परीक्षा देते समय मैं नर्वस क्यों हो जाता हूँ?...


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Deepika Atul

Child Psychologist,Parenting Coach, NLP Practitioner, Life Coach,Educational Hypnotherapist

0:58
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

विकी एग्जाम देते समय बहुत सारे बच्चों को नर्वसनेस होती है और इसका जस्टिस छोटा सा रीजन है कि हमें बचपन से इंडिया में डराया जाता है एग्जाम को एक दूत के रूप में हुआ के रूप में हमें डराया जाता है कि ओ माय गॉड तुम्हारा एग्जाम है तुम यह कर रहे हो यह कहने में थोड़ा बचकाना सा लगेगा लेकिन एक्चुअली में रियालिटी यही है कि हमें हमारे बचपन में बहुत सारे ऐसे फोबिया ऐसी चीजें हो जाती हैं एग्जाम स्ट्रेस हो जाता है अननेसेसरी जिसके कारण आप एग्जाम हॉल में जाते समय 9:00 बजे फील करते हैं इसको बहुत ज्यादा हम कहते हैं एग्जाम फोबिया अगर आप लोग एग्जाम फोबिया से लड़ना चाहते हैं तो मैं बहुत जल्दी सुबह गॉड कुछ वीडियोस डालना चाहती हूं जिससे आप लोगों को एग्जाम फोबिया से हेल्प मिलेगी बाहर निकलने में और सेकंड चीज अगर आप फिर भी अपने आपको पर्सनली मुझसे जुड़ना चाहते हैं तो प्रोफाइल मेरा नंबर है आप मुझे कॉल कर सकते हैं मैं आपकी जरूर हेल्प करूंगी थैंक यू सो मच

vicky exam dete samay bahut saare baccho ko nervousness hoti hai aur iska justice chota sa reason hai ki hamein bachpan se india me daraya jata hai exam ko ek dut ke roop me hua ke roop me hamein daraya jata hai ki O my god tumhara exam hai tum yah kar rahe ho yah kehne me thoda bachkana sa lagega lekin actually me reality yahi hai ki hamein hamare bachpan me bahut saare aise phobia aisi cheezen ho jaati hain exam stress ho jata hai unnecessary jiske karan aap exam hall me jaate samay 9 00 baje feel karte hain isko bahut zyada hum kehte hain exam phobia agar aap log exam phobia se ladana chahte hain toh main bahut jaldi subah god kuch videos dalna chahti hoon jisse aap logo ko exam phobia se help milegi bahar nikalne me aur second cheez agar aap phir bhi apne aapko personally mujhse judna chahte hain toh profile mera number hai aap mujhe call kar sakte hain main aapki zaroor help karungi thank you so match

विकी एग्जाम देते समय बहुत सारे बच्चों को नर्वसनेस होती है और इसका जस्टिस छोटा सा रीजन है क

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क्योंकि आप नकारात्मक विचारों को अपने ऊपर हावी होने दे दे दे देते हैं इसलिए आप नर्वस हो जाते हैं

kyonki aap nakaratmak vicharon ko apne upar haavi hone de de de dete hain isliye aap nervous ho jaate hain

क्योंकि आप नकारात्मक विचारों को अपने ऊपर हावी होने दे दे दे देते हैं इसलिए आप नर्वस हो जात

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Umesh Mishra

Motivatonal Speaker, Educator, Blogger

5:38
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अब यह क्वेश्चन ऐसा आया है जो मुझे काफी दिनों से मतलब जिसके बारे में मैं सोच रहा था कि नहीं मुझे इस पर कुछ कहना चाहिए तो धन्यवाद आपने यह क्वेश्चन पूछा आपको तहे दिल से उमेश मिश्रा का शुक्रिया और देखिए पढ़ाई तो एक ऐसा टूल है ना जिसको आप जितना भी मतलब कि इन करते जो भी ज्यादा आप पीते जाओ एक ऐसा पानी है कि तक कभी खत्म नहीं होगा तो अल्टीमेटली एक चीज है कि आपको यह पानी पीना ही है खूब पीना पीना अब बात आ जाते क्वेश्चन परीक्षा देते समय नर्वस हो जाता हूं नर्वसनेस है क्या आप नर्वसनेस कोली ज्वाइन कर पाएंगे अपने अपने शब्दों में सब लोग नर्वसनेस को सोचिए 2 मिनट के लिए मेरे ऑडियो को सुनते रहिए और कोशिश करिए कि नर्वसनेस है क्या चली मैं उसको डिफाइन करता हूं धीरे-धीरे पॉइंट 2 पॉइंट में किसी के घर चले जाना छोटी उम्र में और वहां पर नए नए चेहरों को देखना और उसके बाद अपने दोनों पैरों को सिक्योर लेना पास में और चुपचाप दोनों हाथ की हथेलियों को आपस में बांधकर के कोने पर बैठ जाना इंट्रोवर्ट हो जाना नर्वसनेस जब घर में ऐसा माहौल ना मिले जहां पर बहुत बढ़िया आपकी स्टडी ना हो लोग आपकी बात को दबा दें तो फिर नर्वसनेस स्कूल में जाएं और स्कूल में जाने तो क्या बात आपको ऐसा लगे कुछ दिनों बाद कि नहीं आप अपने आपको 2 मिनट फील कर रहे हैं आपके अंदर इतना कंटेंट नहीं है कितना अन्य बच्चों पर है तो फिर नर्वस थी स्कूल लाइफ की बात बता रहा हूं जिंदगी में बताता हूं आप ठीक है आपने मेहनत की आप सिलेक्ट हुए और जॉब ने कहा कि नहीं चलो स्टेज पर जा कर के अपने बाप ने अचीवमेंट के बारे में बताओ फिर से नर्वस ने सबके लिए अलग-अलग डेफिनिशन है नर्वसनेस की और मैं मैं बता दूं मेरे प्यारे दोस्त मेरे भाई जितना कम पढ़ा लिखा इंसान ज्यादा पॉइंट टू पॉइंट क्वेश्चन पर आता हूं परीक्षा देते समय उसके हो जाते हैं देखिए होता क्या की परीक्षा के दौरान हम लोग तैयारी करते वर्कर्स प्रयास करते हैं लगातार मेहनत करते हैं क्योंकि हम अपनी परीक्षा को अच्छे से दे पाए हम अपनी परीक्षा को इतनी अच्छी तरीके से इतनी मजबूती से दे इतना उसको पढ़ कर दें ताकि हम उसको अच्छे से निकाल ले प्रॉब्लम कहां आती है कि जब प्रिपरेशन का बोझ अचानक सिर पर आता है long-term प्लानिंग नहीं करते हैं शार्ट तरीके से करते हैं कहने का मतलब है कि जिस दिन से लेबर स्टार्ट किया था टीचर ने जिस दिन से उसने नंबर सिस्टम पढ़ाना शुरू किया है साइंस में पुराना स्टार्ट किया तो 121 आप उसको प्रिपेयर करते जाओ ना तो आप कोई कॉन्फिडेंट ब्लॉक होता चला जाएगा तो मेहनत के साथ अगर आप मना करोगे और जब आप को एक साथ लेथार्जिक हो जाता है कोर्स फिर आप उस पर मेहनत करना स्टार्ट करते हैं तो प्रॉब्लम आती है प्रॉब्लम कैसे आएगी आपको भी यह भी तैयार कर ले वह भी तैयार कर ले तो उसमें कुछ ना कुछ कीजिए कि हुई लेकिन उससे मैं यह नहीं कहूंगा कि उससे आपका कॉन्फिडेंस कॉन्फिडेंस आपका लोड होता है आपका इस तरीके से व्यक्तिगत जो बनावट हो जाती है आप इमोशनल इंटरनली ऐसे बन जाते हो ना आप डिप्रेस्ड हो जाते हो आप सोसाइटी से यहां से कहीं ना कहीं से तो वह चीज है वह आउटकम साहब को दिखने लगते और जवाब एग्जाम हॉल में बैठते हैं तो आप सोचते तो नहीं बहुत कुछ कर लेंगे लेकिन फाइनली वह सारी चीजें ओसारी जो आपने ड्रीम बनाए थे नहीं मां सच्ची लाऊंगा यह लाऊंगा वह सारे आपके ऊपर हावी हो जाते हैं और नंबर नहीं है तो कैसा होगा तो कैसा होगा उस को कंट्रोल करना मेरे प्यारे दोस्त बहुत जरूरी है आप काम हो कर के पेशेंट के साथ अपने ऊपर काम अच्छे से करें ताकि इन सब चीजों का नौबत नहीं आप रिप्लाई में परीक्षा देते समय आप खुद एक शेड्यूल तैयार कर ले कि नहीं आप जैसा मॉड्यूल सर ने बताया जो भी ब्लूप्रिंट दिया उसके कोडिंग आप क्वेश्चन पेपर बना लो और घर पर आप दो तीन चार बार खुद से बनाकर ऐसा क्वेश्चन पेपर ऑफ सोल कर लो अबे टाइम को भेजो प्लीज कर लेंगे प्रैक्टिस भी अच्छी कर लेंगे और इन सब छोटी छोटी चीजों से आप पर जाएंगे तो प्लीज ऐसा ना सोचे नर्वसनेस वगैरह कुछ नहीं होता है यह थोड़ा सा एक टेंपरेरी आपके ऊपर एक प्रेशर आता है जो इसमें नर्वस में कंफर्म हो जाता है ठीक है अगर आपको आंसर पसंद आए तो प्लीज इसको लाइक करें मेरा नाम उमेश मिश्रा है इसी तरीके से जो भी आप लोग का प्रॉब्लम होगा मैं कोशिश करूंगा उसका उत्तर देता हूं थैंक यू

ab yah question aisa aaya hai jo mujhe kaafi dino se matlab jiske bare me main soch raha tha ki nahi mujhe is par kuch kehna chahiye toh dhanyavad aapne yah question poocha aapko tahe dil se umesh mishra ka shukriya aur dekhiye padhai toh ek aisa tool hai na jisko aap jitna bhi matlab ki in karte jo bhi zyada aap peete jao ek aisa paani hai ki tak kabhi khatam nahi hoga toh altimetli ek cheez hai ki aapko yah paani peena hi hai khoob peena peena ab baat aa jaate question pariksha dete samay nervous ho jata hoon nervousness hai kya aap nervousness koli join kar payenge apne apne shabdon me sab log nervousness ko sochiye 2 minute ke liye mere audio ko sunte rahiye aur koshish kariye ki nervousness hai kya chali main usko define karta hoon dhire dhire point 2 point me kisi ke ghar chale jana choti umar me aur wahan par naye naye chehron ko dekhna aur uske baad apne dono pairon ko secure lena paas me aur chupchap dono hath ki hatheliyon ko aapas me bandhkar ke kone par baith jana introvert ho jana nervousness jab ghar me aisa maahaul na mile jaha par bahut badhiya aapki study na ho log aapki baat ko daba de toh phir nervousness school me jayen aur school me jaane toh kya baat aapko aisa lage kuch dino baad ki nahi aap apne aapko 2 minute feel kar rahe hain aapke andar itna content nahi hai kitna anya baccho par hai toh phir nervous thi school life ki baat bata raha hoon zindagi me batata hoon aap theek hai aapne mehnat ki aap select hue aur job ne kaha ki nahi chalo stage par ja kar ke apne baap ne achievement ke bare me batao phir se nervous ne sabke liye alag alag definition hai nervousness ki aur main main bata doon mere pyare dost mere bhai jitna kam padha likha insaan zyada point to point question par aata hoon pariksha dete samay uske ho jaate hain dekhiye hota kya ki pariksha ke dauran hum log taiyari karte workers prayas karte hain lagatar mehnat karte hain kyonki hum apni pariksha ko acche se de paye hum apni pariksha ko itni achi tarike se itni majbuti se de itna usko padh kar de taki hum usko acche se nikaal le problem kaha aati hai ki jab preparation ka bojh achanak sir par aata hai long term planning nahi karte hain shaart tarike se karte hain kehne ka matlab hai ki jis din se labour start kiya tha teacher ne jis din se usne number system padhana shuru kiya hai science me purana start kiya toh 121 aap usko prepare karte jao na toh aap koi confident block hota chala jaega toh mehnat ke saath agar aap mana karoge aur jab aap ko ek saath lethargic ho jata hai course phir aap us par mehnat karna start karte hain toh problem aati hai problem kaise aayegi aapko bhi yah bhi taiyar kar le vaah bhi taiyar kar le toh usme kuch na kuch kijiye ki hui lekin usse main yah nahi kahunga ki usse aapka confidence confidence aapka load hota hai aapka is tarike se vyaktigat jo banawat ho jaati hai aap emotional intaranali aise ban jaate ho na aap depressed ho jaate ho aap society se yahan se kahin na kahin se toh vaah cheez hai vaah autakam saheb ko dikhne lagte aur jawab exam hall me baithate hain toh aap sochte toh nahi bahut kuch kar lenge lekin finally vaah saari cheezen osari jo aapne dream banaye the nahi maa sachi launga yah launga vaah saare aapke upar haavi ho jaate hain aur number nahi hai toh kaisa hoga toh kaisa hoga us ko control karna mere pyare dost bahut zaroori hai aap kaam ho kar ke patient ke saath apne upar kaam acche se kare taki in sab chijon ka naubat nahi aap reply me pariksha dete samay aap khud ek schedule taiyar kar le ki nahi aap jaisa module sir ne bataya jo bhi Blue print diya uske coding aap question paper bana lo aur ghar par aap do teen char baar khud se banakar aisa question paper of soul kar lo abe time ko bhejo please kar lenge practice bhi achi kar lenge aur in sab choti choti chijon se aap par jaenge toh please aisa na soche nervousness vagera kuch nahi hota hai yah thoda sa ek tempareri aapke upar ek pressure aata hai jo isme nervous me confirm ho jata hai theek hai agar aapko answer pasand aaye toh please isko like kare mera naam umesh mishra hai isi tarike se jo bhi aap log ka problem hoga main koshish karunga uska uttar deta hoon thank you

अब यह क्वेश्चन ऐसा आया है जो मुझे काफी दिनों से मतलब जिसके बारे में मैं सोच रहा था कि नहीं

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Dr.Mitali Jha

Psychologist

2:03
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

परीक्षा देते समय आ नर्वस होने का सबसे बड़ा रीजन यह है कि शायद हम बहुत ज्यादा स्ट्रेस में होते हैं बहुत ज्यादा प्रेशर में होते हैं मास का प्रेशर प्लेट का पैसा स्कूल का पैसा स्कूल का पैसा पैरंट्स का प्रश्न पीएफ का पैसा तो बहुत ज्यादा पैसे लेते हैं इसी वजह से नर्वस हो जाते हैं ऐसा नहीं है कि हम पढ़ते हैं वह हम जानते हम पढ़ते हैं हम जानते हैं लेकिन उसके साथ जो हो इस पेस्ट को एसोसिएट कर देते हैं जो तनाव हम उसके साथ संबंधित कर देते हैं वह हमें कोई भी चीज बहुत लंबे समय तक याद नहीं रहता तो जब भी कभी आप अपनी परीक्षा के लिए तैयारी करें यह चीज भूल कर तैयारी करें कि रिजल्ट क्या होगा यह चीज भूल का तैयारी करें कि आपके पैरेंट्स क्या बोलेंगे या आपके टीचर क्या करेंगे या आपके दोस्तों का क्या करना है क्या आपके दोस्त कैसे आपको चढ़ाएंगे यह याद रखें कि मेरा हंड्रेड परसेंट मैं देने को जा रहा हूं आगे जो भी होता है आई विल टेक ए पॉजिटिवली और जब कभी भी हम सकारात्मक रूप से चीजों को लेने के लिए तैयार रहते हैं विश्वास है कि हमारा रिजल्ट भी पार्टी भी आता है हमेशा कहा जाता है पॉजिटिव पॉजिटिव तो हमेशा पॉजिटिव एटी माइंड में रहिए अच्छी चीजों को सोचे अच्छी चीजों को अपनी तरफ अट्रैक्ट की परीक्षा कोई ऐसी चीज़ नहीं है जो जीवन में एक बार होती है अगर खुदा न सफल हो गया आपके पास में दूसरा चांस है खुदा ना खास था अगर आपको सारे कुछ नहीं आते फिर भी आपको इतने क्वेश्चन तो आते होंगे क्या बात करें पेपर का एग्जाम आपका पूरा भविष्य नहीं रहता है इसलिए सॉन्ग नहीं है कॉन्फिडेंट नहीं है और अच्छी चीजों के साथ एग्जाम और अपने तैयारी को कर सोचिए कि अगर आप अच्छी चीजों के साथ एसोसिएट करेंगे आप कॉन्फिडेंट प्रश्नों का उत्तर दे पाएंगे और आप अच्छा करेंगे बेस्ट ऑफ लक थैंक यू

pariksha dete samay aa nervous hone ka sabse bada reason yah hai ki shayad hum bahut zyada stress me hote hain bahut zyada pressure me hote hain mass ka pressure plate ka paisa school ka paisa school ka paisa Parents ka prashna pf ka paisa toh bahut zyada paise lete hain isi wajah se nervous ho jaate hain aisa nahi hai ki hum padhte hain vaah hum jante hum padhte hain hum jante hain lekin uske saath jo ho is paste ko associate kar dete hain jo tanaav hum uske saath sambandhit kar dete hain vaah hamein koi bhi cheez bahut lambe samay tak yaad nahi rehta toh jab bhi kabhi aap apni pariksha ke liye taiyari kare yah cheez bhool kar taiyari kare ki result kya hoga yah cheez bhool ka taiyari kare ki aapke pairents kya bolenge ya aapke teacher kya karenge ya aapke doston ka kya karna hai kya aapke dost kaise aapko chadhayenge yah yaad rakhen ki mera hundred percent main dene ko ja raha hoon aage jo bhi hota hai I will take a positively aur jab kabhi bhi hum sakaratmak roop se chijon ko lene ke liye taiyar rehte hain vishwas hai ki hamara result bhi party bhi aata hai hamesha kaha jata hai positive positive toh hamesha positive eighty mind me rahiye achi chijon ko soche achi chijon ko apni taraf attract ki pariksha koi aisi cheez nahi hai jo jeevan me ek baar hoti hai agar khuda na safal ho gaya aapke paas me doosra chance hai khuda na khas tha agar aapko saare kuch nahi aate phir bhi aapko itne question toh aate honge kya baat kare paper ka exam aapka pura bhavishya nahi rehta hai isliye song nahi hai confident nahi hai aur achi chijon ke saath exam aur apne taiyari ko kar sochiye ki agar aap achi chijon ke saath associate karenge aap confident prashnon ka uttar de payenge aur aap accha karenge best of luck thank you

परीक्षा देते समय आ नर्वस होने का सबसे बड़ा रीजन यह है कि शायद हम बहुत ज्यादा स्ट्रेस में ह

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका प्रश्न है परीक्षा देते समय में नर्वस हो जाता हूं आप परीक्षा को एक साधारण तरीके से नहीं ले पाते हैं एक आप उसको एक जंग की तरह देखते हैं और उसको बहुत बड़ा एक आपको परीक्षा के प्रति आपके अंदर एक भाई है और यह जरूरी नहीं कि आपको आता नहीं होगा हो कभी-कभी होता कि हमको बहुत कुछ चाहता है लेकिन जब हम पर क्यों की दृष्टि से परीक्षा को देखते हैं तो हमें हमारे भीतर जो है घबराहट और नर्वस हम बहुत जल्दी हो जाते हैं इसके लिए आप और अपने ठंडे दिमाग से जब आप परीक्षा में जा है तो 2 सेकंड आप पर अपने दिमाग को शांत करें और जो अब आप को सबसे सुंदर जो प्रश्न का आंसर आता हो उत्तर आता हो उसको उसे लिखना प्रारंभ करें तो आप आएंगे क्या आपने बहुत सरलता से और बिना नर्वस हुए आपने परीक्षा को पूर्ण करते हैं

aapka prashna hai pariksha dete samay me nervous ho jata hoon aap pariksha ko ek sadhaaran tarike se nahi le paate hain ek aap usko ek jung ki tarah dekhte hain aur usko bahut bada ek aapko pariksha ke prati aapke andar ek bhai hai aur yah zaroori nahi ki aapko aata nahi hoga ho kabhi kabhi hota ki hamko bahut kuch chahta hai lekin jab hum par kyon ki drishti se pariksha ko dekhte hain toh hamein hamare bheetar jo hai ghabarahat aur nervous hum bahut jaldi ho jaate hain iske liye aap aur apne thande dimag se jab aap pariksha me ja hai toh 2 second aap par apne dimag ko shaant kare aur jo ab aap ko sabse sundar jo prashna ka answer aata ho uttar aata ho usko use likhna prarambh kare toh aap aayenge kya aapne bahut saralata se aur bina nervous hue aapne pariksha ko purn karte hain

आपका प्रश्न है परीक्षा देते समय में नर्वस हो जाता हूं आप परीक्षा को एक साधारण तरीके से नही

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ankit mehta

speaker/social activitie

1:34
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

परीक्षा देते समय अपने बस इसलिए कहते हैं क्योंकि खुद को आप पर अपना विश्वास नहीं है आप जब भी परीक्षा और में चाहे खुद को पूर्ण रूप से यह मानते हैं जितना मैंने पढ़ा है उतना तो मैं करके आऊंगा आऊंगा ठीक है कभी-कभी आप जो पढ़कर जाते वह नहीं आता है अभी भी आप अपना दिमाग साल भर तुमने पढ़ा होगा जो भी आपके मन में बिंदु आते हैं उससे संबंधित समस्त बंधुओं उतार दें परीक्षा का मूल्यांकन आपकी योग्यता देखने के लिए होता है तो आप पूर्ण रुप से उससे लगभग मिलता-जुलता भी लिखेंगे तो काफी अच्छे मार्क्स होने के चांसेस रहेंगे इनकी आप सटीकता से प्रॉपर उत्तर ना देखा कोई बात नहीं लेकिन आप समझ कर यदि उसका डिस्क्रिप्शन करेंगे उसका विस्तार करेंगे उनको लिखेंगे तो निश्चित रूप से काफी हद तक आप अपने जो सवाल है उनको हल करके चलेंगे और नर्वस नहीं होंगे नर्मदा तभी होती है जब आदमी को कुत्ता विश्वास नहीं होता है या उस पढ़ाई नहीं होती है पढ़ाई नहीं करेंगे तो निश्चित रूप से पढ़ाई करें परीक्षा की एग्जाम को पूर्ण करें या मां की सारी बातें एग्जामिनेशन हॉल के बाहर डालकर जाए जिस तरीके से आप लोग तो बाहर जाते हैं और आधा घंटा पहले एक घंटा पहले पढ़ाई को छोड़ दे आराम से अपना क्वेश्चन पेपर पढ़ कर के जो साल पहले आते हैं वह करें तो आपकी निश्चित रूप से नर्वसनेस जो है वह दूर हो जाएगी

pariksha dete samay apne bus isliye kehte hain kyonki khud ko aap par apna vishwas nahi hai aap jab bhi pariksha aur me chahen khud ko purn roop se yah maante hain jitna maine padha hai utana toh main karke aaunga aaunga theek hai kabhi kabhi aap jo padhakar jaate vaah nahi aata hai abhi bhi aap apna dimag saal bhar tumne padha hoga jo bhi aapke man me bindu aate hain usse sambandhit samast bandhuon utar de pariksha ka mulyankan aapki yogyata dekhne ke liye hota hai toh aap purn roop se usse lagbhag milta julataa bhi likhenge toh kaafi acche marks hone ke chances rahenge inki aap satikata se proper uttar na dekha koi baat nahi lekin aap samajh kar yadi uska description karenge uska vistaar karenge unko likhenge toh nishchit roop se kaafi had tak aap apne jo sawaal hai unko hal karke chalenge aur nervous nahi honge narmada tabhi hoti hai jab aadmi ko kutta vishwas nahi hota hai ya us padhai nahi hoti hai padhai nahi karenge toh nishchit roop se padhai kare pariksha ki exam ko purn kare ya maa ki saari batein examination hall ke bahar dalkar jaaye jis tarike se aap log toh bahar jaate hain aur aadha ghanta pehle ek ghanta pehle padhai ko chhod de aaram se apna question paper padh kar ke jo saal pehle aate hain vaah kare toh aapki nishchit roop se nervousness jo hai vaah dur ho jayegi

परीक्षा देते समय अपने बस इसलिए कहते हैं क्योंकि खुद को आप पर अपना विश्वास नहीं है आप जब भी

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Aditya Kumar Tiwari

Director, Eduvento Classes

0:30

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जवाब को एग्जाम देते हो परीक्षा देते हो थोड़ा सा नर्वस होना जरूरी है मतलब थोड़ा सा जब आप नर्वस हो तो थोड़ा सा जवाब तो दो टेस्ट होते हो तो आप अपना बेटा परफॉर्म करते हो ऐसा एक्सपीरियंस कैंसर की दवा पकने आपको हर्ट हो सकते हो पर आप ज्यादा नगर सो जाते हो तो समस्या जाती है बैलेंस रखना उसको अपनी तैयारी को देखिए कान्वेंट

jawab ko exam dete ho pariksha dete ho thoda sa nervous hona zaroori hai matlab thoda sa jab aap nervous ho toh thoda sa jawab toh do test hote ho toh aap apna beta perform karte ho aisa experience cancer ki dawa pakne aapko heart ho sakte ho par aap zyada nagar so jaate ho toh samasya jaati hai balance rakhna usko apni taiyari ko dekhiye convent

जवाब को एग्जाम देते हो परीक्षा देते हो थोड़ा सा नर्वस होना जरूरी है मतलब थोड़ा सा जब आप नर

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Vikas Singh

Political Analyst

2:21
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका सवाल है कि परीक्षा देते समय मैं नर्वस क्यों हो जाता हूं देखिए जो लोग परीक्षा देते समय नर्वस होते हैं उनकी तैयारी अच्छे से नहीं होती है एग्जाम की बिना पढ़े लिखे चले जाते हैं और एग्जाम में बैठ जाते हैं क्वेश्चन तो आता नहीं है उसके बाद नर्वस हो जाते हैं जब हमारी तैयारी अच्छी सी रहेगी तो हम नर्वस क्यों होंगे हम अपना वेस्ट अपना टाइम वेस्ट क्वेश्चन का आंसर लिखने में करेंगे तो आप जब भी ज्ञान देने जाइए अच्छे से तैयारी करिए अगर पांच यूनिट है तो चार यूनिट आप अच्छे से पढ़ कर जाइए और पांचवां यूनिट भी थोड़ा बहुत उसका कंक्लूजन पढ़ लीजिए और कोशिश करिए कि ज्यादा से ज्यादा क्वेश्चन अटेंड करिए अगर आपका छोरी स्ट्रांग है तो आप फ्यूरी करिए अगर आपका न्यूमेरिकल स्ट्रांग है तो आप न्यूमेरिकल पर पहले फोकस करिए क्योंकि न्यूमेरिकल अगर आप अटेंड करते हैं उस पर मार्क्स बहुत अच्छा मिलता है फ्यूरी में आप कितना भी अच्छा लिखोगे जैसे 10 मार्च का कोई क्वेश्चन है अगर आप कितना भी अच्छा लिखोगे तो 67 नंबर मिलेगा आपको लेकिन अगर वो न्यूमेरिकल का क्वेश्चन है तो आप अगर पूरा सही करते हो उसको तो 10 में 10 मार्क्स मिलते हैं तो आपको डिसाइड करना है कि आपको न्यूमेरिकल अटेंड करना है या थोड़ी अटेंड करना है तो आप जब भी ज्ञान देने चाहिए पूरे अच्छे से तैयारी करिए पढ़ाई अगर आप कर रहे हैं तो दिल्ली एक दो घंटा निकालकर समय पढ़िए जवाब दिल्ली एक दो घंटा पढ़ेंगे तो एग्जाम 6 महीने में होता है अगर आप ग्रेजुएशन कर रहे होंगे 3 महीने में होता है सर इंटरनल पेपर होता है पर्सनल होता है ड्यूटी होता है पिन वर्सिटी टेस्ट होता है तो आप जब इंटरनल पेपर में अच्छा नंबर लाते हो तो आप एक्सटर्नल में भी अच्छा नंबर चलाते हो कि निश्चित होता है तो आप के कॉलेज में जब इंटरनल पेपर हुआ करे तो आप उस एग्जाम को अच्छे से दीजिए जब उस एग्जाम को आप अच्छे से देंगे तो उसमें अगर आपका मार्क्स अच्छा आता है तो आपका एक्सटर्नल में भी अच्छा मार्क्स आएगा और आपको नर्वस होने की जरूरत नहीं है पढ़ाई पर ध्यान दीजिए और नकारात्मक विचार अपने दिमाग में से निकाल दीजिए धन्यवाद

aapka sawaal hai ki pariksha dete samay main nervous kyon ho jata hoon dekhiye jo log pariksha dete samay nervous hote hain unki taiyari acche se nahi hoti hai exam ki bina padhe likhe chale jaate hain aur exam mein baith jaate hain question toh aata nahi hai uske baad nervous ho jaate hain jab hamari taiyari achi si rahegi toh hum nervous kyon honge hum apna west apna time west question ka answer likhne mein karenge toh aap jab bhi gyaan dene jaiye acche se taiyari kariye agar paanch unit hai toh char unit aap acche se padh kar jaiye aur panchavan unit bhi thoda bahut uska kanklujan padh lijiye aur koshish kariye ki zyada se zyada question attend kariye agar aapka chhori strong hai toh aap fury kariye agar aapka numerical strong hai toh aap numerical par pehle focus kariye kyonki numerical agar aap attend karte hain us par marks bahut accha milta hai fury mein aap kitna bhi accha likhoge jaise 10 march ka koi question hai agar aap kitna bhi accha likhoge toh 67 number milega aapko lekin agar vo numerical ka question hai toh aap agar pura sahi karte ho usko toh 10 mein 10 marks milte hain toh aapko decide karna hai ki aapko numerical attend karna hai ya thodi attend karna hai toh aap jab bhi gyaan dene chahiye poore acche se taiyari kariye padhai agar aap kar rahe hain toh delhi ek do ghanta nikalakar samay padhiye jawab delhi ek do ghanta padhenge toh exam 6 mahine mein hota hai agar aap graduation kar rahe honge 3 mahine mein hota hai sir internal paper hota hai personal hota hai duty hota hai pin varsiti test hota hai toh aap jab internal paper mein accha number laate ho toh aap external mein bhi accha number chalte ho ki nishchit hota hai toh aap ke college mein jab internal paper hua kare toh aap us exam ko acche se dijiye jab us exam ko aap acche se denge toh usme agar aapka marks accha aata hai toh aapka external mein bhi accha marks aayega aur aapko nervous hone ki zarurat nahi hai padhai par dhyan dijiye aur nakaratmak vichar apne dimag mein se nikaal dijiye dhanyavad

आपका सवाल है कि परीक्षा देते समय मैं नर्वस क्यों हो जाता हूं देखिए जो लोग परीक्षा देते समय

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Dr.Nisha Joshi

Psychologist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

परीक्षा देते समय में नर्वस क्यों हो जाता हूं कि नॉर्मल परीक्षा देते समय छत पर अंदर लेकर बाहर करें धीरे-धीरे अंदर लेकर बाहर कम हो जाएगा

pariksha dete samay mein nervous kyon ho jata hoon ki normal pariksha dete samay chhat par andar lekar bahar kare dhire dhire andar lekar bahar kam ho jaega

परीक्षा देते समय में नर्वस क्यों हो जाता हूं कि नॉर्मल परीक्षा देते समय छत पर अंदर लेकर बा

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Vikas Bindoo

Teacher(Specialist For 10 Board) (Maths And Science)

1:59
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

परीक्षा देते समय नर्वस सेल करना इस तरह की जाती है लेकिन घर पर छाती और वैसे बहुत सारे बहुत सारे एक बार ऐसा हो सकता है कि ज्यादा व्यस्त था उसके बारे में जानकारी

pariksha dete samay nervous cell karna is tarah ki jaati hai lekin ghar par chhati aur waise bahut saare bahut saare ek baar aisa ho sakta hai ki zyada vyast tha uske bare me jaankari

परीक्षा देते समय नर्वस सेल करना इस तरह की जाती है लेकिन घर पर छाती और वैसे बहुत सारे बहुत

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Priyanka Raghav Teacher

Teacher - Hindi / Social Science

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

परिचय देते समय अब से सभी लोग नर्वस हो जाते हैं इतनी डर रहता है कि पता नहीं आ क्वेश्चन सही जाएगा या गलत जाएगा मैं पास होगा या नहीं होगा ऐसी बात नहीं की तैयारी नहीं होती तैयारी सबकी होती है लेकिन फिर भी सब लोग और एकदम लंबी सांस लेकर अच्छे से करें कि जो होगा अच्छा होगा और अपना वैसे ही दूर हो जाएगी और आपका एग्जाम अच्छे से जाएगा कि क्या करोगे तो आप सही आंसर दिवस मनाने वाला

parichay dete samay ab se sabhi log nervous ho jaate hain itni dar rehta hai ki pata nahi aa question sahi jaega ya galat jaega main paas hoga ya nahi hoga aisi baat nahi ki taiyari nahi hoti taiyari sabki hoti hai lekin phir bhi sab log aur ekdam lambi saans lekar acche se kare ki jo hoga accha hoga aur apna waise hi dur ho jayegi aur aapka exam acche se jaega ki kya karoge toh aap sahi answer divas manane vala

परिचय देते समय अब से सभी लोग नर्वस हो जाते हैं इतनी डर रहता है कि पता नहीं आ क्वेश्चन सही

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अपने आप में आप कंपटीशन नहीं है अपने आप में आप कंपटीशन जरा लेंगे तो आप बिल्कुल भी नर्वस नहीं होगा आपको बहुत खुशी होगी अपनी ऐसा लगे ऐसा ऐसी फिल्म जग जाएगी की परीक्षा कब आएगी चक्रवत परीक्षा भी 2 महीने बाद आ जाए तो मिलने बच्चे दे सकता इतना काबिल हूं मैं इसलिए इस समस्या से नाटक

apne aap me aap competition nahi hai apne aap me aap competition zara lenge toh aap bilkul bhi nervous nahi hoga aapko bahut khushi hogi apni aisa lage aisa aisi film jag jayegi ki pariksha kab aayegi chakravat pariksha bhi 2 mahine baad aa jaaye toh milne bacche de sakta itna kaabil hoon main isliye is samasya se natak

अपने आप में आप कंपटीशन नहीं है अपने आप में आप कंपटीशन जरा लेंगे तो आप बिल्कुल भी नर्वस नही

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मतलब आपको पढ़ाई करने में मन नहीं है परीक्षा देने में मन नहीं है दूसरी दूसरी दूसरी ख्यालों में आपका ख्याल रहता है पढ़ाई तरफ ध्यान नहीं रहता है इसलिए कोई मतलब नहीं आप हो मेरे पास होने का इलाज बस अपने आप सवाई की बात है अरे नरपत व्हाट इज नर्वदा क्या आप पाल रखे थे नर्वस कहने से कोई नहीं माना जाता क्या किन्नर परसों

matlab aapko padhai karne me man nahi hai pariksha dene me man nahi hai dusri dusri dusri khyalon me aapka khayal rehta hai padhai taraf dhyan nahi rehta hai isliye koi matlab nahi aap ho mere paas hone ka ilaj bus apne aap sawai ki baat hai are narpat what is narvada kya aap pal rakhe the nervous kehne se koi nahi mana jata kya kinnar parso

मतलब आपको पढ़ाई करने में मन नहीं है परीक्षा देने में मन नहीं है दूसरी दूसरी दूसरी ख्यालों

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Shivam

Student

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

परीक्षा देते समय नर्वस होने का मेन कारण है कि हम पूरी तरह से फिट नहीं होते या तो पूरी तरह से मारी तैयारी नहीं है प्रिपेयर नहीं है इसलिए हम नर्वस हो जाते हैं और या तो हम घबराए हुए होते हैं कि इस सब्जेक्ट में इतने नंबर ना आ जाए इस सब्जेक्ट में इतने नंबर ना जाए इसलिए जब हमारी तैयारी हम पूरे प्रिपेयर हैं तो उसमें हमारे नरो सोने कोई सवाल ही नहीं उठता हम फुल कॉन्फिडेंस के साथ अपनी परीक्षा देंगे यह इसका सलूशन

pariksha dete samay nervous hone ka main karan hai ki hum puri tarah se fit nahi hote ya toh puri tarah se mari taiyari nahi hai prepare nahi hai isliye hum nervous ho jaate hain aur ya toh hum ghabraye hue hote hain ki is subject mein itne number na aa jaaye is subject mein itne number na jaaye isliye jab hamari taiyari hum poore prepare hain toh usme hamare naro sone koi sawaal hi nahi uthata hum full confidence ke saath apni pariksha denge yah iska salution

परीक्षा देते समय नर्वस होने का मेन कारण है कि हम पूरी तरह से फिट नहीं होते या तो पूरी तरह

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लिखित परीक्षा देते समय मैं नर्वस की होने तक यह आपकी बात नहीं है यह हरबती बातें जो यह सोचता है कि यार मैंने याद तो कर लिया है लेकिन एग्जाम कैसा होगा क्या यह क्वेश्चन आएंगे जो मैंने याद किया है क्या होगा कैसे होगा तो यह हर बच्चे जो सोचता है नर्वस हो जाता है तो उसी वजह से होता है तो नर्वस होने की कोई बात नहीं है कि कि आप पहले तो प्रेसमन रखे तब भी आप याद कीजिए पेपर देने से पहले कम से कम 1 दिन पहले कुछ ना पड़े अपने माइंड को रेस्ट दे और सिर्फ दिमाग में यह याद रखें कि मुझे अपना हंड्रेड परसेंट देना यह नहीं सोचना कि एग्जाम में आया हुआ है यह नहीं आया है तो आपको नर्वस फील नहीं हुआ

likhit pariksha dete samay main nervous ki hone tak yah aapki baat nahi hai yah harbati batein jo yah sochta hai ki yaar maine yaad toh kar liya hai lekin exam kaisa hoga kya yah question aayenge jo maine yaad kiya hai kya hoga kaise hoga toh yah har bacche jo sochta hai nervous ho jata hai toh usi wajah se hota hai toh nervous hone ki koi baat nahi hai ki ki aap pehle toh presaman rakhe tab bhi aap yaad kijiye paper dene se pehle kam se kam 1 din pehle kuch na pade apne mind ko rest de aur sirf dimag mein yah yaad rakhen ki mujhe apna hundred percent dena yah nahi sochna ki exam mein aaya hua hai yah nahi aaya hai toh aapko nervous feel nahi hua

लिखित परीक्षा देते समय मैं नर्वस की होने तक यह आपकी बात नहीं है यह हरबती बातें जो यह सोचता

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

परीक्षा देते समय नर्वस इसलिए हो जाता है क्योंकि आप परीक्षा के बारे में बहुत ज्यादा सोचते हैं क्योंकि कहा गया है कि ज्यादा सोचने से होने वाला काम भी जो है नहीं होता है इसलिए सूचना कम करें करना ज्यादा शुरू करें परीक्षा देते समय केवल परीक्षार्थी परीक्षा के बारे में न सोचे आपने अपनी तैयारी कर ली आपने अपना सारा बैरन तैयार कर लिया अब आपको से पेपर देना जो प्रश्न आया है उसका सवाल यहां उसका जवाब दीजिए और खुश हो जाइए कि आपने अपने प्रश्न का सबसे बेहतर उत्तर दिया बाकी सब कुछ जो है परीक्षा लेने वाले को या कॉपी चेक करने वाले को करने दीजिए क्योंकि सारे कम हम नहीं कर सकते हमारा काम केवल परीक्षा देने का है तो आप केवल परीक्षा दीजिए बाकी काम स्पर्श अनुचित हो जाइए

pariksha dete samay nervous isliye ho jata hai kyonki aap pariksha ke bare me bahut zyada sochte hain kyonki kaha gaya hai ki zyada sochne se hone vala kaam bhi jo hai nahi hota hai isliye soochna kam kare karna zyada shuru kare pariksha dete samay keval pariksharthi pariksha ke bare me na soche aapne apni taiyari kar li aapne apna saara barren taiyar kar liya ab aapko se paper dena jo prashna aaya hai uska sawaal yahan uska jawab dijiye aur khush ho jaiye ki aapne apne prashna ka sabse behtar uttar diya baki sab kuch jo hai pariksha lene waale ko ya copy check karne waale ko karne dijiye kyonki saare kam hum nahi kar sakte hamara kaam keval pariksha dene ka hai toh aap keval pariksha dijiye baki kaam sparsh anuchit ho jaiye

परीक्षा देते समय नर्वस इसलिए हो जाता है क्योंकि आप परीक्षा के बारे में बहुत ज्यादा सोचते ह

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परीक्षा के समय वह इंसान नर्वस होता है जो साल भर अपनी पढ़ाई पर ध्यान न देता है केवल परीक्षा की कुछ दिनों में ही पढ़ना चाहता है तो नर्वस था उसकी सफाई की क्योंकि उसका ध्यान अपनी असफलता की और पहले जानता है वह या नहीं सोचता है कि मैंने कुछ दिनों में क्या पढ़ा है वह सोचता है मैंने साल भर गवा दिया इसलिए वंडरवॉश रहता है अपने आपको नर्वस ना करते हुए साल भर अपनी पढ़ाई पर ध्यान दो तो आपको अंतिम समय में अत्याधिक अपने मस्तिष्क दबाव नहीं डालना पड़ेगा

pariksha ke samay vaah insaan nervous hota hai jo saal bhar apni padhai par dhyan na deta hai keval pariksha ki kuch dino me hi padhna chahta hai toh nervous tha uski safaai ki kyonki uska dhyan apni asafaltaa ki aur pehle jaanta hai vaah ya nahi sochta hai ki maine kuch dino me kya padha hai vaah sochta hai maine saal bhar gawa diya isliye vandaravash rehta hai apne aapko nervous na karte hue saal bhar apni padhai par dhyan do toh aapko antim samay me atyadhik apne mastishk dabaav nahi dalna padega

परीक्षा के समय वह इंसान नर्वस होता है जो साल भर अपनी पढ़ाई पर ध्यान न देता है केवल परीक्षा

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परीक्षा देते समय ज्यादातर विद्यार्थी इसलिए नर्वस हो जाते हैं कि उनके अंदर की जपले है जो उनके अंदर की भावनाएं होती है वह उस समय में सम्मिलित हो जाती है यानी उन भावनाओं को कंट्रोल में रख पाते हैं इसलिए और कॉन्फिडेंस भी लिखती हो जाता है

pariksha dete samay jyadatar vidyarthi isliye nervous ho jaate hain ki unke andar ki japale hai jo unke andar ki bhaavnaye hoti hai vaah us samay me sammilit ho jaati hai yani un bhavnao ko control me rakh paate hain isliye aur confidence bhi likhti ho jata hai

परीक्षा देते समय ज्यादातर विद्यार्थी इसलिए नर्वस हो जाते हैं कि उनके अंदर की जपले है जो उन

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क्योंकि लगता है कि हम पेपर कैसा देंगे अच्छा होगा कि नहीं होगा यह कंफ्यूजन में नहीं रहती है इसलिए हम नर्वस हो जा

kyonki lagta hai ki hum paper kaisa denge accha hoga ki nahi hoga yah confusion mein nahi rehti hai isliye hum nervous ho ja

क्योंकि लगता है कि हम पेपर कैसा देंगे अच्छा होगा कि नहीं होगा यह कंफ्यूजन में नहीं रहती है

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

परीक्षा देते समय देखे नर्वस नहीं होना चाहिए उसमें कोई नर्वस होने वाली बात नहीं होती है परीक्षा जो है वह हमारे करियर रिलेटेड होती है और हमें देनी है से होती है कि जो आप घर पर पढ़ कर गए परीक्षा के लिए बस उसको याद करें और परीक्षा देने तो उसमें नर्वस होने वाली कोई बात नहीं लेकिन जो होगा वह तो होकर ही रहेगा उसमें आपको इतना सोचने की जरूरत नहीं है तो इसलिए अपनी तरफ से पूरी मेहनत करें पूरी अंडर सेंटर से मेहनत करेंगे हंड्रेड परसेंट लेंगे तो आपको रिजल्ट वैसा ही मिलेगा जैसा आप चाहते हैं इसलिए मेहनत करना बहुत जरूरी है और बढ़िया मेहनत कर के एग्जाम दे तो अच्छे अच्छा रिजल्ट आपको मिलेगा

pariksha dete samay dekhe nervous nahi hona chahiye usme koi nervous hone wali baat nahi hoti hai pariksha jo hai vaah hamare career related hoti hai aur hamein deni hai se hoti hai ki jo aap ghar par padh kar gaye pariksha ke liye bus usko yaad kare aur pariksha dene toh usme nervous hone wali koi baat nahi lekin jo hoga vaah toh hokar hi rahega usme aapko itna sochne ki zarurat nahi hai toh isliye apni taraf se puri mehnat kare puri under center se mehnat karenge hundred percent lenge toh aapko result waisa hi milega jaisa aap chahte hain isliye mehnat karna bahut zaroori hai aur badhiya mehnat kar ke exam de toh acche accha result aapko milega

परीक्षा देते समय देखे नर्वस नहीं होना चाहिए उसमें कोई नर्वस होने वाली बात नहीं होती है परी

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