2 साल में 2 करोड़ शौचालयों का निर्माण की योजना है! क्या यह काफी हैं? पहले से केवल 6 करोड़ शौचालय हैं?...


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Sefali

Media-Ad Sales

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मेरी सबसे दो करोड़ शौचालय काफी रहेंगे क्योंकि पहले से ही चार्ज करी मंच एक करोड़ शौचालय है ऑलरेडी इंपॉर्टेंट पॉइंट लिए इस्तेमाल करना है यह देखा गया है कि शौचालय बना रही है पर उत्तर ऐसे भी आज का कई लोग बाकी है जो कभी भी बहुत ज्यादा जरूरी है कि शौचालय का इस्तेमाल कितना ज्यादा जरूरी है हाइजीन और यहां तक कि एक साफ-सुथरे का देश के लिए इतना काफी ज्यादा जरूरी है जो कि अभी तक नहीं किया गया है तो मेरे सबसे दो करोड़ शौचालय तो काफी ही रहेगी

meri sabse do crore shauchalay kafi rahenge kyonki pehle se hi charge kari manch ek crore shauchalay hai already important point liye istemal karna hai yah dekha gaya hai ki shauchalay bana rahi hai par uttar aise bhi aaj ka kai log baki hai jo kabhi bhi bahut zyada zaroori hai ki shauchalay ka istemal kitna zyada zaroori hai hygiene aur yahan tak ki ek saaf suthre ka desh ke liye itna kafi zyada zaroori hai jo ki abhi tak nahi kiya gaya hai toh mere sabse do crore shauchalay toh kafi hi rahegi

मेरी सबसे दो करोड़ शौचालय काफी रहेंगे क्योंकि पहले से ही चार्ज करी मंच एक करोड़ शौचालय है

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Ishita Seth

Obstinate Programmer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जीनी को ऐसा लगता है कि यह जो एक चेक कराया गया है कि 2 साल में दो करोड़ शौचालय बनेंगे इसका दो करोड़ और शौचालयों का निर्माण होने की कोई योजना है कि एक बहुत ही बेहतरीन कदम उठाया गया है हां यह मैं नहीं कहूंगी कि पहले से केवल जो पहले हैं भारत में शौचालय में सिर्फ एक करोड़ शौचालय हैं और भारत की आबादी के हिसाब से यह बहुत ही कम है कि अगर हम दो करोड़ हो साले अभी बना देते हैं तो मेरे हिसाब से ही काफी नहीं आई थोड़ा कम है पर लेकिन हां यह शुरुआत करने के लिए बहुत ही बेहतरीन स्टेप है

gini ko aisa lagta hai ki yah jo ek check karaya gaya hai ki 2 saal mein do crore shauchalay banenge iska do crore aur shauchalayon ka nirmaan hone ki koi yojana hai ki ek bahut hi behtareen kadam uthaya gaya hai haan yah main nahi kahungi ki pehle se keval jo pehle hain bharat mein shauchalay mein sirf ek crore shauchalay hain aur bharat ki aabadi ke hisab se yah bahut hi kam hai ki agar hum do crore ho saale abhi bana dete hain toh mere hisab se hi kafi nahi I thoda kam hai par lekin haan yah shuruaat karne ke liye bahut hi behtareen step hai

जीनी को ऐसा लगता है कि यह जो एक चेक कराया गया है कि 2 साल में दो करोड़ शौचालय बनेंगे इसका

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Sachin Bharadwaj

Faculty - Mathematics

1:03

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिये, मुझे लगता है कि भारतीय जनता पार्टी को कोई भी हो जतिविद राजनीति उसको नहीं मानूंगा l उसका कारण यह है कि जो हमारे ,समाज के अंदर अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति की जो स्थिति है वह फाइनेंसियल स्टेटस उनका अपना अच्छा नहीं है l तो अगर सरकार ने 50000 करोड़ और 39 हजार करोड़ अगर रुपए देने की बात कही है एससी-एसएसटी के अपलिफ्टमेंट के लिए, पॉलिसीस बनाने की बात की तो मुझे लगता है बहुत अच्छी बात हैl इससे यह होगा कि उनका जो सामाजिक स्तर है उसमें सुधार आएगा और वह भी एक मेनस्ट्रीम में आ सकते हैं l तो मुझे लगता है कि इसमें राज जातिगत मुझे इसको नहीं देखना चाहिए क्योंकि सरकार का लास्ट बजट भी है यह और सरकार पुरे दम लगा रही है क्योंकि उनको मालूम है कि जो अनुसूचित जाति के लोग हैं उनका उत्थान भी जरूरी है और एक वोट बैंक भी है, इसमें भी कोई गलत बात नहीं है l तो अगर सरकार ने इस तरह का कार्य किया है कि 56000 करोड रुपए-39 हजार करोड़ पर उनके अपलिफ्टमेंट के लिए दिया है तो मुझे लगता है बहुत सही डिसीजन है सरकार को करना भी चाहिए ताकि वह लोग मेनस्ट्रीम में लाई जा सके और l

dekhiye mujhe lagta hai ki bharatiya janta party ko koi bhi ho jativid raajneeti usko nahi manunga l uska karan yah hai ki jo hamare samaaj ke andar anusuchit jati anusuchit janjaati ki jo sthiti hai vaah financial status unka apna accha nahi hai l toh agar sarkar ne 50000 crore aur 39 hazaar crore agar rupaye dene ki baat kahi hai SC sst ke apaliftament ke liye policies banaane ki baat ki toh mujhe lagta hai bahut achi baat hai isse yah hoga ki unka jo samajik sthar hai usmein sudhaar aayega aur vaah bhi ek mainstream mein aa sakte hain l toh mujhe lagta hai ki isme raj jaatigat mujhe isko nahi dekhna chahiye kyonki sarkar ka last budget bhi hai yah aur sarkar poore dum laga rahi hai kyonki unko maloom hai ki jo anusuchit jati ke log hain unka utthan bhi zaroori hai aur ek vote bank bhi hai isme bhi koi galat baat nahi hai l toh agar sarkar ne is tarah ka karya kiya hai ki 56000 crore rupaye 39 hazaar crore par unke apaliftament ke liye diya hai toh mujhe lagta hai bahut sahi decision hai sarkar ko karna bhi chahiye taki vaah log mainstream mein lai ja sake aur l

देखिये, मुझे लगता है कि भारतीय जनता पार्टी को कोई भी हो जतिविद राजनीति उसको नहीं मानूंगा l

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Sameer Tripathy

Political Critic

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए, जो स्वयं मोदी सरकार का जो स्वच्छ इंडिया, स्वच्छ भारत कैंपियन है उसमें से जो अभी वहां फिरसे हम लोग का बजट हुआ उसमें से मोदी और अरुण जेटली जी बोले 2 साल में दो करोड़ शौचालय का निर्माण करने का योजना है, वह एक्चुअली बहुत ही अच्छी इनिसिअतिव है भारत में बहुत सारे छोटे-छोटे गांव हैं, छोटे-छोटे गांव है जिनके पास शौचालय नहीं है वह बाहर जाते शौच करने के लिए l बहुत सारी बीमारियां होती रहता है, तो वह बहुत सारे लोग भी मारते बीमारी से l तो अभी यह जो गवर्नमेंट, सरकार का हमारा जो इनिसिएट है अभी तक मैं स्वच्छ भारत के अनुसार, स्वच्छ भारत कैम्पेन के अनुसार हमारे भारत में पूरे जो मोदी सरकार ने 3 करोड़ टॉयलेट बिल्ड के कर चुके हैं ऑलरेडी 3 साल में अगर आप देखेंगे 3-4 साल में तो 2015 से 2018 के बाद 3 साल में तीन करोड़ टॉयलेट अभी तक बन चुका है स्वच्छ भारत अभियान के अनुसार l अभी और 2 साल में दो कर दो करोड़ का शौचालय बना रहे हैं l बहुत ही अच्छा इनिसिअतिव है और यह बहुत ही जरूरी है l और यह का मुझे नहीं लगता कि यह बहुत खास काफी है, गवर्नमेंट को और कुछ लोग जो छोटे-छोटे और भी बहुत सारे गांव में दो करोड़ से ज्यादा ज्यादा लोगों के पास भी तो उस शौचालय नहीं है l तो यह धीरे-धीरे होगा मगर यह काफी नहीं है मगर यह गवर्नमेंट का एक अच्छा इनिसिअतिव पर इसमें तो टाइम लगेगा और यह हम लोगों को भी जागृत होना रहेगा और यह जो बड़े-बड़े शहरों में लोग रहते हैं उनको उनके जो छोटे छोटे लोगों को तो लोग शहर के लोगों को एजुकेट करना पड़ेगा, जो गांव जो छोटे-छोटे शहर में थोड़ा तेजी कुछ लोग हैं उन लोगों को छोटे छोटे छोटे जो जो पढ़े-लिखे नहीं होते उन लोग को एजुकेट करना पड़ेगा l बाहर मत जाओ शौच करने के लिए, घर में शौचालय बनाओ यह सब काम हम लोग को भी करना पड़े वह करेगा सिर्फ सरकार करने का करने के लिए भी काफी नहीं है l

dekhiye jo swayam modi sarkar ka jo swatch india swatch bharat kaimpiyan hai usmein se jo abhi wahan fir se hum log ka budget hua usmein se modi aur arun jaitley ji bole 2 saal mein do crore shauchalay ka nirmaan karne ka yojana hai vaah actually bahut hi achi inisiativ hai bharat mein bahut saare chhote chhote gaon hain chhote chhote gaon hai jinke paas shauchalay nahi hai vaah bahar jaate shauch karne ke liye l bahut saree bimariyan hoti rehta hai toh vaah bahut saare log bhi marte bimari se l toh abhi yah jo government sarkar ka hamara jo inisiet hai abhi tak main swatch bharat ke anusaar swatch bharat campaign ke anusaar hamare bharat mein poore jo modi sarkar ne 3 crore toilet build ke kar chuke hain already 3 saal mein agar aap dekhenge 3 4 saal mein toh 2015 se 2018 ke baad 3 saal mein teen crore toilet abhi tak ban chuka hai swatch bharat abhiyan ke anusaar l abhi aur 2 saal mein do kar do crore ka shauchalay bana rahe hain l bahut hi accha inisiativ hai aur yah bahut hi zaroori hai l aur yah ka mujhe nahi lagta ki yah bahut khas kafi hai government ko aur kuch log jo chhote chhote aur bhi bahut saare gaon mein do crore se zyada zyada logon ke paas bhi toh us shauchalay nahi hai l toh yah dhire dhire hoga magar yah kafi nahi hai magar yah government ka ek accha inisiativ par isme toh time lagega aur yah hum logon ko bhi jaagarrett hona rahega aur yah jo bade bade shaharon mein log rehte hain unko unke jo chhote chhote logon ko toh log shehar ke logon ko educate karna padega jo gaon jo chhote chhote shehar mein thoda teji kuch log hain un logon ko chhote chhote chhote jo jo padhe likhe nahi hote un log ko educate karna padega l bahar mat jao shauch karne ke liye ghar mein shauchalay banao yah sab kaam hum log ko bhi karna pade vaah karega sirf sarkar karne ka karne ke liye bhi kafi nahi hai l

देखिए, जो स्वयं मोदी सरकार का जो स्वच्छ इंडिया, स्वच्छ भारत कैंपियन है उसमें से जो अभी वहा

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Swati

सुनो ..सुनाओ..सीखो!

1:22
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिये, बिल्कुल काफी नहीं है हमारे देश की आबादी 121 करोड़ से बहुत-बहुत ज्यादा है और करीब 21 करोड़ अगर पूरे सौ करोड़ की बात ना करके गर्म 21 करोड़ लोगों की बात करें तो 21 करोड़ लोग ऐसे होंगे जिनके पास आज के समय में भी शौचालय की फैसिलिटी उपलब्ध नहीं है l और मोदी सरकार का मोटिव भी यह था ना कि वह सफाई करेंगे, बंद दरवाजे के पीछे शौच जाएंगे तो उसके बाद सिर्फ दो करोड़ शौचालय शौचालय वह भी 2 साल में l शौचालय बनाने के लिए कुछ ज्यादा करना नहीं पड़ता है सिर्फ थोड़ा सा कमरा होता है एक टॉयलेट सीट होती है और और दरवाजा होता है, आय गेस इससे से ज्यादा तो कुछ नहीं होता उसमें क्या इतना टाइम लग जाएगा l तो मुझे लगता है कि यह काफी नहीं है बिल्कुल भी नहीं है l 2 साल काफी लंबा टाइम स्पेन होता है और दो करोड़ शौचालय दो करोड़-कमरे बनाना कोई बहुत बड़ी बात नहीं है l अगर आप एक शौचालय पर दो-दो लेबर पर लगाएंगे अभी 2 दिन में काम कंप्लीट हो जाएगा l इतना ज्यादा कुछ नहीं करना पड़ता क्योंकिl तो इससे ज्यादा कर सकते थे जो उनकी जो मोटिव था कि मतलब सफ़ाई होगी, गंदगी नहीं होगी , सेहतमंद होगा, बीमारियां नहीं फैलेगी वह मुझे लगता है कि दो करोड़ शौचालय से वह चीज अचीव की जा सकेगी, इससे ज्यादा करने की बहुत जरूरत है l

dekhiye bilkul kafi nahi hai hamare desh ki aabadi 121 crore se bahut bahut zyada hai aur kareeb 21 crore agar poore sau crore ki baat na karke garam 21 crore logon ki baat karen toh 21 crore log aise honge jinke paas aaj ke samay mein bhi shauchalay ki facility uplabdh nahi hai l aur modi sarkar ka motive bhi yah tha na ki vaah safaai karenge band darwaze ke peeche shauch jaenge toh uske baad sirf do crore shauchalay shauchalay vaah bhi 2 saal mein l shauchalay banaane ke liye kuch zyada karna nahi padta hai sirf thoda sa kamra hota hai ek toilet seat hoti hai aur aur darwaja hota hai aay guess isse se zyada toh kuch nahi hota usmein kya itna time lag jaega l toh mujhe lagta hai ki yah kafi nahi hai bilkul bhi nahi hai l 2 saal kafi lamba time Spain hota hai aur do crore shauchalay do crore kamre banana koi bahut badi baat nahi hai l agar aap ek shauchalay par do do labour par lgaenge abhi 2 din mein kaam complete ho jaega l itna zyada kuch nahi karna padta kyonki toh isse zyada kar sakte the jo unki jo motive tha ki matlab safaai hogi gandagi nahi hogi sehatmand hoga bimariyan nahi failegi vaah mujhe lagta hai ki do crore shauchalay se vaah cheez achieve ki ja sakegi isse zyada karne ki bahut zaroorat hai l

देखिये, बिल्कुल काफी नहीं है हमारे देश की आबादी 121 करोड़ से बहुत-बहुत ज्यादा है और करीब 2

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Pragati

Aspiring Lawyer

1:46
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

लिखे जो सरकार ने योजना बनाई है कि 2 साल में वह दो करोड़ शौचालयों का निर्माण करेगी तो मेरे हिसाब से हमको यह नहीं देखना चाहिए कि यह काफी है कि नहीं है बल्कि हमें इसका एक पॉजिटिव साइड देखना चाहिए कि इतने सालों में सरकार ने कितना काम किया है तो अगर वह शौचालय बनाने की काम को अंजाम देना चाह रही है और कुछ प्रयास कर रही है उसकी उसके लिए तुम हमें उस को बढ़ावा देना चाहिए और जैसा कि आप कह रहे हैं कि पहले से छह करोड़ शौचालय बनाए जा चुके हैं और उनका प्रयोग भी किया जा रहा है तो मेरे हिसाब से सरकार को शौचालय बना कर देना जो काम है वह अपने हिसाब से करेंगे और जैसा आप उनको उचित लगेगा वह उस हिसाब से उस काम को करेंगे लेकिन मैं सबसे पहला काम तो हमेशा नागरिक को करना सोचना चाहिए कि जो गरीब लोग हैं जिनको इस चीज के बारे में नॉलेज नहीं है और क्यों उनको शौचालय यूज करने चाहिए बल्कि एक खुले में शौच नहीं करना चाहिए तो हमें उन लोगों को इस तरह से अवेरनेस क्रिएट करनी चाहिए उनके माइंड में ऐसा करना चाहिए वरना उनको बहुत सारे हेल्थ इश्यूज हो सकते हैं और सरकार इसके लिए भी काफी प्रयास कर रही है अलग-अलग जगह पर अलग-अलग गांव में इस तरह की काफी ड्राइव चलाई जा रही है जहां पर लोग जा के लोगों आम लोगों को प्रेरित कर रहे हैं कि उनको शौचालय का प्रयोग करना चाहिए और सरकार ने उनको शौचालय बनाकर भेजी हैं काफी हद तक तो हमें हर चीज का पॉजिटिव साइड देखना चाहिए क्या करूं 2 साल में दो करोड़ बनाकर शौचालय दे रही है सरकार तो अच्छी बात है और आगे चलकर सरकार और भी करेगी तो इस पर यह ना सोच कर कि वह काफी है कि नहीं है उसके पॉजिटिव सेट पर ध्यान देना चाहिए तो शायद हमारे देश और तरक्की कर पाएगा और हमारी जो सोच है वह भी अच्छा समझ पाएगी और हर चीज के पॉजिटिव साइट को पकड़ेगी

likhe jo sarkar ne yojana banai hai ki 2 saal mein vaah do crore shauchalayon ka nirmaan karegi toh mere hisab se hamko yah nahi dekhna chahiye ki yah kafi hai ki nahi hai balki hamein iska ek positive side dekhna chahiye ki itne salon mein sarkar ne kitna kaam kiya hai toh agar vaah shauchalay banaane ki kaam ko anjaam dena chah rahi hai aur kuch prayas kar rahi hai uski uske liye tum hamein us ko badhawa dena chahiye aur jaisa ki aap keh rahe hain ki pehle se cheh crore shauchalay banaye ja chuke hain aur unka prayog bhi kiya ja raha hai toh mere hisab se sarkar ko shauchalay bana kar dena jo kaam hai vaah apne hisab se karenge aur jaisa aap unko uchit lagega vaah us hisab se us kaam ko karenge lekin main sabse pehla kaam toh hamesha nagarik ko karna sochna chahiye ki jo garib log hain jinako is cheez ke bare mein knowledge nahi hai aur kyon unko shauchalay use karne chahiye balki ek khule mein shauch nahi karna chahiye toh hamein un logon ko is tarah se avernes create karni chahiye unke mind mein aisa karna chahiye varana unko bahut saare health issues ho sakte hain aur sarkar iske liye bhi kafi prayas kar rahi hai alag alag jagah par alag alag gaon mein is tarah ki kafi drive chalai ja rahi hai jahan par log ja ke logon aam logon ko prerit kar rahe hain ki unko shauchalay ka prayog karna chahiye aur sarkar ne unko shauchalay banakar bheji hain kafi had tak toh hamein har cheez ka positive side dekhna chahiye kya karun 2 saal mein do crore banakar shauchalay de rahi hai sarkar toh achi baat hai aur aage chalkar sarkar aur bhi karegi toh is par yah na soch kar ki vaah kafi hai ki nahi hai uske positive set par dhyan dena chahiye toh shayad hamare desh aur tarakki kar payega aur hamari jo soch hai vaah bhi accha samajh payegi aur har cheez ke positive site ko pakdegi

लिखे जो सरकार ने योजना बनाई है कि 2 साल में वह दो करोड़ शौचालयों का निर्माण करेगी तो मेरे

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