क्या सुप्रीम कोर्ट के पास धारा 370 पर लिए गए सरकार के फैसले को निरस्त करने का अधिकार है?...


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Ansh jalandra

Motivational speaker & criminal lawyer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखे सुप्रीम कोर्ट के पास क्या है यह फैसला सुप्रीम कोर्ट नहीं तो लिया है कोई भी चीज है वह अगर सकती है सरकार लागू कर दी है सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में आ जाती है कोई नया कानून बनाना कोई नया कानून हटाना सब कुछ यह सुप्रीम कोर्ट के अकॉर्डिंग टो थे सुप्रीम कोर्ट है वह गोमेंट कितनी रहती है ऐसे धागे स्पा जैसे तीन तलाक यह क्या लिखा है आपने धारा 370 आर्टिकल 370 अनुच्छेद है वह धारा कहां से हो जाएगी

dekhe supreme court ke paas kya hai yah faisla supreme court nahi toh liya hai koi bhi cheez hai vaah agar sakti hai sarkar laagu kar di hai sarkar ne supreme court me aa jaati hai koi naya kanoon banana koi naya kanoon hatana sab kuch yah supreme court ke according toe the supreme court hai vaah goment kitni rehti hai aise dhaage spa jaise teen talak yah kya likha hai aapne dhara 370 article 370 anuched hai vaah dhara kaha se ho jayegi

देखे सुप्रीम कोर्ट के पास क्या है यह फैसला सुप्रीम कोर्ट नहीं तो लिया है कोई भी चीज है वह

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

यह आपका क्वेश्चन है क्या सुप्रीम कोर्ट के बाद धारा 370 पर लिया गया सरकार के फैसले को निरस्त करने का अधिकार है तो देखिए सरकार कोई भी सरकार होती है सरकार में जो उनके सांसद हुसैन वह कानून बनाते हैं और उन कानून को सरकार लगाती तो कोर्ट का कार्य होता है कार्यपालिका को टर्न कानून को बनाए गए कानून का पालन करवाती है तो सुप्रीम कोर्ट क्या है बस जो कानून सरकार बनाती है उसको लागू करवा सकती है तो सुप्रीम कोर्ट कानून को निरस्त नहीं कर सकती वह किसी भी प्रकार के कानून को नहीं करती हां ऐसे कानून जो जनता के मौलिक अधिकारों पर फर्क पड़ता पड़ता हो तो उस कानून में जरूर और फटकार लगा सकती है उसको संशोधन करवा सकती है धन्यवाद

yah aapka question hai kya supreme court ke baad dhara 370 par liya gaya sarkar ke faisle ko nirast karne ka adhikaar hai toh dekhiye sarkar koi bhi sarkar hoti hai sarkar me jo unke saansad hussain vaah kanoon banate hain aur un kanoon ko sarkar lagati toh court ka karya hota hai karyapalika ko turn kanoon ko banaye gaye kanoon ka palan karwati hai toh supreme court kya hai bus jo kanoon sarkar banati hai usko laagu karva sakti hai toh supreme court kanoon ko nirast nahi kar sakti vaah kisi bhi prakar ke kanoon ko nahi karti haan aise kanoon jo janta ke maulik adhikaaro par fark padta padta ho toh us kanoon me zaroor aur fatkar laga sakti hai usko sanshodhan karva sakti hai dhanyavad

यह आपका क्वेश्चन है क्या सुप्रीम कोर्ट के बाद धारा 370 पर लिया गया सरकार के फैसले को निरस्

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जसवन्त कटारिया

वकील, कानूनी सलाहकार

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

लेकिन मेरे हिसाब से सुप्रीम कोर्ट के पास यह अधिकार नहीं है क्योंकि सरकार से कानून बनाकर कार्य करती है और संविधान के अनुसार कार्य करती है उन्हें सुप्रीम कोर्ट नहीं बदल सकता सुप्रीम कोर्ट संविधान के दायरे में ही काम करता है उसे बाहर नहीं

lekin mere hisab se supreme court ke paas yah adhikaar nahi hai kyonki sarkar se kanoon banakar karya karti hai aur samvidhan ke anusaar karya karti hai unhe supreme court nahi badal sakta supreme court samvidhan ke daayre me hi kaam karta hai use bahar nahi

लेकिन मेरे हिसाब से सुप्रीम कोर्ट के पास यह अधिकार नहीं है क्योंकि सरकार से कानून बनाकर का

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Abhay Pratap

Advocate | Social Welfare Activist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सुप्रीम कोर्ट के पास धारा 370 पर लिए गए फैसले को निरस्त करने का अधिकार नहीं है सुप्रीम कोर्ट सरकार की एक इकाई है सरकार नहीं और फैसले राष्ट्रगीत में जब लिए जाते हैं तो सुप्रीम कोर्ट उसकी गरिमा को बनाए रखता है और यह तस्वीर व्यक्ति के द्वारा पूछे जाने जैसा प्रश्न है मैं कि यह राष्ट्रीय प्रश्न होना चाहिए सुप्रीम कोर्ट की काई राष्ट्र में घटित हर घटना को सूक्ष्मता से अमित करती हैं अतः उन्हें जो करना होता है उसके लिए उनका सहयोग सरकार को प्राप्त होता रहता है परंतु फिर भी निरस्त करने का अधिकार नहीं है

supreme court ke paas dhara 370 par liye gaye faisle ko nirast karne ka adhikaar nahi hai supreme court sarkar ki ek ikai hai sarkar nahi aur faisle rashtrageet me jab liye jaate hain toh supreme court uski garima ko banaye rakhta hai aur yah tasveer vyakti ke dwara pooche jaane jaisa prashna hai main ki yah rashtriya prashna hona chahiye supreme court ki kai rashtra me ghatit har ghatna ko sukshmata se amit karti hain atah unhe jo karna hota hai uske liye unka sahyog sarkar ko prapt hota rehta hai parantu phir bhi nirast karne ka adhikaar nahi hai

सुप्रीम कोर्ट के पास धारा 370 पर लिए गए फैसले को निरस्त करने का अधिकार नहीं है सुप्रीम कोर

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

रिकी ट्रैफिकिंग ह्यूमन ट्रैफिकिंग इन इलीगल विद एवरी पॉसिबल लीग और धारा 370 पर लिए गए सरकार के फैसले को निरस्त नहीं कर सकती कोर्ट इस कॉमेंट कर सकती है सुप्रीम कोर्ट इसमें तब्दीलियां कर सकती है कल कुछ गलतियां लगती है तो नीरज भी कर सकती है ऐसा नहीं है सुप्रीम कोर्ट है जल्दी अथॉरिटी लेकिन एक्ट अगेंस्ट एफ थिंग्स आर रॉन्ग

riki trafficking human trafficking in illegal with every possible league aur dhara 370 par liye gaye sarkar ke faisle ko nirast nahi kar sakti court is comment kar sakti hai supreme court isme tabdiliyan kar sakti hai kal kuch galtiya lagti hai toh Neeraj bhi kar sakti hai aisa nahi hai supreme court hai jaldi authority lekin act against f things R wrong

रिकी ट्रैफिकिंग ह्यूमन ट्रैफिकिंग इन इलीगल विद एवरी पॉसिबल लीग और धारा 370 पर लिए गए सरकार

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Ram kumar

Advocate High Court Allahabad

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Mehmood Alum

Law Student

1:34

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए पहली बात तो यह है कि यह धारा 370 नहीं बल्कि अनुच्छेद 370 धारा शब्द कानून में पाया जाता है जबकि अनुच्छेद शब्द हमारे संविधान में पाया जाता है जो यह फैसला जम्मू कश्मीर के बारे में यूनियन टेरिटरी बनाने के बारे में जो फैसला लिया गया है वह अनुच्छेद 370 को निरस्त कर के लिया गया है तो बात अनुच्छेद 370 की है और रही बात कि सुप्रीम कोर्ट को अनुच्छेद 370 पर सरकार के फैसले को निरस्त करने का अधिकार है या नहीं तो पहली बात यह है कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 13 में यह स्पष्ट तौर पर बता दिया गया है कि सुप्रीम कोर्ट को केवल सामान्य कानून के बारे में ही न्यायिक पुनर्विलोकन यानी ज्यूडिशल रिव्यू का अधिकार होगा और संवैधानिक संशोधन वैधानिक बंधु के बारे में सुप्रीम कोर्ट को उसके उपचार के बारे में कोई अधिकार नहीं दिया गया है लेकिन फिर भी ऐसे बहुत से मामले सामने आए हैं जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने संवैधानिक संशोधनों और संवैधानिक उपबंध के बारे में विचार किया है और पांच सिचुएशनल बेंच बैठाई है तो कहा जा सकता है कि अनुच्छेद 370 के बारे में भी सुप्रीम कोर्ट विचार कर सकती है जब किसी मामले में कोई संवैधानिक हित का मामला निहित होता है तो उसके लिए संवैधानिक पीठ का गठन किया जाता है इंग्लिश में इसे कांस्टीट्यूशनल बेंच कहते हैं या 5 या उससे अधिक जजों की बेंच होती है और इसके द्वारा लिए गए फैसले लंबे समय तक और संवैधानिक तौर पर प्रभाव प्रभावी होते हैं

dekhiye pehli baat toh yah hai ki yah dhara 370 nahi balki anuched 370 dhara shabd kanoon mein paya jata hai jabki anuched shabd hamare samvidhan mein paya jata hai jo yah faisla jammu kashmir ke bare mein union Territory banane ke bare mein jo faisla liya gaya hai vaah anuched 370 ko nirast kar ke liya gaya hai toh baat anuched 370 ki hai aur rahi baat ki supreme court ko anuched 370 par sarkar ke faisle ko nirast karne ka adhikaar hai ya nahi toh pehli baat yah hai ki bharatiya samvidhan ke anuched 13 mein yah spasht taur par bata diya gaya hai ki supreme court ko keval samanya kanoon ke bare mein hi nyayik punarvilokan yani judicial review ka adhikaar hoga aur samvaidhanik sanshodhan vaidhyanik bandhu ke bare mein supreme court ko uske upchaar ke bare mein koi adhikaar nahi diya gaya hai lekin phir bhi aise bahut se mamle saamne aaye hai jisme supreme court ne samvaidhanik sanshodhano aur samvaidhanik upabandh ke bare mein vichar kiya hai aur paanch situational bench baithaai hai toh kaha ja sakta hai ki anuched 370 ke bare mein bhi supreme court vichar kar sakti hai jab kisi mamle mein koi samvaidhanik hit ka maamla nihit hota hai toh uske liye samvaidhanik peeth ka gathan kiya jata hai english mein ise kanstityushanal bench kehte hai ya 5 ya usse adhik judgon ki bench hoti hai aur iske dwara liye gaye faisle lambe samay tak aur samvaidhanik taur par prabhav prabhavi hote hain

देखिए पहली बात तो यह है कि यह धारा 370 नहीं बल्कि अनुच्छेद 370 धारा शब्द कानून में पाया जा

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Er Jaisingh

Mathematics Solution, 1:00PM TO 2:00PM

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

कानून बनाने का अधिकार सुप्रीम कोर्ट को नहीं होता है सुप्रीम कोर्ट को सिर्फ फॉलो करने का अधिकार होता है

kanoon banane ka adhikaar supreme court ko nahi hota hai supreme court ko sirf follow karne ka adhikaar hota hai

कानून बनाने का अधिकार सुप्रीम कोर्ट को नहीं होता है सुप्रीम कोर्ट को सिर्फ फॉलो करने का अध

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

लोकसभा और राज्यसभा में राष्ट्रपति द्वारा जो साइन किए गए होते हैं उसके बाद पारित कर दिया जाता है सुप्रीम कोर्ट के कुछ नहीं कर सकती हो काफी ज्यादा कॉम्प्लिकेटेड के लिए राज्यसभा और लोकसभा में बिल पास कर दिया गया क्या

lok sabha aur rajya sabha mein rashtrapati dwara jo sign kiye gaye hote hain uske baad paarit kar diya jata hai supreme court ke kuch nahi kar sakti ho kaafi zyada complicated ke liye rajya sabha aur lok sabha mein bill paas kar diya gaya kya

लोकसभा और राज्यसभा में राष्ट्रपति द्वारा जो साइन किए गए होते हैं उसके बाद पारित कर दिया जा

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