200 रेलवे स्टेशनों पर नैपकिन डिस्पेंसर्स लगाए जाने हैं IAS महिला दिवस पर । क्या यह जागरूकता पैदा करने के लिए काफ़ी है?...


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Sanjeev Singh

Career Coach for Civil Services and Other Competitive Examinations

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका प्रश्न है 200 रेलवे स्टेशनों पर नैपकिन डिस्पेंसर लगाए जाने वाले हैं क्या यह जागरूकता पैदा पैदा करने के लिए काफी है कि काफी तो कुछ नहीं होता है लेकिन फिर भी एक प्रयास है उस पर आपको देखकर जो लोग जागरूक होंगे वह दूसरों को जागरूक करेंगे इस प्रकार सचिन बनेगा और ज्यादा से ज्यादा लोगों तक जा पहुंचेगी फिर भी इस चीज को थोड़ा ठीक से समझने के लिए हमको थोड़ा समझना पड़ेगा कि भारतीय रेलवे में हमेशा ढाई करोड़ लोग यात्रा करते रहते हैं ढाई करोड़ मतलब जितनी ऑस्ट्रेलिया की जनसंख्या है और ढाई करोड़ लोग यात्रा करते हैं तो उस 200 स्टेशन पर से लाखों लोग तो गुजरते ही होंगे और उन दोस्तों स्टेशन स्पर्श अगर लाखों लोग गुजरते होंगे तो लाखों में हजारों हजार की दृष्टि उस पर पड़ती होगी और उसमें जागरूक होंगे और दो जागरूक होंगे उसमें से कई लोग जागरूकता के लिए काम करेंगे इंडिविजुअल लेवल पर थी और नेशनल लेवल पर काम कर रहे हैं जो डिपार्टमेंट चिल्ड्रन फंक्शन करती वह भी काम कर रही है दूसरे जो non-governmental ऑर्गेनाइजेशन इन जिओ से वह भी काम करती है सेल्फी काम कर रहे हैं मीडिया में काम करिए अभी 1 साल में बनी थी जागरूकता के लिए आप लोगों ने देखा होगा वह भी काम कर रही है सब लोग मिलकर एक लगाते हैं जिसके परिणाम स्वरुप जागरूकता आता है कोई एक व्यक्ति एक ऑर्गनाइजेशन के लगाने से नहीं आता है लेकिन हाई एक अच्छा कदम है एक प्रशंसनीय कदम है इस दिशा में काम कर रही है रेलवे दूसरे संगठन काम कर रहे हैं सब लोग मिलाकर जागरूकता पैदा करने में अपनी भूमिका अदा कर रहा है धन्यवाद

aapka prashna hai 200 railway stationo par napkin dispensers lagaye jaane waale hain kya yah jagrukta paida paida karne ke liye kaafi hai ki kaafi toh kuch nahi hota hai lekin phir bhi ek prayas hai us par aapko dekhkar jo log jagruk honge vaah dusro ko jagruk karenge is prakar sachin banega aur zyada se zyada logo tak ja pahunchegi phir bhi is cheez ko thoda theek se samjhne ke liye hamko thoda samajhna padega ki bharatiya railway me hamesha dhai crore log yatra karte rehte hain dhai crore matlab jitni austrailia ki jansankhya hai aur dhai crore log yatra karte hain toh us 200 station par se laakhon log toh gujarate hi honge aur un doston station sparsh agar laakhon log gujarate honge toh laakhon me hazaro hazaar ki drishti us par padti hogi aur usme jagruk honge aur do jagruk honge usme se kai log jagrukta ke liye kaam karenge individual level par thi aur national level par kaam kar rahe hain jo department children function karti vaah bhi kaam kar rahi hai dusre jo non governmental organization in jio se vaah bhi kaam karti hai selfie kaam kar rahe hain media me kaam kariye abhi 1 saal me bani thi jagrukta ke liye aap logo ne dekha hoga vaah bhi kaam kar rahi hai sab log milkar ek lagate hain jiske parinam swarup jagrukta aata hai koi ek vyakti ek organisation ke lagane se nahi aata hai lekin high ek accha kadam hai ek prashansaniya kadam hai is disha me kaam kar rahi hai railway dusre sangathan kaam kar rahe hain sab log milakar jagrukta paida karne me apni bhumika ada kar raha hai dhanyavad

आपका प्रश्न है 200 रेलवे स्टेशनों पर नैपकिन डिस्पेंसर लगाए जाने वाले हैं क्या यह जागरूकता

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Mahjabeen Ali

RJ | Cook | TV Anchor | VO Artist

0:55

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

एक हद तक जागरूकता पैदा करने के लिए अच्छा कदम है लेकिन यह काफी नहीं है पूरी तरीके से और भी कई सारे मुद्दे हैं जिसमें सबसे इंपोर्टेंट और सबसे पहला मुद्दा तो यही आता है कि थाने की आज की रेट जो है वह बहुत ज्यादा है अगर एक मिडिल क्लास घर के बजट का कि हम बात करें तो उनके हिसाब से भी यह ज्यादा होता है तो अगर हम दोनों मिल क्लास और उससे भी नीचे तक देखी चलो ज्ञान की बात करें तो उनके लिए तो यह पॉसिबल हो जाता है तो जागरूकता तो अच्छी तरीके से या यूं कहें कि पूरी तरीके से तब फैलेगी जब इसकी रेट कम कर दी जाएंगी रेट कम होगी तो यह हर किसी के लिए अपने बल होता चला जाएगा गांव गांव शहर शहर गली गली औरतें का इस्तेमाल कर पाएंगी कपड़े का इस्तेमाल बंद करके और हाइजीन तब जाकर पूरी तरीके से हर एक घर में औरतों के लिए फैलेगा और बढ़ेगा तो रेट मुझे लगता है कि सबसे बड़ा इंपॉर्टेंट पॉइंट है जिसे की जागरूकता फैल सकती है

ek had tak jagrukta paida karne ke liye accha kadam hai lekin yah kaafi nahi hai puri tarike se aur bhi kai saare mudde hain jisme sabse important aur sabse pehla mudda toh yahi aata hai ki thane ki aaj ki rate jo hai vaah bahut zyada hai agar ek middle class ghar ke budget ka ki hum baat kare toh unke hisab se bhi yah zyada hota hai toh agar hum dono mil class aur usse bhi niche tak dekhi chalo gyaan ki baat kare toh unke liye toh yah possible ho jata hai toh jagrukta toh achi tarike se ya yun kahein ki puri tarike se tab failegi jab iski rate kam kar di jayegi rate kam hogi toh yah har kisi ke liye apne bal hota chala jaega gaon gaon shehar shehar gali gali auraten ka istemal kar paayengi kapde ka istemal band karke aur hygiene tab jaakar puri tarike se har ek ghar mein auraton ke liye failega aur badhega toh rate mujhe lagta hai ki sabse bada important point hai jise ki jagrukta fail sakti hai

एक हद तक जागरूकता पैदा करने के लिए अच्छा कदम है लेकिन यह काफी नहीं है पूरी तरीके से और भी

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Amber Rai

सुनो ..सुनाओ..सीखो!

1:07
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आज के अच्छा-अच्छा फिल्म रिलीज हुई है और अक्षय कुमार ने जो है वह पेड़ के बारे में जागरूकता फैलाने की कोशिश की है और जिसको माना जाता था हमारे कंट्री में अगर कोई लड़की पहनती थी या उसको प्रियंका जब टाइम हो तब से क्या समझते थे और से बातचीत कर दो अभी लोग जो है थोड़े ओपन माइंडेड है जो वह है मूवी देखने के बाद और थोड़े स्पैरो हैं और अभी जो इंडियन रेलवेज है वह अभी दो स्टेशनों पर जो है वह ऑनलाइन टेस्ट मैसेज सभी लगाने वाला है इस महिला दिवस पर तो यह बहुत ही अच्छी बात है

aaj ke accha accha film release hui hai aur akshay kumar ne jo hai vaah ped ke bare mein jagrukta felane ki koshish ki hai aur jisko mana jata tha hamare country mein agar koi ladki pahanti thi ya usko priyanka jab time ho tab se kya samajhte the aur se batchit kar do abhi log jo hai thode open minded hai jo vaah hai movie dekhne ke baad aur thode spairo hain aur abhi jo indian railways hai vaah abhi do stationo par jo hai vaah online test massage sabhi lagane vala hai is mahila divas par toh yah bahut hi achi baat hai

आज के अच्छा-अच्छा फिल्म रिलीज हुई है और अक्षय कुमार ने जो है वह पेड़ के बारे में जागरूकता

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Bhaskar Saurabh

Politics Follower | Engineer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भारतीय रेलवे के द्वारा लिया गया यह डिसीजन बहुत ही अच्छा है और इसकी बिल्कुल सराहना की जानी चाहिए रेल मंत्री पीयूष गोयल ने बताया है कि 200 रेलवे स्टेशनों पर नैपकिन डिफेंस लगाए जाने हैं और महिला दिवस 8 मार्च को मनाया जाता है तो 8 मार्च तक यह सारा काम पूरा कर लिया जाएगा पहले से ही नई दिल्ली रेलवे स्टेशन और भोपाल रेलवे स्टेशन पर इस तरह की नैपकिन डिस्पेंसर लगे हुए हैं लेकिन अब भारत के 200 बड़े रेलवे स्टेशनों पर इस तरह की व्यवस्था की जा रही है तो इससे महिलाओं को काफी सहूलियत होगी और यह जो नैपकिंस डिस्पेंसर हैं वहां से काफी कम पैसे में ही नैपकिंस प्रोवाइड की जाएगी और यह पूरी तरीके से बायोडिग्रेडेबल होगी यानी कि इंवॉल्वमेंट फ्रेंडली तो इस वजह से मुझे लगता है कि यह रेलवे के द्वारा लिया गया एक बहुत ही अच्छा कदम है और इसी तरह से अन्य जो रेलवे स्टेशन है जो कि छोटी जगहों पर हैं वहां पर भी इस तरह की चीजें लगाई जानी चाहिए ताकि महिलाओं की कि जो

bharatiya railway ke dwara liya gaya yah decision bahut hi accha hai aur iski bilkul sarahana ki jani chahiye rail mantri piyush goyal ne bataya hai ki 200 railway stationo par napkin defence lagaye jaane hain aur mahila divas 8 march ko manaya jata hai toh 8 march tak yah saara kaam pura kar liya jaega pehle se hi nayi delhi railway station aur bhopal railway station par is tarah ki napkin dispensers lage hue hain lekin ab bharat ke 200 bade railway stationo par is tarah ki vyavastha ki ja rahi hai toh isse mahilaon ko kaafi sahuliyat hogi aur yah jo naipakins dispensers hain wahan se kaafi kam paise mein hi naipakins provide ki jayegi aur yah puri tarike se biodegradable hogi yani ki invalwament friendly toh is wajah se mujhe lagta hai ki yah railway ke dwara liya gaya ek bahut hi accha kadam hai aur isi tarah se anya jo railway station hai jo ki choti jagaho par hain wahan par bhi is tarah ki cheezen lagayi jani chahiye taki mahilaon ki ki jo

भारतीय रेलवे के द्वारा लिया गया यह डिसीजन बहुत ही अच्छा है और इसकी बिल्कुल सराहना की जानी

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Sachin Bharadwaj

Faculty - Mathematics

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए इस महिला दिवस पर जो 200 रेलवे स्टेशन नैपकिन डिस्पेंसरी मशीन लगाई जाएंगी मुझे लगता है कि बहुत अच्छा कदम है सरकार की ओर से और जब से यह पैडमैन रिलीज हुई तब से सरकार ने भी मुझे लगता है कि इस चीज के बारे में सोचा था हालांकि अगर आप पहले देखेंगे तो इस प्रॉब्लम के बारे में समस्या के बारे में किसी ने नहीं किसी भी सरकार रही हो किसी सरकार ने इस पर ध्यान नहीं दिया कोई भी रेलवे मिनिस्टर रहा हूं ठीक है लेकिन इस बार ऐसा किया गया तो मुझे लगता है बिल्कुल ठीक किया गया लेकिन हां मैं यह नहीं कह सकता कि यह केवल यही काफी है अभी बहुत सारा कार्य करना पड़ेगा सरकार को

dekhiye is mahila divas par jo 200 railway station napkin dispensary machine lagayi jayegi mujhe lagta hai ki bahut accha kadam hai sarkar ki aur se aur jab se yah padman release hui tab se sarkar ne bhi mujhe lagta hai ki is cheez ke bare mein socha tha halaki agar aap pehle dekhenge toh is problem ke bare mein samasya ke bare mein kisi ne nahi kisi bhi sarkar rahi ho kisi sarkar ne is par dhyan nahi diya koi bhi railway minister raha hoon theek hai lekin is baar aisa kiya gaya toh mujhe lagta hai bilkul theek kiya gaya lekin haan main yah nahi keh sakta ki yah keval yahi kaafi hai abhi bahut saara karya karna padega sarkar ko

देखिए इस महिला दिवस पर जो 200 रेलवे स्टेशन नैपकिन डिस्पेंसरी मशीन लगाई जाएंगी मुझे लगता है

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Anukrati

Journalism Graduate

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हालांकि यह कदम बहुत ही सराहनीय है मुझे नहीं लगता कि यह काफी रहेगा क्योंकि इंडियन पॉपुलेशन एक तो बहुत ज्यादा है तो इन डिस्टेंस उसका बहुत जल्दी खत्म होना बहुत ही ईजी है मेंटेनेंस मेंटेनेंस इशू हो सकता है दूसरी बात लोगों को अभी तक मेंटलिटी उनके सही नहीं हुई है लोगों को अभी तक अच्छे से समझाया नहीं गया है क्या होता है किस तरह इस्तेमाल करना चाहिए ढंग से रखना चाहिए नहीं रखना चाहिए तो मुझे लगता है कि बहुत लोग ऐसे डिस्पेंसरी को देखकर भी मंडली जन्म या फिर जो मशीन जैसे हमारी ट्रेन भी हम देखते हैं कैसे खराब हो जाती हैं या लोग कर देते हैं वैसे जनरल पब्लिक इनके साथ भी ऐसा ही करेंगी तो यह काफी नहीं है इससे पहले हमें अच्छे से लोगों को एडिट

halanki yah kadam bahut hi sarahniya hai mujhe nahi lagta ki yah kaafi rahega kyonki indian population ek toh bahut zyada hai toh in distance uska bahut jaldi khatam hona bahut hi easy hai Maintenance Maintenance issue ho sakta hai dusri baat logo ko abhi tak mentaliti unke sahi nahi hui hai logo ko abhi tak acche se samjhaya nahi gaya hai kya hota hai kis tarah istemal karna chahiye dhang se rakhna chahiye nahi rakhna chahiye toh mujhe lagta hai ki bahut log aise dispensary ko dekhkar bhi mandali janam ya phir jo machine jaise hamari train bhi hum dekhte hain kaise kharab ho jaati hain ya log kar dete hain waise general public inke saath bhi aisa hi karengi toh yah kaafi nahi hai isse pehle hamein acche se logo ko edit

हालांकि यह कदम बहुत ही सराहनीय है मुझे नहीं लगता कि यह काफी रहेगा क्योंकि इंडियन पॉपुलेशन

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Jyoti Mehta

Ex-History Teacher

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

डिस्पेंसरी का निर्णय बहुत ही अच्छा है और बहुत ही अच्छे विचार हैं यह शुरू में स्टेशन भोपाल पर लगाया गया था और उसे सभी ने बहुत सराहा क्योंकि उससे कई महिलाओं को सुविधा होगी जो वहां काम करती है निम्न स्तर की नंद क्लास की महिलाएं और ट्रेन में सफर करती है महिलाए उन्हें अचानक आवश्यकता पड़ जाती है तब भी यह एक बहुत ही अच्छा कदम है रेलवे के द्वारा उठाया गया और यह शुरुआत है पहले एक स्टेशन पर हुआ था और उसको देखकर बाकी और 200 स्टेशन पर नारी दिवस की धनि में लगाने की सोचा है तो यह वाकई में प्रशंसनीय कदम है मैं दिलबर को उसके बारे में बहुत ही अच्छे से शुभकामनाएं देना चाहूंगी कि उन्होंने महिलाओं के बारे में इतना सोचा अगर हमारा समाज महिलाओं की सुविधाएं और महिलाओं की तकलीफ़ों को समझ

dispensary ka nirnay bahut hi accha hai aur bahut hi acche vichar hain yah shuru mein station bhopal par lagaya gaya tha aur use sabhi ne bahut saraha kyonki usse kai mahilaon ko suvidha hogi jo wahan kaam karti hai nimn sthar ki nand class ki mahilaye aur train mein safar karti hai mahilaye unhe achanak avashyakta pad jaati hai tab bhi yah ek bahut hi accha kadam hai railway ke dwara uthaya gaya aur yah shuruat hai pehle ek station par hua tha aur usko dekhkar baki aur 200 station par nari divas ki Dhani mein lagane ki socha hai toh yah vaakai mein prashansaniya kadam hai dilbar ko uske bare mein bahut hi acche se subhkamnaayain dena chahungi ki unhone mahilaon ke bare mein itna socha agar hamara samaj mahilaon ki suvidhaen aur mahilaon ki taklifon ko samajh

डिस्पेंसरी का निर्णय बहुत ही अच्छा है और बहुत ही अच्छे विचार हैं यह शुरू में स्टेशन भोपाल

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Swati

सुनो ..सुनाओ..सीखो!

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

विकी दूसरों रेलवे स्टेशन पर नैपकिन डिस्पेंसर लगाए गए सारे चुनाव केंद्र से पेंसिल आज के समय में यह जानकर मुझे बहुत अजीब लगा कि और बहुत सारी महिलाएं बहुत सारी का मूर्ति प्रदूषण और फीमेल उनको मालूम ही नहीं है आज सैलरी के बारे में या फिर आप किनके यूसेज के बारे में या कुछ भी पीरियड एग्जाम एजुकेशन से रिलेटेड तू ही तू तू सो और रेलवे स्टेशन फर्नांडिस मनचला गायक दें ये 1 शुरू आज तो है प्लीज कुछ तो सेट किया जा रहा है यह कोई बहुत बड़ा सेट नहीं है लेकिन तुम केसे तिनके तिनके जोड़कर एक हौसला बनता है बूंद बूंद से सागर बनता है तो इसे धीरे-धीरे छोटे सेट किए जाएंगे तो बड़ी सेक्स पर फाइनली लिए जाएंगे और चीजें जरूर आएंगे

vicky dusro railway station par napkin dispensers lagaye gaye saare chunav kendra se pencil aaj ke samay mein yah jaankar mujhe bahut ajib laga ki aur bahut saree mahilaye bahut saree ka murti pradushan aur female unko maloom hi nahi hai aaj salary ke bare mein ya phir aap kinke usage ke bare mein ya kuch bhi period exam education se related tu hi tu tu so aur railway station Fernandis manchala gayak de ye 1 shuru aaj toh hai please kuch toh set kiya ja raha hai yah koi bahut bada set nahi hai lekin tum kaise tinke tinke jodkar ek hausla baata hai boond boond se sagar baata hai toh ise dhire dhire chote set kiye jaenge toh badi sex par finally liye jaenge aur cheezen zaroor aayenge

विकी दूसरों रेलवे स्टेशन पर नैपकिन डिस्पेंसर लगाए गए सारे चुनाव केंद्र से पेंसिल आज के समय

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