क्या सुप्रीम कोर्ट सरकार के फैसले को बदल सकता है या सरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले को बदल सकते हैं?...


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जसवन्त कटारिया

वकील, कानूनी सलाहकार

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखे सुप्रीम कोर्ट सरकार के फैसले को बदल नहीं सकती हां अगर सुप्रीम कोर्ट चाहे तो सरकार को एक्ट में अमेंडमेंट करने के लिए बाध्य कर सकती है लेकिन अगर सरकार नहीं चाहे तो उसको वह चेंज नहीं कर सकती तो पिन कोड कहां सर जी प्रसाद को कोई टैक्स में बदलाव करने के लिए या उसे बदलने के लिए मजबूर नहीं कर सकता कि अधिकार सरकार का है कि वे कानून कैसे बनाएं सुप्रीम कोर्ट का कार्य उस कानून के अनुसार कार्य करना है

dekhe supreme court sarkar ke faisle ko badal nahi sakti haan agar supreme court chahen toh sarkar ko act me Amendment karne ke liye badhya kar sakti hai lekin agar sarkar nahi chahen toh usko vaah change nahi kar sakti toh pin code kaha sir ji prasad ko koi tax me badlav karne ke liye ya use badalne ke liye majboor nahi kar sakta ki adhikaar sarkar ka hai ki ve kanoon kaise banaye supreme court ka karya us kanoon ke anusaar karya karna hai

देखे सुप्रीम कोर्ट सरकार के फैसले को बदल नहीं सकती हां अगर सुप्रीम कोर्ट चाहे तो सरकार को

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जी बिल्कुल सुप्रीम कोर्ट सरकार के फैसले को बदल सकता है सरकार प्रीम कोर्ट के फैसले को नहीं है तो संसद के साथ एक विधेयक लाए कानून बनाए तो उसे बदला जा सकता है लेकिन सरकार के फैसले को सुप्रीम कोर्ट से बदल सकता है उस फैसले को पलट सकता है इसलिए लगा सकता है कि सुप्रीम कोर्ट भारत का सर्वोच्च न्यायालय होता है उसे पूर्ण अधिकार है गुजरात लाई है या कुछ

ji bilkul supreme court sarkar ke faisle ko badal sakta hai sarkar prima court ke faisle ko nahi hai toh sansad ke saath ek vidhayak laye kanoon banaye toh use badla ja sakta hai lekin sarkar ke faisle ko supreme court se badal sakta hai us faisle ko palat sakta hai isliye laga sakta hai ki supreme court bharat ka sarvoch nyayalaya hota hai use purn adhikaar hai gujarat lai hai ya kuch

जी बिल्कुल सुप्रीम कोर्ट सरकार के फैसले को बदल सकता है सरकार प्रीम कोर्ट के फैसले को नहीं

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Adv Anil Agarwal

Tanushka Associates, Advocate High Court

1:19
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले को बदल सकती है हमारा बिल्डर विधानमंडल जिसको संसद कहते हैं संसद में जरूर बहुमत से कोई निर्णय पारित हो जाता है तो वह हमारे देश में लागू हो जाता है लेकिन सुप्रीम कोर्ट संसार यह सरकार के निर्णय को नहीं बदल सकता है क्योंकि सुप्रीम कोर्ट गवन होता है संसद सेना की संसद जो है हमारी सुप्रीम कोर्ट से गवन नहीं होती है सुप्रीम कोर्ट हमारी संसद के अंतर्गत आता है इसलिए सुप्रीम कोर्ट सरकार के फैसले को नहीं बदल सकता है यह जो जबरदस्ती रेट लगा लगा के नौटंकी करते हैं सुप्रीम कोर्ट में जा जाकर उनको शायद पता भी नहीं है कानून का इसलिए वह बिना बात का नाटक करते हैं बाकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले को सरकार बदल सकती है सरकार को पावर है संसद में वह इस चीज का प्रस्ताव लाएगी प्रस्ताव अगर बहुमत से पास हो गया तो वह सुप्रीम कोर्ट का फैसला बदल दिया जाएगा लेकिन यदि सुप्रीम कोर्ट में अब जाकर कहेंगे हमें सरकार का फैसला बदलना है तो सुप्रीम कोर्ट के फैसले को नहीं बदल सकता है

sarkar supreme court ke faisle ko badal sakti hai hamara builder vidhanmandal jisko sansad kehte hain sansad me zaroor bahumat se koi nirnay paarit ho jata hai toh vaah hamare desh me laagu ho jata hai lekin supreme court sansar yah sarkar ke nirnay ko nahi badal sakta hai kyonki supreme court gavan hota hai sansad sena ki sansad jo hai hamari supreme court se gavan nahi hoti hai supreme court hamari sansad ke antargat aata hai isliye supreme court sarkar ke faisle ko nahi badal sakta hai yah jo jabardasti rate laga laga ke nautanki karte hain supreme court me ja jaakar unko shayad pata bhi nahi hai kanoon ka isliye vaah bina baat ka natak karte hain baki supreme court ke faisle ko sarkar badal sakti hai sarkar ko power hai sansad me vaah is cheez ka prastaav layegi prastaav agar bahumat se paas ho gaya toh vaah supreme court ka faisla badal diya jaega lekin yadi supreme court me ab jaakar kahenge hamein sarkar ka faisla badalna hai toh supreme court ke faisle ko nahi badal sakta hai

सरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले को बदल सकती है हमारा बिल्डर विधानमंडल जिसको संसद कहते हैं संस

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Ansh jalandra

Motivational speaker & criminal lawyer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सुप्रीम कोर्ट सरकार के फैसले को बदल सकता है या फिर सरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले को बदल सकते जो है बनाता है यह सब कुछ सुधार की तुमको सरकार नीचे से ऊपर सभी के द्वारा कोई भी आर्डर पारित के दिन जिस पर साइन करेंगे उन सब से मिलकर आए हो कि सब्जी कोड चाहिए ठीक है उसको कोई नहीं सकता सरकार संविधान संशोधन कर सकती है

supreme court sarkar ke faisle ko badal sakta hai ya phir sarkar supreme court ke faisle ko badal sakte jo hai banata hai yah sab kuch sudhaar ki tumko sarkar niche se upar sabhi ke dwara koi bhi order paarit ke din jis par sign karenge un sab se milkar aaye ho ki sabzi code chahiye theek hai usko koi nahi sakta sarkar samvidhan sanshodhan kar sakti hai

सुप्रीम कोर्ट सरकार के फैसले को बदल सकता है या फिर सरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले को बदल सकत

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Vikas Singh

Political Analyst

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका सवाल है क्या सुप्रीम कोर्ट सरकार के फैसले को बदल सकता है या सरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले को बदल सकती है देखिए कोई किसी के फैसले को बदल नहीं सकता है अगर सरकार ने कोई फैसला किया है कोई दिल लाया है अगर वह बिल पास हुआ है तो राज्यसभा लोकसभा में विपक्ष की पार्टियों ने भी उसका समर्थन किया होगा तभी बिल पास हुआ होगा तो बिल पास होने के बाद अगर विपक्षी पार्टियों के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर होती है तो तूने उसकी जांच करवाया जाए करवाई जाती है और जांच में तो यही प्राप्त हो गया कि नहीं सरकार बहुमत में है और उसके बाद भी विपक्षी पार्टियों ने भी उसका समर्थन किया है तब जाकर बिल पास हुआ है तो याचिका दायर करने से कुछ नहीं होगा धारा 370 भारतीय जनता पार्टी ने हटाया क्योंकि वह पूर्ण बहुमत में थी उसके बाद राज्यसभा विद राम सभा में समर्थन मिला दूसरी पार्टियों का भी तब जाकर बिल पास हुआ दूसरी बात सुप्रीम कोर्ट के फैसले को भी कोई बदल नहीं सकता है सुप्रीम कोर्ट ने अगर जो फैसला सुना दिया वह सर्वोच्च फैसला होता है एक फैसला है जो कि राष्ट्रपति बदल सकता है सुप्रीम कोर्ट अगर किसी अपराधी को फांसी की सजा सुनाती है तो राष्ट्रपति अगर चाहे तो उसकी फांसी रुकवा सकता है यह होता है कि हमारे संविधान में है धन्यवाद

aapka sawaal hai kya supreme court sarkar ke faisle ko badal sakta hai ya sarkar supreme court ke faisle ko badal sakti hai dekhiye koi kisi ke faisle ko badal nahi sakta hai agar sarkar ne koi faisla kiya hai koi dil laya hai agar vaah bill paas hua hai toh rajya sabha lok sabha mein vipaksh ki partiyon ne bhi uska samarthan kiya hoga tabhi bill paas hua hoga toh bill paas hone ke baad agar vipakshi partiyon ke madhyam se supreme court mein yachika dayar hoti hai toh tune uski jaanch karvaya jaaye karwai jaati hai aur jaanch mein toh yahi prapt ho gaya ki nahi sarkar bahumat mein hai aur uske baad bhi vipakshi partiyon ne bhi uska samarthan kiya hai tab jaakar bill paas hua hai toh yachika dayar karne se kuch nahi hoga dhara 370 bharatiya janta party ne hataya kyonki vaah purn bahumat mein thi uske baad rajya sabha with ram sabha mein samarthan mila dusri partiyon ka bhi tab jaakar bill paas hua dusri baat supreme court ke faisle ko bhi koi badal nahi sakta hai supreme court ne agar jo faisla suna diya vaah sarvoch faisla hota hai ek faisla hai jo ki rashtrapati badal sakta hai supreme court agar kisi apradhi ko fansi ki saza sunati hai toh rashtrapati agar chahen toh uski fansi rukvaa sakta hai yah hota hai ki hamare samvidhan mein hai dhanyavad

आपका सवाल है क्या सुप्रीम कोर्ट सरकार के फैसले को बदल सकता है या सरकार सुप्रीम कोर्ट के फै

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Daulat Ram Sharma Shastri

Psychologist | Ex-Senior Teacher

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

दोनों के अलग अलग है संसद जो संसद जो नियम बना दिए कानून बनाती है वहीं सुप्रीम कोर्ट में लोगों से उनके द्वारा सुप्रीम कोर्ट को द्वारा डिजाइन किया जाता है दोनों के अलग अलग है पर कभी आ जाए तो उसके लिए संसद सरकार कुछ नहीं कर सकते संसद करती है संसद में बहुमत के साथ में कोई भी देख जब पास होता है तो वही ब्लोगन करके सुप्रीम कोर्ट को फॉलो करना होता है वैसे सुप्रीम कोर्ट को डायरेक्ट सरकार इंटरफेयर नहीं करती है क्योंकि हमारे यहां जो कार्यपालिका और न्यायपालिका न्यायपालिका अपने आप में स्वतंत्र होती है होती है उनका सरकार से कोई लेना देना नहीं होता है इस प्रकार से टकराव नहीं बनती है राम जन्मभूमि का मतदान विधि सरकार सॉल्व करना चाहती हो यह बहुत पहले सॉल्व हो सकता था लेकिन उसे सुप्रीम कोर्ट की सुप्रीम कोर्ट में चल रहा था इसलिए माननीय मोदी जी ने बहुत सही रास्ता अपनाया माननीय मोदी जी ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की पालना ध्यान में रखते हुए माननीय सुप्रीम कोर्ट के सम्मान को ध्यान में रखते हुए इस प्रश्न को संसद में आने ही नहीं दिया अर्थात यदि संस्कृति सुप्रीम कोर्ट की अवमानना होती जो इस प्रकार से सुप्रीम कोर्ट की अवमानना क्योंकि दर्शन क्या है कि सुप्रीम कोर्ट भी एक अपने आप में मायने रखता है देश का सबूत कोड होता है माननीय होता है कोर्ट सारे ना का सर्वाधिक विश्वास आज की न्यायपालिका को ज्यादा होता है नए कपल पर विश्वास करते हैं इसलिए भगवान की दया से कभी इतना सम्मान तो अभी रहा है कि संसद में सुप्रीम कोर्ट में कभी टकराव नहीं हुआ है और ना होना चाहिए क्योंकि दोनों को एक दूसरे का रास्ता करना चाहिए और वही हो रहा है सरकार जब कभी गलत कोई एक्शन लेती है गलत कोई कार्य कर देती है तो उसका यदि वह सुप्रीम कोर्ट के दायरे में आ रहा है तो वहां रेट लगाई जाती है वहां उनसे अनुरोध किया जाता है तो सुप्रीम कोर्ट डिसीजन देता है सुनवाई करता क्योंकि ब्लॉक के अंदर है तो मान लो अभी हमारे नागरिकों के मौलिक अधिकार हैं उसमें सरकार कोई अनुचित हस्तक्षेप कर रही है अनुचित कोई दबाव बना रही है तो उसके लिए हम सुप्रीम कोर्ट जा सकते हैं सुप्रीम कोर्ट का अधिकार सुप्रीम कोर्ट के क्षेत्र में और जमीन को सरकार को करना होता है तो यह संसद में बहुमत के साथ पास करते हैं फिर लो बंदर की सुप्रीम कोर्ट में जाता है आज भी देश के नागरिकों का सर्वाधिक विश्वास पर हैं लोग कि जब भी कभी संसार कोई गलत कार्य कर दी सरकार नागरिकों के डिप्टी जाती है जनहित के विरोध में जाती है तो माननीय सुप्रीम कोर्ट में अपील करते हैं और वे उस पथ संचलन अधिकारों की जमीनों की सुरक्षा भी प्रदान करते हैं इसलिए सुप्रीम कोर्ट का देश में सर्वाधिक सम्मान है और आपको याद होगा माननीय राष्ट्रपति को भी सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस की शपथ दिलाते और जब तक भी राष्ट्रपति मामलों किसी महाभियोग में फंस जाते हैं या हम पर संसद द्वारा महाभियोग लगाया जाता है वह अपना पक्ष होते हैं इसके लिए कुछ समय बाद पति या चीफ जस्टिस मानते हैं जबकि पूर्व राष्ट्रपति का चुनाव नहीं हो जाता

dono ke alag alag hai sansad jo sansad jo niyam bana diye kanoon banati hai wahi supreme court mein logo se unke dwara supreme court ko dwara design kiya jata hai dono ke alag alag hai par kabhi aa jaaye toh uske liye sansad sarkar kuch nahi kar sakte sansad karti hai sansad mein bahumat ke saath mein koi bhi dekh jab paas hota hai toh wahi blogan karke supreme court ko follow karna hota hai waise supreme court ko direct sarkar intarafeyar nahi karti hai kyonki hamare yahan jo karyapalika aur nyaypalika nyaypalika apne aap mein swatantra hoti hai hoti hai unka sarkar se koi lena dena nahi hota hai is prakar se takraav nahi banti hai ram janmbhoomi ka matdan vidhi sarkar solve karna chahti ho yah bahut pehle solve ho sakta tha lekin use supreme court ki supreme court mein chal raha tha isliye mananiya modi ji ne bahut sahi rasta apnaya mananiya modi ji ne supreme court ke aadesho ki paalna dhyan mein rakhte hue mananiya supreme court ke sammaan ko dhyan mein rakhte hue is prashna ko sansad mein aane hi nahi diya arthat yadi sanskriti supreme court ki awamaanana hoti jo is prakar se supreme court ki awamaanana kyonki darshan kya hai ki supreme court bhi ek apne aap mein maayne rakhta hai desh ka sabut code hota hai mananiya hota hai court saare na ka sarvadhik vishwas aaj ki nyaypalika ko zyada hota hai naye couple par vishwas karte hai isliye bhagwan ki daya se kabhi itna sammaan toh abhi raha hai ki sansad mein supreme court mein kabhi takraav nahi hua hai aur na hona chahiye kyonki dono ko ek dusre ka rasta karna chahiye aur wahi ho raha hai sarkar jab kabhi galat koi action leti hai galat koi karya kar deti hai toh uska yadi vaah supreme court ke daayre mein aa raha hai toh wahan rate lagayi jaati hai wahan unse anurodh kiya jata hai toh supreme court decision deta hai sunvai karta kyonki block ke andar hai toh maan lo abhi hamare nagriko ke maulik adhikaar hai usme sarkar koi anuchit hastakshep kar rahi hai anuchit koi dabaav bana rahi hai toh uske liye hum supreme court ja sakte hai supreme court ka adhikaar supreme court ke kshetra mein aur jameen ko sarkar ko karna hota hai toh yah sansad mein bahumat ke saath paas karte hai phir lo bandar ki supreme court mein jata hai aaj bhi desh ke nagriko ka sarvadhik vishwas par hai log ki jab bhi kabhi sansar koi galat karya kar di sarkar nagriko ke deputy jaati hai janhit ke virodh mein jaati hai toh mananiya supreme court mein appeal karte hai aur ve us path sanchalan adhikaaro ki zameeno ki suraksha bhi pradan karte hai isliye supreme court ka desh mein sarvadhik sammaan hai aur aapko yaad hoga mananiya rashtrapati ko bhi supreme court ke chief justice ki shapath dilate aur jab tak bhi rashtrapati mamlon kisi mahabhiyog mein fans jaate hai ya hum par sansad dwara mahabhiyog lagaya jata hai vaah apna paksh hote hai iske liye kuch samay baad pati ya chief justice maante hai jabki purv rashtrapati ka chunav nahi ho jata

दोनों के अलग अलग है संसद जो संसद जो नियम बना दिए कानून बनाती है वहीं सुप्रीम कोर्ट में लोग

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Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

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क्या सुप्रीम कोर्ट सरकार के फैसले को बदल सकता है या सरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले को बदल सकते हैं कि सुप्रीम कोर्ट सरकार के फैसले को बदलता नहीं है लेकिन सरकार को सलाह जरूर देता है कि ऐसा नहीं ऐसा होना चाहिए हमारे देश में सुप्रीम कोर्ट को सर्वोपरि चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया बहुत ही बड़ा और संवैधानिक पर न्यायपालिका और जो हमारे संविधान में चार समद्रुस्ती एकदम न्यायपालिका और रही बात कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले को बदल सकती है तो सरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले को भी नहीं बदल सकती कोई भी सरकार और सुप्रीम कोर्ट के फैसले को कभी भी बदल नहीं सकती और सलाह भी नहीं दे सकते सुप्रीम कोर्ट को कि आप ऐसा फैसला सुनाइए लेकिन सुप्रीम कोर्ट जो है वह सरकार के फैसले को बदलते नहीं है लेकिन एडवांस जरूर देती है कि आप ऐसा नहीं ऐसा करें इसलिए सुप्रीम कोर्ट सर्वोपरि है हमारे देश में धन्यवाद

kya supreme court sarkar ke faisle ko badal sakta hai ya sarkar supreme court ke faisle ko badal sakte hain ki supreme court sarkar ke faisle ko badalta nahi hai lekin sarkar ko salah zaroor deta hai ki aisa nahi aisa hona chahiye hamare desh mein supreme court ko sarvopari chief justice of india bahut hi bada aur samvaidhanik par nyaypalika aur jo hamare samvidhan mein char samadrusti ekdam nyaypalika aur rahi baat ki sarkar supreme court ke faisle ko badal sakti hai toh sarkar supreme court ke faisle ko bhi nahi badal sakti koi bhi sarkar aur supreme court ke faisle ko kabhi bhi badal nahi sakti aur salah bhi nahi de sakte supreme court ko ki aap aisa faisla sunaiye lekin supreme court jo hai vaah sarkar ke faisle ko badalte nahi hai lekin advance zaroor deti hai ki aap aisa nahi aisa kare isliye supreme court sarvopari hai hamare desh mein dhanyavad

क्या सुप्रीम कोर्ट सरकार के फैसले को बदल सकता है या सरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले को बदल सक

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सुप्रीम कोर्ट सरकार के फैसले को मध्य कर सकते हैं लेकिन सुप्रीम कोर्ट के फैसले को सरकार रद्द नहीं कर सकती है आगे के लिए कोई कानून बना सकती है जिस प्रकार शाहबानो प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि मुस्लिम महिलाएं भी भरण पोषण की राशि अपने पति पिता माता पिता से प्राप्त कर सकते हैं लेकिन सरकार ने इस संबंध में कानून बनाकर आगे यह प्रावधान कर दिया कि उसको भरण-पोषण के लिए अन्य व्यवस्थाएं रहेंगी लेकिन उस सावलों प्रकरण को रद्द नहीं किया गया था

supreme court sarkar ke faisle ko madhya kar sakte hain lekin supreme court ke faisle ko sarkar radd nahi kar sakti hai aage ke liye koi kanoon bana sakti hai jis prakar shahbano prakaran me supreme court ne kaha tha ki muslim mahilaye bhi bharan poshan ki rashi apne pati pita mata pita se prapt kar sakte hain lekin sarkar ne is sambandh me kanoon banakar aage yah pravadhan kar diya ki usko bharan poshan ke liye anya vyavasthaen rahegi lekin us savalon prakaran ko radd nahi kiya gaya tha

सुप्रीम कोर्ट सरकार के फैसले को मध्य कर सकते हैं लेकिन सुप्रीम कोर्ट के फैसले को सरकार रद्

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सुप्रीम कोर्ट सरकार के फैसले को रोक सकता है बट सुप्रीम कोर्ट के फैसले को सरकार नहीं बदल सकती

supreme court sarkar ke faisle ko rok sakta hai but supreme court ke faisle ko sarkar nahi badal sakti

सुप्रीम कोर्ट सरकार के फैसले को रोक सकता है बट सुप्रीम कोर्ट के फैसले को सरकार नहीं बदल सक

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Rohit Singh

Junior Volunteer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए सुप्रीम कोर्ट जो है उस सरकार के फैसले को बदल नहीं सकता है यदि सरकार ने कोई कानून तोड़ा हो या फिर कोई असंवैधानिक चीज की हो क्योंकि संविधान के हिसाब से नहीं अब जो है सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को जो है क्या वार्निंग दे सकता है कि आपने यह गलत किया है इसमें जो है तुरंत संशोधन करके उसको सही कीजिए और सरकार जो है सुप्रीम कोर्ट के फैसले को नहीं बदल सकते हैं क्योंकि सुप्रीम कोर्ट में जो है आपके जज जज बैठते हैं और मुझे संविधान के हिसाब से चलते हैं सरकार के कहने पर जो है डालते नहीं करती हैं तो यह दोनों ही चीजें जो है आपस में इंडिपेंडेंट होती है और भारत में जो है इसको इंडिपेंडेंस रखा गया है जिससे के थोड़ा कान्फ्रेंस ही बनी रहे और लोगों में विश्वास रहे कि अगर सरकार आपके साथ गलत करती है तो आप कोर्ट में जाकर उसको चालू कर सकते हैं

dekhiye supreme court jo hai us sarkar ke faisle ko badal nahi sakta hai yadi sarkar ne koi kanoon toda ho ya phir koi asanvaidhanik cheez ki ho kyonki samvidhan ke hisab se nahi ab jo hai supreme court ne sarkar ko jo hai kya warning de sakta hai ki aapne yah galat kiya hai isme jo hai turant sanshodhan karke usko sahi kijiye aur sarkar jo hai supreme court ke faisle ko nahi badal sakte hain kyonki supreme court mein jo hai aapke judge judge baithate hain aur mujhe samvidhan ke hisab se chalte hain sarkar ke kehne par jo hai daalte nahi karti hain toh yah dono hi cheezen jo hai aapas mein independent hoti hai aur bharat mein jo hai isko Independence rakha gaya hai jisse ke thoda kanfrens hi bani rahe aur logo mein vishwas rahe ki agar sarkar aapke saath galat karti hai toh aap court mein jaakar usko chaalu kar sakte hain

देखिए सुप्रीम कोर्ट जो है उस सरकार के फैसले को बदल नहीं सकता है यदि सरकार ने कोई कानून तोड

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