane ki dharti ke andar gravitational force hota hai jiski wajah se koi bhi cheez niche khinch bhi aati hai toh yah niyam har jagah par laagu hota hai toh waise hi ek law of attraction hota hai jisko hum aakarshan ka niyam kehte hain uska niyam aisa hota hai ki hum apne dimag ke jariye koi bhi cheez jo sochte hain usko jab vijulaij karte picture ke madhyam se vaah cheez hamari zindagi mein hone lagti hai jab hum us cheez ke bare mein zyada sochte hain aur din raat usi ke bare mein chintan karte manan ka purush ko feel karte hain mehsus karte hain ki vaah cheezen meri zindagi mein hai ki mujhe milne wali hai toh us samay vaah aakarshan ka niyam hamari life mein kaam kar raha hota hai chahen aap Negative cheezen soche ki positive cheezen suchi dono hi cheez aapko milegi kyonki aakarshan ka niyam yah bilkul parvaah nahi karta ki aap accha soch rahe ya bura soch rahe ho vaah toh sirf aapki soch par nirbhar karta hai ki aap kya soch rahe ho toh hamesha yaad rakhen ki aap jo bhi soch rahe ho vaah aapki zindagi mein aapko milne vala hai toh jaahir si baat hai wahi sochiye ya wahi vijulaij kijiye jo aap zindagi mein chahte ho na ki vaah sochti hai jo aap nahi chahte what is call law of attraction

आकर्षण का नियम यानी कि लॉ ऑफ अट्रैक्शन एक ऐसी चीज है दोस्तों जो आपके सोच को आपकी लाइफ को च

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