तिरंगे झंडे का निर्माण किसने किया?...


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Raghuveer Singh

👤Teacher & Advisor🙏

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार आपको बरसने तिरंगे झंडे का रंग किसने दिया तो दिखे तिरंगे झंडे का सबसे पहले रंग दिया था पिंगली वेंकैया ने यह पीलीबंगा नाम के अंडे को तैयार किया था सबसे पहले

namaskar aapko barsane tirange jhande ka rang kisne diya toh dikhe tirange jhande ka sabse pehle rang diya tha pingali venkaiah ne yah pilibangan naam ke ande ko taiyar kiya tha sabse pehle

नमस्कार आपको बरसने तिरंगे झंडे का रंग किसने दिया तो दिखे तिरंगे झंडे का सबसे पहले रंग दिया

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दोस्तों आप का सवाल है तिरंगे झंडे को किसने बनाया यह दोस्तों आप का सवाल है तिरंगे झंडे को किसने बताया तो आपको बता देंगे झंडे को 1921 में पिंगली वेंकैया ने बनाया यह दोस्तों

doston aap ka sawaal hai tirange jhande ko kisne banaya yah doston aap ka sawaal hai tirange jhande ko kisne bataya toh aapko bata denge jhande ko 1921 mein pingali venkaiah ne banaya yah doston

दोस्तों आप का सवाल है तिरंगे झंडे को किसने बनाया यह दोस्तों आप का सवाल है तिरंगे झंडे को क

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Prabhat Kumar

Teacher at Oxford English High School 7 year experience

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1921 ईस्वी में पिंगली वेंकैया ने हरे और लाल रंग के झंडे को बनाया था 1931 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने इस झंडे का मॉडिफिकेशन किया मतलब इस झंडे में तीन रंग को लाया ऊपर केसरिया बीच में सफेद तथा नीचे हरा तथा इसके बीच में गांधीजी के चक्र को डाला गया तो 1931 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने इस झंडे को अपना लिया था

1921 isvi mein pingali venkaiah ne hare aur laal rang ke jhande ko banaya tha 1931 mein bharatiya rashtriya congress ne is jhande ka modification kiya matlab is jhande mein teen rang ko laya upar kesariya beech mein safed tatha niche hara tatha iske beech mein gandhiji ke chakra ko dala gaya toh 1931 mein bharatiya rashtriya congress ne is jhande ko apna liya tha

1921 ईस्वी में पिंगली वेंकैया ने हरे और लाल रंग के झंडे को बनाया था 1931 में भारतीय राष्ट्

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Bhaskar Saurabh

Politics Follower | Engineer

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भारतीय राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे का निर्माण पिंगली वेंकैया ने किया था पिंगली वैंकैया एक सच्चे देशभक्त एवं कृषि वैज्ञानिक थे उनका जन्म 2 अगस्त 1876 को वर्तमान के आंध्र प्रदेश के मछलीपट्टनम के पास हुआ था काकीनाडा में आयोजित भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन के दौरान बैंक काया ने भारत का खुद का राष्ट्रीय ध्वज होने की आवश्यकता पर बल दिया और उनका यह विचार महात्मा गांधी को बहुत ही पसंद आया गांधीजी ने उन्हें राष्ट्रीय ध्वज का प्रारूप तैयार करने का सुझाव दिया पिंगली वेंकैया ने 5 सालों तक 30 विभिन्न देशों के राष्ट्रीय ध्वज में पर शोध किया और अंत में तिरंगे के लिए सोचा 1921 में विजयवाड़ा वार्ड में आयोजित भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस अधिवेशन में व्यंकय्या पिंगली महात्मा गांधी से मिले और उन्होंने अपना डिजाइन लाल और हरे रंग से बनाया हुआ झंडा दिखाया इसके बाद ही देश में कांग्रेस पार्टी के सारे अधिवेशनों में 2 रंगों वाला झंडा प्रयोग किया जाने लगा लेकिन उस समय झंडे को कांग्रेस की ओर से आधिकारिक तौर पर स्वीकृति नहीं मिली थी इसी बीच जालंधर में हंसराज ने झंडे में चक्र चिन्ह बनाने का सुझाव दिया इस चक्र को प्रगति और आम आदमी के प्रतीक के रूप में माना गया बाद में गांधी जी के सुझाव पर पिंगली वेंकैया ने शांति के प्रतीक सफेद रंग को भी राष्ट्रीय ध्वज में शामिल किया 1931 में कांग्रेस ने कराची के अखिल भारतीय सम्मेलन में केसरिया सफेद और हरे रंग से बने इस ध्वज को सर्वसम्मति से स्वीकार किया बाद में राष्ट्रीय ध्वज में इस तिरंगे के बीच चरखे की जगह अशोक चक्र ने ले ली थी

bharatiya rashtriya dhwaj tirange ka nirmaan pingali venkaiah ne kiya tha pingali vainkaiya ek sacche deshbhakt evam krishi vaigyanik the unka janam 2 august 1876 ko vartaman ke andhra pradesh ke machhlipattnam ke paas hua tha kakinada mein ayojit bharatiya rashtriya congress ke rashtriya adhiveshan ke dauran bank kaaya ne bharat ka khud ka rashtriya dhwaj hone ki avashyakta par bal diya aur unka yah vichar mahatma gandhi ko bahut hi pasand aaya gandhiji ne unhe rashtriya dhwaj ka prarup taiyar karne ka sujhaav diya pingali venkaiah ne 5 salon tak 30 vibhinn deshon ke rashtriya dhwaj mein par shodh kiya aur ant mein tirange ke liye socha 1921 mein vijayawada ward mein ayojit bharatiya rashtriya congress adhiveshan mein vyankayya pingali mahatma gandhi se mile aur unhone apna design laal aur hare rang se banaya hua jhanda dikhaya iske baad hi desh mein congress party ke saare adhiveshanon mein 2 rangon vala jhanda prayog kiya jaane laga lekin us samay jhande ko congress ki aur se adhikarik taur par swikriti nahi mili thi isi beech jalandhar mein hansraaj ne jhande mein chakra chinh banane ka sujhaav diya is chakra ko pragati aur aam aadmi ke prateek ke roop mein mana gaya baad mein gandhi ji ke sujhaav par pingali venkaiah ne shanti ke prateek safed rang ko bhi rashtriya dhwaj mein shaamil kiya 1931 mein congress ne karachi ke akhil bharatiya sammelan mein kesariya safed aur hare rang se bane is dhwaj ko sarwasammati se sweekar kiya baad mein rashtriya dhwaj mein is tirange ke beech charkhe ki jagah ashok chakra ne le li thi

भारतीय राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे का निर्माण पिंगली वेंकैया ने किया था पिंगली वैंकैया एक सच्चे

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