क्या देशभक्ति के नाम पर कानून अपने हाथ में लेना सही है अगर ऐसा होता है तो जिम्मेदार कौन है?...


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देखिए देश भक्ति के नाम पर कानून हाथ में लिया जाए या देशद्रोह के लिए लिया जाए तो वह दोनों एक ही श्रेणी में आते हैं अगर कोई कानून हाथ में लेता है तो वह देशभक्त नहीं हो सकता वह देशद्रोही हो सकता है कानून को अपने हाथ में अगर कोई व्यक्ति भी अपने हाथ में लेता है वह किसी भी स्तर पर लेता हूं वह दोषी है और उसके खिलाफ कानून को और शासन प्रशासन को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए लेकिन यहां भी जो सारा समीकरण है वह फोटो के गणित पर आकर अटक जाता है और एक बार एक तारा समूह को इसकी छूट मिलती है तो दूसरी बार दूसरा समूह की छूट लेते और धीरे-धीरे हो रहा है यह कि हम एक तंत्र से कबीलाई परंपरा की ओर जा रहे हैं

dekhiye desh bhakti ke naam par kanoon hath mein liya jaaye ya deshdroh ke liye liya jaaye toh vaah dono ek hi shreni mein aate hain agar koi kanoon hath mein leta hai toh vaah deshbhakt nahi ho sakta vaah deshdrohi ho sakta hai kanoon ko apne hath mein agar koi vyakti bhi apne hath mein leta hai vaah kisi bhi sthar par leta hoon vaah doshi hai aur uske khilaf kanoon ko aur shasan prashasan ko sakht karyawahi karni chahiye lekin yahan bhi jo saara samikaran hai vaah photo ke ganit par aakar atak jata hai aur ek baar ek tara samuh ko iski chhut milti hai toh dusri baar doosra samuh ki chhut lete aur dhire dhire ho raha hai yah ki hum ek tantra se kabilai parampara ki aur ja rahe hain

देखिए देश भक्ति के नाम पर कानून हाथ में लिया जाए या देशद्रोह के लिए लिया जाए तो वह दोनों ए

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Shubham

Software Engineer in IBM

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिये दोस्त, आपने काफी अच्छा क्वेश्चन डाला है और देशभक्ति के नाम पर कानून हाथ में लेना है यह बिल्कुल भी सही नहीं है l जिस तरीके से आज भारत का हाल हो चुका है समुदाय के लोग देश भक्ति के नाम पर कई सारे आंदोलन और दंगे - फसाद करते हैं l यह बिल्कुल भी गलत है और यह बिल्कुल भी सही नहीं है l आप मुझे बताइए ऐसा कौन सा देश भक्त होता है जो अपने देश के कानून को नहीं माने, ऐसा कौन सा देश भक्त होता है जो अपने देश में दंगे फसाद कराता है, ऐसा कौनसा देशभक्त होता है जो अपने लोकतंत्र और कॉन्स्टिट्यूशन को नहीं माने l एग्जांपल के तौर पर पद्मावत मूवी का रिलीज होना l सुप्रीम कोर्ट ने पद्मावत मूवी को रिलीज कर दिया तो यह हमारे कॉन्स्टिट्यूशन ने अलाव किया l तो ऐसा कौन सा देश है जिस तरीके से करनी सेना के जो लोग हैं उन्होंने दंगे फसाद किए, बसे जलाई तो यह क्या देशभक्त सकते हैं ? कभी नहीं हो सकते l ऐसे कई सारे मुद्दे है जैसे जाट आंदोलन हो चाहे वोह छब्बीस जनवरी को रैली निकलना हो जिस तरीके से कासगंज में दंगा हुआ l तो इसको आप देश भक्ति नहीं कह सकते है l तो मैं बस यही बोलना चाहूंगा देशभक्ति यह नहीं होती है कि आप आंदोलन करके देश में नुकसान हो जाएं, देश भक्ति से नहीं बोलते l ठीक है, तो बस यही बोलूंगा कि जिस तरीके से हमारे देश का माहौल हो चुका है और पॉलिटिकल लीडर्स इन सब चीजों को डायरेक्टली और इन्दिरेक्ट्ली भी सपोर्ट करते हैं l एग्जांपल करनी सेना के तौर पर बताना चाहता हूं अगर हमारी गवर्नमेंट चाहती तो इस चीज को रोक सकती थी l लेकिन वह नहीं रोक पाई क्योंकि क्योंकि सारा इस चीज़ पर पॉलिटिक्स डायरेक्टली और इन्दिरेक्ट्ली लिंक्ड है और वोट भरने के लिए उन्होंने नहीं इस्पे ज्यादा लगाम लगा पाया l तो मुझे लगता है यह बहुत खराब चीज है और ऐसे देश भक्तों को रोकना चाहिए क्योंकि यह देश भक्ति को नहीं दर्शाता है l ऐसे देश का माहौल और देश में डेवलपमेंट डूबता है जिससे बहुत आगे आने वाली दिक्कत होती है, थैंक यू l

dekhiye dost aapne kaafi accha question dala hai aur deshbhakti ke naam par kanoon hath mein lena hai yah bilkul bhi sahi nahi hai l jis tarike se aaj bharat ka haal ho chuka hai samuday ke log desh bhakti ke naam par kai saare andolan aur dange fasad karte hain l yah bilkul bhi galat hai aur yah bilkul bhi sahi nahi hai l aap mujhe bataye aisa kaun sa desh bhakt hota hai jo apne desh ke kanoon ko nahi maane aisa kaun sa desh bhakt hota hai jo apne desh mein dange fasad karata hai aisa kaunsa deshbhakt hota hai jo apne loktantra aur Constitution ko nahi maane l example ke taur par padmavat movie ka release hona l supreme court ne padmavat movie ko release kar diya toh yah hamare Constitution ne allow kiya l toh aisa kaun sa desh hai jis tarike se karni sena ke jo log hain unhone dange fasad kiye base jalai toh yah kya deshbhakt sakte hain kabhi nahi ho sakte l aise kai saare mudde hai jaise jaat andolan ho chahen woh chabbis january ko rally nikalna ho jis tarike se kasganj mein danga hua l toh isko aap desh bhakti nahi keh sakte hai l toh main bus yahi bolna chahunga deshbhakti yah nahi hoti hai ki aap andolan karke desh mein nuksan ho jaye desh bhakti se nahi bolte l theek hai toh bus yahi boloonga ki jis tarike se hamare desh ka maahaul ho chuka hai aur political leaders in sab chijon ko directly aur indirektli bhi support karte hain l example karni sena ke taur par bataana chahta hoon agar hamari government chahti toh is cheez ko rok sakti thi l lekin vaah nahi rok payi kyonki kyonki saara is cheez par politics directly aur indirektli linked hai aur vote bharne ke liye unhone nahi ispe zyada lagaam laga paya l toh mujhe lagta hai yah bahut kharab cheez hai aur aise desh bhakton ko rokna chahiye kyonki yah desh bhakti ko nahi darshata hai l aise desh ka maahaul aur desh mein development dubata hai jisse bahut aage aane wali dikkat hoti hai thank you l

देखिये दोस्त, आपने काफी अच्छा क्वेश्चन डाला है और देशभक्ति के नाम पर कानून हाथ में लेना है

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Swati

सुनो ..सुनाओ..सीखो!

1:26
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आदित्य कोशल मुझे तो लगता है कि देश भक्ति के नाम पर धर्म के नाम पर समाज के नाम पर या किसी भी चीज पर कानून हाथ में लेना बिल्कुल गलत है देखिए इस इंडियन बहुत सुनते आ रहे हैं कि देश भक्ति का कोई केस चल रहा था चाय पी को साइलेंट ही हो लेकिन सेवा राइट्स हो गए और किसी की जान चली गई जिसे अभी कासगंज में हुआ तिरंगा मार्च ही था 26 जनवरी के उपलक्ष पर वह जो मैच है वह बिना इसकी गई थी और वह दो समूह के दो गुटों के विलय नीति ज्यादा हो गई कि एक व्यक्ति की जान चली गई गलत है और अगर आप जिम्मेदार कौन है तो देखिए हम हर चीज सरकार पर पुलिस पर नहीं डाल सकते यह हमारा जो पोस्ट जो पोस्ट डिलीट से उसको भी चैलेंज करता है हमको ऑस्ट्रेलिया तेरी सब चीज है ना करें अगर हम कुछ भी हो जाए खुद कानून हाथ में ना लें ट्यूशन से डिलीट हो गई नहीं तो मुझे ऐसा लगता कि किसी पार्टी के इलेक्शन की गलती है या किसी पर्टिकुलर पुलिस के फॉर्म की गलती है बल्कि एक नागरिक का भी दायित्व बनता है कि वह सब कुछ ना करे कि पुलिसिया सरकार को ऐसे कोई एक्सट्रीम सेक्स लेने पड़े तो बस यही सब चीजों का ध्यान रखिए और जो कानून से बना रहने दे

aditya koshal mujhe toh lagta hai ki desh bhakti ke naam par dharm ke naam par samaj ke naam par ya kisi bhi cheez par kanoon hath mein lena bilkul galat hai dekhiye is indian bahut sunte aa rahe hain ki desh bhakti ka koi case chal raha tha chai p ko silent hi ho lekin seva rights ho gaye aur kisi ki jaan chali gayi jise abhi kasganj mein hua tiranga march hi tha 26 january ke uplaksh par vaah jo match hai vaah bina iski gayi thi aur vaah do samuh ke do guton ke vilay niti zyada ho gayi ki ek vyakti ki jaan chali gayi galat hai aur agar aap zimmedar kaun hai toh dekhiye hum har cheez sarkar par police par nahi daal sakte yah hamara jo post jo post delete se usko bhi challenge karta hai hamko austrailia teri sab cheez hai na kare agar hum kuch bhi ho jaaye khud kanoon hath mein na le tuition se delete ho gayi nahi toh mujhe aisa lagta ki kisi party ke election ki galti hai ya kisi particular police ke form ki galti hai balki ek nagarik ka bhi dayitva baata hai ki vaah sab kuch na kare ki pulisiya sarkar ko aise koi extreme sex lene pade toh bus yahi sab chijon ka dhyan rakhiye aur jo kanoon se bana rehne de

आदित्य कोशल मुझे तो लगता है कि देश भक्ति के नाम पर धर्म के नाम पर समाज के नाम पर या किसी भ

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Ekta

Researcher and Writer

1:27
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

कि किसी के नाम पर भी कानून अपने हाथ में लेना अच्छी बात नहीं है आप कोई भी इन लीगल काम कर रहे हैं किसी के नाम पर भी वह सही नहीं होगा इन लीगल ही होगा वह लीगल नहीं बन जाएगा पर सब कुछ लोग होते हैं जो देश के नाम पर देशभक्त होने के नाम पर गलत काम करते हैं और कहते कि नहीं हम सही कर रहे हैं अगर कोई देशभक्त होता तो वैसा ही करता यह उनकी अपनी थिंकिंग है और यह कुछ चीजों से बचना चाहते हैं इस वजह से देश भक्ति का नाम इसे देखते हैं ऐसा कुछ है नहीं वह आप पर ही निर्भर करता है कि आप उसे कैसे दिखाना चाहते हैं कि यह सब दिखाने निर्भर करती है कि आप किसी भी चीज को भी दिखा कैसे रिपेयरिंग कैसे करें दूसरों के सामने आप जिस तरीके से दिखाएंगे लोग इस तरीके से उसे देखेंगे तू लोग इसका फायदा जरूर हाथी पर यह हमारी रिस्पॉन्सिबिलिटी है कि हम उन्हें ऐसा ना करने दे और उन्हें बताएं कि वह जो कर रही है वह गलत है और इनकी उन्हें ऐसी सजा मिलेगी जैसे आम इंसान को मिलती है कोई भी गलत काम करने पर फिर चाहे वह देश भक्ति के नाम पर हो या किसी के नाम पर हूं यह करना गलत है और गलत रहेगा फिर चाहे आप किसी भी नाम कैसे करें

ki kisi ke naam par bhi kanoon apne hath mein lena achi baat nahi hai aap koi bhi in legal kaam kar rahe hain kisi ke naam par bhi vaah sahi nahi hoga in legal hi hoga vaah legal nahi ban jaega par sab kuch log hote hain jo desh ke naam par deshbhakt hone ke naam par galat kaam karte hain aur kehte ki nahi hum sahi kar rahe hain agar koi deshbhakt hota toh waisa hi karta yah unki apni thinking hai aur yah kuch chijon se bachna chahte hain is wajah se desh bhakti ka naam ise dekhte hain aisa kuch hai nahi vaah aap par hi nirbhar karta hai ki aap use kaise dikhana chahte hain ki yah sab dikhane nirbhar karti hai ki aap kisi bhi cheez ko bhi dikha kaise repairing kaise kare dusro ke saamne aap jis tarike se dikhayenge log is tarike se use dekhenge tu log iska fayda zaroor haathi par yah hamari rispansibiliti hai ki hum unhe aisa na karne de aur unhe bataye ki vaah jo kar rahi hai vaah galat hai aur inki unhe aisi saza milegi jaise aam insaan ko milti hai koi bhi galat kaam karne par phir chahen vaah desh bhakti ke naam par ho ya kisi ke naam par hoon yah karna galat hai aur galat rahega phir chahen aap kisi bhi naam kaise karen

कि किसी के नाम पर भी कानून अपने हाथ में लेना अच्छी बात नहीं है आप कोई भी इन लीगल काम कर रह

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Pragati

Aspiring Lawyer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए, अगर आप देशभक्ति के नाम पर किसी भी तरह से कानून अपने हाथ में ले रहे हैं और कुछ ऐसा कार्य कर रहे हैं जिससे आप को कानूनी तरीके से एक जिम्मेदार ठहराया जा सकता है और आप ही क्रिमिनल की श्रेणी में आ सकते हैं तो मेरे हिसाब से तो वह कार्य बिल्कुल गलत है l और अगर ऐसा कोई करता है तो वही उस चीज के लिए पूरा-पूरा जिम्मेदार होगा l मैंने माना कि अगर देशभक्ति के नाम पर और लोगों को उकसाया जाता है और उनको इस तरह से मजबूर किया जाता है कि वह कुछ ऐसा कार्य करें ताकि उन को जिम्मेदार ठहराया जा सके और वह किसी तरह से कानून के फंदे में फंस सके है l लेकिन आपको अपनी पूरी यह सोच के साथ, समझ के साथ इस चीज पर ध्यान देना चाहिए कि आप कुछ भी ऐसा ना करें जिसकी वजह से आप कानून के दायरे में आए और वह चीज गलत मानी जाए l क्योंकि अगर कुछ ऐसा गलत करते हैं तो आप अगर उसे एक सही मोटिव के साथ कर रहे हैं, सही वजह के साथ करें तो भी आप गलत माने जाएंगे और सरकार या फिर कानून अगर आपका साथ भी देना चाहेगा तो भी नहीं दे सकता है l क्योंकि हमारे कॉन्स्टिट्यूशन में इस तरह के रूल बनाए गए हैं अगर कोई कोई इंसान गलत कर रहा है तो वह गलत माना जाएगा l बेशक वह सही वजह से हो, गलत वजह से हो l और तो मोटिव बाद में देखा जाता है लेकिन पहले तो आपके कार्य की एक चीज देखी जाती क्या आपने क्या किया है, वह गलत है या सही है l तो मेरे हिसाब से आप ऐसा कुछ भी कर ना करें जिसकी वजह से आप कर कानून को आप के ऊपर किसी भी तरह का प्रेशर डालना पड़े या आप को पकड़ना पड़े l क्योंकि देशभक्ति वहीं तक ठीक है जहाँ तक आप कानून ना तोड़े क्योंकि कानून भी हमारे देश का एक पाठ है और अगर आप उसको तोड़ रहे तो आप कहीं ना कहीं देश भक्ति की राह पर नहीं बल्कि गलत मोड़ पर चल रहे हैं l और देशभक्ति भी ठीक है परंतु कानून सबसे ऊपर आता है और आपको हम सभी को एक्चुली उसका पूरा पूरा पालन करना चाहिए l

dekhiye agar aap deshbhakti ke naam par kisi bhi tarah se kanoon apne hath mein le rahe hai aur kuch aisa karya kar rahe hai jisse aap ko kanooni tarike se ek zimmedar thehraya ja sakta hai aur aap hi criminal ki shreni mein aa sakte hai toh mere hisab se toh vaah karya bilkul galat hai l aur agar aisa koi karta hai toh wahi us cheez ke liye pura pura zimmedar hoga l maine mana ki agar deshbhakti ke naam par aur logo ko ukasaya jata hai aur unko is tarah se majboor kiya jata hai ki vaah kuch aisa karya kare taki un ko zimmedar thehraya ja sake aur vaah kisi tarah se kanoon ke fande mein fans sake hai l lekin aapko apni puri yah soch ke saath samajh ke saath is cheez par dhyan dena chahiye ki aap kuch bhi aisa na kare jiski wajah se aap kanoon ke daayre mein aaye aur vaah cheez galat maani jaaye l kyonki agar kuch aisa galat karte hai toh aap agar use ek sahi motive ke saath kar rahe hai sahi wajah ke saath kare toh bhi aap galat maane jaenge aur sarkar ya phir kanoon agar aapka saath bhi dena chahega toh bhi nahi de sakta hai l kyonki hamare Constitution mein is tarah ke rule banaye gaye hai agar koi koi insaan galat kar raha hai toh vaah galat mana jaega l beshak vaah sahi wajah se ho galat wajah se ho l aur toh motive baad mein dekha jata hai lekin pehle toh aapke karya ki ek cheez dekhi jaati kya aapne kya kiya hai vaah galat hai ya sahi hai l toh mere hisab se aap aisa kuch bhi kar na kare jiski wajah se aap kar kanoon ko aap ke upar kisi bhi tarah ka pressure dalna pade ya aap ko pakadna pade l kyonki deshbhakti wahi tak theek hai jaha tak aap kanoon na tode kyonki kanoon bhi hamare desh ka ek path hai aur agar aap usko tod rahe toh aap kahin na kahin desh bhakti ki raah par nahi balki galat mod par chal rahe hai l aur deshbhakti bhi theek hai parantu kanoon sabse upar aata hai aur aapko hum sabhi ko ekchuli uska pura pura palan karna chahiye l

देखिए, अगर आप देशभक्ति के नाम पर किसी भी तरह से कानून अपने हाथ में ले रहे हैं और कुछ ऐसा क

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