केदारनाथ और काशी शक्तिशाली स्‍थान क्यों हैं?...


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Jitendra Singh

Social Worker

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केदारनाथ में शक्तिशाली स्थान क्यों है काशी केदार में देखिए स्थान का जो महत्व है वहां के जीव प्राणी मात्र वहां की संस्कृति से 1 लोगों की भावनाओं से भोपाल से काशी जी में अच्छे लोग जो है आज तक बिका सीधी से धर्म पुराण इतिहास वहीं से चलता है हंसी में अभी भी तीन-तीन टाइम पूजा करने वाले आज भी काशी में लो अगर एक बार वह बाथरूम में जाए तो अगर वह किसी कारण से लैट्रिन होकर आते हैं तो आज भी आते हैं वह अपने लिए पाबंद है जहां का इंसान अपने धर्म और कर्म और संस्कृति को साथ लेकर जीता है उस स्थान की सुगंध अलग ही हो हमको ऐसे मानना चाहिए कि हम अपने को देखे हम कितने अपने शास्त्रों के हिसाब से जी रहे हैं हमारा जीवन आज आधुनिक तरीके का हो गया लेकिन वहां के लोग बात अभी भी बहुत कुछ बचाए हुए इसलिए वहां आज भी हम लोग इस चीज को मानते हैं जहां जीव का भाव ज्यादा होगा देवस्थान का नाम ऊंचा होगा केदारनाथ में भी आप देखिए जितने भी आसपास के लोग हैं वह सभी बड़े ईमानदार प्रेम जी और अपनी संस्कृति में जीने वाले लोग उन लोगों से हम को समझना चाहिए और अपने धर्म स्थान दिया अपनी जन्मभूमि पहुंचा बनाना चाहिए वहां की संस्कृति को बिल्कुल लोग अपने जीवन से ज्यादा महत्व देते हम लोगों को भी ऐसा करना चाहिए जहां जैसा जीव होते हैं जहां संस्कृति जैसी होती है उसका नाम बेटी का अनुभव होता है इसलिए हर हर महादेव जय शिव शंभू

kedarnath me shaktishali sthan kyon hai kashi kedar me dekhiye sthan ka jo mahatva hai wahan ke jeev prani matra wahan ki sanskriti se 1 logo ki bhavnao se bhopal se kashi ji me acche log jo hai aaj tak bika seedhi se dharm puran itihas wahi se chalta hai hansi me abhi bhi teen teen time puja karne waale aaj bhi kashi me lo agar ek baar vaah bathroom me jaaye toh agar vaah kisi karan se latrine hokar aate hain toh aaj bhi aate hain vaah apne liye paband hai jaha ka insaan apne dharm aur karm aur sanskriti ko saath lekar jita hai us sthan ki sugandh alag hi ho hamko aise manana chahiye ki hum apne ko dekhe hum kitne apne shastron ke hisab se ji rahe hain hamara jeevan aaj aadhunik tarike ka ho gaya lekin wahan ke log baat abhi bhi bahut kuch bachaye hue isliye wahan aaj bhi hum log is cheez ko maante hain jaha jeev ka bhav zyada hoga devasthaan ka naam uncha hoga kedarnath me bhi aap dekhiye jitne bhi aaspass ke log hain vaah sabhi bade imaandaar prem ji aur apni sanskriti me jeene waale log un logo se hum ko samajhna chahiye aur apne dharm sthan diya apni janmbhoomi pohcha banana chahiye wahan ki sanskriti ko bilkul log apne jeevan se zyada mahatva dete hum logo ko bhi aisa karna chahiye jaha jaisa jeev hote hain jaha sanskriti jaisi hoti hai uska naam beti ka anubhav hota hai isliye har har mahadev jai shiv sambhu

केदारनाथ में शक्तिशाली स्थान क्यों है काशी केदार में देखिए स्थान का जो महत्व है वहां के जी

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देखो यह द्वादश शिवलिंग के ही दोनों अंग है जो दादा शिव लिंगों की जो पूजा होती है उनमें केदारनाथ भी और बनारस के काशी विश्वनाथ जी क्योंकि यह थोड़ा साइड अत्याधिक पूज्य स्थान पर हैं एक उद्गम में है यहां से गंगोत्री के पास और एक समापन में हैं तो समापन में मुक्ति देते हैं और उद्गम उद्गम विज्ञान वहां वहां से केदारनाथ से जो शिक्षा ज्ञान और अध्यात्म की महानता की शिक्षा मिलती है वहां से जीवन का प्रारंभ होता है उद्गम का जीवन के उद्गम का अगर वहां तपस्वी योगी आता है तो तपस्वी के जीवन का उद्गम और यहां उसका अंतिम संस्कार जो होता है यहां उसकी मुक्ति मुक्ति धाम बोला जाता है बनारस इसलिए इन दोनों को ज्यादा महत्व है बाकी माता तो सबकी ज्यादा है चाहे वह महाकालेश्वर का ले लीजिए और सब सभी नदियों के किनारे किनारे हैं महाकालेश्वर उज्जैन में है उसके प्राण में है इसके बाद जिधर चार बाबा बैजनाथ के लिए एलिजिबल जितने भी है बात द्वादश शिवलिंग जो है वह सब अच्छे अच्छे स्थानों पर ही हैं और प्रभु ने उनकी स्थापना की है वह एक अध्यात्मिक तरीके से उनकी स्थापना की गई

dekho yah dwadash shivling ke hi dono ang hai jo dada shiv lingon ki jo puja hoti hai unmen kedarnath bhi aur banaras ke kashi vishwanath ji kyonki yah thoda side atyadhik PUJYA sthan par hain ek udgam me hai yahan se gangotri ke paas aur ek samapan me hain toh samapan me mukti dete hain aur udgam udgam vigyan wahan wahan se kedarnath se jo shiksha gyaan aur adhyaatm ki mahanata ki shiksha milti hai wahan se jeevan ka prarambh hota hai udgam ka jeevan ke udgam ka agar wahan tapaswi yogi aata hai toh tapaswi ke jeevan ka udgam aur yahan uska antim sanskar jo hota hai yahan uski mukti mukti dhaam bola jata hai banaras isliye in dono ko zyada mahatva hai baki mata toh sabki zyada hai chahen vaah mahakaleshwar ka le lijiye aur sab sabhi nadiyon ke kinare kinare hain mahakaleshwar ujjain me hai uske praan me hai iske baad jidhar char baba baijnath ke liye elligible jitne bhi hai baat dwadash shivling jo hai vaah sab acche acche sthano par hi hain aur prabhu ne unki sthapna ki hai vaah ek adhyatmik tarike se unki sthapna ki gayi

देखो यह द्वादश शिवलिंग के ही दोनों अंग है जो दादा शिव लिंगों की जो पूजा होती है उनमें केदा

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ज्योतिषी झा मेरठ (Pt. K L Shashtri)

खगोलशास्त्री ज्योतिषी झा मेरठ,झंझारपुर और मुम्बई

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सुरेश चंद आचार्य

Social Worker ( Self employed )

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नमस्कार दोस्तों केदारनाथ और काशी दोनों ही भगवान शिव के 1 ज्योतिर्लिंग है पुराणों के अनुसार वहां पर भगवान शिव साक्षात निवास करते हैं इसीलिए यह दोनों एक प्रकार से ज्योतिर्लिंग यानी साक्षात वहां पर भगवान शिव की शक्तियां आज भी विद्यमान है

namaskar doston kedarnath aur kashi dono hi bhagwan shiv ke 1 jyotirling hai purano ke anusaar wahan par bhagwan shiv sakshat niwas karte hain isliye yah dono ek prakar se jyotirling yani sakshat wahan par bhagwan shiv ki shaktiyan aaj bhi vidyaman hai

नमस्कार दोस्तों केदारनाथ और काशी दोनों ही भगवान शिव के 1 ज्योतिर्लिंग है पुराणों के अनुसार

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DR OM PRAKASH SHARMA

Principal, Education Counselor, Best Experience in Professional and Vocational Education cum Training Skills and 25 years experience of Competitive Exams. 9212159179. dsopsharma@gmail.com

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कर्नाटक काशीनाथ सबसे शक्तिशाली धाम देखिए सभी प्रभु की शक्ति सामान्य न किसी के जागरण में ना किसी के काम ना वहां तक पहुंचने का मार्ग कुल्फी निर्भर होता तो सुबह में बहुत कष्टदायक भगा माना के दर्शन करने के लिए विभिन्न कष्टों का सहारा लेना पड़ता है ऑर्केस्ट्रा से गुजरना पड़ता है बाबा विश्वनाथ काशी नाथ की यात्रा के लिए इंसान को बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ा उनको शक्तिशाली नाम आ जाता है क्योंकि शक्ति के हिसाब से सभी देवता एक्टिव सामान शक्ति प्रदान करें किसी के पास में हनु किसी के पास कमजोर सकती है जिनके पास जो है और आपको जॉब मिल जाए वही आपकी विशाल शक्ति से बड़ी शक्ति

karnataka kashinath sabse shaktishali dhaam dekhiye sabhi prabhu ki shakti samanya na kisi ke jagran me na kisi ke kaam na wahan tak pahuchne ka marg kulfi nirbhar hota toh subah me bahut kashtdayak bhaga mana ke darshan karne ke liye vibhinn kaston ka sahara lena padta hai orchestra se gujarana padta hai baba vishwanath kashi nath ki yatra ke liye insaan ko bahut si pareshaniyo ka samana karna pada unko shaktishali naam aa jata hai kyonki shakti ke hisab se sabhi devta active saamaan shakti pradan kare kisi ke paas me hanu kisi ke paas kamjor sakti hai jinke paas jo hai aur aapko job mil jaaye wahi aapki vishal shakti se badi shakti

कर्नाटक काशीनाथ सबसे शक्तिशाली धाम देखिए सभी प्रभु की शक्ति सामान्य न किसी के जागरण में न

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Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

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केदारनाथ और काफी शक्तिशाली है इसके अलावा हमारे पूरे भारत में 12 स्वयंभू ज्योतिर्लिंग है जिनको ज्योतिर्लिंग 12 बोलते हैं उसमें केदारनाथ और काशी विश्वनाथ भगवान जय काशी विश्वनाथ की काशी में स्थित केदारनाथ की तरह शिवलिंग है बैंक के पीछे के बाग का जो होता है वह आकृति को शिवलिंग है जो आगे का जो भाग है वह पशुपतिनाथ में जो कि नेपाल में स्थित है यह जगह जो 12 ज्योतिर्लिंग और नेपाल का पशुपतिनाथ मंदिर एक दर्शन करने पर हमें दिव्य शांति की अनुभूति होती है ऐसे उसमें वाइब्रेशंस जो हैं इतने अच्छे आते हैं कि हमारी आत्मा एक अलग करती है और यह मैंने 12 ज्योतिर्लिंग का दर्शन किया हुआ है और पशुपतिनाथ जी का भी दर्शन किया बहुत ही अच्छा अनुभव है बहुत ही अच्छी अनुभूति होती है और हम अपने आप को धन्य महसूस करते हैं जय हिंद

kedarnath aur kaafi shaktishali hai iske alava hamare poore bharat mein 12 sayambhu jyotirling hai jinako jyotirling 12 bolte hain usme kedarnath aur kashi vishwanath bhagwan jai kashi vishwanath ki kashi mein sthit kedarnath ki tarah shivling hai bank ke peeche ke bagh ka jo hota hai vaah akriti ko shivling hai jo aage ka jo bhag hai vaah pashupatinath mein jo ki nepal mein sthit hai yah jagah jo 12 jyotirling aur nepal ka pashupatinath mandir ek darshan karne par hamein divya shanti ki anubhuti hoti hai aise usme vaibreshans jo hain itne acche aate hain ki hamari aatma ek alag karti hai aur yah maine 12 jyotirling ka darshan kiya hua hai aur pashupatinath ji ka bhi darshan kiya bahut hi accha anubhav hai bahut hi achi anubhuti hoti hai aur hum apne aap ko dhanya mehsus karte hain jai hind

केदारनाथ और काफी शक्तिशाली है इसके अलावा हमारे पूरे भारत में 12 स्वयंभू ज्योतिर्लिंग है जि

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Karan Janwa

Automobile Engineer

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केदारनाथ भारत के 1 ज्योतिर्लिंग में से प्रमुख ज्योतिर्लिंग है आशिकों बनारस भी कहते हैं यह भी भारत के प्रमुख तीर्थ सूर्य शक्ति संस्थान इसलिए कि काशी के अंदर काशी विश्वनाथ विश्वेश्वर और केदारनाथ पर यह दोनों ही भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों में से ज्योतिर्लिंग ज्योतिर्लिंग ज्योतिर्लिंग होते हैं वह शक्तिपुंज शक्ति का प्रतीक होते हैं तो इसलिए उनको केदारनाथ और काशी को शक्तिशाली स्थान माना जाता है कि यहां पर अगर भगवान शंकर के 2 ज्योतिर्लिंग है

kedarnath bharat ke 1 jyotirling mein se pramukh jyotirling hai ashikon banaras bhi kehte hain yah bhi bharat ke pramukh tirth surya shakti sansthan isliye ki kashi ke andar kashi vishwanath vishweshwar aur kedarnath par yah dono hi bharat ke 12 jyotirlingon mein se jyotirling jyotirling jyotirling hote hain vaah shaktipunj shakti ka prateek hote hain toh isliye unko kedarnath aur kashi ko shaktishali sthan mana jata hai ki yahan par agar bhagwan shankar ke 2 jyotirling hai

केदारनाथ भारत के 1 ज्योतिर्लिंग में से प्रमुख ज्योतिर्लिंग है आशिकों बनारस भी कहते हैं यह

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Dr.Nisha Joshi

Psychologist

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छपरा से केदारनाथ और काशी शक्तिशाली शक्तिशाली शंकर भगवान का बरसों से पुरातत्व से भी पहले से जाना जाता है कि वहां पर शिवलिंग शंकर भगवान खुद प्रगट होते और स्वयंभू खुद का शिवलिंग उन्होंने बनाया था उससे और अच्छे पवित्र भी माने जाते हैं तो ठीक है जो धर्म भी मानते हैं भगवान में मानते हो उसके लिए वह स्थान सही है और बेबी की पॉजिटिव ऑपरेशन भी मिलता है अच्छा वाला तो कोई बुरी बात नहीं है

chapra se kedarnath aur kashi shaktishali shaktishali shankar bhagwan ka barson se puratatva se bhi pehle se jana jata hai ki wahan par shivling shankar bhagwan khud pragat hote aur sayambhu khud ka shivling unhone banaya tha usse aur acche pavitra bhi maane jaate hain toh theek hai jo dharm bhi maante hain bhagwan mein maante ho uske liye vaah sthan sahi hai aur baby ki positive operation bhi milta hai accha vala toh koi buri baat nahi hai

छपरा से केदारनाथ और काशी शक्तिशाली शक्तिशाली शंकर भगवान का बरसों से पुरातत्व से भी पहले से

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केदारनाथ काशी दोनों ही पवित्र तीर्थ स्थान है और दोनों भगवान सदा शिव भोलेनाथ के स्थान अत्यंत पवित्र है और यात्रा करने से मनुष्य को सीधा मोक्ष की प्राप्ति होती है ऐसा धर्म ग्रंथों में कहा गया है आप इसके लिए पुराण कथाएं पड़ी है आपको मालूम पड़ेगा कि केदारनाथ जी का कथा एकादशी की क्या कथा है और आप इसके बारे में ज्यादा जान सकेंगे

kedarnath kashi dono hi pavitra tirth sthan hai aur dono bhagwan sada shiv bholenaath ke sthan atyant pavitra hai aur yatra karne se manushya ko seedha moksha ki prapti hoti hai aisa dharm granthon mein kaha gaya hai aap iske liye puran kathaen padi hai aapko maloom padega ki kedarnath ji ka katha ekadashi ki kya katha hai aur aap iske bare mein zyada jaan sakenge

केदारनाथ काशी दोनों ही पवित्र तीर्थ स्थान है और दोनों भगवान सदा शिव भोलेनाथ के स्थान अत्यं

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Anil Kumar Tiwari

Yoga, Meditation & Astrologer

9:27
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आपका प्रश्न है केदारनाथ और काशीष शक्तिशाली स्थान क्यों है शक्तिशाली स्थान कुछ बात समझ में आई नहीं सक्सेस शक्तिशाली स्थान का मतलब क्या है आप क्या कहना कहना चाहते हैं आपको शक्तिशाली लगता होगा ईटों में कोई शक्ति होती है लकड़ी में कोई शक्ति होती है लोहे में कोई शक्ति होती है हां अगर तूने में शक्ति होती है आप मानते होंगे मैं नहीं मानता मैं तो कहता हूं कि सोना चांदी लोहा तांबा हीरा यह सब एक प्रकृति प्रकृति के हिसाब से सब बिल्कुल बराबर चीजें हैं आप अगर सोने में शक्ति मानते होंगे तो हां हो सकता है काशी में जो बाबा विश्वनाथ का मंदिर है उसमें 21 मई सोना उसकी गम के गुंबज में लगा हुआ है और दरवाजे जो है उसमें चांदी के पत्थर चढ़े हुए हैं बाकी तो एक मिट्टी रोटी गाढ़ा पत्थर से बना हुआ मंदिर है शक्तिशाली नापने का आपके पास कोई पैमाना है कोई मीटर है क्या शक्तिशाली नापने का की इतनी शक्ति उस मीटर के अंदर है शक्तिशाली आप कहना क्या चाहते हैं शक्तिशाली कुछ नहीं होता सामान्य प्रक्रिया से हिंदू धर्म के अनुसार भोले बाबा आदिदेव माने जाते हैं उनका सामान नशा एक सहज रूप सा मंदिर है हमारी मान्यताओं ने उसकी सीमा बढ़ा दिया है उसका नाम बढ़ा दिया है ऐसा नहीं है कि वहां सकती है वहां चौहान है उम्र नहीं होती वहां गलत काम ना ऑनलाइन नहीं होते वहां के पुजारी बिल्कुल एकदम दूध के धुले हुए हैं जब जाएंगे तो आपको वहां की हाल है वहां की है ताकि हकीकत पता चलेगी जो रहते हैं जो पुजारी उस मंदिर में रहते हैं जिनके बेटे बेटियां नौकरी के लिए पल-पल परेशान है पूजा-पाठ स्वयं करते हैं बेटी बेटियां भी वही वही काम कर रही है मंदिर में कितनी ताकत है जरा उनसे पूछिए वहां उस मंदिर में एक पुजारी नहीं है उस मंजिल में जितनी मूर्तियां हैं चारों तरफ जितने छोटे-छोटे मंदिर है सब के पुजारी है सबकी अपनी गृहस्थी है सब की रोजी-रोटी के खर्चे हैं सब की बहन बेटियां पुत्र हैं उनमें उनके ऊपर क्या बीत रही बेरोजगार के जमाने में ऐसा मत समझिए कि सब बिल्कुल सुखी संपन्न है आपको लगता होगा सकती है क्योंकि आपके लिए काशी बहुत दूर है आपके घर से होगा 5 600 किलोमीटर बहुत सोचते होंगे विचार थे होंगे क्यों काटी जाना है बाबा विश्वनाथ के मंदिर जाना है काशी जाना है बहुत शक्ति है वहां शक्ति आप की मस्ती में होगी विचारों में होगी वहां पर ईंट पत्थर लोहड़ी मंदिर मूर्ति कला व कुछ नहीं है सच्ची तो जो वहां फूल बेचने उन से पूछिए सतीश जो वहां जो कामवाली उस मंदिर में बिचारी झाड़ू लगाती है पोछा लगाती उससे पूछिए उसका बच्चा बेरोजगार है गृहस्ती अच्छी तरह चलती नहीं है आपको सब की अनुभूति होगी जरा उससे पूछ कर देखिए इस मंदिर में कितनी शक्ति है हां हिंदू संस्कृति के अनुसार विचारों के अनुसार मान्यता के अनुसार प्रतीकात्मक रूप से भोले बाबा आदि देव माने जाते हैं उनका मंदिर है इसलिए विचारों में प्रवचन ओं में पुस्तकों में धार्मिक व्याख्यान में बहुत शक्तिशाली महत्व उसका दिया गया है यही हालत केदारनाथ की है केदारनाथ ठंड में है पहाड़ों में है दूर है कम जाने का मौका मिलता है कम जाने का मौका मिलता है बहुत पैसे खर्च होते हैं एक भूमिका बनती है दोसा वहां इतनी कठिन है इसलिए आपको लगता होगा कि वहां शक्तिशाली ज्यादा फिर आप तुलना करेंगे कि शक्ति किसमें ज्यादा है केदारनाथ में में ज्यादा है या बाबा विश्वनाथ में ज्यादा है काशी में ज्यादा है यह मात्र आप की मान्यता के सवाल है शक्ति का पैमाना आपके मस्तिष्क में आपके विचारों में अवश्य होगा अब यह बात दूसरी है कि अगर आप आध्यात्मिक शक्ति माने हैं बिल्कुल भाव भी बहुत आनंदित होकर के भोले के भगत बंद करके जाते हैं तो काशी में आपको आनंद आएगा दूसरों को नहीं आएगा वह आप ही का आनंद है आपके भीतर भरा हुआ फिर से निकलेगा मंदिर से इसका कोई संबंध नहीं है आप की मान्यता आपकी धारणा आपका विश्वास आपकी शक्ति मंदिर तो सबके लिए हैं शक्ति तो उसे कहते हैं जैसे एक बिजली के तार में शक्ति होती है उस बिजली का तार बहता है उसमें करंट बहता है शक्ति उसे कहते हैं वह आस्था करके वह बिजली रानी करण न मानना करण नंबर लो जरा छू कर देखो तलाक से मारेगी या आस्था के साथ चुहिया अन आस्था के साथ हुआ अगर वह शक्ति है तो करंट मारेगी मारेगी ऐसा कोई पैमाना है आप मान कर चलते हैं भोले के भजन भोले के भगत हैं क्यों आप कहीं से तो आपके लिए बहुत सख्ती होगी और वहां जो काम करने वाली वहां 35 साल से पूछा मार रही है उसकी घर गस्ती चल नहीं रही है बताइए सर कि कहां है तो सस्ती विचारों और मस्तिष्क में है आप ही की शक्ति आप ही की शक्ति है आप ही के विचारों की शक्ति है फिर अभी यहीं केदार की यही आप बात केदारनाथ में लागू करें पहाड़ी स्थान भव्य वातावरण प्रकृति का सानिध्य शांत वातावरण मस्तिष्क में तो अपने आप शक्ति महसूस होगी जब धन खर्च करके जाएंगे जरा उन से पूछिए जो खतरों में आप को ढोते हैं शक्ति उन से पूछिए कि जन्मजात इंतजार कर रहे हैं कि कब यहां सैलानी आए कब हम खच्चर में उनको उनको ढो करके अपना पेट पाले यह वही रहते हैं केदारनाथ में शक्ति जरा यू से पूछिए कि यहां कोई शक्ति है आपको लगती होगी आप धार्मिक हैं व्याख्या तो बहुत सारी हो जाएंगे कि वहां संत महात्मा है तपस्या करते हैं ऊर्जा होती है ऊर्जा होती है इतनी भीड़ इतनी अनंत वहां ऊर्जा है प्रकट की ऊर्जा है साधु संतों का वहां एक और आ है वह तो बात अलग की है वह तो वह तो सब उस दृष्टि से लेंगे अगर उस दृष्टि से लेने आध्यात्मिक वह मंदिर हटा दीजिए वह मंदिर का कोई काम नहीं है वहां मंदिर ना भी होता तो भी वह साधु संतों ने तपस्या की होती और तपस्या का वह औरा होता वहां बल होता विनर शक्ति होती वहां उर्जा होती वह महसूस करते अगर उस दृष्टि से अगर अगर आप देखना चाहते हैं तो काशी में 1 घंटे शांत मन से बैठ कर के जो आपको अनुभव होगा केदारनाथ में आंख बंद करके 1 घंटे बैठने में उसका हजार गुना अनुभव होगा उस दृष्टि से आदर्श को शक्ति मानते हैं तब तो कहां-कहां तब तो कहा जा सकता मगर उसमें मंदिर को आगे मत लाइए मंदिर तो एक पत्थर रोली और बदरपुर सीमेंट सरिया से यकीन नहीं है चले जाइए दिखाइए मैं तो ही का काशी का रहने वाला हूं कमेंट ना करें लाइक ना करें इसकी चिंता नहीं है मगर जो बात सत्य है सत्य कहीं जाएगी तो धोखे में मत रहिएगा जो भी शक्ति का अनुभव होता है वह शक्ति आपके अंदर है आपको अपनी शक्ति पर भरोसा नहीं है इसलिए आप मंदिर मंदिरों में मूर्तियों में अपनी ही शक्ति का प्रतीक प्रतीक शेफर्ड करके उसी को उलट कर के मैच कुछ करना चाहते हैं मात्र इतना अंतर है वरना शक्ति मापने का धार्मिक सकती नापने का किसी के पास कोई अंत नहीं है कोई मीटर नहीं है कोई पैमाना नहीं है कि जिस पैमाने से अब तक आप शक्ति कौन आपने तो पूछा केदारनाथ और काशी शक्तिशाली स्थान क्यों है महाराज आप के लिए शक्तिशाली होंगे मेरे लिए जो है हमने आपको बता दिया

aapka prashna hai kedarnath aur kashish shaktishali sthan kyon hai shaktishali sthan kuch baat samajh mein I nahi success shaktishali sthan ka matlab kya hai aap kya kehna kehna chahte hai aapko shaktishali lagta hoga iton mein koi shakti hoti hai lakdi mein koi shakti hoti hai lohe mein koi shakti hoti hai haan agar tune mein shakti hoti hai aap maante honge main nahi manata main toh kahata hoon ki sona chaandi loha tamba heera yah sab ek prakriti prakriti ke hisab se sab bilkul barabar cheezen hai aap agar sone mein shakti maante honge toh haan ho sakta hai kashi mein jo baba vishwanath ka mandir hai usme 21 may sona uski gum ke gunbaj mein laga hua hai aur darwaze jo hai usme chaandi ke patthar chade hue hai baki toh ek mitti roti gaadha patthar se bana hua mandir hai shaktishali napne ka aapke paas koi paimaana hai koi meter hai kya shaktishali napne ka ki itni shakti us meter ke andar hai shaktishali aap kehna kya chahte hai shaktishali kuch nahi hota samanya prakriya se hindu dharm ke anusaar bhole baba adidev maane jaate hai unka saamaan nasha ek sehaz roop sa mandir hai hamari manyataon ne uski seema badha diya hai uska naam badha diya hai aisa nahi hai ki wahan sakti hai wahan Chauhan hai umr nahi hoti wahan galat kaam na online nahi hote wahan ke pujari bilkul ekdam doodh ke dhule hue hai jab jaenge toh aapko wahan ki haal hai wahan ki hai taki haqiqat pata chalegi jo rehte hai jo pujari us mandir mein rehte hai jinke bete betiyan naukri ke liye pal pal pareshan hai puja path swayam karte hai beti betiyan bhi wahi wahi kaam kar rahi hai mandir mein kitni takat hai zara unse puchiye wahan us mandir mein ek pujari nahi hai us manjil mein jitni murtiya hai charo taraf jitne chote chhote mandir hai sab ke pujari hai sabki apni grihasthi hai sab ki rozi roti ke kharche hai sab ki behen betiyan putra hai unmen unke upar kya beet rahi berozgaar ke jamane mein aisa mat samjhiye ki sab bilkul sukhi sampann hai aapko lagta hoga sakti hai kyonki aapke liye kashi 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mahatma hai tapasya karte hai urja hoti hai urja hoti hai itni bheed itni anant wahan urja hai prakat ki urja hai sadhu santo ka wahan ek aur aa hai vaah toh baat alag ki hai vaah toh vaah toh sab us drishti se lenge agar us drishti se lene aadhyatmik vaah mandir hata dijiye vaah mandir ka koi kaam nahi hai wahan mandir na bhi hota toh bhi vaah sadhu santo ne tapasya ki hoti aur tapasya ka vaah aura hota wahan bal hota winner shakti hoti wahan urja hoti vaah mehsus karte agar us drishti se agar agar aap dekhna chahte hai toh kashi mein 1 ghante shaant man se baith kar ke jo aapko anubhav hoga kedarnath mein aankh band karke 1 ghante baithne mein uska hazaar guna anubhav hoga us drishti se adarsh ko shakti maante hai tab toh kahaan kahaan tab toh kaha ja sakta magar usme mandir ko aage mat laiye mandir toh ek patthar roli aur badarpur cement sariya se yakin nahi hai chale jaiye dikhaaiye main toh hi ka kashi ka rehne vala hoon comment na kare like na kare iski chinta nahi hai magar jo 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आपका प्रश्न है केदारनाथ और काशीष शक्तिशाली स्थान क्यों है शक्तिशाली स्थान कुछ बात समझ में

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Harish Chand

Social Worker

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केदारनाथ ऑफ काशी शक्तिशाली स्थान क्यों भाई साहब केदारनाथ प्रशस्ति काशी बनारस यह वह स्थान है जहां पर देवाधिदेव महादेव शंभू भोलेनाथ विराजमान है और काशी और इस सृष्टि भगवान त्रिशूल भगवान भोलेनाथ के त्रिशूल पर ही है और अध्यात्म की नगरी है दोनों के दोनों ही केदारनाथ चार धामों में आते हैं और संसार की सर्वश्रेष्ठ शक्तिपीठों में से हैं और इनका नाम लेने से ही इंसान के दुख कट जाते हैं दुख कट जाते हैं बोलो बम बम भोले जय सियाराम

kedarnath of kashi shaktishali sthan kyon bhai saheb kedarnath prashasti kashi banaras yah vaah sthan hai jaha par devadhidev mahadev sambhu bholenaath viraajamaan hai aur kashi aur is shrishti bhagwan trishool bhagwan bholenaath ke trishool par hi hai aur adhyaatm ki nagari hai dono ke dono hi kedarnath char dhamo me aate hain aur sansar ki sarvashreshtha shaktipithon me se hain aur inka naam lene se hi insaan ke dukh cut jaate hain dukh cut jaate hain bolo bomb bomb bhole jai siyaram

केदारनाथ ऑफ काशी शक्तिशाली स्थान क्यों भाई साहब केदारनाथ प्रशस्ति काशी बनारस यह वह स्थान ह

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BK Kalyani

Teacher On Rajyoga Spiritual Knowledge

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Tejnath sahu

Social Worker

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पाकिस्तान इसलिए है क्योंकि वहां देवताओं का वास माना जाता है

pakistan isliye hai kyonki wahan devatao ka was mana jata hai

पाकिस्तान इसलिए है क्योंकि वहां देवताओं का वास माना जाता है

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