क्या प्राणायाम और मैडिटेशन एक ही हैं?...


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Vijay Sharma

Yoga Trainer (P.G.D.Y.)

1:30
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

ओम मेडिटेशन एक नहीं होते हमारे युग के अंदर अष्टांग योग के फिल्म जिसमें कहते हैं 810 जिसमें आता है शिव के बाहर भी योग में आता है अमेरिकी से नाता है अंतर युग के अंदर तो आज देश कौन से हैं यम नियम आसन प्राणायाम छोटे स्टेप पर आता है प्रणाम प्रत्याहार धारणा ध्यान समाधि बरसात पिक्चर कपड़ा आरक्षण प्राणायाम और माइटी सब एक दूसरे से कनेक्शन होता है जब भी हम मंत्रों का उच्चारण करते हैं ध्यान के अंदर तो उसमें सांसों का इन्हेल होना और एक जेल होना बांग बराबर चलता रहता है तो एक दूसरे से कॉल लेटर फॉर मेडिटेशन हालांकि सभी 8 वर्ष तक एक दूसरे से लिंक है ध्यान में प्राणों का आया हूं इसे प्राणायाम से पक्षियों का आना जाना तो चाहे वह अंदर हो या बाहर हो सब किसके साथ चलता है

om meditation ek nahi hote hamare yug ke andar ashtanga yog ke film jisme kehte hain 810 jisme aata hai shiv ke bahar bhi yog me aata hai american se nataa hai antar yug ke andar toh aaj desh kaun se hain yum niyam aasan pranayaam chote step par aata hai pranam pratyahar dharana dhyan samadhi barsat picture kapda aarakshan pranayaam aur mighty sab ek dusre se connection hota hai jab bhi hum mantron ka ucharan karte hain dhyan ke andar toh usme shanson ka inhale hona aur ek jail hona bang barabar chalta rehta hai toh ek dusre se call letter for meditation halaki sabhi 8 varsh tak ek dusre se link hai dhyan me pranon ka aaya hoon ise pranayaam se pakshiyo ka aana jana toh chahen vaah andar ho ya bahar ho sab kiske saath chalta hai

ओम मेडिटेशन एक नहीं होते हमारे युग के अंदर अष्टांग योग के फिल्म जिसमें कहते हैं 810 जिसमे

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Kailash Babu

Yoga Trainer

2:31
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए प्राणायाम और मेडिटेशन दोनों अलग-अलग है लेकिन इनका लक्ष्य एक ही है अपनी आंखें तत्व को परमात्मा से मिलाना प्राणायाम और ध्यान मेडिटेशन अष्टांग योग के अंदर आता है अष्टांग योग में 8 अंग होते हैं जिसमें प्राणायाम चौथे नंबर पर आता है और मेडिटेशन सातवें नंबर पर आता है और ऑटो अंग यम नियम आसन प्राणायाम प्रत्याहार धारणा ध्यान समाधि इसी क्रम में अभ्यास किया जाता है पहले यम नियम से अपने शरीर को शुध्द गया था आंतरिक और बाहरी सोच को शुद्ध किया जाता है अपनी इंद्रियों को काबू में किया था उसके बाद यम नियम आसन किसे अपने शरीर को दूर करता है लचीला बनाया जाता है और फिर प्राणायाम व चौथे नंबर पर आता है प्राणायाम होता हमारे प्राण वायु का विस्तार करने के लिए अगर इसके शाब्दिक अर्थ का मीनिंग देखे हैं तो होता है प्राण जमा आया मतलब अपने प्राण का आयाम करना प्राणों का विस्तार करना हमारे शरीर में बहुत सारी खुशियां होती जहां तक प्राणवायु नहीं पहुंच पाता है उम्र के हिसाब से सूचना दिया कमजोर होती जाती हैं और उन्हें प्राणवायु ऑक्सीजन जिस को आम भाषा में बोलते हैं हम उसको जान बोलते हैं जनवरी माह तक नहीं पहुंच पाती है और हमारा शरीर बुढ़ापे की तरफ अग्रसर होने लगता है तो ताकि हम प्रणाम करते हैं तो उन महीनों तक पहुंचती है और हमारे शरीर को तरोताजा करती है जो हमें मेडिटेशन ध्यान करने के लिए तैयार करती है शरीर को अगर हमारे सूचना ड्योतक प्राण में नहीं पहुंचेगा और हम ध्यान में बैठेंगे हमारा ध्यान अच्छे से नहीं लगेगा अंगों में दर्द हटाने और दूसरी समस्या आने लगेगी अगर हमारे शरीर में पर्याप्त रूप से आप बहुत ज्यादा अधिक मात्रा में जितना ज्यादा अधिक मात्रा में प्राण वायु द्वारा ध्यान मेडिटेशन उतना ही अच्छा होगा प्राणायाम के बाद अपना ध्यान रखना मैं अपने आपको तैयार करते हैं ध्यान करने के लिए अपनी सोच को अपनी इंद्रियों को वश में करते हुए फिर हम ध्यान की प्राणायाम और ध्यान दोनों अलग अलग से एक ही है जो मैंने आपको बताया था अब नहीं करेंगे ध्यान का ध्यान करना असंभव है प्राणायाम करने के बाद हमारे शरीर में प्राण वायु की मात्रा बहुत ज्यादा हो जाती है उसके बाद एवं ध्यान का अभ्यास करते हैं तू ही वह सक्सेस होता है तो आपके सवाल का जवाब आपको मिल जाऊंगा कि प्रणब ओम मेडिटेशन एक नहीं है लेकिन इन दोनों का लक्ष्य एक ही है धन्यवाद

dekhiye pranayaam aur meditation dono alag alag hai lekin inka lakshya ek hi hai apni aankhen tatva ko paramatma se milana pranayaam aur dhyan meditation ashtanga yog ke andar aata hai ashtanga yog me 8 ang hote hain jisme pranayaam chauthe number par aata hai aur meditation satve number par aata hai aur auto ang yum niyam aasan pranayaam pratyahar dharana dhyan samadhi isi kram me abhyas kiya jata hai pehle yum niyam se apne sharir ko shuddh gaya tha aantarik aur bahri soch ko shudh kiya jata hai apni indriyon ko kabu me kiya tha uske baad yum niyam aasan kise apne sharir ko dur karta hai lachila banaya jata hai aur phir pranayaam va chauthe number par aata hai pranayaam hota hamare praan vayu ka vistaar karne ke liye agar iske shabdik arth ka meaning dekhe hain toh hota hai praan jama aaya matlab apne praan ka aayam karna pranon ka vistaar karna hamare sharir me bahut saari khushiya hoti jaha tak pranavayu nahi pohch pata hai umar ke hisab se soochna diya kamjor hoti jaati hain aur unhe pranavayu oxygen jis ko aam bhasha me bolte hain hum usko jaan bolte hain january mah tak nahi pohch pati hai aur hamara sharir budhape ki taraf agrasar hone lagta hai toh taki hum pranam karte hain toh un mahinon tak pohchti hai aur hamare sharir ko tarotaja karti hai jo hamein meditation dhyan karne ke liye taiyar karti hai sharir ko agar hamare soochna dyotak praan me nahi pahunchaega aur hum dhyan me baitheange hamara dhyan acche se nahi lagega angon me dard hatane aur dusri samasya aane lagegi agar hamare sharir me paryapt roop se aap bahut zyada adhik matra me jitna zyada adhik matra me praan vayu dwara dhyan meditation utana hi accha hoga pranayaam ke baad apna dhyan rakhna main apne aapko taiyar karte hain dhyan karne ke liye apni soch ko apni indriyon ko vash me karte hue phir hum dhyan ki pranayaam aur dhyan dono alag alag se ek hi hai jo maine aapko bataya tha ab nahi karenge dhyan ka dhyan karna asambhav hai pranayaam karne ke baad hamare sharir me praan vayu ki matra bahut zyada ho jaati hai uske baad evam dhyan ka abhyas karte hain tu hi vaah success hota hai toh aapke sawaal ka jawab aapko mil jaunga ki pranab om meditation ek nahi hai lekin in dono ka lakshya ek hi hai dhanyavad

देखिए प्राणायाम और मेडिटेशन दोनों अलग-अलग है लेकिन इनका लक्ष्य एक ही है अपनी आंखें तत्व को

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार आपका सवाल है क्या प्राणायाम और मेडिटेशन एक ही होते हैं तो थोड़ा सा आप इसे समझने की कोशिश करेंगे कि प्राणायाम और मेडिटेशन क्या होते हैं तो हम मैं आपको सीधे लेने के लिए चलूंगा अष्टांग योग के अंतर्गत अष्टांग योग ऋषि पतंजलि का अष्टांग योग उसमें योग के आठ अंगों के बारे में विस्तृत बताया गया है तू यम नियम आसन और प्राणायाम प्राणायाम जो है इसका चौथा अंग होता है प्राणायाम का अर्थ होता है कि अपने प्राणों के प्राण प्राणों के ऊपर नियंत्रण करना जब प्राण के ऊपर नियंत्रण करने का अर्थ क्या होता है प्राणों के अंतर नियंत्रण करने का अर्थ यह होता है कि आपने देखा होगा कि यदि हम नबी देखिए न मिले तो तभी सांस चलती रहती है ना तू तो बता सांस चलना और दूसरा क्या होता है जब हम प्राणायाम करते हैं कभी देखा वह हम बोलते कि लंबी गहरी सांस लीजिए और सांस छोड़िए फिर सांस लीजिए और सांस एक हम 5 सेकंड के लिए सांस को लीजिए या 10 सेकंड के लिए सास को लीजिए फिर 10 सेकंड के लिए सांस छोड़िए तो यह हो गया पुराणों के ऊपर नियंत्रण करना अब हमारे को प्राणायाम के अंतर्गत भी होता है कि हमें कौन सा प्राणायाम करना है हम बोलते कभी किसी से सब कुछ हमारा बीपी बढ़िया तो हम बोले कि आपको चंद्रभेदी प्राणायाम करना है चंद्रभेदी प्राणायाम में किस तरह से करना सूर्यभेदी प्राणायाम कौन सा होता है हर एक प्राणायाम का अलग-अलग आपको भी तो मिलेगा उसमें प्राण जो हम सांस ले रहे पूरक रेचक के ऊपर हमारा एक नियंत्रण होगा तो वह व प्राणायाम प्राणायाम करते तो प्राणायाम करने से मुख्य में लाभ क्या होता है प्राणायाम करने से हमें क्या लाभ होता है वह हमारा मस्तिष्क को शांत करता है बाकी तो अन्य इतने लाभ हैं कि कुछ भी नहीं हूं कि इतने सारे लेकिन तुम मुख्य लाभ है उससे क्या होता हमारे हमारा मस्तिष्क शांत होता है और मस्तिष्क का स्थान तो होना हमारे मन का शांत होना धीरे-धीरे हमारा मन प्रणाम प्रणाम प्रणाम के बाद फिर प्रत्याहार धारणा ध्यान ध्यान मेडिटेशन क्या बात कर रहे हो वह हमारा है सातवा तो हम जब प्राणायाम करते हैं तो हम प्राणायाम के माध्यम से धीरे-धीरे प्राणायाम प्रत्याहार धारणा के माध्यम से होते हुए टेशन को पहुंचते हैं लेकिन जब तक हम अपने शरीर को मन मस्तिष्क को नहीं देंगे तब तक हम ध्यान तक नहीं पहुंच सकते इसलिए प्राणायाम और मेडिटेशन एक ही नहीं है दोनों अलग-अलग है प्राणायाम से होते हुए हम मेडिटेशन तक पहुंचते हैं

namaskar aapka sawaal hai kya pranayaam aur meditation ek hi hote hain toh thoda sa aap ise samjhne ki koshish karenge ki pranayaam aur meditation kya hote hain toh hum main aapko sidhe lene ke liye chalunga ashtanga yog ke antargat ashtanga yog rishi patanjali ka ashtanga yog usme yog ke aath angon ke bare me vistrit bataya gaya hai tu yum niyam aasan aur pranayaam pranayaam jo hai iska chautha ang hota hai pranayaam ka arth hota hai ki apne pranon ke praan pranon ke upar niyantran karna jab praan ke upar niyantran karne ka arth kya hota hai pranon ke antar niyantran karne ka arth yah hota hai ki aapne dekha hoga ki yadi hum nabi dekhiye na mile toh tabhi saans chalti rehti hai na tu toh bata saans chalna aur doosra kya hota hai jab hum pranayaam karte hain kabhi dekha vaah hum bolte ki lambi gehri saans lijiye aur saans chodiye phir saans lijiye aur saans ek hum 5 second ke liye saans ko lijiye ya 10 second ke liye saas ko lijiye phir 10 second ke liye saans chodiye toh yah ho gaya purano ke upar niyantran karna ab hamare ko pranayaam ke antargat bhi hota hai ki hamein kaun sa pranayaam karna hai hum bolte kabhi kisi se sab kuch hamara BP badhiya toh hum bole ki aapko chandrabhedi pranayaam karna hai chandrabhedi pranayaam me kis tarah se karna suryabhedi pranayaam kaun sa hota hai har ek pranayaam ka alag alag aapko bhi toh milega usme praan jo hum saans le rahe purak rechak ke upar hamara ek niyantran hoga toh vaah va pranayaam pranayaam karte toh pranayaam karne se mukhya me labh kya hota hai pranayaam karne se hamein kya labh hota hai vaah hamara mastishk ko shaant karta hai baki toh anya itne labh hain ki kuch bhi nahi hoon ki itne saare lekin tum mukhya labh hai usse kya hota hamare hamara mastishk shaant hota hai aur mastishk ka sthan toh hona hamare man ka shaant hona dhire dhire hamara man pranam pranam pranam ke baad phir pratyahar dharana dhyan dhyan meditation kya baat kar rahe ho vaah hamara hai satva toh hum jab pranayaam karte hain toh hum pranayaam ke madhyam se dhire dhire pranayaam pratyahar dharana ke madhyam se hote hue teshan ko pahunchate hain lekin jab tak hum apne sharir ko man mastishk ko nahi denge tab tak hum dhyan tak nahi pohch sakte isliye pranayaam aur meditation ek hi nahi hai dono alag alag hai pranayaam se hote hue hum meditation tak pahunchate hain

नमस्कार आपका सवाल है क्या प्राणायाम और मेडिटेशन एक ही होते हैं तो थोड़ा सा आप इसे समझने की

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Ashish Lavania

Yoga Trainer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

क्या प्रमोशन जी नहीं प्राणायाम अलग है मेडिटेशन लगता है जिसमें हम अपने शरीर के अनुसार मैनेज करते हैं सांसों के ऊपर कंट्रोल करते हैं सांसों को एक नया तरीके से आयाम देते हैं वह तक बढ़ाया जा सके अनुलोम विलोम या कपालभाति है राम बसते मेडिटेशन होता है जिसमें मुद्रा में बैठते हैं 1 आसन में बैठते हैं ऑफिस ध्यान लगाते किस चीज का धारण करते हैं और उसकी ध्यान लगाते वह तो दोनों अलग-अलग

kya promotion ji nahi pranayaam alag hai meditation lagta hai jisme hum apne sharir ke anusaar manage karte hain shanson ke upar control karte hain shanson ko ek naya tarike se aayam dete hain vaah tak badhaya ja sake anulom vilom ya kapalbhati hai ram baste meditation hota hai jisme mudra me baithate hain 1 aasan me baithate hain office dhyan lagate kis cheez ka dharan karte hain aur uski dhyan lagate vaah toh dono alag alag

क्या प्रमोशन जी नहीं प्राणायाम अलग है मेडिटेशन लगता है जिसमें हम अपने शरीर के अनुसार मैनेज

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Dr. Alok Sharma

Ayurvedic Doctor

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Karan Janwa

Automobile Engineer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

प्रणब हमारे साथ के उतार-चढ़ाव से संबंधित है जबकि मेडिटेशन अपने विचारों से संबंधित है जब अपनी सास को नियंत्रित करते हैं कुंभक पूरक और रेचक होते हैं तो कुंभक पूरक और रेचक के 35 को नियंत्रित करने की प्रणाली है इस्कॉन प्राणायाम कहते हैं और मेरी ट्यूशन के अंदर हम सभी भारी विचारों से अपने मन को हटाकर स्वयं के अंदर इनकी यात्रा करते हैं फिर हम अपने विचारों के ऊपर नियंत्रण करना सीखते हैं तो प्रणब अपने हिसाब से संबंधित है और मेडिटेशन विचारों से संबंधित है

pranab hamare saath ke utar chadhav se sambandhit hai jabki meditation apne vicharon se sambandhit hai jab apni saas ko niyantrit karte hain kumbhak purak aur rechak hote hain toh kumbhak purak aur rechak ke 35 ko niyantrit karne ki pranali hai iskcon pranayaam kehte hain aur meri tuition ke andar hum sabhi bhari vicharon se apne man ko hatakar swayam ke andar inki yatra karte hain phir hum apne vicharon ke upar niyantran karna sikhate hain toh pranab apne hisab se sambandhit hai aur meditation vicharon se sambandhit hai

प्रणब हमारे साथ के उतार-चढ़ाव से संबंधित है जबकि मेडिटेशन अपने विचारों से संबंधित है जब अप

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Girijakant Singh

Founder/ President Yog Bharati Foundation Trust

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका प्रश्न है क्या प्राणायाम और मेडिटेशन एक ही है कि नहीं प्राणायाम स्वास्थ्य पास की प्रक्रिया है और मेडिटेशन मन को शांत करने की प्रक्रिया है दोनों अलग-अलग काम जो है योग में प्राणायाम जो है आसन के बाद आता है और मृत्यु प्रत्याहार के बाद आता है इसलिए यह दोनों अलग है अष्टांगिक ही दोनों

aapka prashna hai kya pranayaam aur meditation ek hi hai ki nahi pranayaam swasthya paas ki prakriya hai aur meditation man ko shaant karne ki prakriya hai dono alag alag kaam jo hai yog mein pranayaam jo hai aasan ke baad aata hai aur mrityu pratyahar ke baad aata hai isliye yah dono alag hai ashtangik hi dono

आपका प्रश्न है क्या प्राणायाम और मेडिटेशन एक ही है कि नहीं प्राणायाम स्वास्थ्य पास की प्रक

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Radha Mohan

Yoga & Naturopathy Expert

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार दोस्तों कृष्ण के प्राणायाम और मेडिटेशन एक ही है उसको दोनों अलग-अलग चीजें हैं महर्षि पतंजलि के अनुसार ईद है मगर बात करें उनका जो अष्टांग योग है उसके सबसे जो पहला अंग है वह हम फिर नियम किरासन और चौथा स्थान इसमें प्राणायाम का आता है उसके बाद में प्रत्याहार धारणा और जो सातवें स्थान आता वह ध्यान का अर्थ मेडिटेशन का आता है उसके बाद में समाधि आती है तो सब प्राणियों के बारे में भी हम बात करें तो प्रणब क्रिसमस क्रिसमस की कैसी गति जिसके ऊपर हम अपनी सांसों के ऊपर नियंत्रण स्थापित करते हुए अपनी सांसो को लंबा गहरा और विस्तारित रूप देते हैं और दोस्तों जब ऐसा होता है तो इससे हमारे शरीर के अंदर हमारे लंके अंदर पूरे सिस्टम के अंदर प्राण वायु ऑक्सीजन के रूप में बहुत ही तेजी से पहुंचने लगे इसकी मात्रा बढ़ने लगती है और जब ऐसा होता है तो हमारे संपूर्ण शरीर की नारियां से शुद्ध होती है और दोस्तों ऐसा होने से हमारे शरीर में स्फूर्ति दायक और इसके बिल्कुल बलवान और एक हल्का-फुल्का महसूस होने लगता है इसके बाद में दोस्त अभी हम बात करें ध्यान की तो ध्यान है कैसी हमारी मानसिक एसएससी प्रैक्टिस है इसके और हम अपने मन को किसी एक विषय वस्तु पर कंसंट्रेट होना सिखाते हैं और जब ऐसा होता है तो हमारे मानसिक स्तर पर जितने भी अवसाद हैं इस प्रेस टेंशन डिप्रेशन चाय पर किसी प्रकार का कोई और अवसाद को धीरे धीरे से दूर होने लगते हैं ड्यूटी है उसको हम अपने जीवन से दूर निकल सकते हैं जब हम मेडिटेशन का अभ्यास करते हैं हमारे अंदर एक पॉजिटिव एनर्जी का संचार होने लगता है हमारी मन बुद्धि और जो तुम्हारा विवेक है उसने इंप्रूवमेंट होने लगता है हमारा एक जो मन है एक आनंदित और एक ऐसी स्थिति में पहुंच जाता है इसमें एक बहुत ही आनंद की अनुभूति होने लगती है दोस्तों मेडिटेशन का अभ्यास करके हम अपने माइंड को किसी एक विषय वस्तु पर कंसंट्रेट होना सिखाते हैं इस प्रकार प्रणाम और मेडिटेशन दोनों अलग-अलग प्रेक्टिस है धन्यवाद

namaskar doston krishna ke pranayaam aur meditation ek hi hai usko dono alag alag cheezen hain maharshi patanjali ke anusaar eid hai magar baat kare unka jo ashtanga yog hai uske sabse jo pehla ang hai vaah hum phir niyam kirasan aur chautha sthan isme pranayaam ka aata hai uske baad me pratyahar dharana aur jo satve sthan aata vaah dhyan ka arth meditation ka aata hai uske baad me samadhi aati hai toh sab praniyo ke bare me bhi hum baat kare toh pranab Christmas Christmas ki kaisi gati jiske upar hum apni shanson ke upar niyantran sthapit karte hue apni saanso ko lamba gehra aur vistarit roop dete hain aur doston jab aisa hota hai toh isse hamare sharir ke andar hamare lanke andar poore system ke andar praan vayu oxygen ke roop me bahut hi teji se pahuchne lage iski matra badhne lagti hai aur jab aisa hota hai toh hamare sampurna sharir ki nariyan se shudh hoti hai aur doston aisa hone se hamare sharir me sfurti dayak aur iske bilkul balwan aur ek halka fulka mehsus hone lagta hai iske baad me dost abhi hum baat kare dhyan ki toh dhyan hai kaisi hamari mansik ssc practice hai iske aur hum apne man ko kisi ek vishay vastu par concentrate hona sikhaate hain aur jab aisa hota hai toh hamare mansik sthar par jitne bhi avsad hain is press tension depression chai par kisi prakar ka koi aur avsad ko dhire dhire se dur hone lagte hain duty hai usko hum apne jeevan se dur nikal sakte hain jab hum meditation ka abhyas karte hain hamare andar ek positive energy ka sanchar hone lagta hai hamari man buddhi aur jo tumhara vivek hai usne improvement hone lagta hai hamara ek jo man hai ek anandit aur ek aisi sthiti me pohch jata hai isme ek bahut hi anand ki anubhuti hone lagti hai doston meditation ka abhyas karke hum apne mind ko kisi ek vishay vastu par concentrate hona sikhaate hain is prakar pranam aur meditation dono alag alag practice hai dhanyavad

नमस्कार दोस्तों कृष्ण के प्राणायाम और मेडिटेशन एक ही है उसको दोनों अलग-अलग चीजें हैं महर्ष

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Aditi Garg

Meditation Expert

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका प्रश्न है कि क्या प्राणायाम और मेडिटेशन एक ही है नहीं प्राणायाम जो होते हैं वह होते हैं योगा के योगा में जो आप अलग-अलग क्रियाएं करते हैं कि आपकी बॉडी की जूनियर एक हो जाए मतलब की बॉडी पूरी तरह एक हो जाए उसे प्राणायाम कहते हैं प्राणायाम का मकसद होता है आपके बॉडी के हर पार्ट को स्ट्रांग बनाना और मेडिटेशन जो है मेडिटेशन कि आप क्या करते हैं आप अपने माइंड और बॉडी को कनेक्ट करते हैं तो प्राणायाम और मेडिटेशन एक नहीं है वह दोनों अलग-अलग चीजें हैं थैंक यू

aapka prashna hai ki kya pranayaam aur meditation ek hi hai nahi pranayaam jo hote hain vaah hote hain yoga ke yoga mein jo aap alag alag kriyaen karte hain ki aapki body ki junior ek ho jaaye matlab ki body puri tarah ek ho jaaye use pranayaam kehte hain pranayaam ka maksad hota hai aapke body ke har part ko strong banana aur meditation jo hai meditation ki aap kya karte hain aap apne mind aur body ko connect karte hain toh pranayaam aur meditation ek nahi hai vaah dono alag alag cheezen hain thank you

आपका प्रश्न है कि क्या प्राणायाम और मेडिटेशन एक ही है नहीं प्राणायाम जो होते हैं वह होते ह

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shekhar11

Volunteer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

प्राणायाम और मेडिटेशन दोनों ही दोनों के अलग होती है स्टेशन में ध्यान लगाते हैं प्रणाम में श्वास के ऊपर हमला क्रेमलिन दोनों का मकसद एक ही होता है

pranayaam aur meditation dono hi dono ke alag hoti hai station mein dhyan lagate hain pranam mein swas ke upar hamla kremlin dono ka maksad ek hi hota hai

प्राणायाम और मेडिटेशन दोनों ही दोनों के अलग होती है स्टेशन में ध्यान लगाते हैं प्रणाम में

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