गणेश जी का विसर्जन क्यों किया जाता है?...


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इस पृथ्वी पर भगवान शिव का परिवारिक परिवारिक विचरण करने के लिए आता है सबसे पहले भगवान सदा शिव शंकर भोलेनाथ श्रावण मास में 1 महीने तक न भवति पर आते हैं और लोग श्रद्धा पूर्वक उनकी पूजा अर्चना करते हैं उसके बाद भगवान गणेश जी का एक ग्यारह दिवसीय गणेश उत्सव के रूप में मनाया जाता है और घर घर में भगवान गणेश की प्रतिमाओं की मिट्टी की प्रतिमा स्थापित की जाती है तथा उसके बाद में नवकार दे नवरात्रि में माता पार्वती आती है और गरबा उत्सव के आयोजन होते हैं जब जब भी हम हमारे घर में तो उसके बाद भगवान को मैं उनके घर वापस भेजना होता है अतः पूजा पाठ के बाद में निवेदन है कि वापस जिन देवी देवताओं को हम उनका विसर्जन करें भगवान गणेश की प्रतिमा का विसर्जन किया जाता है जब हम कोई पूजा पाठ भी करते हैं और पंडित हमारे घर पर आकर पूजा विधान करा सभी देवी देवताओं का आवाहन करता और हमने पूछा था

is prithvi par bhagwan shiv ka pariwarik pariwarik vichran karne ke liye aata hai sabse pehle bhagwan sada shiv shankar bholenaath shraavan mass mein 1 mahine tak na bhavati par aate hai aur log shraddha purvak unki puja archna karte hai uske baad bhagwan ganesh ji ka ek gyarah divasiya ganesh utsav ke roop mein manaya jata hai aur ghar ghar mein bhagwan ganesh ki pratimaon ki mitti ki pratima sthapit ki jaati hai tatha uske baad mein navkar de navratri mein mata parvati aati hai aur garba utsav ke aayojan hote hai jab jab bhi hum hamare ghar mein toh uske baad bhagwan ko main unke ghar wapas bhejna hota hai atah puja path ke baad mein nivedan hai ki wapas jin devi devatao ko hum unka visarjan kare bhagwan ganesh ki pratima ka visarjan kiya jata hai jab hum koi puja path bhi karte hai aur pandit hamare ghar par aakar puja vidhan kara sabhi devi devatao ka avahan karta aur humne poocha tha

इस पृथ्वी पर भगवान शिव का परिवारिक परिवारिक विचरण करने के लिए आता है सबसे पहले भगवान सदा श

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Ghanshyamvan

मंदिर सेवा

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लेकिन इसमें सबके अपने अलग-अलग विचार हैं मेरे विचार से गणेश जी का विसर्जन नहीं करना चाहिए यह हमें हमारे घर परिवार के प्रतिष्ठित देवता है सुख शांति का देवता है विघ्न विनाशक हैं इन्हें विसर्जन करना उचित नहीं मानता और सबकी जोड़ा है तो खुद जान सकते हैं किसी भी शास्त्र में गणपति का विसर्जन नहीं देखा है

lekin isme sabke apne alag alag vichar hain mere vichar se ganesh ji ka visarjan nahi karna chahiye yah hamein hamare ghar parivar ke pratishthit devta hai sukh shanti ka devta hai vighn vinaashak hain inhen visarjan karna uchit nahi manata aur sabki joda hai toh khud jaan sakte hain kisi bhi shastra mein ganapati ka visarjan nahi dekha hai

लेकिन इसमें सबके अपने अलग-अलग विचार हैं मेरे विचार से गणेश जी का विसर्जन नहीं करना चाहिए य

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लेकिन महाभारत का व्यास है तो उसके संबंध की वजह से गणेश जी का विसर्जन किया जाता है जीवन मृत्यु चक्र भी है विसर्जन की वजह है और बाल गंगाधर तिलक ने शुरू करवाई थी परंपरा और अपने मूल रूप में मिल जाते हैं परमात्मा तो और ज्ञान और बुद्धि के देवता होंगे और पंच तत्वों में से एक है जल्द तो इसलिए इनको विसर्जित किया जाता है

lekin mahabharat ka vyas hai toh uske sambandh ki wajah se ganesh ji ka visarjan kiya jata hai jeevan mrityu chakra bhi hai visarjan ki wajah hai aur baal gangadhar tilak ne shuru karwai thi parampara aur apne mul roop mein mil jaate hain paramatma toh aur gyaan aur buddhi ke devta honge aur punch tatvon mein se ek hai jald toh isliye inko visarjit kiya jata hai

लेकिन महाभारत का व्यास है तो उसके संबंध की वजह से गणेश जी का विसर्जन किया जाता है जीवन मृत

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