डॉ राजेंद्र प्रसाद का 28 फरवरी, 1963 को निधन हो गया। भारतीय राजनीति में उनका क्या योगदान था?...


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Amber Rai

सुनो ..सुनाओ..सीखो!

0:54

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आज के डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद जो है वह बहुत ही महान शख्सियत थे उन्होंने जो है वह फ्रीडम मूवमेंट में भी पाठ लिया था भारत को सही कराने में उनका बहुत बड़ा योगदान है और वही काम लॉयर थे और उन्होंने डॉक्टर की हुई थी और वह जो है कांग्रेस के प्रेसिडेंट भी रह चुके हैं कई बार भारत के आजादी से पहले और उन्होंने जो है वह बिहार के लिए जो है वह चंदा इकट्ठा करने में भी मदद किया था जो 1934 में अर्थक्वेक आया था बिहार में और बहुत ही बड़ी मात्रा में चंदा इकट्ठा किया था

aaj ke doctor rajendra prasad jo hai vaah bahut hi mahaan shakhsiyat the unhone jo hai vaah freedom movement mein bhi path liya tha bharat ko sahi karane mein unka bahut bada yogdan hai aur wahi kaam lawyer the aur unhone doctor ki hui thi aur vaah jo hai congress ke president bhi reh chuke hain kai baar bharat ke azadi se pehle aur unhone jo hai vaah bihar ke liye jo hai vaah chanda ikattha karne mein bhi madad kiya tha jo 1934 mein earthquake aaya tha bihar mein aur bahut hi badi matra mein chanda ikattha kiya tha

आज के डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद जो है वह बहुत ही महान शख्सियत थे उन्होंने जो है वह फ्रीडम मूव

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Ambuj Singh

Media Professional

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

28 फरवरी 1963 को डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद का निधन हुआ उनका जन्म 3 दिसंबर 1884 को हुआ था और अब भारतीय राजनीति में उनका बहुत बड़ा योगदान है वह भारत के पहले राष्ट्रपति थे और साथ ही उन्हें भारत रत्न से भी नवाजा गया था और वह बैठे थे पोलिटिकल लीडर थे इंडियन नेशनल कांग्रेस के होम प्रेसिडेंट पी रहे और गांधी जी के साथ उन्होंने भारत को स्वतंत्रता दिलाने में काफी मदद किया चंपारण मूवमेंट में भी उनका साथ था तो और वह एस्प्रिन बहुत है विलेन थे एक बहुत से मस्सा वाक्य मैं आपको बताऊंगा उनके बारे कि एक बार जब उनका कॉपी किया कि सामने ने चेक किया तो डरना क्या लगा कि जो एग्जाम है एग्जाम देने वाला

28 february 1963 ko doctor rajendra prasad ka nidhan hua unka janam 3 december 1884 ko hua tha aur ab bharatiya raajneeti mein unka bahut bada yogdan hai vaah bharat ke pehle rashtrapati the aur saath hi unhe bharat ratna se bhi navaja gaya tha aur vaah baithe the political leader the indian national congress ke home president p rahe aur gandhi ji ke saath unhone bharat ko swatatrata dilaane mein kafi madad kiya champaran movement mein bhi unka saath tha toh aur vaah esprin bahut hai villain the ek bahut se massa vakya main aapko bataunga unke bare ki ek baar jab unka copy kiya ki saamne ne check kiya toh darna kya laga ki jo exam hai exam dene vala

28 फरवरी 1963 को डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद का निधन हुआ उनका जन्म 3 दिसंबर 1884 को हुआ था और अ

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