विश्व में सबसे चिंतनशील प्राणी इंसानी है, इंसान गलती क्यों करता हैं?...


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अनिल शास्त्री

शिक्षक,संपादक, सामाजिक कार्यकर्ता

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विश्व में सबसे चिंतनशील प्राणी इंसान है इंसान गलती क्यों करता है देखिए आपकी बात बिल्कुल सही है कि इस जगत में सबसे अधिक बुद्धिमान प्राणी विचारशील प्राणी या चिंतनशील प्राणी को इंसान ही है मनुष्य ही है इसमें कोई दो राय नहीं है इंसान अपने जीवन में जब कार्य करता है तो बहुत सारी समस्याएं आती हैं हर कार्य को करने के जो परिणाम है वह सार्थक भी हो जाते हैं और कई बार सार्थक नहीं भी होते हैं कार्य करते समय उल्टी आना 101 प्रक्रिया है हर कार्य हर व्यक्ति सफलतापूर्वक करें इसकी कोई सुनिश्चित नहीं है कार्य करने में भूल हो ना गलती होना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है जो व्यक्ति कुछ तरीका ही नहीं तुझ से तो गलती है क्या होंगी तो वह तो एक अलग मामला है लेकिन यह यदि व्यक्ति कोई काम करता है किसी भी कार्य को संपादित करने का प्रयास करता है तो उसमें गलती होने की संभावना तो बनती है हां यह अलग बात है कि कोशिश करनी चाहिए कि गलती ना हो जानबूझकर के ऐसा कोई कार्य नहीं किया जाए जिससे नुकसान हो लेकिन फिर भी ना चाहते हुए भी कई परिस्थितियों में गलती होने की संभावना होती है लेकिन उस गलती से सीख लेनी चाहिए और उसे गलती से सीख ले करके दोबारा मुझसे गलती ना हो यह मनुष्य का कर्तव्य बनता है क्योंकि यदि बार-बार बार-बार वही गलती व्यक्ति दो रहता है तो यह व्यक्ति की कुशलता का परिचय एक नहीं है लेकिन जब कोई कार्य किया जाता है उस कार्य को करने में बाधाएं आती हैं समस्याएं आती हैं उन समस्याओं से जो है वह चुनौती पूर्वक कोशिश करता है व्यक्ति सफलता प्राप्त करने की तो कई बार उस कार्य को करने गलतियां होना तो सही है लेकिन उन गलतियों से सीख लेनी चाहिए और उन गलतियों से शिक्षा ले करके दोबारा ऐसा प्रयास करना चाहिए कि वह गलतियां दोबारा ना हो और दूसरों को भी प्रेरणा मिली कि हम किस प्रकार से उस कार्य को करें ताकि हमें सफलता प्राप्त हो सके यह मनुष्य का कर्तव्य बनता है यहीं कहीं मनुष्य का धर्म बनता है लेकिन गलतियां होना मैं दोबारा से तो रहूंगा कि गलती हो ना किसी भी कार्य के होने का एक तरह से प्रमाण है परिचय के नहीं काम हो रहा है बहुत सारे भिजवाने में और बहुत सारे मनीषियों ने यह कहा है कि यदि कोई व्यक्ति गलती नहीं करता है तो समझ लीजिएगा कि वह किसी कार्य को नए ढंग से नहीं कर रहा है तो कार्य को अच्छी प्रकार करने का नए ढंग से करने का नया सृजन करने का सीधा सा उदाहरण है कि उसमें गलतियां कुछ ना कुछ होनी है तो गलतियों को अन्यथा ना लें गलती हो समाज के हित में मनुष्य का दायित्व बनता है धन्यवाद

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विश्व में सबसे चिंतनशील प्राणी इंसान है इंसान गलती क्यों करता है देखिए आपकी बात बिल्कुल सह

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