अरुण जेटली कहते हैं कि राज्य सरकार पेट्रोल/डीजल पर GST के पक्ष में नहीं है। इनपर GST होना चाहिए?...


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Rajsi

Sports Commentator & Reporter

1:13
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अब राज्य सरकारें तो मना करेंगे क्योंकि हर किसी राज्य में अलग-अलग टैक्स जो लगता है अलग-अलग उनके खिलाफ होते हुए शासन का बजट तय होता है तो वह बिल्कुल मना करेंगे लेकिन मेरे हिसाब से लगन लगा दे तो कम से कम एक प्रॉफिट हो जाएगा कि पूरे देश में आपको सेम रोड पर पेट्रोल मिलेगा फिर आपको यह नहीं सोचना है कि अगर आप दिल्ली में हो तो आपको यहां पर बनाना है अगर आप नोएडा जा रहा था आपको वहां पेट्रोल बनाना है तो यह जो एनसीआर जो हमला दिल्ली में देखते हैं और इसके अलावा बाकी शहरों में भी होता है अगर जैसी लगा देंगे तो कम से कम एक उससे प्रॉफिट हुआ कि पूरे देश में आपको सिम रेट पर पेट्रोल मिल जाएगा लेकिन आप बिल्कुल जाता था जिसके लिए मना करेंगे कि हर जगह सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी होपलेस जो वैल्यू एडेड टैक्स होता है तुम यह जो दो तब तक साथ हैं यह टेक्स्ट आपको हर जगह अलग-अलग रिपेयर करा देते रेट का तो अगर कहीं पर ज्यादा पड़ रहा है तो कहीं पर कम पड़ रहा है वह जीएसटी उनको बैलेंस कर देगा मेरे साथ शेयर कर देना चाहिए ज्यादा डिफरेंस नहीं पड़ेगा जीएसटी लगने के बाद क्या आप सेक्स करने के बाद कई स्टेट को प्रॉफिट भी हो सकता है तो कई स्टेट नुकसान में भी जा सकते हैं किसी का हमारे जैसे लगने के बाद उनके प्राइस काम भी हो सके बढ़ा भी सकते हैं लेकिन अगर बढ़ेंगे घटेंगे तो वह फिर को पूरे देश में सिम प्राइस पर होगा तो अगर आप यह कर दोगे तो यह प्रॉफिट भी है कहीं ना कहीं तो यह सब के लिए अच्छा होगा बेहतर होगा आई थिंक सबके लिए बेहतर होगा सबके लिए अच्छा है

ab rajya sarkaren toh mana karenge kyonki har kisi rajya mein alag alag tax jo lagta hai alag alag unke khilaf hote hue shasan ka budget tay hota hai toh vaah bilkul mana karenge lekin mere hisab se lagan laga de toh kam se kam ek profit ho jaega ki poore desh mein aapko same road par petrol milega phir aapko yah nahi sochna hai ki agar aap delhi mein ho toh aapko yahan par banana hai agar aap noida ja raha tha aapko wahan petrol banana hai toh yah jo NCR jo hamla delhi mein dekhte hain aur iske alava baki shaharon mein bhi hota hai agar jaisi laga denge toh kam se kam ek usse profit hua ki poore desh mein aapko sim rate par petrol mil jaega lekin aap bilkul jata tha jiske liye mana karenge ki har jagah central excise duty hopeless jo value added tax hota hai tum yah jo do tab tak saath hain yah text aapko har jagah alag alag repair kara dete rate ka toh agar kahin par zyada pad raha hai toh kahin par kam pad raha hai vaah gst unko balance kar dega mere saath share kar dena chahiye zyada difference nahi padega gst lagne ke baad kya aap sex karne ke baad kai state ko profit bhi ho sakta hai toh kai state nuksan mein bhi ja sakte hain kisi ka hamare jaise lagne ke baad unke price kaam bhi ho sake badha bhi sakte hain lekin agar badhenge ghatenge toh vaah phir ko poore desh mein sim price par hoga toh agar aap yah kar doge toh yah profit bhi hai kahin na kahin toh yah sab ke liye accha hoga behtar hoga I think sabke liye behtar hoga sabke liye accha hai

अब राज्य सरकारें तो मना करेंगे क्योंकि हर किसी राज्य में अलग-अलग टैक्स जो लगता है अलग-अलग

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Ekta

Researcher and Writer

1:35
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जिसके बारे में मैं पूरा पूरा सही जवाब तो नहीं दे सकती पर जैसे की हमारे देश में जीएसटी कब से चालू हुआ है 2017 में तब से कुछ लोगों का कहना है कि इससे बहुत फायदा हुआ है लेकिन कुछ लोगों का कहना है कि इससे घाटा हो रहा है एक बिजनेसमैन का भी और हमारे जनता का भी तो इस पर यह पाना कि यह सही है या नहीं भक्ति पेट वाली बात है और बात जहां तक बात रही कि पेट्रोल और डीजल जीएसटी के पक्ष में नहीं है मुझे लगता है कि यह बहुत अच्छा है हमारे देश की जनसंख्या वह 130 करोड़ के आसपास है जिसमें से हम अधिकतर लोग हैं संसाधनों का प्रयोग करते हैं जैसे की बाइक कार और उसके लिए आपको पेट्रोल व डीजल की बहुत जरूरत रहती है अगर उस पर भी जीएसटी लगा दिया जाए तो उन लोगों को बहुत ही करते होंगे जैसे की हमारे देश में पेट्रोल और डीजल की जो प्राइस है वह हमेशा ज्यादा ही रहती है बहुत कमी इस महीने साल होते जब हमारी प्राइस 4 से ₹5 के हिसाब से गिरती है अगर हम उस पर भी जीएसटी लगा देंगे तो यह और बढ़ जाएगी लोगों को दिक्कतों और बढ़ जाएंगे और ऑटोमेटिकली जनता इसका विरोध करने लगे तो जीएसटी नहीं बटोरी सर पर यह अच्छा है और इससे लोगों को ही जनता कोई फायदा है जिस पर जीएसटी नहीं है जिससे कि उन्हें कम बेड करना पड़ेगा

jiske bare mein main pura pura sahi jawab toh nahi de sakti par jaise ki hamare desh mein gst kab se chaalu hua hai 2017 mein tab se kuch logo ka kehna hai ki isse bahut fayda hua hai lekin kuch logo ka kehna hai ki isse ghata ho raha hai ek bussinessmen ka bhi aur hamare janta ka bhi toh is par yah paana ki yah sahi hai ya nahi bhakti pet wali baat hai aur baat jaha tak baat rahi ki petrol aur diesel gst ke paksh mein nahi hai mujhe lagta hai ki yah bahut accha hai hamare desh ki jansankhya vaah 130 crore ke aaspass hai jisme se hum adhiktar log hain sansadhano ka prayog karte hain jaise ki bike car aur uske liye aapko petrol va diesel ki bahut zarurat rehti hai agar us par bhi gst laga diya jaaye toh un logo ko bahut hi karte honge jaise ki hamare desh mein petrol aur diesel ki jo price hai vaah hamesha zyada hi rehti hai bahut kami is mahine saal hote jab hamari price 4 se Rs ke hisab se girti hai agar hum us par bhi gst laga denge toh yah aur badh jayegi logo ko dikkaton aur badh jaenge aur atometikli janta iska virodh karne lage toh gst nahi batori sir par yah accha hai aur isse logo ko hi janta koi fayda hai jis par gst nahi hai jisse ki unhe kam bed karna padega

जिसके बारे में मैं पूरा पूरा सही जवाब तो नहीं दे सकती पर जैसे की हमारे देश में जीएसटी कब स

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Sameer Tripathy

Political Critic

1:51

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

लेकिन मुझे लगता है कि पेट्रोल और डीजल के ऊपर जाकर आप जीएसटी लगाएंगे तो मुझे लगता है कोई फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि अब मैं जितना एक जितना मुझे पढ़ा हूं अगर ट्रेड एनालिस्ट जो है वह बिलीव करती क्या कर जीएसटी अगर जॉब लग गया पेट्रोल डीजल के ऊपर तो जो रिटेल प्राइस है वह आपसे बहुत ज्यादा से ज्यादा 4 से ₹5 ही कम होगा जो रिटेल प्राइस है तो इसमें उस आपको पता है कि 28% का जीएसटी श्राप लगेगा पेट्रोल डीजल के ऊपर तो उस में से किसी को फायदा नहीं होगा अगर अगर पेट्रोल और डीजल कम करना चाहिए तो पहले तो जो सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी है और नो वैल्यू एडेड टैक्स है जो स्टेटस लगाते हैं वह कम करना चाहिए क्योंकि अगर पेट्रोल डीजल में क्या होता है सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी लगता है उसके बाद जो हर स्टेट में जो वैल्यू एडेड टैक्स है जो हर स्टेट का जो व्हाट डिफरेंस अरे टेक्स्ट लाभ है जो बेस्ट फाइट करो टेक्स्ट डिफरेंट डिफरेंट स्टेट कार्ड प्रिंट रेट है उसको बोलो वह कम करना चाहिए अगर भूख कम कर दी तो पेट्रोल डीजल प्राइस इजहार स्टेटमेंट अलग कम हो जाएगा लेकिन आपको पता होगा कि हर सेट में पेट्रोल डीजल प्राइस चेंज चेंज चेंज होता रहता है और कोई सिमिलर प्राइस नहीं होगा दिल्ली का प्राइस आधा लिटर पर है ₹70 होगा तो मुंबई में 60612 होगा या 75 का तो पेट्रोल रेट हमेशा चेंज होता रहता है वहां हर स्टेट के उस हिसाब से तो वह स्टेट और सेंट्रल कमेंट के ऊपर है जो सेंट्रल कमेंट जो सेंट्रल सेल्स टैक्स लगाता है वह वह कम करना पड़ेगा अगर कम करना पड़ेगा और भेजो स्टेज 2 भेजो रे टैक्स लगा था वह भी कम करना पड़ेगा 9 लीटर डीजल प्राइस ऑफ़ पेट्रोल का पैसा कम प्राइस कम होता जाएगा मगर आप इसमें जीएसटी लगाई तो मुझे नहीं लगता कि कोई फायदा होगा ज्यादा ज्यादा 4:00 ₹500 कम होगा और इतना फायदा भी नहीं लोग होगा लोगों को

lekin mujhe lagta hai ki petrol aur diesel ke upar jaakar aap gst lagayenge toh mujhe lagta hai koi fark nahi padega kyonki ab main jitna ek jitna mujhe padha hoon agar trade analyst jo hai vaah believe karti kya kar gst agar job lag gaya petrol diesel ke upar toh jo retail price hai vaah aapse bahut zyada se zyada 4 se Rs hi kam hoga jo retail price hai toh isme us aapko pata hai ki 28 ka gst shraap lagega petrol diesel ke upar toh us mein se kisi ko fayda nahi hoga agar agar petrol aur diesel kam karna chahiye toh pehle toh jo central excise duty hai aur no value added tax hai jo status lagate hain vaah kam karna chahiye kyonki agar petrol diesel mein kya hota hai central excise duty lagta hai uske baad jo har state mein jo value added tax hai jo har state ka jo what difference are text labh hai jo best fight karo text different different state card print rate hai usko bolo vaah kam karna chahiye agar bhukh kam kar di toh petrol diesel price izhaar statement alag kam ho jaega lekin aapko pata hoga ki har set mein petrol diesel price change change change hota rehta hai aur koi similar price nahi hoga delhi ka price aadha litter par hai Rs hoga toh mumbai mein 60612 hoga ya 75 ka toh petrol rate hamesha change hota rehta hai wahan har state ke us hisab se toh vaah state aur central comment ke upar hai jo central comment jo central sales tax lagaata hai vaah vaah kam karna padega agar kam karna padega aur bhejo stage 2 bhejo ray tax laga tha vaah bhi kam karna padega 9 litre diesel price of petrol ka paisa kam price kam hota jaega magar aap isme gst lagayi toh mujhe nahi lagta ki koi fayda hoga zyada zyada 4 00 Rs kam hoga aur itna fayda bhi nahi log hoga logo ko

लेकिन मुझे लगता है कि पेट्रोल और डीजल के ऊपर जाकर आप जीएसटी लगाएंगे तो मुझे लगता है कोई फर

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Bhaskar Saurabh

Politics Follower | Engineer

1:52
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अरुण जेटली का यह कहना है कि राज्य सरकारें पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे से बाहर रखना चाहती हैं तो मेरे मुताबिक अरुण जेटली का यह कहना बिल्कुल सही नहीं है क्योंकि अब जब बीजेपी की सरकार केंद्र में भी है और अधिकांश राज्यों में भी बीजेपी या फिर उनके द्वारा समर्थित पार्टियों की सरकारें हैं तू पेट्रोल और डीजल को जरूर से जीएसटी के दायरे में लाना चाहिए क्योंकि जो भी सामानों के दाम है और सरकार ने चाहे उन्हें जीएसटी के अंदर लाना तो वह ला सकती है और यहां केंद्र सरकार की एक तरह से नाकामी है या फिर उनकी कमजोर इच्छा शक्ति दर्शाती है कि वह पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में नहीं ला रहे हैं हमारे देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं जबकि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट जारी है तू अगर जीएसटी के दायरे में पेट्रोल और डीजल को लाया जाता है और इन इन पर से अतिरिक्त जो टैक्स लगाती हैं राज्य सरकार है उन्हें हटाया जाए तो पेट्रोल और डीजल के दाम घट सकते हैं क्योंकि वर्तमान में राज्य सरकारें पेट्रोल और डीजल पर अलग-अलग तरह के टैक्स लगाते हैं जिसकी वजह से आम जनता को ज्यादा पैसे देने पड़ते हैं पेट्रोल और डीजल के लिए तू अगर जीएसटी लग जाता है पेट्रोल और डीजल पर तो इससे आम जनता को काफी फायदा हो सकता है और पेट्रोल और डीजल के दाम घट सकते हैं तो मेरे मुताबिक अगर केंद्र सरकार हमारे देश के आम नागरिक का भला चाहती हैं तो उन्हें पेट्रोल और डीजल के दामों को जीएसटी के दायरे में लाना चाहिए जिससे कि इनके दामों में कटौती हो और आम जनता को महंगाई की मार से थोड़ी राहत महसूस हो

arun jaitley ka yah kehna hai ki rajya sarkaren petrol aur diesel ko gst ke daayre se bahar rakhna chahti hai toh mere mutabik arun jaitley ka yah kehna bilkul sahi nahi hai kyonki ab jab bjp ki sarkar kendra mein bhi hai aur adhikaansh rajyo mein bhi bjp ya phir unke dwara samarthit partiyon ki sarkaren hai tu petrol aur diesel ko zaroor se gst ke daayre mein lana chahiye kyonki jo bhi samanon ke daam hai aur sarkar ne chahen unhe gst ke andar lana toh vaah la sakti hai aur yahan kendra sarkar ki ek tarah se nakami hai ya phir unki kamjor iccha shakti darshatee hai ki vaah petrol aur diesel ko gst ke daayre mein nahi la rahe hai hamare desh mein petrol aur diesel ki keematein lagatar badh rahi hai jabki antarrashtriya bazaar mein kacche tel ki kimton mein giraavat jaari hai tu agar gst ke daayre mein petrol aur diesel ko laya jata hai aur in in par se atirikt jo tax lagati hai rajya sarkar hai unhe hataya jaaye toh petrol aur diesel ke daam ghat sakte hai kyonki vartaman mein rajya sarkaren petrol aur diesel par alag alag tarah ke tax lagate hai jiski wajah se aam janta ko zyada paise dene padte hai petrol aur diesel ke liye tu agar gst lag jata hai petrol aur diesel par toh isse aam janta ko kaafi fayda ho sakta hai aur petrol aur diesel ke daam ghat sakte hai toh mere mutabik agar kendra sarkar hamare desh ke aam nagarik ka bhala chahti hai toh unhe petrol aur diesel ke daamo ko gst ke daayre mein lana chahiye jisse ki inke daamo mein katauti ho aur aam janta ko mahangai ki maar se thodi rahat mehsus ho

अरुण जेटली का यह कहना है कि राज्य सरकारें पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे से बाहर रखना

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