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महिला क्रिकेट खिलाड़ियों को पुरुषों की तरह इक्स्पोज़र क्यों नहीं मिलता है?...


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Cricket Coach/Player

0:21

क्योंकि मैन चीज है ऑडियो ऑडियो चलो पसंद नहीं करती तो फिर बीसीसीआई खुद अपना इतना पैसा क्यों खर्च करेगी उसे ऑडियंस के लोग अगर ज्यादा पसंद करेंगे तभी उनको ज्यादा मिलेगा जैसे आप तो थोड़ा सा हो रहे पहले के मुकाबले और सुना इनका बाइक भी स्टार्ट होगा तो देखो क्या होता है पर ठीक है पहले से काफी चेंज है
kyonki man cheez hai audio audio chalo pasand nahi karti toh phir bcci khud apna itna paisa kyon kharch karegi use odience ke log agar zyada pasand karenge tabhi unko zyada milega jaise aap toh thoda sa ho rahe pehle ke muqable aur suna inka bike bhi start hoga toh dekho kya hota hai par theek hai pehle se kaafi change hai
क्योंकि मैन चीज है ऑडियो ऑडियो चलो पसंद नहीं करती तो फिर बीसीसीआई खुद अपना इतना पैसा क्यों
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Aashish More

Cricketer

0:22
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यह तो इंडिया की कावड़ पर ये ट्यून को क्या पसंद है कि महिला क्रिकेट तो सच में आज के डेट में बहुत ही आगे जा रहे हो बकरा और भी उस से रिलेटेड कितना पसंद कर रहे क्योंकि जितनी लड़की लोग खेल रही है उतनी लड़की लोग को क्रिकेट देखना पसंद है
yeh toh india ki kavad par ye tune ko kya pasand hai ki mahila cricket toh sach mein aaj ke date mein bahut hi aage ja rahe ho bakara aur bhi us se related kitna pasand kar rahe kyonki jitni ladki log khel rahi hai utani ladki log ko cricket dekhna pasand hai
यह तो इंडिया की कावड़ पर ये ट्यून को क्या पसंद है कि महिला क्रिकेट तो सच में आज के डेट में
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Harish Chand Pandey

Cricket Coach

0:29
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वाला बात यह है कि महिलाओं को क्रिकेट में बहुत लेट लतीफ जो है अंतरराष्ट्रीय दर्जा दिया गया और दूसरा सवाल है कि पुरुषों का ज्यादा इंटरेस्टेड था और महिलाओं का जो है वह क्रिकेट को बहुत लेट लतीफ लाया गया जिसके कारण महिलाओं का इंटरेस्ट रेट कम था
vala baat yah hai ki mahilaon ko cricket mein bahut late lateef jo hai antararashtriya darja diya gaya aur doosra sawaal hai ki purushon ka zyada interested tha aur mahilaon ka jo hai vaah cricket ko bahut late lateef laya gaya jiske karan mahilaon ka interest rate kam tha
वाला बात यह है कि महिलाओं को क्रिकेट में बहुत लेट लतीफ जो है अंतरराष्ट्रीय दर्जा दिया गया
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Deep Shaw

Dart's Mentor

1:23
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इंडिया में बैठे-बैठे इंडिया में टॉयलेट माना जाता है कि शांति नहीं देगी वुमन छोटी सी खुशी में कोई है यहां पर अभी आप अगर इतना तो मुझे पता है कि उसकी में मतलब मिताली राज नागा नागा रिजल्ट आगे बढ़ने के लिए लाइक करने में टाइम लगता है
india mein baithe baithe india mein toilet mana jata hai ki shanti nahi degi woman choti si khushi mein koi hai yahan par abhi aap agar itna toh mujhe pata hai ki uski mein matlab mitali raj naga naga result aage badhne ke liye like karne mein time lagta hai
इंडिया में बैठे-बैठे इंडिया में टॉयलेट माना जाता है कि शांति नहीं देगी वुमन छोटी सी खुशी म
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1:29
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देखिए यह सवाल अपनी पूछा कि महिला क्रिकेटरों को जो है पुरुषों की तो एक्सपोर्टर क्यों नहीं मिलता इसका सबसे बड़ा रीजन तो यह कि जितना क्रिकेट पुरस्कृत है उतना महिलाओं खेलने का मौका नहीं मिलता अगर आप देखेंगे तो भारतीय टीम को अगर आप देखें तो आप कैसे हमारी पुलिस टीमें लगातार उनका हर डेढ़ महीने में कोई के द्वारा होता रहता है हमारे खिलाड़ी बहुत बिजी रहते हैं कि महिला टीम को अगर मैं देखूं तो मैं गंगा पिछले दो-तीन साल में अब हमें नजर आया कि हमारी महिला टीम में जिन लोगों के सामने खेल रही है और इसके अलावा महिलाओं की कुछ एक एक दिन मैंने पहनी हुई है और अगर इसके बाद भी हम देखे तो महिला क्रिकेट टेस्ट मैच होते हैं तो उतने लोग देखने भी नहीं आते यह बहुत निराशा की बात है कि इतने लोग हमारे क्रिकेट देखने नहीं आती है कि पुरुषों का मैदान जो है वह बहुत पहले ही बंद हो जाता है और बड़ा लंबा में चलता है कि महिलाओं का मैच अगला दिन की स्टाइल का एक ही तरह भरा हुआ थोड़ा बहुत लेकिन उसके अलावा पुरुष नाटक हाय रहता है इसलिए उनकी अपनी पहचान नहीं बन पाती और अगर मैं आपको आज भी बाहर भारतीय महिला टीम के घर में खिलाड़ी के नाम पूछूं लोगों को तभी किसी को मिताली राज जयंती मनाना के अलावा किसी के नाम नजर नहीं आएंगे क्योंकि यह मार्केट में और दूसरी बड़ी बात की है कि जब हमारे खिलाड़ी जो है वर्ल्ड वाइड खेलते भी हैं या कहीं भगत और खेलते भी तब भी उसे लाइव टेलीकास्ट न्यूज़ पाता
dekhie yeh sawal apni puchha ki mahila cricketero ko jo hai purushon ki toh Exporter kyon nahi milta iska sabse bada reason toh yeh ki jitna cricket puraskrit hai utana mahilaon khelne ka mauka nahi milta agar aap dekhenge toh bharatiya team ko agar aap dekhen toh aap kaise hamari police teamen lagatar unka har dedh mahine mein koi ke dwara hota rehta hai hamare khiladi bahut busy rehte hain ki mahila team ko agar main dekhu toh main ganga pichle do teen saal mein ab humein nazar aaya ki hamari mahila team mein jin logo ke saamne khel rahi hai aur iske alava mahilaon ki kuch ek ek din maine pahani hui hai aur agar iske baad bhi hum dekhe toh mahila cricket test match hote hain toh utne log dekhne bhi nahi aate yeh bahut nirasha ki baat hai ki itne log hamare cricket dekhne nahi aati hai ki purushon ka maidan jo hai wah bahut pehle hi band ho jata hai aur bada lamba mein chalta hai ki mahilaon ka match agla din ki style ka ek hi tarah bhara hua thoda bahut lekin uske alava purush natak hi rehta hai isliye unki apni pehchaan nahi ban pati aur agar main aapko aaj bhi bahar bharatiya mahila team ke ghar mein khiladi ke naam puchoon logo ko tabhi kisi ko mitali raaj jayanti manana ke alava kisi ke naam nazar nahi aayenge kyonki yeh market mein aur dusri badi baat ki hai ki jab hamare khiladi jo hai world wide khelte bhi hain ya kahin bhagat aur khelte bhi tab bhi use live telecast news pata
देखिए यह सवाल अपनी पूछा कि महिला क्रिकेटरों को जो है पुरुषों की तो एक्सपोर्टर क्यों नहीं म
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Sameer Tripathy

Political Critic

1:50
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लेकिन मुझे लगता है कि महिला क्रिकेट खिलाड़ियों को इतना लाइक फॉलो नहीं मिल पाता है क्योंकि वह लोग को देखिए हम बहुत सारे रोमांटिक मिताली राज जो हमारी जो इंडियन क्रिकेट टीम का दर्जा कैप्टन मिताली राज उनका एक इंटरव्यू हुआ था वह खुद यह कौन जीता रहे थे कि इंडियन क्रिकेट टीम महिला इंडियन क्रिकेट टीम को कोई एक्सपोर्टर ठीक से नहीं मिल पाता है तू ही दिखे वर्ल्ड कप हुआ था ICC वर्ल्ड कप हुआ था वह मेंस वर्ल्ड कप उसके बाद अभी इंडिया इंडिया महिला क्रिकेट टीम साउथ अफ्रीका खेलने के लिए पता चल रहा है कि कितना 6 महीना 8 महीना हो गया हो गया हो गया तो इस में से दूध उबाल आज भी बोल रहे थे कि उनको एक लिस्ट 1 साल में मिनिमम 6 से 7 13 मैसेज खेलना चाहिए और टेस्ट मैच बहुत जरूरत है क्योंकि टेस्ट मैच में ही 1 क्रिकेटर्स को एक्सपोज मिलेगा एक्सपोजर मिलेगा क्योंकि इतनी टेंशन T20 में T20 विज्ञान में क्या होता है आप लोगों की टेक्निक यूज़ करना नहीं होता है मगर जब आप मिस करते तो बाप का एक्चुअल टेक्निक क्या है और आप कैसे कितना काली बडी है आपके क्रिकेट मैं आपको तकनीकी में वह ही पता चलता है तो उसकी सबसे दिखे तो जो हमारा जो पुरुष का क्रिकेट टीम है माया वह उनको वह कब हुआ इंडिया जो इंडिया के इंडिया मैच क्रिकेट टीम है वह हमें बहुत सारे मैसेज खेलते आए ऑस्ट्रेलिया ऑस्ट्रेलिया में हो गया अब ऑस्ट्रेलिया-न्यूजीलैंड सभी साउथ अफ्रीका श्रीलंका को अभी चाचा श्री समिति तीन चार महीने में हो गया मगर महिला क्रिकेट टीम कितना एक्सपोजर नहीं मिल रहा है वह भी मैं मानता हूं और उनको इतना एक्सपोज कर देना चाहिए मैं बीसीसीआई को भी सोचना चाहिए कि एक लिस्ट और कंपेयर कंपेयर टू इंडियन क्रिकेट टीम कितनी इंडियन विमेंस क्रिकेट टीम की तरह नहीं मगर प्लीज मैं 1 साल में 5 से 6 मीटर दूर होना चाहिए महिला क्रिकेट टीम का भी
lekin mujhe lagta hai ki mahila cricket khiladiyon ko itna like follow nahi mil pata hai kyonki vaah log ko dekhiye hum bahut saare romantic mitali raj jo hamari jo indian cricket team ka darja captain mitali raj unka ek interview hua tha vaah khud yah kaun jita rahe the ki indian cricket team mahila indian cricket team ko koi Exporter theek se nahi mil pata hai tu hi dikhe world cup hua tha ICC world cup hua tha vaah mens world cup uske baad abhi india india mahila cricket team south africa khelne ke liye pata chal raha hai ki kitna 6 mahina 8 mahina ho gaya ho gaya ho gaya toh is mein se doodh ubaal aaj bhi bol rahe the ki unko ek list 1 saal mein minimum 6 se 7 13 massage khelna chahiye aur test match bahut zarurat hai kyonki test match mein hi 1 cricketers ko eksapoj milega exposure milega kyonki itni tension T20 mein T20 vigyan mein kya hota hai aap logo ki technique use karna nahi hota hai magar jab aap miss karte toh baap ka actual technique kya hai aur aap kaise kitna kali badi hai aapke cricket main aapko takniki mein vaah hi pata chalta hai toh uski sabse dikhe toh jo hamara jo purush ka cricket team hai maya vaah unko vaah kab hua india jo india ke india match cricket team hai vaah hamein bahut saare massage khelte aaye austrailia austrailia mein ho gaya ab austrailia new zealand sabhi south africa sri lanka ko abhi chacha shri samiti teen char mahine mein ho gaya magar mahila cricket team kitna exposure nahi mil raha hai vaah bhi main manata hoon aur unko itna eksapoj kar dena chahiye main bcci ko bhi sochna chahiye ki ek list aur compare compare to indian cricket team kitni indian womens cricket team ki tarah nahi magar please main 1 saal mein 5 se 6 meter dur hona chahiye mahila cricket team ka bhi
लेकिन मुझे लगता है कि महिला क्रिकेट खिलाड़ियों को इतना लाइक फॉलो नहीं मिल पाता है क्योंकि
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Sachin Bharadwaj

Faculty - Mathematics

1:43
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लेकिन मुझे लगता है कि तू भारतीय महिला क्रिकेट खिलाड़ी हैं उनको पुरुषों की तुलना में एक्सपोर्ट इसलिए ज्यादा नहीं मिल पाता एक तो नंबर ऑफ द सीरीज होती है वह महिलाओं की कम होती है अब जैसे अगर इंडियन क्रिकेट टीम की बात करें तो देखा होगा आपने हर महीना खत्म होता है कोई सीरीज खत्म होती है नई सीरियल स्टार्ट हो जाती फिर कोई सीरीज खत्म होती है नई सीरीज स्टार्ट हो जाती है नहीं अगर साल के 12 महीने की बात की जाए तो 12 से ज्यादा ही उनकी सीरीज रहते हो वह पूरा कॉन्बो पैक लेकर चलते हैं टैक्स मैसेज होते हैं 5 घंटे लगते हैं और दो या तीन पिंडी रहते हैं लेकिन अगर अब महिला क्रिकेट कम से कम पर करोगे तो आप देखो कि मेरा क्रिकेट की सीरीज होती है बहुत कम होती है वर्ल्ड कप के बाद मुझे लग रहा है अब जाकर शायद एक सीडी स्टार्ट हुई हो इंडियन टीम का ऑस्ट्रेलिया गई है एक तो सबसे बड़ा कारण यह रहा दूसरा मैं कहीं ना कहीं इस में मीडिया का भी एक ऐसा रोग है उसको नहीं निकाला जा सकता क्योंकि कभी भी छोटा-मोटा मैच होगा तो इन इंडियन मीडिया जो है वह मॉर्निंग से ही लगाता लगाता है दिखाने लगती है लेकिन इसके अलावा कोई भी अगर मैथ की बात की जाए चाहे कबड्डी का हो चाहे महिला क्रिकेट हो या कोई अदर गया है उसकी न्यूज़ नहीं दिखाई जाती यह तभी न्यूज़ दिखाई जाती है जब कोई फाइनल हो रहा किसी सीरीज में फाइनल चलाओ स्पेशल इंडिया और पाकिस्तान का चलाओ तो उसको जरूर दिखा देता है दवाई नहीं दिखाते तो कहीं ना कहीं उसके लिए मीठा भी जिम्मेदार है और मुझे लगता है कि नंबर ऑफ सीरीज अगर महिलाओं की बढ़ाई जाएगी और तो डेफिनेटली उनको एक्सपोजर मिलेगा और मीडिया में न्यूज़ में भी उस को दिखाया जाए जिस तरह से हर समय डिबेट इंडियन टीम के ऊपर चलती है कि आजकल फोन नहीं किया मुझे लगता है महिलाओं के ऊपर भी होनी चाहिए इंडियन क्रिकेट टीम में महिलाओं ने डेफिनेटली लास्ट टाइम मटका फाइनल पहुंची थी ऑल द वह हार गई थी लेकिन बहुत अच्छा परफॉर्म किया था तो यही सारी चीजें हैं
lekin mujhe lagta hai ki tu bharatiya mahila cricket khiladi hai unko purushon ki tulna mein export isliye zyada nahi mil pata ek toh number of the series hoti hai vaah mahilaon ki kam hoti hai ab jaise agar indian cricket team ki baat kare toh dekha hoga aapne har mahina khatam hota hai koi series khatam hoti hai nayi serial start ho jaati phir koi series khatam hoti hai nayi series start ho jaati hai nahi agar saal ke 12 mahine ki baat ki jaaye toh 12 se zyada hi unki series rehte ho vaah pura kanbo pack lekar chalte hai tax massage hote hai 5 ghante lagte hai aur do ya teen pindi rehte hai lekin agar ab mahila cricket kam se kam par karoge toh aap dekho ki mera cricket ki series hoti hai bahut kam hoti hai world cup ke baad mujhe lag raha hai ab jaakar shayad ek CD start hui ho indian team ka austrailia gayi hai ek toh sabse bada karan yah raha doosra main kahin na kahin is mein media ka bhi ek aisa rog hai usko nahi nikaala ja sakta kyonki kabhi bhi chota mota match hoga toh in indian media jo hai vaah morning se hi lagaata lagaata hai dikhane lagti hai lekin iske alava koi bhi agar math ki baat ki jaaye chahen kabaddi ka ho chahen mahila cricket ho ya koi other gaya hai uski news nahi dikhai jaati yah tabhi news dikhai jaati hai jab koi final ho raha kisi series mein final chalao special india aur pakistan ka chalao toh usko zaroor dikha deta hai dawai nahi dikhate toh kahin na kahin uske liye meetha bhi zimmedar hai aur mujhe lagta hai ki number of series agar mahilaon ki badhai jayegi aur toh definetli unko exposure milega aur media mein news mein bhi us ko dikhaya jaaye jis tarah se har samay debate indian team ke upar chalti hai ki aajkal phone nahi kiya mujhe lagta hai mahilaon ke upar bhi honi chahiye indian cricket team mein mahilaon ne definetli last time matka final pahuchi thi all the vaah haar gayi thi lekin bahut accha perform kiya tha toh yahi saree cheezen hain
लेकिन मुझे लगता है कि तू भारतीय महिला क्रिकेट खिलाड़ी हैं उनको पुरुषों की तुलना में एक्सपो
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Apurva D

Optimistic Coder

1:52
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देखिए बात ऐसी है कि क्रिकेट जो है वह हमारे यहां बहुत सालों से चलता रहा है बट वह सिर्फ मतलब पुरुषों के लिए जलता रहा और क्रिकेट इनक्रीस है वह इतने सालों से अभी जो पुरुष लोग खेलते हैं तो वह बढ़ती जा रही है बट महिलाओं को कैसे हो पहले नहीं करती थी अभी अभी खेलने लगी है तो उनके बारे में लोगों को इतना कुछ लगता नहीं हालांकि हमारे यहां पर वह कभी ना कभी कहीं ना कहीं वह थोड़ा सा भेद है ही ही अरे महिलाएं क्रिकेट खेलने लगे तो ठीक है बाबा खेलती है वह इतना ही काफी है ऐसा लोग करते हैं तो इसमें उनको और पुरुषों की तरह एक स्कूल जाना मिलने का कारण यह है कि उनको मतलब इतना क्या जैसे पुरुष पुरुष खिलाड़ियों मेरे से जीत कर आते हैं और बहुत ज्यादा उनको मतलब देश से भी ऐसे लाइक मिलता है बहुत बड़ा सहारा जाता है इसलिए जो भी है सुखी क्रिकेट के लिए ज्यादा सपोर्ट करती है ज्यादा पैसा लगाती है फर्स्ट महिला के क्रिकेट के लिए इतना नहीं करती लेकिन जितना मतलब प्रशंसनीय कार्य उनका होता है या फिर वह भी इतने साल से चलता है रहा है और उनको पैसा भी मिलता है ना उनसे बिछड़ कर दो इसलिए वह पुरूषों के इसके लिए राधा की पूजा करते हालांकि अभी देखा जाए तो महिलाओं में भी बहुत सारे मतलब मैसेज जीते हैं बट फिर भी वह उतनी सोच बदली नहीं है मिताली राज हो इतने अच्छे अच्छे प्लेयर से आए हैं ना महिलाओं में भी बट फिर भी उनकी सोच अभी पूरी तरीके से बदलना मतलब मुश्किल है हालांकि थोड़ी बहुत बदल रही है थोड़ा बहुत उनको भी मिल रहा है लोग भी उनको मतलब उनकी भी प्रशंसा कर रहा है बट फिर भी उनसे मिलने के लिए भी लगता है कि और दिन जाने पड़ेंगे
dekhiye baat aisi hai ki cricket jo hai vaah hamare yahan bahut salon se chalta raha hai but vaah sirf matlab purushon ke liye jalta raha aur cricket increase hai vaah itne salon se abhi jo purush log khelte hain toh vaah badhti ja rahi hai but mahilaon ko kaise ho pehle nahi karti thi abhi abhi khelne lagi hai toh unke bare mein logo ko itna kuch lagta nahi halaki hamare yahan par vaah kabhi na kabhi kahin na kahin vaah thoda sa bhed hai hi hi are mahilaye cricket khelne lage toh theek hai baba khelti hai vaah itna hi kaafi hai aisa log karte hain toh isme unko aur purushon ki tarah ek school jana milne ka karan yah hai ki unko matlab itna kya jaise purush purush khiladiyon mere se jeet kar aate hain aur bahut zyada unko matlab desh se bhi aise like milta hai bahut bada sahara jata hai isliye jo bhi hai sukhi cricket ke liye zyada support karti hai zyada paisa lagati hai first mahila ke cricket ke liye itna nahi karti lekin jitna matlab prashansaniya karya unka hota hai ya phir vaah bhi itne saal se chalta hai raha hai aur unko paisa bhi milta hai na unse bichhad kar do isliye vaah purusho ke iske liye radha ki puja karte halaki abhi dekha jaaye toh mahilaon mein bhi bahut saare matlab massage jeete hain but phir bhi vaah utani soch badli nahi hai mitali raj ho itne acche acche player se aaye hain na mahilaon mein bhi but phir bhi unki soch abhi puri tarike se badalna matlab mushkil hai halaki thodi bahut badal rahi hai thoda bahut unko bhi mil raha hai log bhi unko matlab unki bhi prashansa kar raha hai but phir bhi unse milne ke liye bhi lagta hai ki aur din jaane padenge
देखिए बात ऐसी है कि क्रिकेट जो है वह हमारे यहां बहुत सालों से चलता रहा है बट वह सिर्फ मतलब
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Pragati

Aspiring Lawyer

2:00
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बहुत साल पहले से ही हमारे देश में महिलाओं को अच्छा माना जाता है इन्फीरियर माना जाता है और उनको पुरुषों के कंपैरिजन में बहुत डावली बिल का माना जाता उनको उनको किसी भी चीज़ में एक्सपोर्टर नहीं किया जाता और हर चीज की जिम्मेदारी होती है वह पुरूषों पर डाली जाती है और महिलाओं को उनके एक पल भी नहीं माना जाता ना उनको फ्रीडम नहीं जाती है ना उनको एक क्वालिटी दी जाती है इसी वजह से अब जब महिलाओं की क्रिकेट की टीम बनी है तो लोगों उस उनको इस तरह से देखते ही नहीं है उनको ऐसा फील नहीं होता लोगों को कि उनकी टीम भी कुछ कर सकती है और यही कारण है कि महिलाओं की जो क्रिकेट टीम है उसको बिलकुल ज्यादा एक्सपोजर नहीं मिलता है जितना कि पुरुष हॉकी टीम को मिलता है और नौना किस्मत पर कि जो महिलाएं हैं खुद भी महिलाओं को अब किसी भी तरह का मोटिवेशन नहीं देती है और ना ही किसी तरह का सपोर्ट देती हैं क्योंकि अगर एक बार भी सारी देश की महिलाएं मिलकर महिलाओं के क्रिकेट टीम को करेंगी आगे बढ़ाएं को बोलेंगे तो शायद उनको बहुत अच्छा एक्सपोजर मिल पाएगा लेकिन अब महिलाओं को हमारे देश में जिस तरह से ट्रीट किया जाता है उनको सर घर की जिम्मेदारी दी जाती है बाहर निकलना अलाउड नहीं होता है आज भी कई जगह ऐसी है गांव में जहां पर महिलाओं को घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं है तो ऐसे देश में महिलाओं महिलाओं की टीम कोच पूरा मिलना बहुत ही मुश्किल हो जाता है और उनका क्रिकेट देखना भी ज्यादा कुल्लू पसंद नहीं करते क्योंकि उनको फिजिकली भी पुरुषों के कंपैरिजन में स्ट्रांग नहीं माना जाता है और अगर आप सैलरी देखें तो भी महिलाओं की सैलरी सुनकर इक्विपमेंट्स उनके खेलने की जगह आश्रम के टूर्नामेंट बहुत कम होते हैं इस कंप्लेंट ऑफ मेनस्ट्रीम तो इसी वजह से हमारे देश में महिलाओं के पोषण नहीं मिल पाता और हमारे और अब तो हम कई लोगों को तो यह तक नहीं पता होता है कि महिलाओं की क्रिकेट टीम भी है और हाल ही में जो वर्ल्ड कप में महिला टीम का जो प्रदर्शन रहा अच्छा रहा इसी वजह से लोग उनको जाना शुरू किया है अथवा इसको इनको जानता भी नहीं था
bahut saal pehle se hi hamare desh mein mahilaon ko accha mana jata hai infiriyar mana jata hai aur unko purushon ke kampairijan mein bahut davali bill ka mana jata unko unko kisi bhi cheez mein Exporter nahi kiya jata aur har cheez ki jimmedari hoti hai vaah purusho par dali jaati hai aur mahilaon ko unke ek pal bhi nahi mana jata na unko freedom nahi jaati hai na unko ek quality di jaati hai isi wajah se ab jab mahilaon ki cricket ki team bani hai toh logo us unko is tarah se dekhte hi nahi hai unko aisa feel nahi hota logo ko ki unki team bhi kuch kar sakti hai aur yahi karan hai ki mahilaon ki jo cricket team hai usko bilkul zyada exposure nahi milta hai jitna ki purush hockey team ko milta hai aur nauna kismat par ki jo mahilaye hain khud bhi mahilaon ko ab kisi bhi tarah ka motivation nahi deti hai aur na hi kisi tarah ka support deti hain kyonki agar ek baar bhi saree desh ki mahilaye milkar mahilaon ke cricket team ko karengi aage badhaye ko bolenge toh shayad unko bahut accha exposure mil payega lekin ab mahilaon ko hamare desh mein jis tarah se treat kiya jata hai unko sir ghar ki jimmedari di jaati hai bahar nikalna allowed nahi hota hai aaj bhi kai jagah aisi hai gaon mein jaha par mahilaon ko ghar se bahar nikalne ki anumati nahi hai toh aise desh mein mahilaon mahilaon ki team coach pura milna bahut hi mushkil ho jata hai aur unka cricket dekhna bhi zyada kullu pasand nahi karte kyonki unko physically bhi purushon ke kampairijan mein strong nahi mana jata hai aur agar aap salary dekhen toh bhi mahilaon ki salary sunkar ikwipaments unke khelne ki jagah ashram ke tournament bahut kam hote hain is complaint of mainstream toh isi wajah se hamare desh mein mahilaon ke poshan nahi mil pata aur hamare aur ab toh hum kai logo ko toh yah tak nahi pata hota hai ki mahilaon ki cricket team bhi hai aur haal hi mein jo world cup mein mahila team ka jo pradarshan raha accha raha isi wajah se log unko jana shuru kiya hai athva isko inko jaanta bhi nahi tha
बहुत साल पहले से ही हमारे देश में महिलाओं को अच्छा माना जाता है इन्फीरियर माना जाता है और
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Ridhima

Mass Communications Student

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टिंकू में भी तो नहीं होगा कि ज्यादा से कंट्री से बाल तक सारा मेल डॉमिनेटिंग सोसाइटी पर भेजता रहता है यार कल सोसाइटी है तो उसके घर में तुम मेल हो रेंटेड सपोर्ट को ज्यादा याद आते उससे जा उसको ज्यादा पॉपुलर आ रही थी मिलती है एंड उसी की वजह से फीमेल प्ले उसको कम पॉपुलैरिटी मिलती है वह हर जगह देखा गया और ना कि सिर्फ इंडिया में ऐसा कभी नहीं होता है जितना होना चाहिए जो होता है जितना आप देखो जैसा मन के सपोर्ट में मीडिया कवरेज होता है उतना पेमेंट में आधे से भी कम होता है तो बना दे मेरी सेना के मीडिया का एक्सपोजर फिर यह भी है कि इंफॉर्मेशन भी वह नहीं अब देखो न्यूज़ में भी बहुत कम आता है मेरा कहीं वह एक वह मीडिया का ही आप सब पॉइंट सोचो कि न्यूज़ में भी उतना नहीं आता है जितना आना चाहिए
tinku mein bhi toh nahi hoga ki zyada se country se baal tak saara male dominating society par bhejta rehta hai yaar kal society hai toh uske ghar mein tum male ho rented support ko zyada yaad aate usse ja usko zyada popular aa rahi thi milti hai and usi ki wajah se female play usko kam popularity milti hai vaah har jagah dekha gaya aur na ki sirf india mein aisa kabhi nahi hota hai jitna hona chahiye jo hota hai jitna aap dekho jaisa man ke support mein media coverage hota hai utana payment mein aadhe se bhi kam hota hai toh bana de meri sena ke media ka exposure phir yah bhi hai ki information bhi vaah nahi ab dekho news mein bhi bahut kam aata hai mera kahin vaah ek vaah media ka hi aap sab point socho ki news mein bhi utana nahi aata hai jitna aana chahiye
टिंकू में भी तो नहीं होगा कि ज्यादा से कंट्री से बाल तक सारा मेल डॉमिनेटिंग सोसाइटी पर भेज
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Bhaskar Saurabh

Politics Follower | Engineer

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इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल बीसीसीआई और दूसरे देशों के जो क्रिकेटिंग बोर्ड हैं वह महिला क्रिकेट को लेकर इतने सीरियस नहीं है जितना कि पुरुषों के लिए हैं क्योंकि पुरुषों की जो टूर्नामेंट होते हैं वह बहुत ज्यादा नंबर में है पुरुष खिलाड़ियों के पास बिल्कुल भी समय नहीं होता है खुद के लिए भी और अपने परिवार वालों के लिए भी कि वह ज्यादा से ज्यादा समय बिता पाए क्योंकि हम देखते हैं कि भारतीय क्रिकेट टीम पुरुषों की जो है वह हमेशा विदेशी दौरे या फिर होम मैसेज भी बहुत खेलते हैं और डोमेस्टिक टूर्नामेंट भी बहुत सारे होते हैं उसके बाद IPL आ जाता है जिसमें कि 2 से 3 महीने का समय लगता है तो इस वजह से उन्हें एक प्रोजेक्ट ज्यादा मिलता है लोग उन्हें ज्यादा देखने आते हैं अगर इसी तरह का कुछ महिलाओं के साथ भी रहे तो लोग ज्यादा उन्हें देखने आएंगे पसंद करेंगे और महिला क्रिकेट को इससे काफी फायदा होगा तो बीसीसीआई और ICC को इसकी भी हमें सोचना चाहिए और अन्य देशों को भी कि महिलाओं की टूर्नामेंट ज्यादा से ज्यादा करवाई जाए जिनसे महिला क्रिकेटरों को काफी फायदा हो और वह ज्यादा से ज्यादा एक्सपोजर ले पाए क्योंकि जब तक महिलाएं क्रिकेट ज्यादा नहीं खेलेंगे तब तक उन्हें एक्सपोजर नहीं मिल पाएगा और लोग भी उन्हें कम जानते हैं क्योंकि टूर्नामेंट होते नहीं है तो लोग देखने क्या जाएंगे अगर टूर्नामेंट ज्यादा होंगे तो मीडिया कवरेज भी ज्यादा होगा जिससे लोगों को महिला क्रिकेटरों के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी मिलेगी तो मेरे मुताबिक जब तक सीरीज ज्यादा नहीं होंगे महिलाओं की तब तक उन्हें पूजा मिलना काफी मुश्किल होगा
international cricket council bcci aur dusre deshon ke jo cricketing board hain vaah mahila cricket ko lekar itne serious nahi hai jitna ki purushon ke liye hain kyonki purushon ki jo tournament hote hain vaah bahut zyada number mein hai purush khiladiyon ke paas bilkul bhi samay nahi hota hai khud ke liye bhi aur apne parivar walon ke liye bhi ki vaah zyada se zyada samay bita paye kyonki hum dekhte hain ki bharatiya cricket team purushon ki jo hai vaah hamesha videshi daure ya phir home massage bhi bahut khelte hain aur domestic tournament bhi bahut saare hote hain uske baad IPL aa jata hai jisme ki 2 se 3 mahine ka samay lagta hai toh is wajah se unhe ek project zyada milta hai log unhe zyada dekhne aate hain agar isi tarah ka kuch mahilaon ke saath bhi rahe toh log zyada unhe dekhne aayenge pasand karenge aur mahila cricket ko isse kaafi fayda hoga toh bcci aur ICC ko iski bhi hamein sochna chahiye aur anya deshon ko bhi ki mahilaon ki tournament zyada se zyada karwai jaaye jinse mahila cricketero ko kaafi fayda ho aur vaah zyada se zyada exposure le paye kyonki jab tak mahilaye cricket zyada nahi khelenge tab tak unhe exposure nahi mil payega aur log bhi unhe kam jante hain kyonki tournament hote nahi hai toh log dekhne kya jaenge agar tournament zyada honge toh media coverage bhi zyada hoga jisse logo ko mahila cricketero ke bare mein zyada se zyada jaankari milegi toh mere mutabik jab tak series zyada nahi honge mahilaon ki tab tak unhe puja milna kaafi mushkil hoga
इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल बीसीसीआई और दूसरे देशों के जो क्रिकेटिंग बोर्ड हैं वह महिला क्रि
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S

सुनो ..सुनाओ..सीखो!

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क्रिकेट भी अब एक व्यवसाय की तरह है हाथ खेल जरूरी क्रिकेट लेकिन उसमें बिजनेस का एंगल काफी बड़ा है और जितना पैसा आप ले कर आते हो उतना आपको मिलता है क्रिकेटर्स पुरुष क्रिकेटर जितना पैसा बीसीसीआई के लिए कमाते हैं सिर्फ फॉलोविंग की वजह से टेलिविजन लाइव जो बिकते हैं पुरुषों की क्रिकेट के उसमें बहुत ज्यादा पैसा है IPL में बहुत ज्यादा पैसा होता है अभी जो क्रिकेट है उसको फॉलो इतना लोग नहीं करते अगर लोग उसको देखना स्टार्ट कर देंगे फॉलो करना स्टार्ट कर देंगे तो खुद ही एक्सपोज़र आएगा लेकिन लोगों का इंटरेस्ट आप कैसे चेंज करोगे घर पुरुषों के क्रिकेट में ज्यादातर लोगों का इंटरेस्ट है और इतने सालों से रहा है वायरिंग क्वालिटी ऑफ क्रिकेट की वजह से भी पुरुषों का जो क्रिकेट हो महिलाओं के क्रिकेट में जो क्वालिटी उससे काफी आकर है तो आप मतलब इसमें कोई बहुत ज्यादा बढ़ा ऐसा एंगल नहीं है जो समझ में आपको बहुत दिक्कत हो क्या आप जैसा खेलोगे जैसी क्वालिटी ऑफ क्रिकेट आपकी होगी वैसे आपकी फॉलोविंग होगी और जो फॉलोविंग होगी उसी हिसाब से आपको फायदा मिलेगा उस तरीके का एक्सपोज़र होगा तो क्वालिटी ऑफ क्रिकेट का एक बहुत बड़ा डिफरेंस है मेरे साथ
cricket bhi ab ek vyavasaya ki tarah hai hath khel zaroori cricket lekin usme business ka Angle kaafi bada hai aur jitna paisa aap le kar aate ho utana aapko milta hai cricketers purush cricketer jitna paisa bcci ke liye kamate hain sirf following ki wajah se television live jo bikate hain purushon ki cricket ke usme bahut zyada paisa hai IPL mein bahut zyada paisa hota hai abhi jo cricket hai usko follow itna log nahi karte agar log usko dekhna start kar denge follow karna start kar denge toh khud hi eksapozar aayega lekin logo ka interest aap kaise change karoge ghar purushon ke cricket mein jyadatar logo ka interest hai aur itne salon se raha hai wiring quality of cricket ki wajah se bhi purushon ka jo cricket ho mahilaon ke cricket mein jo quality usse kaafi aakar hai toh aap matlab isme koi bahut zyada badha aisa Angle nahi hai jo samajh mein aapko bahut dikkat ho kya aap jaisa kheloge jaisi quality of cricket aapki hogi waise aapki following hogi aur jo following hogi usi hisab se aapko fayda milega us tarike ka eksapozar hoga toh quality of cricket ka ek bahut bada difference hai mere saath
क्रिकेट भी अब एक व्यवसाय की तरह है हाथ खेल जरूरी क्रिकेट लेकिन उसमें बिजनेस का एंगल काफी ब
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Swati

सुनो ..सुनाओ..सीखो!

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देखिए अब आपने बिल्कुल सही कहा कि महिला क्रिकेट खिलाड़ियों को पुरुषों की तरह एक्सपोजर नहीं मिलता इसके पीछे का रीजन है एक तो हमारी सोच आज के समय में भी महिलाओं को घर के कामों के लिए ही सही समझा जाता है और मैं मानती हूं कि बहुत सारी सोच में बदलाव आया है इस सोच में लेकिन जो मेरी प्रमोशन है हमारे देश में आज भी महिलाओं को कमरे में बंद रखना ही चाहता है उन्हें बाहर नहीं निकलने देना चाहता हूं ऐसे समय में जब यह महिलाएं जब क्रिकेट खेलने वाली है महिलाएं वर्ल्ड कप जीत कर लाती है या फिर कोई क्रिकेट मैच जीती है तो लोगों को इतना गुस्सा होता ही नहीं है उन्हें असली यह लगता है कि उनकी सोच कर कैसे प्रूव हो गई क्योंकि महिलाओं को तो घर के कामों से जोड़ा जोड़ा जाता है ट्रेन वाले काम्या खेलना यह सब तो पुरुषों का अधिकार है समझा जाता है पर देखिए अभी रीसेंट टाइम में बदलाव आया है हालांकि आज भी विराट कोहली ज्यादा ब्रांड को इंडोर करते हैं बजाएं की मिताली राज को लेकिन फिर भी चेंजेस आए हैं और चेंजेस और आएंगे आने वाले समय में और वह समय भी आएगा जब आप खुद अपनी लड़कियों को खुद अपने बच्चों को बाहर खेलने भेजेंगे उन्हें बोलेंगे कि तुम क्रिकेट खेलो तुम बैडमिंटन खेल लो तुम खुश रहो तुम रेसिंग करो हालांकि अब भी अच्छे से हो रही है और दूसरा जो महिला क्रिकेट टीम है उनको ज्यादा स्पॉन्सरशिप ही नहीं मिलती ज्यादा लोग प्ले फ्री नहीं करते स्पॉन्सर से नहीं मिलते बहुत भारी और फोन पर ही नहीं है तो फिर लोगों को लगता है कि इसमें एक्साइटमेंट की क्या बात है कि लड़कियां खेल ही तो रही है और मैं क्यों ना तो गलत लगता है कि लड़कियां खेलती हो रही है हालांकि सोच बदल रही है और अभी सोच और बदलेगी थोड़ा समय लगेगा बड़ी सोच बदल जाएगी
dekhiye ab aapne bilkul sahi kaha ki mahila cricket khiladiyon ko purushon ki tarah exposure nahi milta iske peeche ka reason hai ek toh hamari soch aaj ke samay mein bhi mahilaon ko ghar ke kaamo ke liye hi sahi samjha jata hai aur main maanati hoon ki bahut saree soch mein badlav aaya hai is soch mein lekin jo meri promotion hai hamare desh mein aaj bhi mahilaon ko kamre mein band rakhna hi chahta hai unhe bahar nahi nikalne dena chahta hoon aise samay mein jab yah mahilaye jab cricket khelne wali hai mahilaye world cup jeet kar lati hai ya phir koi cricket match jeeti hai toh logo ko itna gussa hota hi nahi hai unhe asli yah lagta hai ki unki soch kar kaise prove ho gayi kyonki mahilaon ko toh ghar ke kaamo se joda joda jata hai train waale kamya khelna yah sab toh purushon ka adhikaar hai samjha jata hai par dekhiye abhi recent time mein badlav aaya hai halaki aaj bhi virat kohli zyada brand ko indoor karte hai bajaye ki mitali raj ko lekin phir bhi changes aaye hai aur changes aur aayenge aane waale samay mein aur vaah samay bhi aayega jab aap khud apni ladkiyon ko khud apne baccho ko bahar khelne bhejenge unhe bolenge ki tum cricket khelo tum Badminton khel lo tum khush raho tum racing karo halaki ab bhi acche se ho rahi hai aur doosra jo mahila cricket team hai unko zyada sponsorships hi nahi milti zyada log play free nahi karte spansar se nahi milte bahut bhari aur phone par hi nahi hai toh phir logo ko lagta hai ki isme exitement ki kya baat hai ki ladkiyan khel hi toh rahi hai aur main kyon na toh galat lagta hai ki ladkiyan khelti ho rahi hai halaki soch badal rahi hai aur abhi soch aur badalegi thoda samay lagega baadi soch badal jayegi
देखिए अब आपने बिल्कुल सही कहा कि महिला क्रिकेट खिलाड़ियों को पुरुषों की तरह एक्सपोजर नहीं
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Rajsi

Sports Commentator & Reporter

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सवाल की तरह जवाब भी बहुत आसान है महिला क्रिकेटरों को क्यों याद रखो जो नहीं मिलता खरीदनी है कि उनको इतना खेलने का मौका ही नहीं मिलता अगर आप इस वक्त की महिला टीम की बात कर ले तो तुम्हारी भारतीय महिला टीम है वह जहां इसके पहले आखिरी बार मुझे बहुत अच्छे से याद है आईसीसी वर्ल्ड कप था जो कि अगस्त में जून में खेला गया था जून अगस्त में स्टार्ट हुआ था उसके बाद से अब जाकर के साउथ अफ्रीका 5 फरवरी को जा करके उनका पहला दौरा यह पहला अंतरराष्ट्रीय द्वारा उनका शुरू हुआ बीच में 6 महीने का ज्ञान था और 6 महीने तक हमारी टीम घर पर थी उन्होंने जो अपने एवं स्टिक मैसेज जो खेलना है तो खेलो इसके अलावा कोई महिलाओं ने नहीं खेले तक पहुंचने में कम क्यों आएगी तब कि आप उससे वर्ल्ड कप से लेकर के अभी 5 फरवरी तुझे साउथ अफ्रीका दौरा है भारतीय महिलाओं का उस बीच में अगर पुरुषों का पूरा दर्द और चक्कर है तो बीच में ऑस्ट्रेलिया न्यूजीलैंड और श्रीलंका और दक्षिण अफ्रीका से हम खेल रहे हैं तो यह फर्क है इतना क्रिकेट खेलते हो
sawaal ki tarah jawab bhi bahut aasaan hai mahila cricketero ko kyon yaad rakho jo nahi milta kharidani hai ki unko itna khelne ka mauka hi nahi milta agar aap is waqt ki mahila team ki baat kar le toh tumhari bharatiya mahila team hai vaah jaha iske pehle aakhiri baar mujhe bahut acche se yaad hai icc world cup tha jo ki august mein june mein khela gaya tha june august mein start hua tha uske baad se ab jaakar ke south africa 5 february ko ja karke unka pehla daura yah pehla antararashtriya dwara unka shuru hua beech mein 6 mahine ka gyaan tha aur 6 mahine tak hamari team ghar par thi unhone jo apne evam stick massage jo khelna hai toh khelo iske alava koi mahilaon ne nahi khele tak pahuchne mein kam kyon aayegi tab ki aap usse world cup se lekar ke abhi 5 february tujhe south africa daura hai bharatiya mahilaon ka us beech mein agar purushon ka pura dard aur chakkar hai toh beech mein austrailia new zealand aur sri lanka aur dakshin africa se hum khel rahe hain toh yah fark hai itna cricket khelte ho
सवाल की तरह जवाब भी बहुत आसान है महिला क्रिकेटरों को क्यों याद रखो जो नहीं मिलता खरीदनी है
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Kunjansinh Rajput

Aspiring Journalist

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देखिए मैडम कोई भी खेल देखे तो उसमें जिस प्रकार से पूछो कैसे गुजरता है इस प्रकार से महिलाओं को गाना कबर नहीं मिलता है और इसमें मेरे हिसाब से समाज की ही फूल है कि जिस प्रकार से हम यह सोचते कि पुरुषों महिलाओं से बढ़कर है वह पुरुष महिलाओं से आगे तो का नाका क्रिकेट की बात आती है कोई भी दूसरे की बात आती है तो उसमें जो पुरुष खिलाड़ियों को महिलाओं का खिलाड़ी की तुलना में ज्यादा X को ही मिलता है मैया के ऑडियो को पूर्व में किस प्रकार से महिलाएं क्रिकेटर सहवाग राम पिछले कई वर्षों लगता है तो इस महिला कितनी पुरुष क्रिकेटर रह चुके हैं तो होगी क्योंकि मुझे लेने आओ आजादी मिलती है कुछ भी करने का प्रयोग ना करें कि महिलाओं को आजादी नहीं मिलती है और दूसरी चीज होगी जिस प्रकार से हमें रणजी मैच रिपोर्ट कैसे लिखें BF रमा आईपीएल देखने को मिलता है कोई भी पुरुष महिलाओं का IPL कि नहीं आ रहा और महिलाओं का वर्ल्ड कप जो है वह भी ऑफिस में बस ऐसे ही दिखाना शुरू कर दिया तो मेरे हिसाब से जब तक ब्रॉडकास्टर के ऑफिस जब तक सरकार चीज का नहीं सोचते कि क्या मैं जितना हो सके उतना महिलाओं के मातृत्व कास्टिंग करनी चाहिए हमें लोग को बताना चाहिए कि कमजोरी दोनों ही वर्ग के लोग खेलते पुरुष भी कहते हैं महिलाओं की खेती है तब जाकर आ जाओ है महिला क्रिकेट को आ जाए पुरुष की तारीख को जो मिलेगा सही नेता से किया करो एडवर्टाइजमेंट प्रमोशन कराकर 12 महिलाओं को बढ़ावा दें क्या क्रिकेट में पार्टिसिपेट कर सकते हो तब जाकर महिलाएं का क्रिकेट जो है महिला की लड़कियों को पुरुष कि जितना एक्सपोजर मिलेगा
dekhiye madam koi bhi khel dekhe toh usme jis prakar se pucho kaise guzarta hai is prakar se mahilaon ko gaana kabar nahi milta hai aur isme mere hisab se samaj ki hi fool hai ki jis prakar se hum yah sochte ki purushon mahilaon se badhkar hai vaah purush mahilaon se aage toh ka naka cricket ki baat aati hai koi bhi dusre ki baat aati hai toh usme jo purush khiladiyon ko mahilaon ka khiladi ki tulna mein zyada X ko hi milta hai maiya ke audio ko purv mein kis prakar se mahilaye cricketer sehwag ram pichle kai varshon lagta hai toh is mahila kitni purush cricketer reh chuke hain toh hogi kyonki mujhe lene aao azadi milti hai kuch bhi karne ka prayog na kare ki mahilaon ko azadi nahi milti hai aur dusri cheez hogi jis prakar se hamein ranji match report kaise likhen BF rama IPL dekhne ko milta hai koi bhi purush mahilaon ka IPL ki nahi aa raha aur mahilaon ka world cup jo hai vaah bhi office mein bus aise hi dikhana shuru kar diya toh mere hisab se jab tak broadcaster ke office jab tak sarkar cheez ka nahi sochte ki kya main jitna ho sake utana mahilaon ke matritwa casting karni chahiye hamein log ko bataana chahiye ki kamzori dono hi varg ke log khelte purush bhi kehte hain mahilaon ki kheti hai tab jaakar aa jao hai mahila cricket ko aa jaaye purush ki tarikh ko jo milega sahi neta se kiya karo advertisement promotion karakar 12 mahilaon ko badhawa de kya cricket mein participate kar sakte ho tab jaakar mahilaye ka cricket jo hai mahila ki ladkiyon ko purush ki jitna exposure milega
देखिए मैडम कोई भी खेल देखे तो उसमें जिस प्रकार से पूछो कैसे गुजरता है इस प्रकार से महिलाओं
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