आर्थिक नियोजन क्या है?...


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Raghuveer Singh

👤Teacher & Advisor🙏

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आपका प्रश्न है आर्थिक नियोजन क्या था देखे आर्थिक नियोजन का मतलब है कि धन का सही सदुपयोग करना धन के जो योजनाएं हमके पर विचार विमर्श करना है किस प्रकार से हैं ज्यादा हो और खर्चा है वह कम है किस प्रकार से हैं लोगों को तकिए पैसा पहुंच सके हैं व्यवस्था प्रबंधन टैक्स कैसे लिया जा सकता है उसका उचित प्रबंधन कैसे किया जा सकता है धन संबंधी जितने भी व्यवस्थाएं हैं उन सब को आर्थिक नियोजन कहेंगे

aapka prashna hai aarthik niyojan kya tha dekhe aarthik niyojan ka matlab hai ki dhan ka sahi sadupyog karna dhan ke jo yojanaye hamake par vichar vimarsh karna hai kis prakar se hai zyada ho aur kharcha hai vaah kam hai kis prakar se hai logo ko takiye paisa pohch sake hai vyavastha prabandhan tax kaise liya ja sakta hai uska uchit prabandhan kaise kiya ja sakta hai dhan sambandhi jitne bhi vyavasthaen hai un sab ko aarthik niyojan kahenge

आपका प्रश्न है आर्थिक नियोजन क्या था देखे आर्थिक नियोजन का मतलब है कि धन का सही सदुपयोग कर

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कमलेश कुमार पांचाल

शिक्षक और सलाहकार

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आर्थिक नियोजन का मुख्य लक्ष्य भारत में प्रति व्यक्ति आय की जो आसमान व्यवस्था है असमान वितरण है इसका इसको कम से कम करना

aarthik niyojan ka mukhya lakshya bharat mein prati vyakti aay ki jo aasman vyavastha hai asamaan vitaran hai iska isko kam se kam karna

आर्थिक नियोजन का मुख्य लक्ष्य भारत में प्रति व्यक्ति आय की जो आसमान व्यवस्था है असमान वितर

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Kunjansinh Rajput

Aspiring Journalist

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देखिए आर्थिक नियोजन जो है वह आर्थिक गतिविधियों का समय है या फिर हम कह सकते कोआर्डिनेशन ऑफ़ इकनोमिक एक्टिविटीज है जिससे नियंत्रण के अंतर्गत संचालित करने की पद्धति जो है वह आर्थिक नियोजन खाई जाती है सिर्फ यही नहीं बाजार आधारित आर्थिक पद्धति जो है वह जो कि मार्केट विश्व में कितने जन कहते हैं इसके आधार पर बाजार आधारित प्रणाली में प्रचार को ही अर्थव्यवस्थाओं का नियंत्रण माना जाता है और आर्थिक नियोजन जैसे कोई प्रत्येक व्यवस्था जो है नहीं की जाती है तो यह आर्थिक नियोजन है

dekhiye aarthik niyojan jo hai vaah aarthik gatividhiyon ka samay hai ya phir hum keh sakte coordination of economic activities hai jisse niyantran ke antargat sanchalit karne ki paddhatee jo hai vaah aarthik niyojan khai jaati hai sirf yahi nahi BA zaar aadharit aarthik paddhatee jo hai vaah jo ki market vishwa mein kitne jan kehte hai iske aadhaar par BA zaar aadharit pranali mein prachar ko hi arthavyavasthaon ka niyantran mana jata hai aur aarthik niyojan jaise koi pratyek vyavastha jo hai nahi ki jaati hai toh yah aarthik niyojan hai

देखिए आर्थिक नियोजन जो है वह आर्थिक गतिविधियों का समय है या फिर हम कह सकते कोआर्डिनेशन ऑफ़

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Bhaskar Saurabh

Politics Follower | Engineer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आर्थिक नियोजन का मुख्य उद्देश्य यह है कि जो भी संसाधन उपलब्ध हैं उन्हें विकास के लिए खर्च करना तो इसमें सबसे पहले हमें अपनी प्राथमिकताओं के बारे में सोचना पड़ता है कि हमारी प्राथमिकताएं क्या है और उन प्राथमिकताओं के आधार पर ही अपने संसाधनों को आवंटित करना है कि हमें किस चीज के लिए कितने पैसे खर्च करने हैं या फिर कौन सी चीजों को वह करना है ताकि जो भी हमने विकास का लक्ष्य निर्धारित किया है उसे पाया जा सके आर्थिक नियोजन अगर भारत के संदर्भ में बात की जाए तो आर्थिक नियोजन का प्रारंभिक प्रयास 1934 में एम विश्वेश्वरैया जी ने अपनी पुस्तक जिसका नाम था प्लांट इकोनॉमी फॉर इंडिया इस किताब में की थी इस किताब में उन्होंने राष्ट्रीय आय को दोगुना करने तथा औद्योगिक उत्पादन में वृद्धि के लिए 10 वर्षीय योजना प्रस्तुत की थी तो हमारे देश में भी इस तरह की जो बजट आता है इसमें सारी चीजें आवंटित की जाती हैं कि किस सेक्टर में कितने पैसे लगाने हैं ताकि जो भी निर्धारित लक्ष्य है उसे पाया जा सके तो अगर सारी चीजें प्लांट इकोनॉमी के तरह से चलती रही तो जो भी हमने लक्ष्य तय किए हैं उसे आराम से पा सकते हैं अगर हम अपने घर की बात करें तो इसमें भी हमारे जो भी सैलरी आती है जितने पैसे इनकम है हमारी उसे हम अलग-अलग चीजों में डिवाइड करते हैं ताकि पूरा महीना आराम से चल सके और फ्यूचर के लिए भी कुछ सेविंग हो जाए तो अगर आप प्लानिंग करके खर्च करते हैं सारी चीजों को ताकि आपका डेवलपमेंट हो सके तो इसे ही आर्थिक नियोजन कहा जाता है

aarthik niyojan ka mukhya uddeshya yah hai ki jo bhi sansadhan uplabdh hai unhe vikas ke liye kharch karna toh isme sabse pehle hamein apni prathamiktaon ke BA re mein sochna padta hai ki hamari prathamiktaen kya hai aur un prathamiktaon ke aadhaar par hi apne sansadhano ko avantit karna hai ki hamein kis cheez ke liye kitne paise kharch karne hai ya phir kaun si chijon ko vaah karna hai taki jo bhi humne vikas ka lakshya nirdharit kiya hai use paya ja sake aarthik niyojan agar bharat ke sandarbh mein BA at ki jaaye toh aarthik niyojan ka prarambhik prayas 1934 mein M visvesharaya ji ne apni pustak jiska naam tha plant economy for india is kitab mein ki thi is kitab mein unhone rashtriya aay ko doguna karne tatha audyogik utpadan mein vriddhi ke liye 10 varshiye yojana prastut ki thi toh hamare desh mein bhi is tarah ki jo budget aata hai isme saree cheezen avantit ki jaati hai ki kis sector mein kitne paise lagane hai taki jo bhi nirdharit lakshya hai use paya ja sake toh agar saree cheezen plant economy ke tarah se chalti rahi toh jo bhi humne lakshya tay kiye hai use aaram se paa sakte hai agar hum apne ghar ki BA at kare toh isme bhi hamare jo bhi salary aati hai jitne paise income hai hamari use hum alag alag chijon mein divide karte hai taki pura mahina aaram se chal sake aur future ke liye bhi kuch saving ho jaaye toh agar aap planning karke kharch karte hai saree chijon ko taki aapka development ho sake toh ise hi aarthik niyojan kaha jata hai

आर्थिक नियोजन का मुख्य उद्देश्य यह है कि जो भी संसाधन उपलब्ध हैं उन्हें विकास के लिए खर्च

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