लोगों को हर रोज़ फेस किताब पर कितना समय बिताना चाहिए?...


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Ishita Seth

Obstinate Programmer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए मेरे हिसाब से यह तो पसंद उपोषण मेरी करता है यह डिपेंड करता है परंतु क्वेश्चन कि लोगों को हर रोज Facebook में कितना समय बताना चाहिए क्योंकि यह देखा था तो Facebook अलग-अलग चीजों के लिए यूज होता है और अलग-अलग लोगों से अलग अलग तरह से उस करते हैं कुछ लोग सिर्फ सिर्फ दोस्त बनाने के लिए अपना सोशल नेटवर्किंग सर्कल बढ़ाने के लिए यूज करते हैं तो कुछ लोग ऐसे काम के रिलेटेड भी यूज़ करते हैं उनके कुछ भी चीज होते हैं जहां पर वह अपने काम के काम को प्रमोट करते हैं तो अगर आप सिर्फ और सिर्फ अब अपने एंटरटेनमेंट के लिए Facebook यूज कर रहे हैं या सोशल नेटवर्किंग सर्किल को बढ़ाने के लिए यूज कर रहे हैं कि कम से कम सभी मित्र विनीत कह रही है क्योंकि Facebook पर फ्रेंड बनाने से कुछ नहीं होगा संसार को रियल लाइफ में आने चाहिए और अंदर हार्ड अगर आप Facebook आयुष मैं काम के लिए वेट कर रहा है तू दिखे तो आपको बिल्कुल टोटली डिपेंड करता है आप पर काम पर कि आपका काम कितने समय में खत्म होता है हो सकता है बशर्ते काम हो सकता है उसका 20% मेरी करता है

dekhiye mere hisab se yah toh pasand uposhan meri karta hai yah depend karta hai parantu question ki logo ko har roj Facebook mein kitna samay bataana chahiye kyonki yah dekha tha toh Facebook alag alag chijon ke liye use hota hai aur alag alag logo se alag alag tarah se us karte hai kuch log sirf sirf dost banane ke liye apna social networking circle badhane ke liye use karte hai toh kuch log aise kaam ke related bhi use karte hai unke kuch bhi cheez hote hai jaha par vaah apne kaam ke kaam ko promote karte hai toh agar aap sirf aur sirf ab apne Entertainment ke liye Facebook use kar rahe hai ya social networking circle ko badhane ke liye use kar rahe hai ki kam se kam sabhi mitra vineet keh rahi hai kyonki Facebook par friend banane se kuch nahi hoga sansar ko real life mein aane chahiye aur andar hard agar aap Facebook ayush main kaam ke liye wait kar raha hai tu dikhe toh aapko bilkul totally depend karta hai aap par kaam par ki aapka kaam kitne samay mein khatam hota hai ho sakta hai basharte kaam ho sakta hai uska 20 meri karta hai

देखिए मेरे हिसाब से यह तो पसंद उपोषण मेरी करता है यह डिपेंड करता है परंतु क्वेश्चन कि लोगो

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Ridhima

Mass Communications Student

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

लोगों को हर रोज Facebook पर जितना भी हो सके कम से कम और टाइम स्पेंड करना चाहिए क्योंकि जितना ज्यादा सेंड करें कोई भी इंसान ज्यादा सेंड करेगा तो वह एडिक्शन हो जाता है बहुत दिन होता है कि कंटिन्यू असली चार-पांच घंटे Facebook में Browser करते रहते हैं कुछ ना कुछ ऐसे ही जस्ट टाइमपास के लिए करते रहते हैं बट फिर उनको वह पता नहीं चलता कि वह कब टाइम पास वह कब एडिक्शन में बन जाता है सो आई थिंक वह सिटीजंस के लिए और कम से कम जितना करो और वह भी कैंटीन इसलिए एक दो घंटा कभी यूज़ नहीं करना चाहिए मैं भी क्या आपस में करो तो ज्यादा अच्छा रहता है

logon ko har roj Facebook par jitna bhi ho sake kam se kam aur time spend karna chahiye kyonki jitna zyada send kare koi bhi insaan zyada send karega toh vaah addiction ho jata hai bahut din hota hai ki continue asli char paanch ghante Facebook mein Browser karte rehte hain kuch na kuch aise hi just timepass ke liye karte rehte hain but phir unko vaah pata nahi chalta ki vaah kab time paas vaah kab addiction mein ban jata hai so I think vaah sitijans ke liye aur kam se kam jitna karo aur vaah bhi canteen isliye ek do ghanta kabhi use nahi karna chahiye main bhi kya aapas mein karo toh zyada accha rehta hai

लोगों को हर रोज Facebook पर जितना भी हो सके कम से कम और टाइम स्पेंड करना चाहिए क्योंकि जित

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Anukrati

Journalism Graduate

1:24

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए तो हर व्यक्ति पर डिपेंड करता है कि उन्हें Facebook पर कितना टाइम स्पेंड करना चाहिए पर एक स्टडी के मुताबिक जो सोशल साइट जैसे की Facebook Twitter इन सबसे ज्यादा रहते हैं वह अपनी खुद की जो असल जिंदगी है उससे बचने के लिए क्या एक काल्पनिक जिंदगी अपने आप के लिए बनाने के लिए फेस यह सब यूज़ करते हैं उस शादी में यह भी बताया गया है कि इन सब सोशल साइट पर ज्यादा रहने से लोगों के अंदर एक असंतुष्टि आ जाती है क्योंकि आख़िर दूसरे लोग भी जो कुछ भी इन सब पर पोस्ट करते हैं वह अच्छी चीजें ही पोस्ट करते हैं अपनी लाइफ की बुरी नहीं तो जो हम यह सब देखते हैं तो हमारे मन में यह असंतुष्टि आ जाती है क्योंकि हमें ऐसा लगता है कि लोगों की जिंदगी बहुत अच्छी चल रही है और हमारी नहीं जबकि ऐसा होता नहीं है बस लोग अपनी बुरी जिंदगी के बारे में पोस्ट नहीं करते हैं तो आप का सवाल है कितने दिन कितनी देर बैठना चाहिए मैं फिर से कहूंगी कि यह तो हर व्यक्ति पर डिपेंड करता है कि वह कितने टाइम बैठे हैं उस पर उन उन पर उस पर क्या उन पर उसका क्या इफ़ेक्ट हो रहा है पर मुझे ऐसा लगता है कि ज्यादा समय इस पर नहीं देना चाहिए जितना हो सके अपनी असल जिंदगी को एंजॉय करना चाहिए

dekhiye toh har vyakti par depend karta hai ki unhe Facebook par kitna time spend karna chahiye par ek study ke mutabik jo social site jaise ki Facebook Twitter in sabse zyada rehte hain vaah apni khud ki jo asal zindagi hai usse bachne ke liye kya ek kalpnik zindagi apne aap ke liye banane ke liye face yah sab use karte hain us shadi mein yah bhi bataya gaya hai ki in sab social site par zyada rehne se logo ke andar ek asantushti aa jaati hai kyonki aakhir dusre log bhi jo kuch bhi in sab par post karte hain vaah achi cheezen hi post karte hain apni life ki buri nahi toh jo hum yah sab dekhte hain toh hamare man mein yah asantushti aa jaati hai kyonki hamein aisa lagta hai ki logo ki zindagi bahut achi chal rahi hai aur hamari nahi jabki aisa hota nahi hai bus log apni buri zindagi ke bare mein post nahi karte hain toh aap ka sawaal hai kitne din kitni der baithana chahiye main phir se kahungi ki yah toh har vyakti par depend karta hai ki vaah kitne time baithe hain us par un un par us par kya un par uska kya effect ho raha hai par mujhe aisa lagta hai ki zyada samay is par nahi dena chahiye jitna ho sake apni asal zindagi ko enjoy karna chahiye

देखिए तो हर व्यक्ति पर डिपेंड करता है कि उन्हें Facebook पर कितना टाइम स्पेंड करना चाहिए प

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