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Isu Vasava

PASTOR in CHURCH.

0:20
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हां पर मैं इस वर्ष अब तक जो सर्वशक्तिमान है जिसने आकाश को से बना है वह है लेकिन वह आज स्वर्ग में बैठे लेकर उसका तीसरा व्यक्तित्व पवित्र आत्मा वह हमारे शरीर में बात करता है

haan par main is varsh ab tak jo sarvshaktimaan hai jisne akash ko se bana hai vaah hai lekin vaah aaj swarg me baithe lekar uska teesra vyaktitva pavitra aatma vaah hamare sharir me baat karta hai

हां पर मैं इस वर्ष अब तक जो सर्वशक्तिमान है जिसने आकाश को से बना है वह है लेकिन वह आज स्वर

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ऐसे और सवाल
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bhaand's Theatre and Acting Classes

Acting And drama Coach Casting director Drama Director

1:12
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भगवान होते हैं या नहीं होते आज तक इसका कोई प्रमाण नहीं है किसी ने देखा नहीं है मुझे तो आज तक ऐसा कोई नहीं मिला जिसने यह बोला हो कि भगवान है या भगवान नहीं तू अभी तक तो मेरे सामने यही रहा है कि भगवान से मंदिरों में है तस्वीरों में है आस्था में है हकीकत में है या नहीं यह मुझ में नहीं जानता लेकिन जहां तक मैं समझता हूं जो मैंने देखा नहीं है तो नहीं है भगवान अभी और यह जरूरी है आपका मन क्या बोलता आपके मन में कितना विश्वास मेरे मेरे दिल दिमाग में आता है लेकिन नाम भगवान है ऐसा कहीं भी मुझे नजर नहीं आता क्योंकि मैंने महसूस नहीं किया अभी तक कि भगवान है तो मैं यही कहूंगा कि अगर आप शहर के आस्था रखते हैं तो बाकी श्रद्धा और आस्था में है भगवान लेकिन हकीकत की जिंदगी में रियल लाइफ में यहां वहां के ढूंढे भगवान

bhagwan hote hain ya nahi hote aaj tak iska koi pramaan nahi hai kisi ne dekha nahi hai mujhe toh aaj tak aisa koi nahi mila jisne yah bola ho ki bhagwan hai ya bhagwan nahi tu abhi tak toh mere saamne yahi raha hai ki bhagwan se mandiro me hai tasviron me hai astha me hai haqiqat me hai ya nahi yah mujhse me nahi jaanta lekin jaha tak main samajhata hoon jo maine dekha nahi hai toh nahi hai bhagwan abhi aur yah zaroori hai aapka man kya bolta aapke man me kitna vishwas mere mere dil dimag me aata hai lekin naam bhagwan hai aisa kahin bhi mujhe nazar nahi aata kyonki maine mehsus nahi kiya abhi tak ki bhagwan hai toh main yahi kahunga ki agar aap shehar ke astha rakhte hain toh baki shraddha aur astha me hai bhagwan lekin haqiqat ki zindagi me real life me yahan wahan ke dhundhe bhagwan

भगवान होते हैं या नहीं होते आज तक इसका कोई प्रमाण नहीं है किसी ने देखा नहीं है मुझे तो आज

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Nishant Kr. Sharma

Social Worker And Advocate

1:27
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जी हां बिल्कुल भगवान होते हैं और यह मानने के लिए बहुत सारे उदाहरण हैं आप यह समझ सोचते होंगे कि भगवान दिखाई नहीं देता भगवान किसी ने देखा नहीं है इसलिए भगवान नहीं है परंतु हमारे जीवन में बहुत सारी चीजें ऐसी हैं जो हमें दिखाई नहीं देती परंतु वह चीजें होती है और भगवान है या नहीं इसको महसूस किया जाता है और यह आप भी महसूस कर सकते हैं जीवन में आपने देखा होगा कि कई बार ऐसी घटनाएं होती हैं कि जो हमारे हाथ में नहीं होती मतलब हम करते को सोच कर कुछ निकलते होता कुछ है और यह कैसे हुआ मैं तो वह कुछ और सोच कर निकला था हमारे परिहार चीज हमारे हाथ में नहीं होती और वह ईश्वर होता है वह जो चाहता है वह हिसाब से आपका जीवन है इसलिए भगवान होता है यह मानकर चलें और सच्चे भाव से अगर आप भावना से उसके और जाएंगे और उसको विश्वास रखेंगे उसमे तो या आपको महसूस भी होगा कि हां भगवान है

ji haan bilkul bhagwan hote hain aur yah manne ke liye bahut saare udaharan hain aap yah samajh sochte honge ki bhagwan dikhai nahi deta bhagwan kisi ne dekha nahi hai isliye bhagwan nahi hai parantu hamare jeevan me bahut saari cheezen aisi hain jo hamein dikhai nahi deti parantu vaah cheezen hoti hai aur bhagwan hai ya nahi isko mehsus kiya jata hai aur yah aap bhi mehsus kar sakte hain jeevan me aapne dekha hoga ki kai baar aisi ghatnaye hoti hain ki jo hamare hath me nahi hoti matlab hum karte ko soch kar kuch nikalte hota kuch hai aur yah kaise hua main toh vaah kuch aur soch kar nikala tha hamare parihar cheez hamare hath me nahi hoti aur vaah ishwar hota hai vaah jo chahta hai vaah hisab se aapka jeevan hai isliye bhagwan hota hai yah maankar chalen aur sacche bhav se agar aap bhavna se uske aur jaenge aur usko vishwas rakhenge usme toh ya aapko mehsus bhi hoga ki haan bhagwan hai

जी हां बिल्कुल भगवान होते हैं और यह मानने के लिए बहुत सारे उदाहरण हैं आप यह समझ सोचते हों

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Dinesh Mishra

Theosophists | Accountant

0:41
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

क्या भगवान होते हैं निश्चित रूप से भगवान होते आप अपना नजरिया बदल दे और अपने आसपास गौर करने लगे भगवान का जो चीज आपको दिखाई देने लगे उसमें भगवान का रूप देखने लगे तो संभव है आपको भगवान नजर आने लगेंगे

kya bhagwan hote hain nishchit roop se bhagwan hote aap apna najariya badal de aur apne aaspass gaur karne lage bhagwan ka jo cheez aapko dikhai dene lage usme bhagwan ka roop dekhne lage toh sambhav hai aapko bhagwan nazar aane lagenge

क्या भगवान होते हैं निश्चित रूप से भगवान होते आप अपना नजरिया बदल दे और अपने आसपास गौर करन

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Umesh kumar

Lecturer & Brain Guru ,Finger Prints Consultant

0:36
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार आपका दर्शन क्या भगवान होते हैं लेकिन आपका भगवान से क्या से मुझे नहीं पता लेकिन हां जिसको हम भगवान ईश्वर अल्लाह एक अद्भुत शक्ति हो जिसको मैं एनर्जी मानता हूं भ्रमण की पॉजिटिव एनर्जी है और जो इस पूरे ब्रह्मांड को इतने बड़े उसको व्यवस्थित रूप से कंट्रोल की हो गया अपने चार्जेस फ्रॉम नेचर कहते हैं देखी नेचर ने सारे काम रहते स्पॉन्टेनियसली हो रही है इसका मतलब कोई उसको नियंत्रित कर रहा है वह जो है ना इसलिए ऐसा मेरा मानना

namaskar aapka darshan kya bhagwan hote hain lekin aapka bhagwan se kya se mujhe nahi pata lekin haan jisko hum bhagwan ishwar allah ek adbhut shakti ho jisko main energy maanta hoon bhraman ki positive energy hai aur jo is poore brahmaand ko itne bade usko vyavasthit roop se control ki ho gaya apne Charges from nature kehte hain dekhi nature ne saare kaam rehte spanteniyasali ho rahi hai iska matlab koi usko niyantrit kar raha hai vaah jo hai na isliye aisa mera manana

नमस्कार आपका दर्शन क्या भगवान होते हैं लेकिन आपका भगवान से क्या से मुझे नहीं पता लेकिन हां

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Gaurav Sethia

Career & Spiritual Coach

1:31
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका सवाल है कि क्या भगवान होते हैं इसके लिए यह समझना जरूरी है कि भगवान कौन है साइंस में आपने एनर्जी के बारे में पढ़ा होगा कि एनर्जी कैन इधर भी क्रीटेड नॉर विल डिस्ट्रॉय 1 कैन वी ओनली कन्वर्टेड फ्रॉम वन फोन टू अनदर यानी एनर्जी को ना तो बनाया जा सकता है ना मिटाया जा सकता है उसको एक फोन से दूसरे फोन में तब्दील किया जा सकता है भगवान हमारे जीवन में एक शेर एक एनर्जी की तरह है ना तो बनाया जा सकता है किसी पर्टिकुलर फॉर्म में ना ही ट्राई किया जा सकता है और ना ही उसे सिर्फ अपनी अलग-अलग फॉर्म्स में देख सकते हैं तो फॉर्म क्या है उसे हैं कोई इंसान भगवान को मूर्ति में देखता है कोई इंसान भगवान को अपने दिल के अंदर पाता है कोई इंसान जो है वह भगवान को सिर्फ मन से याद कर के पास तू भगवान है या नहीं है यह किसी पर डिपेंड करता है ना मानो तो भगवान नहीं तो पत्थर की मूर्ति यह कहावत है कहां हिंदी में तो भगवान कुछ नहीं भगवान शिव है अगर आपके अंदर सेव है कि कोई पावर ऐसी है जो आप को कंट्रोल करती है आपको सही राह दिखाती है तो आपके लिए भगवान है अगर ऐसा आपका कोई फेक नहीं है तो वह इंसान के लिए भगवान ना है ना होगा

aapka sawaal hai ki kya bhagwan hote hain iske liye yah samajhna zaroori hai ki bhagwan kaun hai science me aapne energy ke bare me padha hoga ki energy can idhar bhi krited nor will destroy 1 can v only converted from van phone to another yani energy ko na toh banaya ja sakta hai na mitaya ja sakta hai usko ek phone se dusre phone me tabdil kiya ja sakta hai bhagwan hamare jeevan me ek sher ek energy ki tarah hai na toh banaya ja sakta hai kisi particular form me na hi try kiya ja sakta hai aur na hi use sirf apni alag alag Forms me dekh sakte hain toh form kya hai use hain koi insaan bhagwan ko murti me dekhta hai koi insaan bhagwan ko apne dil ke andar pata hai koi insaan jo hai vaah bhagwan ko sirf man se yaad kar ke paas tu bhagwan hai ya nahi hai yah kisi par depend karta hai na maano toh bhagwan nahi toh patthar ki murti yah kahaavat hai kaha hindi me toh bhagwan kuch nahi bhagwan shiv hai agar aapke andar save hai ki koi power aisi hai jo aap ko control karti hai aapko sahi raah dikhati hai toh aapke liye bhagwan hai agar aisa aapka koi fake nahi hai toh vaah insaan ke liye bhagwan na hai na hoga

आपका सवाल है कि क्या भगवान होते हैं इसके लिए यह समझना जरूरी है कि भगवान कौन है साइंस में आ

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

क्या भगवान होते हैं इस प्रश्न को में संशोधित करना चाहूंगा वस्तुतः प्रश्न यह होना चाहिए था क्या भगवान है क्या भगवान का अस्तित्व है क्या भगवान का वजूद मेरा दृष्टिकोण यह है कि वास्तव में इस धरती को बनाने वाला आस्था का स्कोर बनाने वाला इस अंतरिक्ष को बनाने वाला इस ब्रह्मांड को बनाने वाला वास्तव में है उसका अस्तित्व है उसका वजूद है कैसे कैसे इसको सिद्ध किया जाए कैसे इसको प्रमाणित किया जाए कैसे उसको साबित किया जाए तो मेरे अपने कुछ तर्क है जो मेरे मस्तिष्क की गहराइयों से निकल कर आते हैं और उधर करते रहते हैं कि देखिए हमें अपने शरीर को देखना चाहिए सबसे पहले किसका निर्माण हमने खुद नहीं किया हमको बनाने वाला ईश्वर ही है लिखिए हमारे शरीर में कितना परफेक्शन है आवाज सुनने के लिए काम चाहिए तो काम है देखने के लिए आंखें चाहिए तो आंखें हैं वस्तुओं को पकड़ने के लिए चाहिए उंगलियां चाहिए तो उंगलियां है कितना परफेक्शन है चीजों को चबाने के लिए दांत चाहिए तो दांत है हर चीज परफेक्ट इसलिए बड़े विचार करके बड़े ढंग से बनाने वाले ने हमें बनाया है हमें जीवन जीने के लिए वातावरण में पानी चाहिए नदियों के रूप में उसने कुआं के रूप में अन्य साधनों संसाधनों के रूप में प्रकृति ने ब्रह्मांड में ईश्वर ने कि हमें यह सब सुविधाएं उपलब्ध कराई जब हम कोई बीज जमीन में डालते हैं तू वही तकनीकी जाता उगता है और उठकर उसी से हमारा पेट भरता और उसी से हमारा संसार चलता हमारी दुनिया चलते हमारी आवश्यकताओं की भौतिक आवश्यकताओं की पूर्ति होती है जब बच्चा जन्म लेता है तो जन्म लेने के बाद ही मां की छाती में दूध उधर आता है यह सब कौन करता है यह ईश्वर करता है प्रत्येक समय पर एकदम हर चीज पर अगर हम यह सोचे कि इस रचिता ने ब्रह्मांड रचिता ने हमको बनाए हैं तो हमें उसके प्रति कृतज्ञ होना चाहिए और भक्ति भाव से बढ़कर उसका स्टूडेंट सुमिरन करना चाहिए तो हमारे अंदर ही एक सकारात्मक ताकि हमारे अंदर ही एक मानवता की भावना आदि हमारे अंदर ही हम ईश्वर के बच्चे हैं परमात्मा के बच्चे हैं यह भाव पैदा होते हैं फिर हम दूसरे मनुष्य को या दूसरे व्यक्ति को दुख नहीं दे सकते हानि नहीं पहुंचा सकते यह बात हमें ईश्वर गुण प्राप्त करने पर ही आते हैं और अगर हमारे मन से यह भाव निकल जाता है या यह भाव होता ही नहीं कि ईश्वर है ही नहीं हमारे मन से डर भी खत्म हो जाता भाई भी हो जाता मैं यह नहीं कहता कि ईश्वर सेंटर आ जाए उससे भयभीत हुआ जा डरने की बात नहीं है लेकिन उस ईश्वर की सत्ता को याद करने से स्मरण करने से हम पापों से बचे रहते हैं अपराधों से बचे रहते हैं दुश कार्यों से बचे रहते हैं बुरी प्रवृत्तियों से बचे रहते हैं और हमेशा साथ कार्य करने लगते हैं लिस्ट कार्य करने लगते हैं सर्वोत्तम कार्य इसलिए ईश्वरी सत्ता के अस्तित्व को स्वीकार है और जीवन में सदैव वह कार्य करें जिससे दूसरों को हानि ना हो दूसरों को फायदा हो क्योंकि जैसे हम हैं वैसे सब है और जैसे सब है और उन सब को ईश्वर ने बनाया है तो हमें ईश्वर की बनाई हुई दूसरी रचना पर कभी भी नाराजगी गुस्सा या क्रोध नहीं करना चाहिए अब मानव हैं मानव मानव एक समान रहे एक दूसरे से प्रेम करें अच्छे से रहें और मैं केवल हमारा देश बल्कि पूरी दुनिया को एक कूट वैसे भी भगवान श्री कृष्ण ने कहा है वसुदेव कुटुंबकम या ने पूरा विश्व ही एक परिवार है तो क्यों नहीं इंसान है इंसान का सहारा बने हम इंसान हैं इंसान का सहारा बने डूबते हुए के लिए हम किनारा बने फिर क्यों नहीं लोग हमसे मिलने को बेचैन हो अगर हम इतने हैं कि पुण्य धारा बने अगर हम इसमें एक ही पुण्य धारा बने बहुत धन्यवाद

kya bhagwan hote hain is prashna ko me sanshodhit karna chahunga vastutah prashna yah hona chahiye tha kya bhagwan hai kya bhagwan ka astitva hai kya bhagwan ka wajood mera drishtikon yah hai ki vaastav me is dharti ko banane vala astha ka score banane vala is antariksh ko banane vala is brahmaand ko banane vala vaastav me hai uska astitva hai uska wajood hai kaise kaise isko siddh kiya jaaye kaise isko pramanit kiya jaaye kaise usko saabit kiya jaaye toh mere apne kuch tark hai jo mere mastishk ki gaharaiyon se nikal kar aate hain aur udhar karte rehte hain ki dekhiye hamein apne sharir ko dekhna chahiye sabse pehle kiska nirmaan humne khud nahi kiya hamko banane vala ishwar hi hai likhiye hamare sharir me kitna parafekshan hai awaaz sunne ke liye kaam chahiye toh kaam hai dekhne ke liye aankhen chahiye toh aankhen hain vastuon ko pakadane ke liye chahiye ungaliyan chahiye toh ungaliyan hai kitna parafekshan hai chijon ko chabane ke liye dant chahiye toh dant hai har cheez perfect isliye bade vichar karke bade dhang se banane waale ne hamein banaya hai hamein jeevan jeene ke liye vatavaran me paani chahiye nadiyon ke roop me usne kuan ke roop me anya saadhano sansadhano ke roop me prakriti ne brahmaand me ishwar ne ki hamein yah sab suvidhaen uplabdh karai jab hum koi beej jameen me daalte hain tu wahi takniki jata ugata hai aur uthakar usi se hamara pet bharta aur usi se hamara sansar chalta hamari duniya chalte hamari avashayaktaon ki bhautik avashayaktaon ki purti hoti hai jab baccha janam leta hai toh janam lene ke baad hi maa ki chhati me doodh udhar aata hai yah sab kaun karta hai yah ishwar karta hai pratyek samay par ekdam har cheez par agar hum yah soche ki is rachita ne brahmaand rachita ne hamko banaye hain toh hamein uske prati kritagya hona chahiye aur bhakti bhav se badhkar uska student sumiran karna chahiye toh hamare andar hi ek sakaratmak taki hamare andar hi ek manavta ki bhavna aadi hamare andar hi hum ishwar ke bacche hain paramatma ke bacche hain yah bhav paida hote hain phir hum dusre manushya ko ya dusre vyakti ko dukh nahi de sakte hani nahi pohcha sakte yah baat hamein ishwar gun prapt karne par hi aate hain aur agar hamare man se yah bhav nikal jata hai ya yah bhav hota hi nahi ki ishwar hai hi nahi hamare man se dar bhi khatam ho jata bhai bhi ho jata main yah nahi kahata ki ishwar center aa jaaye usse bhayabhit hua ja darane ki baat nahi hai lekin us ishwar ki satta ko yaad karne se smaran karne se hum paapon se bache rehte hain apradho se bache rehte hain dush karyo se bache rehte hain buri parvirtiyon se bache rehte hain aur hamesha saath karya karne lagte hain list karya karne lagte hain sarvottam karya isliye ISHWARI satta ke astitva ko sweekar hai aur jeevan me sadaiv vaah karya kare jisse dusro ko hani na ho dusro ko fayda ho kyonki jaise hum hain waise sab hai aur jaise sab hai aur un sab ko ishwar ne banaya hai toh hamein ishwar ki banai hui dusri rachna par kabhi bhi narajgi gussa ya krodh nahi karna chahiye ab manav hain manav manav ek saman rahe ek dusre se prem kare acche se rahein aur main keval hamara desh balki puri duniya ko ek kut waise bhi bhagwan shri krishna ne kaha hai vasudev kutumbakam ya ne pura vishwa hi ek parivar hai toh kyon nahi insaan hai insaan ka sahara bane hum insaan hain insaan ka sahara bane dubte hue ke liye hum kinara bane phir kyon nahi log humse milne ko bechain ho agar hum itne hain ki punya dhara bane agar hum isme ek hi punya dhara bane bahut dhanyavad

क्या भगवान होते हैं इस प्रश्न को में संशोधित करना चाहूंगा वस्तुतः प्रश्न यह होना चाहिए था

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shreekaant gautam

CLINICAL Psychologist Life Coach ,wellness Guide

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S Bajpay

Yoga Expert | Beautician & Gharelu Nuskhe Expert

2:53
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

क्या भगवान होते हैं जी हां भगवान सौ परसेंट होते हैं लेकिन मैं बता रहा हूं आपसे 35 40 साल पहले मैं गुड़ नास्तिक था उसके बाद कोई ऐसी सेकंड चांस मिल जाए कि मेरी नौकरी में संकट आया मैं बहुत ही कष्ट में फस गया तब मैंने किसी के गुरु की कहने से पीतांबरा का दतिया की पीतांबरा देवी का बगलामुखी देवी का तपस्या करनी शुरू की मेरे गुरु ने कहा था पूरी पवित्रता रखते हुए तो रात में करें लेकिन सावधान रहें से प्राण भी जा सकती हैं और व्यक्ति पागल भी हो सकता है मैंने साधना की साधना के 10:00 बजे रात से 2:00 तक साधना करता था एक दो महीने बाद मुझे अत्यंत पितांबरा मा ने जवाब डरावना डरावना शुरू किया मैंने सपने में देखा कि मेरे मैं जिस तरफ मुख्य देता हूं उसी तरफ मुंह करके कोई फ्री मेरे संग बैठी हुई है वह कुछ नहीं कर रही है हम किसी का नहीं देख पा रहा हूं क्योंकि मेरी पीठ और उनकी पीठ मुद्रा में है तो मैं डर के मारे वहां से भागा इस तरह की अनुमति मुझे दो-तीन बार हुई उसके बाद एक बार में ब्रह्मचर्य का पालन कर रहा था तो मेरी पत्नी मुझसे असंतुष्ट रहती थी एक बार मेरी पत्नी ने सुबह उठकर मुझसे कहा मुझसे मजाक किया कि आपकी बीवी जी आजकल तो आप अपनी देवी जी के संग सोते हैं देवी जी आपके सपनों में आकर सोते हैं इससे मेरा मजाक उड़ाया तभी उन्होंने खुद अपने हाथ से मेरे सिर के बीच बताइए आपकी सिर में क्या लगा हुआ है और फिर से एक लंबा सा सफेद बाल निकालना करीब 10 12 इंच लंबा बाल था हूं और मैं उसमें जवान था मेरी सिर के बाल सबका ली थी मेरी जान में कोई वृद्धि नहीं था जिसकी सफेद बाल मेरे सिर में चिपक जाता तू ही जानते हुए भी कि पितांबरा मैया ने मेरी पत्नी के हमको उनको उनको लगता था पत्नी को संदेह होगा और इस संदेह को मिटाने के लिए की मां की बच्ची के साथ सो सकती उन्होंने मुझे दिया था जानते हुए भी वह बाल अद्भुत है देवी है देवी का वरदान है लेकिन हम लोग उसके पात्र नहीं हुए थे इसलिए उस बालक बने दिया लेकिन इस तरह से मुझे उनको और काम सफल हुए उस दिन से उस घटना से इन घटनाओं से मुझे पीतांबरा देवी के और भगवान के

kya bhagwan hote hain ji haan bhagwan sau percent hote hain lekin main bata raha hoon aapse 35 40 saal pehle main good nastik tha uske baad koi aisi second chance mil jaaye ki meri naukri me sankat aaya main bahut hi kasht me fas gaya tab maine kisi ke guru ki kehne se pitambara ka datiya ki pitambara devi ka bagalamukhi devi ka tapasya karni shuru ki mere guru ne kaha tha puri pavitrata rakhte hue toh raat me kare lekin savdhaan rahein se praan bhi ja sakti hain aur vyakti Pagal bhi ho sakta hai maine sadhna ki sadhna ke 10 00 baje raat se 2 00 tak sadhna karta tha ek do mahine baad mujhe atyant pitambara ma ne jawab daravna daravna shuru kiya maine sapne me dekha ki mere main jis taraf mukhya deta hoon usi taraf mooh karke koi free mere sang baithi hui hai vaah kuch nahi kar rahi hai hum kisi ka nahi dekh paa raha hoon kyonki meri peeth aur unki peeth mudra me hai toh main dar ke maare wahan se bhaagaa is tarah ki anumati mujhe do teen baar hui uske baad ek baar me brahmacharya ka palan kar raha tha toh meri patni mujhse asantusht rehti thi ek baar meri patni ne subah uthakar mujhse kaha mujhse mazak kiya ki aapki biwi ji aajkal toh aap apni devi ji ke sang sote hain devi ji aapke sapno me aakar sote hain isse mera mazak udaya tabhi unhone khud apne hath se mere sir ke beech bataiye aapki sir me kya laga hua hai aur phir se ek lamba sa safed baal nikalna kareeb 10 12 inch lamba baal tha hoon aur main usme jawaan tha meri sir ke baal sabka li thi meri jaan me koi vriddhi nahi tha jiski safed baal mere sir me chipak jata tu hi jante hue bhi ki pitambara maiya ne meri patni ke hamko unko unko lagta tha patni ko sandeh hoga aur is sandeh ko mitane ke liye ki maa ki bachi ke saath so sakti unhone mujhe diya tha jante hue bhi vaah baal adbhut hai devi hai devi ka vardaan hai lekin hum log uske patra nahi hue the isliye us balak bane diya lekin is tarah se mujhe unko aur kaam safal hue us din se us ghatna se in ghatnaon se mujhe pitambara devi ke aur bhagwan ke

क्या भगवान होते हैं जी हां भगवान सौ परसेंट होते हैं लेकिन मैं बता रहा हूं आपसे 35 40 साल प

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Santosh Singh indrwar

Business Consultant & Life Couch

0:33
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भगवान होते भी हैं और महसूस भी होते हैं जैसे बिजली दिखती नहीं उसी प्रकार भगवान भी दिखते नहीं लेकिन अनुभव किया जा सकता है एक्सपीरियंस करना है तो किसी प्लग न तो बिजली का एक्सपीरियंस हो जाएगा और भगवान का एक्सीडेंट को आप कई प्रकार से करते ही रहती है उसको तू जगत में

bhagwan hote bhi hain aur mehsus bhi hote hain jaise bijli dikhti nahi usi prakar bhagwan bhi dikhte nahi lekin anubhav kiya ja sakta hai experience karna hai toh kisi plug na toh bijli ka experience ho jaega aur bhagwan ka accident ko aap kai prakar se karte hi rehti hai usko tu jagat me

भगवान होते भी हैं और महसूस भी होते हैं जैसे बिजली दिखती नहीं उसी प्रकार भगवान भी दिखते नह

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ज्योतिषी झा मेरठ (Pt. K L Shashtri)

खगोलशास्त्री ज्योतिषी झा मेरठ,झंझारपुर और मुम्बई

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Dr. J.Singh

Financial Expert || Ayurvedic Doctor

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मेरे अनुसार हर धर्म में अपने पर अनुसार भगवान अल्लाह खुदा ईसा मसीह इस तरीके के नाम अलग-अलग रखे गए हैं लेकिन मेरे अनुसार कि कोई ना कोई एक ऐसी शक्ति जरूर है जो इस संसार को आपस में जुड़े हुए हैं और उसके अनुसार यह सारा संसार कार्य करता है सारे सब पृथ्वी अग्नि जल वायु चंद्रमा सूर्य आकाश तारा तारी सारे तारे आसमान ब्रह्मांड कितना भी आप देखते हैं वह सब उसी शक्ति के अनुसार डाले हुए हैं उसे सब को बनाया है इस संसार में जीवन पैदा किया तो उसके लिए अनुसार सारी सुविधाएं भी दी है सारे टफी पैदा की है यूकॉम प्रयोग करके अपने जीवन को यापन कर सकते हैं कोई ना कोई ऐसी शक्ति जरूर है और हर धर्म में उसको अपने अपने अनुसार नाम दिया गया आप किस धर्म से हैं आप उसे किस रूप में दे सकते हैं यह आपको देखना है धन्यवाद

mere anusaar har dharm me apne par anusaar bhagwan allah khuda isa masih is tarike ke naam alag alag rakhe gaye hain lekin mere anusaar ki koi na koi ek aisi shakti zaroor hai jo is sansar ko aapas me jude hue hain aur uske anusaar yah saara sansar karya karta hai saare sab prithvi agni jal vayu chandrama surya akash tara tari saare taare aasman brahmaand kitna bhi aap dekhte hain vaah sab usi shakti ke anusaar dale hue hain use sab ko banaya hai is sansar me jeevan paida kiya toh uske liye anusaar saari suvidhaen bhi di hai saare tnfy paida ki hai yukam prayog karke apne jeevan ko yaapan kar sakte hain koi na koi aisi shakti zaroor hai aur har dharm me usko apne apne anusaar naam diya gaya aap kis dharm se hain aap use kis roop me de sakte hain yah aapko dekhna hai dhanyavad

मेरे अनुसार हर धर्म में अपने पर अनुसार भगवान अल्लाह खुदा ईसा मसीह इस तरीके के नाम अलग-अलग

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Anshu Saxena

Business Manager

3:23
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भगवान होते हैं आपके सवाल का सीधा सीधा जवाब तो यह है आप कहेंगे होते तो दिखाइए महसूस करना आपका काम है आप उसे कैसे महसूस करते हैं अगर आप मानना ही नहीं चाहते कि भगवान होते हैं तो कोई आपको समझा नहीं सकता चलिए कोशिश हम करते हैं आपके लिए आपको ध्यान होगा जिंदगी में ऐसी होती हैं जो आपको लगता है मैं बाल-बाल बच गया इस गाड़ी से जा रहा था इस गाड़ी का एक्सीडेंट हो गया और मेरे साथ ऐसी घटना हो गई मैं गाड़ी नहीं पकड़ पाया तो होता है यह आपको ज्ञात नहीं होता कि आपको वह गाड़ी पकड़ोगे ऐसा हो जाएगा कि तू घटना है आप को बचाती हैं यह कौन है कि भगवान है यही वह शक्ति है जो अकाल मृत्यु से आपको आपकी रक्षा करती है आपने ध्यान से प्रकृति को देखा होगा हवाओं का चलना सब कुछ आज के टाइम में एक विज्ञान है वह कहता हवा क्यों चलती है बादल क्यों बनते हैं बारिश हो फिर भी अगर यूं होती है तो हम करा देते हैं और कई जगह अकाल पड़ जाते हैं कई जगह बाढ़ आ जाती है और प्रकृति के आगे हम मजबूर हो जाते हैं और फिर हम क्या बोलते हैं भगवान की यही मर्जी है तो अगर मैं यह कहूं कि भगवान होते हैं इस ऊपर होते हैं यह संभव नहीं है कि मैं आपको समझा सकूं कि भगवान होते हैं उनका यह रूप होता है मैं आपको यह जरूर कहूंगा अगर साइंटिफिक में से बात जया विज्ञान के तौर पर बातचीत की जाए तो वह भी है मानता है विज्ञान भी मानता है कि पॉजिटिव एनर्जी और नेगेटिव एनर्जी दोनों ही हमारे इर्द-गिर्द पोजिटिव एनर्जिस हमको काम करने की क्षमता देती है और मेरा मानना है वह पॉजिटिव एनर्जी जो है वही पकवान रुप है जब हम मंदिर में जाति में बहुत शांति मिलती है अगर हमारा जी घबराता है तो हम घर से उठकर मंदिर में जाकर बैठ जाते हैं ऐसा लगता है यहां बहुत शांत वातावरण क्यों है मूर्ति रखी हुई है परंतु वहां पॉजिटिव एनर्जिस चारों तरफ जो आपको चेंज कर रहे हैं आपका मन बदल रही है वही भगवान है कोई वह शक्ति है जो आपको रहती है आप उसको मंदिर में महसूस करते हैं पर घर में नहीं इसका कारण यही है कि हमारी जीवन शैली में हमने उनको स्थान दे ही नहीं रखा यही है कि जिस समय मेरे कहने से अगर आप नास्तिक हैं तो मैं यह कहूंगा भगवान की छोटी सी मूर्ति रखिएगा उसका पूरा मान-सम्मान करिएगा समय पर उसको पूजा करेगा उसकी देखिए आपको खुद महसूस होने लगेगा कि वह होते हैं या नहीं

bhagwan hote hain aapke sawaal ka seedha seedha jawab toh yah hai aap kahenge hote toh dikhaiye mehsus karna aapka kaam hai aap use kaise mehsus karte hain agar aap manana hi nahi chahte ki bhagwan hote hain toh koi aapko samjha nahi sakta chaliye koshish hum karte hain aapke liye aapko dhyan hoga zindagi me aisi hoti hain jo aapko lagta hai main baal baal bach gaya is gaadi se ja raha tha is gaadi ka accident ho gaya aur mere saath aisi ghatna ho gayi main gaadi nahi pakad paya toh hota hai yah aapko gyaat nahi hota ki aapko vaah gaadi pakdoge aisa ho jaega ki tu ghatna hai aap ko bachati hain yah kaun hai ki bhagwan hai yahi vaah shakti hai jo akaal mrityu se aapko aapki raksha karti hai aapne dhyan se prakriti ko dekha hoga hawaon ka chalna sab kuch aaj ke time me ek vigyan hai vaah kahata hawa kyon chalti hai badal kyon bante hain barish ho phir bhi agar yun hoti hai toh hum kara dete hain aur kai jagah akaal pad jaate hain kai jagah baadh aa jaati hai aur prakriti ke aage hum majboor ho jaate hain aur phir hum kya bolte hain bhagwan ki yahi marji hai toh agar main yah kahun ki bhagwan hote hain is upar hote hain yah sambhav nahi hai ki main aapko samjha sakun ki bhagwan hote hain unka yah roop hota hai main aapko yah zaroor kahunga agar scientific me se baat jaya vigyan ke taur par batchit ki jaaye toh vaah bhi hai maanta hai vigyan bhi maanta hai ki positive energy aur Negative energy dono hi hamare ird gird pojitiv enarjis hamko kaam karne ki kshamta deti hai aur mera manana hai vaah positive energy jo hai wahi pakvaan roop hai jab hum mandir me jati me bahut shanti milti hai agar hamara ji ghabrata hai toh hum ghar se uthakar mandir me jaakar baith jaate hain aisa lagta hai yahan bahut shaant vatavaran kyon hai murti rakhi hui hai parantu wahan positive enarjis charo taraf jo aapko change kar rahe hain aapka man badal rahi hai wahi bhagwan hai koi vaah shakti hai jo aapko rehti hai aap usko mandir me mehsus karte hain par ghar me nahi iska karan yahi hai ki hamari jeevan shaili me humne unko sthan de hi nahi rakha yahi hai ki jis samay mere kehne se agar aap nastik hain toh main yah kahunga bhagwan ki choti si murti rakhiega uska pura maan sammaan kariega samay par usko puja karega uski dekhiye aapko khud mehsus hone lagega ki vaah hote hain ya nahi

भगवान होते हैं आपके सवाल का सीधा सीधा जवाब तो यह है आप कहेंगे होते तो दिखाइए महसूस करना आप

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Sri Dhiru G

Spiritual Guru, Engineer

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आपने एक सवाल किया है क्या भगवान होते हैं तो एक शब्द में बड़े बताना चाहूंगा जी हां बिल्कुल भगवान है सृष्टि के कण-कण में है आपकी स्वासा में आपके अंदर बाहर समस्त जीवो में है और समस्त जीवो के बाहर है उस सारी सृष्टि संरचनाएं सब भगवान के अंदर ही चल रही है कोई भगवान से बाहर नहीं है आप कहेंगे कि कैसे और क्यों आप कह सकते हैं ऐसा कैसे ऐसा क्या सकते हैं अगर आपके मन में यह सवाल आ रही हो तो मैं जानकारी के लिए बता दूं एक उदाहरण के तौर पर आपका शरीर है आपके शरीर के कौन-कौन रोल करता है आपका मस्ती है ना आप सांस खींचते हैं ना के माध्यम से या आपको प्रेरित करता है आपको ऑक्सीजन लेने के लिए आपका मस्जिद है ना जैसे ही हम स्वास्थ नहीं लेते हैं तो क्या होता है हम हमारे अंदर बेचैनी आ जाती है कोरिया पर सैनिकों ने पति कहां से मिलती है मस्तिष्क को मिलती है जैसे ही हम सांस नहीं लेते हैं या किसी कारण बस दुर्घटना बस हमारी सांसे रुक जाती है तो मृत्यु हो जाती है कहने का अर्थ यह हुआ कि भीम स्थित है तो निश्चित क्यों हो गई हमारे मस्तिष्क को संचालन करने वाला कोई और है उससे संपर्क टूट जाता है पूरी प्रक्रिया नहीं हो पाई इसलिए वह संपर्क मस्तिक से उनका टूट गया शरीर में मस्तिष्क तो पड़े हुए लास्ट में भी है फिर वह चल क्यों नहीं पा रही है वह अपने आप को कंट्रोल क्यों नहीं पा रही है क्योंकि उनको कंट्रोल करने वाला जो एनर्जी था वहां से निकल गया ईश्वर तत्व है तो सभी प्राणियों में दिए गए हैं ईश्वर के द्वारा जिस प्रकार आपके दोस्त हैं कुछ दुश्मन भी होंगे उसे ठीक है नहीं थी वह इस प्रकार जैसे आप कहते हैं भूत प्रेत है इस तरह भगवान है और यह अध्यात्म की शक्ति है मैंने इसको अनुभव किया है अगर आप भी प्रत्यक्ष रूप से अनुभव करना चाहते हैं ईश्वर का तो अपनी दिनचर्या को सही करें और मैं आपको एक बता दूंगा उस पते पर जाए साक्षात रूप में आपको ईश्वर का दर्शन होगा बस वहां की विधिवत क्रियाकलापों को आप देखेंगे अनुभव करेंगे और आपके लिए यह रिसर्च का विषय बन जाएगा आखिर ईश्वर क्या है कहां विज्ञान का जन्म भी नहीं होता है बीजारोपण भी नहीं होता है उससे कई गुना आगे ईश्वरीय तत्व है सबसे सूक्ष्म तत्व जो है वह ईश्वर के द्वारा प्रधान तत्व है जो हमारा सोच विचार है वह ईश्वर का ही प्रेरणा है ईश्वर है इस बात को आप बिल्कुल मारने कर्तव्य करे धर्म के मार्ग के रहे और भगवान की इबादत करें चाहे आप जब भी धर्म को मानते हो भगवान हैं यह मानकर चलें अगर फिर भी आपको मेरी बात में कहीं कमी नजर आ रही हो तो आप स्वच्छंद रूप से रिसर्च करें सर्च करें आपको अंत समय में यही अनुभव मिलेगा कि नहीं ईश्वर हैं या फिर जब आपकी आयु 65 के पार हो जाएगी तो आपको यह अंदाजा आएगा कि नहीं वह व्यक्ति सच बोला था हमारे प्रोफाइल पिक्चर में आप देख रहे होंगे कई लोग यज्ञ कर रहे हैं मैं वहां कई दिनों तक रहा और ईश्वर की अनुभूति कि आप भी वहां जाकर ईश्वर की अनुभूति कर सकते हैं वह दरबार है सतगुरु देव महाराज करौली सरकार का जहां साक्षात् मां कामाख्या और भगवान स्वयंभू शिव शंकर विराजमान है उनकी शक्तियां संचालित होती है वहां पर उनकी शक्ति की एकमात्र का जैसे एक सरसों का दाना है है उस पशुओं के दाना को शो टुकड़ों में बांट दें और कुछ सौ टुकड़े से एक टुकड़े को ले फिर उन सौदों उनको उसे टुकड़े को 100 टुकड़ों में पुनः बांट दे फिर जो शेष बचा हुआ जाना है उस टुकड़े को फिर से 100 टुकड़ों में बांट दें या फिर हम कहें एटम को जो इलेक्ट्रॉन से इलेक्ट्रॉन प्रोटॉन न्यूट्रॉन से जो एटम बनता उनका इलेक्ट्रॉन को सजा टुकड़ों में बांट दें और वह टुकड़ों में बांट दें उनका एक ठुकरा एक अंश मात्र का शक्ति वहां संचालित होता है तो आप वहां पर अनुभव कर सकते हैं वह दरबार है करौली सरकार कानपुर में स्थित लव कुश आश्रम यूट्यूब पर भी आप सर्च मारेंगे करौली सरकार तो आपको वहां की बहुत बिजी वक्त व्यवस्था को पता चलेगी कई लोग अपने पूर्वजों की मुक्ति के लिए वहां जाते हैं और निस्वार्थ भाव से आपके कई पूर्वज कई पीढ़ियों से जो फंसे पड़े हैं उनको भी वहां मुक्त कर दिया जाता है आप बात कर सकते हैं अपने दादा पर दादा दादी जो जो शरीर छोड़ चुके उनसे भी आप वहां जाकर ईश्वर यह पद्धति के द्वारा ईश्वर यह चिकित्सा के माध्यम से आप बात कर सकते हैं ईश्वर को अनुभव कर सकते हैं साक्षात आपको महादेव के दर्शन होंगे जी धन्यवाद विश्वास करें करौली सरकार यूट्यूब पर आप सर्च भी मार सकते हैं

aapne ek sawaal kiya hai kya bhagwan hote hain toh ek shabd me bade batana chahunga ji haan bilkul bhagwan hai shrishti ke kan kan me hai aapki swasa me aapke andar bahar samast jeevo me hai aur samast jeevo ke bahar hai us saari shrishti sanrachanaen sab bhagwan ke andar hi chal rahi hai koi bhagwan se bahar nahi hai aap kahenge ki kaise aur kyon aap keh sakte hain aisa kaise aisa kya sakte hain agar aapke man me yah sawaal aa rahi ho toh main jaankari ke liye bata doon ek udaharan ke taur par aapka sharir hai aapke sharir ke kaun kaun roll karta hai aapka masti hai na aap saans khichte hain na ke madhyam se ya aapko prerit karta hai aapko oxygen lene ke liye aapka masjid hai na jaise hi hum swaasth nahi lete hain toh kya hota hai hum hamare andar bechaini aa jaati hai korea par sainikon ne pati kaha se milti hai mastishk ko milti hai jaise hi hum saans nahi lete hain ya kisi karan bus durghatna bus hamari sanse ruk jaati hai toh mrityu ho jaati hai kehne ka arth yah hua ki bhim sthit hai toh nishchit kyon ho gayi hamare mastishk ko sanchalan karne vala koi aur hai usse sampark toot jata hai puri prakriya nahi ho payi isliye vaah sampark mastisk se unka toot gaya sharir me mastishk toh pade hue last me bhi hai phir vaah chal kyon nahi paa rahi hai vaah apne aap ko control kyon nahi paa rahi hai kyonki unko control karne vala jo energy tha wahan se nikal gaya ishwar tatva hai toh sabhi praniyo me diye gaye hain ishwar ke dwara jis prakar aapke dost hain kuch dushman bhi honge use theek hai nahi thi vaah is prakar jaise aap kehte hain bhoot pret hai is tarah bhagwan hai aur yah adhyaatm ki shakti hai maine isko anubhav kiya hai agar aap bhi pratyaksh roop se anubhav karna chahte hain ishwar ka toh apni dincharya ko sahi kare aur main aapko ek bata dunga us pate par jaaye sakshat roop me aapko ishwar ka darshan hoga bus wahan ki vidhivat kriyaklapon ko aap dekhenge anubhav karenge aur aapke liye yah research ka vishay ban jaega aakhir ishwar kya hai kaha vigyan ka janam bhi nahi hota hai bijaropan bhi nahi hota hai usse kai guna aage ishwariya tatva hai sabse sukshm tatva jo hai vaah ishwar ke dwara pradhan tatva hai jo hamara soch vichar hai vaah ishwar ka hi prerna hai ishwar hai is baat ko aap bilkul maarne kartavya kare dharm ke marg ke rahe aur bhagwan ki ibadat kare chahen aap jab bhi dharm ko maante ho bhagwan hain yah maankar chalen agar phir bhi aapko meri baat me kahin kami nazar aa rahi ho toh aap swacchand roop se research kare search kare aapko ant samay me yahi anubhav milega ki nahi ishwar hain ya phir jab aapki aayu 65 ke par ho jayegi toh aapko yah andaja aayega ki nahi vaah vyakti sach bola tha hamare profile picture me aap dekh rahe honge kai log yagya kar rahe hain main wahan kai dino tak raha aur ishwar ki anubhuti ki aap bhi wahan jaakar ishwar ki anubhuti kar sakte hain vaah darbaar hai satguru dev maharaj karauli sarkar ka jaha sakshat maa kamakhya aur bhagwan sayambhu shiv shankar viraajamaan hai unki shaktiyan sanchalit hoti hai wahan par unki shakti ki ekmatra ka jaise ek sarso ka dana hai hai us pashuo ke dana ko show tukadon me baant de aur kuch sau tukde se ek tukde ko le phir un saudon unko use tukde ko 100 tukadon me punh baant de phir jo shesh bacha hua jana hai us tukde ko phir se 100 tukadon me baant de ya phir hum kahein atom ko jo electron se electron proton neutron se jo atom banta unka electron ko saza tukadon me baant de aur vaah tukadon me baant de unka ek thukara ek ansh matra ka shakti wahan sanchalit hota hai toh aap wahan par anubhav kar sakte hain vaah darbaar hai karauli sarkar kanpur me sthit love kush ashram youtube par bhi aap search marenge karauli sarkar toh aapko wahan ki bahut busy waqt vyavastha ko pata chalegi kai log apne purvajon ki mukti ke liye wahan jaate hain aur niswarth bhav se aapke kai purvaj kai peedhiyon se jo fanse pade hain unko bhi wahan mukt kar diya jata hai aap baat kar sakte hain apne dada par dada dadi jo jo sharir chhod chuke unse bhi aap wahan jaakar ishwar yah paddhatee ke dwara ishwar yah chikitsa ke madhyam se aap baat kar sakte hain ishwar ko anubhav kar sakte hain sakshat aapko mahadev ke darshan honge ji dhanyavad vishwas kare karauli sarkar youtube par aap search bhi maar sakte hain

आपने एक सवाल किया है क्या भगवान होते हैं तो एक शब्द में बड़े बताना चाहूंगा जी हां बिल्कुल

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Dr. Mahesh Mohan Jha

Asst. Professor,Astrologer,Author

0:24
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नमस्कार आपका प्रश्न है क्या भगवान होते हैं उत्तर है हां इस सृष्टि या इस विशाल सौरमंडल के रचीयता कोई शक्ति है जो भगवान है जिस शक्ति को विज्ञान भी महसूस करने लगा है धन्यवाद

namaskar aapka prashna hai kya bhagwan hote hain uttar hai haan is shrishti ya is vishal saurmandal ke rachiyata koi shakti hai jo bhagwan hai jis shakti ko vigyan bhi mehsus karne laga hai dhanyavad

नमस्कार आपका प्रश्न है क्या भगवान होते हैं उत्तर है हां इस सृष्टि या इस विशाल सौरमंडल के र

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जी हां भगवान होते हैं उनका अगर प्रत्यक्ष प्रमाण आपने देखना है तो यह जो प्रकृति का पूरा सिस्टम है रोज सूर्योदय होता है रोज सूर्यास्त होता है रिश्तो का क्रम बदल रहा है और पूरा जो जितनी भी अदृश्य अदृश्य क्रियाएं हैं उनको संचालित करने वाली कोई एक ऐसे दिव्य शक्ति है जिसे हम भगवान बोलते हैं और भगवान को देखना है तो भगवान सूर्य को देखिए जो रोज उदित होते हैं अगर एक दिन सूर्य का उदय ना हो तो कैसे हाहाकार मच जाता है और सूर्य के बिना जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती आप वायु को देखिए हमारे वहां तो पहले से ही ईश्वर का दर्जा मिला है इनको भगवान भाग्य

ji haan bhagwan hote hain unka agar pratyaksh pramaan aapne dekhna hai toh yah jo prakriti ka pura system hai roj suryoday hota hai roj suryaast hota hai rishto ka kram badal raha hai aur pura jo jitni bhi adrishya adrishya kriyaen hain unko sanchalit karne wali koi ek aise divya shakti hai jise hum bhagwan bolte hain aur bhagwan ko dekhna hai toh bhagwan surya ko dekhiye jo roj udit hote hain agar ek din surya ka uday na ho toh kaise hahakar match jata hai aur surya ke bina jeevan ki kalpana bhi nahi ki ja sakti aap vayu ko dekhiye hamare wahan toh pehle se hi ishwar ka darja mila hai inko bhagwan bhagya

जी हां भगवान होते हैं उनका अगर प्रत्यक्ष प्रमाण आपने देखना है तो यह जो प्रकृति का पूरा सिस

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Dr J B Tiwari

Chairman and Managing Director

1:20
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नमस्कार आपका सवाल है क्या भगवान होते हैं बिल्कुल होते हैं दुनिया के बड़े बड़े साइंटिस्ट बड़े-बड़े रिसर्चर बड़े-बड़े डॉक्टर मैं एक बहुत ही इंपॉर्टेंट डॉक्टर के क्लीनिक में गया था उनको अवश्य पूरा हॉस्पिटल है सेंटेंस लिखा था मोनी डॉक्टर की बात कर रहा हूं जिस कृषक रोना कृष केसेज में अपनी जान की बाजी लगाकर दिन को सेकंड गॉड भी कहा जाता है लोग भगवान भी हैं दूसरे भगवान को बोलते हैं जो लोगों की जान बचाते हैं पहले भगवान भी लोगों को जानना चाहता है तो उसे भगवान ही बजाते हैं वहां लिखा था आई ट्रीट ही क्यों यह कहते हैं कि मैं क्यों इलाज करता हूं और करने का काम भगवान करता है तो बिल्कुल भगवान होते हैं ऐसी कोई शक्ति जरूर होती है तो पूरी दुनिया को संचालित करती है वरना अब तो एक देश को संचालित करने के लिए प्रधानमंत्री हो नीचे पाते हैं तमाम तरह की मशीनरी लगती है इतना बड़ा इकोसिस्टम इतना बड़ा चीज कैसे ऑटोमेटिक होगा कोई तो है जो कंट्रोल करता है कि भगवान होते हैं भगवान में भरोसा रखिए आराधना करिए अपना काम ठीक से करिए सब कुछ होता है धन्यवाद

namaskar aapka sawaal hai kya bhagwan hote hain bilkul hote hain duniya ke bade bade scientist bade bade researcher bade bade doctor main ek bahut hi important doctor ke clinic me gaya tha unko avashya pura hospital hai sentence likha tha moni doctor ki baat kar raha hoon jis krishak rona krish casus me apni jaan ki baazi lagakar din ko second god bhi kaha jata hai log bhagwan bhi hain dusre bhagwan ko bolte hain jo logo ki jaan bachate hain pehle bhagwan bhi logo ko janana chahta hai toh use bhagwan hi bajaate hain wahan likha tha I treat hi kyon yah kehte hain ki main kyon ilaj karta hoon aur karne ka kaam bhagwan karta hai toh bilkul bhagwan hote hain aisi koi shakti zaroor hoti hai toh puri duniya ko sanchalit karti hai varna ab toh ek desh ko sanchalit karne ke liye pradhanmantri ho niche paate hain tamaam tarah ki machinery lagti hai itna bada ecosystem itna bada cheez kaise Automatic hoga koi toh hai jo control karta hai ki bhagwan hote hain bhagwan me bharosa rakhiye aradhana kariye apna kaam theek se kariye sab kuch hota hai dhanyavad

नमस्कार आपका सवाल है क्या भगवान होते हैं बिल्कुल होते हैं दुनिया के बड़े बड़े साइंटिस्ट बड

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अशोक गुप्ता

Founder of Vision Commercial Services.

1:42
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यह पूरी सृष्टि अगर गतिमान है अगर इस सृष्टि में फूल खिल रहे हैं अगर इस सृष्टि में बिना हमारे प्रयास के हरे भरे वृक्ष और उन पर फल लग रहे हैं तो कोई न कोई शक्ति इसके पीछे जरूर काम कर रही है उस पुरुष इस शक्ति को हमने ईश्वर कहा हमने भगवान कहा हमने खुदा का तू जो शक्ति हमें जीवन जन्म दे रही है और हमारे जीवन को ऑक्सीजन प्रोवाइड कर रही है जीने के तमाम संसाधन दे रही है उस शक्ति को इंगित करने के लिए हमने भगवान शब्द का उपयोग किया भगवान होते नहीं भगवान ही हैं जो कुछ भी इस जगत में है वह सब उसी शक्ति का अलग-अलग रूप है आपको अगर वृक्ष दिख रहा है तो उस वृक्ष के पीछे कोई शक्ति है जो वृक्ष के रूप में प्रकट हो रही हैं इसलिए भगवान के सिवा इस इसमें कुछ नहीं है एको ब्रह्म द्वितीयो नास्ति एक ओंकार सतनाम सबका मालिक एक यह बातें इशारा कर रही है कि वह एक शक्ति पूरे ब्रह्मांड में व्याप्त है और वह अनंत है आप उसको पूरी तरह छुपा नहीं सकती हो और वही शक्ति का एक छोरा आपके भीतर भी मौजूद है अतः अपने भीतर जाकर ध्यान के माध्यम से प्रेम की माध्यम से आप उस शक्ति से कनेक्टेड हो सकते हो तब आपको दूसरे से पूछना नहीं पड़ेगा कि भगवान है या नहीं है आपको उसके होने का एहसास होगा धन्यवाद

yah puri shrishti agar gatiman hai agar is shrishti me fool khil rahe hain agar is shrishti me bina hamare prayas ke hare bhare vriksh aur un par fal lag rahe hain toh koi na koi shakti iske peeche zaroor kaam kar rahi hai us purush is shakti ko humne ishwar kaha humne bhagwan kaha humne khuda ka tu jo shakti hamein jeevan janam de rahi hai aur hamare jeevan ko oxygen provide kar rahi hai jeene ke tamaam sansadhan de rahi hai us shakti ko ingit karne ke liye humne bhagwan shabd ka upyog kiya bhagwan hote nahi bhagwan hi hain jo kuch bhi is jagat me hai vaah sab usi shakti ka alag alag roop hai aapko agar vriksh dikh raha hai toh us vriksh ke peeche koi shakti hai jo vriksh ke roop me prakat ho rahi hain isliye bhagwan ke siva is isme kuch nahi hai eko Brahma dwitiyo nasti ek onkaar satanam sabka malik ek yah batein ishara kar rahi hai ki vaah ek shakti poore brahmaand me vyapt hai aur vaah anant hai aap usko puri tarah chupa nahi sakti ho aur wahi shakti ka ek chhora aapke bheetar bhi maujud hai atah apne bheetar jaakar dhyan ke madhyam se prem ki madhyam se aap us shakti se connected ho sakte ho tab aapko dusre se poochna nahi padega ki bhagwan hai ya nahi hai aapko uske hone ka ehsaas hoga dhanyavad

यह पूरी सृष्टि अगर गतिमान है अगर इस सृष्टि में फूल खिल रहे हैं अगर इस सृष्टि में बिना हमार

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Ashok Bajpai

Rtd. Additional Collector P.C.S. Adhikari

2:14
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प्रश्न क्या भगवान होते हैं जी हां मैं आस्तिक हूं प्रकाश से को भगवान पर विश्वास करता हूं लेकिन देखी मेरा मानना है भगवान के मंदिरों में जो प्रतिमाएं बनाई गई हैं वैसे भगवान नहीं होते किस रूप में हम हनुमान जी को राम को कृष्ण को पूछते हैं वह संभवत वैसे भगवान उस रूप में नहीं तुम्हारी करना है कि हमने भगवान की शुरू की ताकि भगवान तो देखिए अमूर्त रूप में निराकार हैं वह तो एक अग्नि की शिखा अग्नि की ज्वाला है लंबी हुई ज्वाला हैं चमकती हुई पोर्न टीवी विद्युत हैं ईश्वर को इसी रूप में नहीं बन सकते हैं कि भगवान राम जैसे दिखते भी लोगों ने फोटोग्राफी रामायण हनुमान जी ऐसे हैं बाकी हुई अग्नि की ज्वाला सकते हैं वह चमकती हुई विद्युत आकाश में चमकते विद्युत किसे मानते हुए हो सकते हैं जो वह मूर्ति आत्मा के रूप में हो सकती हैं जो हमारे मिट्टी के शरीर को संचालित करते हैं भगवान तो हैं पूरी प्रदीप को स्थिर रखने वाली पूरी प्रक्रिया स्थित में रखने वाली कोई न कोई शक्ति जो है भगवान है और उनका रूप कैसा है यह मुझे भी नहीं मालूम निश्चित रूप से उनका रूप ऐसा नहीं होगा इससे मंदिरों में मूर्तियां भगवान की बनी है भगवान किस रूप में है यह तो कोष का विषय है और यह तो जब ईश्वर के दर्शन होंगे जिसको कोई बता पाएगा भगवान कृष्ण भगवान की सत्ता पर पूरा विश्वास

prashna kya bhagwan hote hain ji haan main astik hoon prakash se ko bhagwan par vishwas karta hoon lekin dekhi mera manana hai bhagwan ke mandiro me jo pratimaen banai gayi hain waise bhagwan nahi hote kis roop me hum hanuman ji ko ram ko krishna ko poochhte hain vaah sambhavat waise bhagwan us roop me nahi tumhari karna hai ki humne bhagwan ki shuru ki taki bhagwan toh dekhiye amrut roop me nirakaar hain vaah toh ek agni ki shikha agni ki jwala hai lambi hui jwala hain chamakati hui porn TV vidyut hain ishwar ko isi roop me nahi ban sakte hain ki bhagwan ram jaise dikhte bhi logo ne photography ramayana hanuman ji aise hain baki hui agni ki jwala sakte hain vaah chamakati hui vidyut akash me chamakate vidyut kise maante hue ho sakte hain jo vaah murti aatma ke roop me ho sakti hain jo hamare mitti ke sharir ko sanchalit karte hain bhagwan toh hain puri pradeep ko sthir rakhne wali puri prakriya sthit me rakhne wali koi na koi shakti jo hai bhagwan hai aur unka roop kaisa hai yah mujhe bhi nahi maloom nishchit roop se unka roop aisa nahi hoga isse mandiro me murtiya bhagwan ki bani hai bhagwan kis roop me hai yah toh kosh ka vishay hai aur yah toh jab ishwar ke darshan honge jisko koi bata payega bhagwan krishna bhagwan ki satta par pura vishwas

प्रश्न क्या भगवान होते हैं जी हां मैं आस्तिक हूं प्रकाश से को भगवान पर विश्वास करता हूं ले

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मित्रों नमस्कार मैं दिनेश पटेल ऑफिस में कोई सूचना है क्या भगवान होते निश्चित रूप से परमपिता परमेश्वर भगवान हम सब के अंदर विद्यमान हैं जिस प्रकार से पानी में चीनी को बोल दिया जाए तो मिठास के रूप में हमें एहसास कराती है कि हम इसमें बोले होंगे ठीक उसी प्रकार यह और भी हमारे अंदर पुराण के रूप में विद्यमान है अगर हम खाते हैं खाना हजम होता तो जब सामने के रूप में वह है सांस लेते हैं तो सांस के रूप में है हम देखते हैं तो देखने की कला के रूप में है जो भी क्रियाकलाप करते हैं वह ईश्वर अगर हमारे अंदर विद्यमान है तभी हम चल फिर पा रहे हैं मैं तो शरीर संबंध अरमा है पंचतत्व में विलीन हो जाता है जिनके अंदर या तुम तत्वों ने प्राण तत्व ईश्वर का अस्तित्व जब तक रहता है तब तक वह कई विधियां करता रहता है नहीं तो शांत हो जाता है लोग उसे पंचतत्व में विलीन कर देते हैं अग्नि को समर्पित कर देते हैं या मिट्टी को समझ यह तो इस ग्रुप से हमें विश्वास करना चाहिए कि हम जी रहे ईश्वर है और उसके बिना एक पत्ता भी नहीं सकता है सबसे बड़ी बार ईश्वर या भगवान के ऊपर विश्वास को करना होगा और जब अपने ऊपर विश्वास होता है तभी ईश्वर पर विश्वास होता है क्योंकि हमारे अंदर भी वही स्वर्ग प्राप्त है आत्मा के रूप में ईश्वर परमात्मा है उसने अपने अपने को बहुत रूप में बांधकर के हर प्राणी के अंदर रखने को व्याप्त कर रखा है पूरा संसार किशोर का प्रतिरोध करता है जो भी हम कार्य करते हैं और ईश्वर के द्वारा ही संपन्न कराए जाते वह चाहेगा तो पता ही लेगा नहीं चाहेगा तो नहीं मन में यह दिमाग में यह बात भी खा लीजिए ईश्वर जो है वह शुष्क रूप से हर समय हर पल भूत भविष्य वर्तमान मैं हर साल के अंदर व्याप्त है वह अजर अमर है और उसके बिना तो सृष्टि का संचालन एक कल्पना मात्र इसलिए हमें पूर्ण विश्वास करना चाहिए कि भगवान हम सब के बीच हमेशा रहता है धन्यवाद

mitron namaskar main dinesh patel office me koi soochna hai kya bhagwan hote nishchit roop se parampita parmeshwar bhagwan hum sab ke andar vidyaman hain jis prakar se paani me chini ko bol diya jaaye toh mithaas ke roop me hamein ehsaas karati hai ki hum isme bole honge theek usi prakar yah aur bhi hamare andar puran ke roop me vidyaman hai agar hum khate hain khana hajam hota toh jab saamne ke roop me vaah hai saans lete hain toh saans ke roop me hai hum dekhte hain toh dekhne ki kala ke roop me hai jo bhi kriyakalap karte hain vaah ishwar agar hamare andar vidyaman hai tabhi hum chal phir paa rahe hain main toh sharir sambandh arama hai panchatatwa me vileen ho jata hai jinke andar ya tum tatvon ne praan tatva ishwar ka astitva jab tak rehta hai tab tak vaah kai vidhiyan karta rehta hai nahi toh shaant ho jata hai log use panchatatwa me vileen kar dete hain agni ko samarpit kar dete hain ya mitti ko samajh yah toh is group se hamein vishwas karna chahiye ki hum ji rahe ishwar hai aur uske bina ek patta bhi nahi sakta hai sabse badi baar ishwar ya bhagwan ke upar vishwas ko karna hoga aur jab apne upar vishwas hota hai tabhi ishwar par vishwas hota hai kyonki hamare andar bhi wahi swarg prapt hai aatma ke roop me ishwar paramatma hai usne apne apne ko bahut roop me bandhkar ke har prani ke andar rakhne ko vyapt kar rakha hai pura sansar kishore ka pratirodh karta hai jo bhi hum karya karte hain aur ishwar ke dwara hi sampann karae jaate vaah chahega toh pata hi lega nahi chahega toh nahi man me yah dimag me yah baat bhi kha lijiye ishwar jo hai vaah shushk roop se har samay har pal bhoot bhavishya vartaman main har saal ke andar vyapt hai vaah ajar amar hai aur uske bina toh shrishti ka sanchalan ek kalpana matra isliye hamein purn vishwas karna chahiye ki bhagwan hum sab ke beech hamesha rehta hai dhanyavad

मित्रों नमस्कार मैं दिनेश पटेल ऑफिस में कोई सूचना है क्या भगवान होते निश्चित रूप से परमपि

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Rakesh Tiwari

Life Coach, Management Trainer

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क्या भगवान होते हैं निश्चित रूप से मैं विश्वास करता हूं क्योंकि मुझे ऐसा लगता है कि मुझे ढूंढने की ताकत देती है आपके प्रश्न का उत्तर देने की क्षमता देती है इसको विश्लेषण करने की अच्छा दुकान पर आती है वह शक्ति ऊर्जा और अपने मूल प्रमाण पत्र में इस जीवन को समाप्त करने के बाद स्थित हो जाती है तो ऐसा यकीन करता हूं और जब तक विज्ञान मत पर विजय प्राप्त नहीं करेगा तब तक मैं यकीन कर दी है प्रकृति के समक्ष और जी श्री समर्थ के समक्ष विज्ञान की विज्ञान का कोई भी अस्तित्व नहीं है तो कह नहीं सकता एक छोटे से वायरस में पूरे अमेरिका पूरे वेस्टर्न कंट्रीज भविष्य को तबाह कर दिया और इस वायरस को आप बहुत सारी नियुक्तियां ताकत बहुत सारे अस्त्र-शस्त्र बहुत सारी मिले इससे आप नहीं मान सकते बड़े-बड़े नहीं कर सके उसमें आदमी आदमी का है कार से बड़ा

kya bhagwan hote hain nishchit roop se main vishwas karta hoon kyonki mujhe aisa lagta hai ki mujhe dhundhne ki takat deti hai aapke prashna ka uttar dene ki kshamta deti hai isko vishleshan karne ki accha dukaan par aati hai vaah shakti urja aur apne mul pramaan patra me is jeevan ko samapt karne ke baad sthit ho jaati hai toh aisa yakin karta hoon aur jab tak vigyan mat par vijay prapt nahi karega tab tak main yakin kar di hai prakriti ke samaksh aur ji shri samarth ke samaksh vigyan ki vigyan ka koi bhi astitva nahi hai toh keh nahi sakta ek chote se virus me poore america poore western countries bhavishya ko tabah kar diya aur is virus ko aap bahut saari niyuktiyaan takat bahut saare astra shastra bahut saari mile isse aap nahi maan sakte bade bade nahi kar sake usme aadmi aadmi ka hai car se bada

क्या भगवान होते हैं निश्चित रूप से मैं विश्वास करता हूं क्योंकि मुझे ऐसा लगता है कि मुझे ढ

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Sachin Sinha

Journalist

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भगवान तो होते हैं भाई आपको मैं से समझाना चाहूंगा जहां छाई है वहां बुराई है और जहां थानों में वो भगवान है भगवान ने अपना काम मसाला दिखाया कृष्ण अवतार दिखाएं भगवान होते नहीं आ जा रहे हो बड़ी से बच्चे सब अच्छे हैं तुरंत आपको भगवान याद आते हैं वहां पर आते हैं ना जब आपका एग्जाम होता है तीन भगवान याद आते हैं भगवान कैसे बने भगवान भगवान महावीर जानू पासबुक से गुहार करते हैं वही आपके भगवान हैं भगवान को आप याद करें या ना करें माने ना माने उसे हुआ को करते-करते माने या न माने लेकिन यह एक ऐसी शक्ति है जो और सोचने पर विवश करते रहती है भगवान की राह पर हैं वह छोटी छोटी बच्चों की बॉडी की पत्तियां जिससे हम कहां लगता है भगवान है

bhagwan toh hote hain bhai aapko main se samajhana chahunga jaha chhai hai wahan burayi hai aur jaha thanon me vo bhagwan hai bhagwan ne apna kaam masala dikhaya krishna avatar dikhaen bhagwan hote nahi aa ja rahe ho badi se bacche sab acche hain turant aapko bhagwan yaad aate hain wahan par aate hain na jab aapka exam hota hai teen bhagwan yaad aate hain bhagwan kaise bane bhagwan bhagwan mahavir janu passbook se guhar karte hain wahi aapke bhagwan hain bhagwan ko aap yaad kare ya na kare maane na maane use hua ko karte karte maane ya na maane lekin yah ek aisi shakti hai jo aur sochne par vivash karte rehti hai bhagwan ki raah par hain vaah choti choti baccho ki body ki pattiyan jisse hum kaha lagta hai bhagwan hai

भगवान तो होते हैं भाई आपको मैं से समझाना चाहूंगा जहां छाई है वहां बुराई है और जहां थानों म

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Phool Kanwar

Business Owner

1:24
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क्या भगवान होते हैं बहुत अच्छा कौन आपने किया है रचना सृष्टि हम और यह भी एक भगवान का ही अवतार डिपेंड हमारे ऊपर करता है कि हम इस उद्देश्य के साथ मृत्यु जन्म अगर आज हमने मृत्यु लोक में जन्म दिया है इसलिए पूछते हैं हम मरते हैं याद करते हैं भगवान के प्रति आशिकों के अपने आप को लगाते हैं आपको शायद भगवान भगवान की

kya bhagwan hote hain bahut accha kaun aapne kiya hai rachna shrishti hum aur yah bhi ek bhagwan ka hi avatar depend hamare upar karta hai ki hum is uddeshya ke saath mrityu janam agar aaj humne mrityu lok me janam diya hai isliye poochhte hain hum marte hain yaad karte hain bhagwan ke prati ashikon ke apne aap ko lagate hain aapko shayad bhagwan bhagwan ki

क्या भगवान होते हैं बहुत अच्छा कौन आपने किया है रचना सृष्टि हम और यह भी एक भगवान का ही अव

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Dr.Nisha Joshi

Psychologist

0:60
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बहुत ही अच्छा प्रश्न है क्या भगवान होते नहीं फिर भी आप सांस लेते हो ना ऑक्सीजन लेते हो और कार्बन छोड़कर अपने पास ही है कण कण में बसे हैं भगवान यह बोलते हैं लोग इंसान जब एक इंसान दूसरे इंसान को धोखा देता है वह पकवान के पास जाता है और उससे बातचीत करता है वह रिलैक्स हो जाता है जब कोई इंसान नहीं होता है तो पति भी और नहीं भी होते अब आप तय कर लीजिए कि भगवान होते हैं या नहीं होते ठीक है

bahut hi accha prashna hai kya bhagwan hote nahi phir bhi aap saans lete ho na oxygen lete ho aur carbon chhodkar apne paas hi hai kan kan mein base hain bhagwan yah bolte hain log insaan jab ek insaan dusre insaan ko dhokha deta hai vaah pakvaan ke paas jata hai aur usse batchit karta hai vaah relax ho jata hai jab koi insaan nahi hota hai toh pati bhi aur nahi bhi hote ab aap tay kar lijiye ki bhagwan hote hain ya nahi hote theek hai

बहुत ही अच्छा प्रश्न है क्या भगवान होते नहीं फिर भी आप सांस लेते हो ना ऑक्सीजन लेते हो और

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Bk soni

Rajyoga Teacher

1:14
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हमको बहुत अच्छा प्रश्न है कि क्या भगवान होते हैं पहले यह बताइए अगर भगवान होते नहीं तो आप बनाते क्यों मांगते हैं जरूर है तभी तो मन्नते मांगते हैं पर हां जरूर यहां नहीं है तभी तो उनको बुलाते हैं कि हे पतित पावन अशांति के दाता सुख के दाता ज्ञान के सागर आओ हमें दुख से जुड़ा हुआ है तभी तो बुलाते हैं ना मना वह इस दुनिया में नहीं है इस दुख की दुनिया में कलयुग की दुनिया में नहीं है पर है जब हमें कोई दुख देता है तो हमें ऊपर बुद्धि जाती है भगवान तू ही देख लेना ऐसे बुद्धि जाती है इसका अर्थ है कि हां कहीं ना कहीं भगवान है और भगवान का सत्य परिचय सही परिचय जाने के लिए आप हमारे और भी बहुत सारे ऑडियो थे उसको आप सुनेंगे तो आपको भगवान कर सकती है परिचय मिलता है

hamko bahut accha prashna hai ki kya bhagwan hote hain pehle yah bataiye agar bhagwan hote nahi toh aap banate kyon mangate hain zaroor hai tabhi toh mannate mangate hain par haan zaroor yahan nahi hai tabhi toh unko bulate hain ki hai patit paavan ashanti ke data sukh ke data gyaan ke sagar aao hamein dukh se juda hua hai tabhi toh bulate hain na mana vaah is duniya mein nahi hai is dukh ki duniya mein kalyug ki duniya mein nahi hai par hai jab hamein koi dukh deta hai toh hamein upar buddhi jaati hai bhagwan tu hi dekh lena aise buddhi jaati hai iska arth hai ki haan kahin na kahin bhagwan hai aur bhagwan ka satya parichay sahi parichay jaane ke liye aap hamare aur bhi bahut saare audio the usko aap sunenge toh aapko bhagwan kar sakti hai parichay milta hai

हमको बहुत अच्छा प्रश्न है कि क्या भगवान होते हैं पहले यह बताइए अगर भगवान होते नहीं तो आप ब

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B.k.Narayana swamy

Yoga Instructor and Meditation Expert

1:24

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Amit Chowdhry

Operational Head

2:37
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आपका प्रश्न है क्या भगवान होते हैं बिल्कुल होते हैं मैं मानता हूं होता है और तुम क्या मुझे विश्वास है कि भगवान होते हैं क्योंकि वही आस्था का प्रतीक और केंद्र अब आप पूछोगे कि इस तरीके से क्या भगवान को किसी ने देखा है या भगवान कौन होते हैं तो मैं जो अपनी समझ के हिसाब से बता सकता हूं और जहां तक मुझे अपने अध्यात्म को मैं दे सकता हूं क्योंकि जहां तक मैं अपने आध्यात्मिक ज्ञान के हिसाब से और जहां तक मैं अपने सोच का विश्लेषण कर सकता हूं तो क्या अध्यात्मा अपने आप में एक बहुत बड़ा विषय है स्वयं ऋषि मुनि भी अध्यात्म का पूर्ण ज्ञान प्राप्त करने के लिए वर्षो तपस्या करते थे और तब उसके बाद स्वयं भगवान उनके सामने प्रत्यक्ष रूप से दर्शन दे करके उन्हें उस ज्ञान की प्राप्ति कराते थे मैं वहां तक की बात नहीं करता हूं जैसा कि चेन्नै थे या प्रमाणित है हमारे यहां की ग्रंथों में रामायण में महाभारत में या अन्य धार्मिक ग्रंथों में अन्य धर्मों की ग्रंथों में भी कि भगवान होते हैं ईश्वर होता है अल्लाह होता है मैं सिर्फ इतना देख सकता हूं कि भगवान ने दो लोगों को जरूर देता है अपने रूप में माता और पिता जिनका एहसास हमें होता है हम तो चल भी नहीं पाते अगर वह ना हो तो शायद हम अपने किए हुए मल त्याग में भी हमको लेटा रहना पड़े और हमें पता भी ना हो शायद हम जीवन ही नहीं आए हम इस धरती पर ही नहीं आया और ना ही ऐसा हम सोच पाए मैं ऊंचा विश्वास के साथ कह सकता हूं कि भगवान होते हैं क्योंकि उनकी मूर्ति मूर्ति थी मैंने अपने माता-पिता में देखिए और माता-पिता एक ऐसे होते हैं जो हमें भगवान का रास्ता दिखाते हैं जो हमें धर्म के मार्ग पर चलाते और जो हमारे सबसे पहले गुरु होते हैं भाग्यशाली हैं वह लोग जिनके मां-बाप उनको सारी शिक्षा और दीक्षा ओं का प्रदान करते हैं और भगवान माता पिता के रूप में अपनी मूर्तियां भेजते हैं वह हमारा ख्याल रखने से लेकर के बाकी सारे काम करता है तो हां मैं कहूंगा भगवान होते और भगवान को महसूस भी कर सकते हैं धन्यवाद

aapka prashna hai kya bhagwan hote hain bilkul hote hain main manata hoon hota hai aur tum kya mujhe vishwas hai ki bhagwan hote hain kyonki wahi astha ka prateek aur kendra ab aap puchoge ki is tarike se kya bhagwan ko kisi ne dekha hai ya bhagwan kaun hote hain toh main jo apni samajh ke hisab se bata sakta hoon aur jaha tak mujhe apne adhyaatm ko main de sakta hoon kyonki jaha tak main apne aadhyatmik gyaan ke hisab se aur jaha tak main apne soch ka vishleshan kar sakta hoon toh kya adhyatma apne aap mein ek bahut bada vishay hai swayam rishi muni bhi adhyaatm ka purn gyaan prapt karne ke liye varsho tapasya karte the aur tab uske baad swayam bhagwan unke saamne pratyaksh roop se darshan de karke unhe us gyaan ki prapti karate the main wahan tak ki baat nahi karta hoon jaisa ki chennai the ya pramanit hai hamare yahan ki granthon mein ramayana mein mahabharat mein ya anya dharmik granthon mein anya dharmon ki granthon mein bhi ki bhagwan hote hain ishwar hota hai allah hota hai sirf itna dekh sakta hoon ki bhagwan ne do logo ko zaroor deta hai apne roop mein mata aur pita jinka ehsaas hamein hota hai hum toh chal bhi nahi paate agar vaah na ho toh shayad hum apne kiye hue mal tyag mein bhi hamko leta rehna pade aur hamein pata bhi na ho shayad hum jeevan hi nahi aaye hum is dharti par hi nahi aaya aur na hi aisa hum soch paye main uncha vishwas ke saath keh sakta hoon ki bhagwan hote hain kyonki unki murti murti thi maine apne mata pita mein dekhiye aur mata pita ek aise hote hain jo hamein bhagwan ka rasta dikhate hain jo hamein dharm ke marg par chalte aur jo hamare sabse pehle guru hote hain bhagyashali hain vaah log jinke maa baap unko saree shiksha aur diksha on ka pradan karte hain aur bhagwan mata pita ke roop mein apni murtiya bhejate hain vaah hamara khayal rakhne se lekar ke baki saare kaam karta hai toh haan main kahunga bhagwan hote aur bhagwan ko mehsus bhi kar sakte hain dhanyavad

आपका प्रश्न है क्या भगवान होते हैं बिल्कुल होते हैं मैं मानता हूं होता है और तुम क्या मुझे

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Karan Janwa

Automobile Engineer

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अगर आपके सवाल पूछ रहे हो अगर आप का अस्तित्व है और अपने हाथों से इस क्षण को टाइप किया है तो इस पर जरूर होता है ईश्वर हमारे मन की ही उठती है उपनिषदों में कहा गया है कि प्रज्ञा भ्रम है मैं भी ब्रह्मा यह आत्मा भ्रम है आप भी एक भ्रम है तो ब्रह्मा को ईश्वर का स्वरूप माना जाता है तो आप स्वयं भ्रम में हैं आप सोचते हैं क्या कर सकते हैं यह ब्रह्मा होता है यह सभी के अंदर रहता है वह सारी दुनिया में फैला हुआ है चेतना

agar aapke sawaal puch rahe ho agar aap ka astitva hai aur apne hathon se is kshan ko type kiya hai toh is par zaroor hota hai ishwar hamare man ki hi uthati hai upnishadon mein kaha gaya hai ki pragya bharam hai bhi brahma yah aatma bharam hai aap bhi ek bharam hai toh brahma ko ishwar ka swaroop mana jata hai toh aap swayam bharam mein hain aap sochte kya kar sakte hain yah brahma hota hai yah sabhi ke andar rehta hai vaah saree duniya mein faila hua hai chetna

अगर आपके सवाल पूछ रहे हो अगर आप का अस्तित्व है और अपने हाथों से इस क्षण को टाइप किया है तो

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मानो तो पंकज है ना मानो तो मानो तो शंकर है ना मानो तो कम करें अगर हम ईश्वर को मानेंगे तो पकड़ में हर जगह ईश्वर है हमारे अंदर भी भगवान का वास है और अगर हम नहीं मानेंगे तो भगवान ने आपके सवालों के लिए प्रकृति और हम किस आधार पर इस पृथ्वी पर टिके होते जो हमें सोचना समझना चाहिए इसलिए ईश्वर इस जगत में ही नहीं पूरे संसार में भीषण में व्याप्त है ईश्वर के बिना हम कुछ भी नहीं कर सकते पंजाबी नहीं

maano toh pankaj hai na maano toh maano toh shankar hai na maano toh kam kare agar hum ishwar ko manenge toh pakad mein har jagah ishwar hai hamare andar bhi bhagwan ka was hai aur agar hum nahi manenge toh bhagwan ne aapke sawalon ke liye prakriti aur hum kis aadhaar par is prithvi par tike hote jo hamein sochna samajhna chahiye isliye ishwar is jagat mein hi nahi poore sansar mein bhishan mein vyapt hai ishwar ke bina hum kuch bhi nahi kar sakte punjabi nahi

मानो तो पंकज है ना मानो तो मानो तो शंकर है ना मानो तो कम करें अगर हम ईश्वर को मानेंगे तो प

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क्या भगवान होते हैं भगवान जो है ईश्वर अल्लाह एक विश्वास हमारा विश्वास है आप यह समझे कि विज्ञान ने इतनी तरक्की कि हम विज्ञान हमको विश्वास से बरेली जाता है कहीं-कहीं लेकिन विज्ञान ने रोशनी बनाई विज्ञान रोशनी बना सकता है लेकिन धूप नहीं बना सकता आज तक कितनी खोजे हुई लेकिन एक धूल का करण विज्ञान नहीं बना सका आज पूरे ब्रह्मांड में सूर्य का उदय होना अस्त होना यह किसी ने अविष्कार नहीं किया हम एक दूसरे से मिलते हैं परिवार चलते हैं एक दूसरे पर विश्वास होता है यह इस सृष्टि का बनाए हुए नियम जो हम मानते हैं कि ईश्वर प्रदत्त वस्तुएं हैं संबंध हैं और हम ईश्वर को एक आस्था का रूप मानकर उन संबंधों को निभाते हैं हम यह मानते हैं कि अगर हमने ऐसा करा तो भगवान नाराज हो जाएंगे पाप लगेगा या यह करेंगे जो सृष्टि ने जो नियम बना रखे हैं अगर हम यह करते हैं तो इससे पुण्य होगा तो कहीं न कहीं भगवान एक आस्था का केंद्र है एक और हम सब यह मानते हैं एक शक्ति है जो इस दुनिया को चला रही है भगवान आपके अंदर हैं इसीलिए कहा गया है कि आत्मा सो परमात्मा और आत्मा कभी झूठ नहीं बोलती उसे परमात्मा का इसीलिए दर्जा दिया गया है कि आप एक उदाहरण ले सत्य है कि आप दिन भर में जो भी करते हैं किसी से झूठ बोलते हैं सच बोलते हैं आपने कुछ गलत किया सही किया इसका आकलन आप केवल जब अपने शयनकक्ष में जाकर और 5 मिनट केवल आंखें बंद करके आप ध्यान करें सुबह से लगा कि शाम तक तो आपका मन आपकी आत्मा वह बताएं कि आपने यहां झूठ बोला है आपने यह सही किया है इसके साथ आपने फ्रॉड किया क्योंकि परमात्मा कभी झूठ नहीं बोलता इसीलिए भगवान एक शक्ति का नाम है और ईश्वर अदृश्य शक्ति है जो इस ब्रह्मांड का संचालन कर रही है इसे विज्ञान भले ही इससे नकारा करें लेकिन यह एक परम सत्य है कि कोई न कोई शक्ति है उसे हम भगवान के थे जो इस ब्रह्मांड का संचालन कर रही है और हम सबको जिसमें एक आस्था के दौर में बांधे रखा है अगर व्यक्ति किसी के प्रति आस्थावान हैं जिसे पुत्र पिता के लिए आस्थावान है तो उसके लिए वह भगवान है हम जिसके प्रति आस्था रखते हैं वह हमारे लिए भगवान और भगवान का शोरूम आप माता-पिता में देखें भगवान एक सकती है जैसे माता-पिता माता-पिता जन्म देकर आपको कर्म करने लायक बनाते हैं तू जिस जिस ने आप को जन्म दिया आप इसको आगे तक ले जाएं कभी न कभी इस धरा पर एक महिला और एक पुरुष में तो उनकी उत्पत्ति किसी शक्ति ने तो कि हम सब उस परमपिता के बालक है तो कहीं न कहीं यह सत्य है कि भगवान है एक शक्ति है जिसे हम भगवान के रूप में जानते हैं

kya bhagwan hote hain bhagwan jo hai ishwar allah ek vishwas hamara vishwas hai aap yah samjhe ki vigyan ne itni tarakki ki hum vigyan hamko vishwas se bareilly jata hai kahin kahin lekin vigyan ne roshni banai vigyan roshni bana sakta hai lekin dhoop nahi bana sakta aaj tak kitni khoje hui lekin ek dhul ka karan vigyan nahi bana saka aaj poore brahmaand mein surya ka uday hona ast hona yah kisi ne avishkar nahi kiya hum ek dusre se milte hain parivar chalte hain ek dusre par vishwas hota hai yah is shrishti ka banaye hue niyam jo hum maante hain ki ishwar pradatt vastuyen hain sambandh hain aur hum ishwar ko ek astha ka roop maankar un sambandhon ko nibhate hain hum yah maante hain ki agar humne aisa kara toh bhagwan naaraj ho jaenge paap lagega ya yah karenge jo shrishti ne jo niyam bana rakhe hain agar hum yah karte hain toh isse punya hoga toh kahin na kahin bhagwan ek astha ka kendra hai ek aur hum sab yah maante hain ek shakti hai jo is duniya ko chala rahi hai bhagwan aapke andar hain isliye kaha gaya hai ki aatma so paramatma aur aatma kabhi jhuth nahi bolti use paramatma ka isliye darja diya gaya hai ki aap ek udaharan le satya hai ki aap din bhar mein jo bhi karte hain kisi se jhuth bolte hain sach bolte hain aapne kuch galat kiya sahi kiya iska aakalan aap keval jab apne shayanakaksh mein jaakar aur 5 minute keval aankhen band karke aap dhyan kare subah se laga ki shaam tak toh aapka man aapki aatma vaah bataye ki aapne yahan jhuth bola hai aapne yah sahi kiya hai iske saath aapne fraud kiya kyonki paramatma kabhi jhuth nahi bolta isliye bhagwan ek shakti ka naam hai aur ishwar adrishya shakti hai jo is brahmaand ka sanchalan kar rahi hai ise vigyan bhale hi isse nakara kare lekin yah ek param satya hai ki koi na koi shakti hai use hum bhagwan ke the jo is brahmaand ka sanchalan kar rahi hai aur hum sabko jisme ek astha ke daur mein bandhe rakha hai agar vyakti kisi ke prati asthawan hain jise putra pita ke liye asthawan hai toh uske liye vaah bhagwan hai hum jiske prati astha rakhte hain vaah hamare liye bhagwan aur bhagwan ka showroom aap mata pita mein dekhen bhagwan ek sakti hai jaise mata pita mata pita janam dekar aapko karm karne layak banate hain tu jis jis ne aap ko janam diya aap isko aage tak le jayen kabhi na kabhi is dhara par ek mahila aur ek purush mein toh unki utpatti kisi shakti ne toh ki hum sab us parampita ke balak hai toh kahin na kahin yah satya hai ki bhagwan hai ek shakti hai jise hum bhagwan ke roop mein jante hain

क्या भगवान होते हैं भगवान जो है ईश्वर अल्लाह एक विश्वास हमारा विश्वास है आप यह समझे कि

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