सुप्रीम कोर्ट और उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों को 200% वेतन वृद्धि मिलेगी! क्या यह बहुत अधिक वृद्धि है? क्या इस पैसे का उपयोग ग़रीबी हटाने के लिए नहीं हो सकता?...


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Ansh jalandra

Motivational speaker

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Awdhesh Singh

Director AwdheshAcademy.com

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मैं समझता हूं कि इस देश में लोगों को ज्ञान की बड़ी कमी है और अज्ञानी लोग ऐसी ही बात करते हैं कि इसमें जो सुप्रीम कोर्ट और उच्च न्यायालय के जो न्यायाधीशों में दो सौ पर्सेंट की वेतन वृद्धि हुई है एक्चुअली ये वेतन वृद्धि मुश्किल से 15 से 20 परसेंट है क्योंकि उनको जो है जो उनको बेसिक सैलरी थी वह बेसिक सैलरी पहले ही उसके ऊपर DA लग करके उनको मिलता था और DA का रेट जो है वह सौ परसेंट से ज्यादा था| तो यह जो है इस तरीके की जो मैं समझता हूं अज्ञानी वाली जो बातें होती हैं इस तरीके की बातें लोगों को शोभा नहीं देती और उनको समझना चाहिए कि सुप्रीम कोर्ट और जो हाईकोर्ट उनके लोगों की, जो जजस है उनकी जो वृद्धि हुई है वो बहुत ही कम है| मैं समझता हूं कि मैक्सिमम से मैक्सिमम 15 से 20 परसेंट है और 200 परसेंट नहीं है| जिस तरीके की गलतफहमी लोगों को फैलाई जा रही है|

main samajhata hoon ki is desh mein logo chahiye ko gyaan ki badi kami hai aur agyaani log aisi hi baat karte hain ki isme jo supreme court aur uccha chahiye nyayalaya ke jo nyayadhisho mein do sau percent ki vetan vriddhi hui hai actually ye vetan vriddhi mushkil se 15 se 20 percent hai kyonki unko jo hai jo unko basic salary thi wah basic salary pehle hi uske upar DA lag karke unko milta tha aur DA ka rate jo hai wah sau percent se jyada tha to yeh jo hai is tarike ki jo main samajhata hoon agyaani wali jo batein hoti hain is tarike ki batein logo chahiye ko shobha nahi deti aur unko samajhna chahiye ki supreme court aur jo highcourt unke logo chahiye ki jo jajas hai unki jo vriddhi hui hai vo bahut hi kum hai samajhata hoon ki maximum se maximum 15 se 20 percent hai aur 200 percent nahi hai jis tarike ki galatfahamee logo chahiye ko failai ja rahi hai

मैं समझता हूं कि इस देश में लोगों को ज्ञान की बड़ी कमी है और अज्ञानी लोग ऐसी ही बात करते ह

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Chandraprakash Joshi

Ex-AGM RBI & CEO@ixamBee.com

1:36
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिये भले ही हमें ऐसा लगा जो डाटा देखा परसेंटेज टर्म्स में जो न्यायाधीशों की सैलरी है वह दो सौ प्रतिशत बढ़ा दी गई है लेकिन अगर आप अभी भी देखें उनकी जो सैलरी है न्यायाधीशों की प्रति माह सैलरी वो दो लाख ढाई लाख रुपया ही की गई है जो इतना भी बड़ा अमाउंट नहीं है| देखिये ढाई लाख तीन लाख रुपया मिलना और जब आप कैरियर के इस मुकाम पर हो कि आप उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय में न्यायाधीश हैं आप की उम्र 50 साल से ऊपर है तो कुछ ज्यादा नहीं है अगर आप देखेंगे तो प्राइवेट में 20 30 लाख रुपए का पैकेज 5- 6 साल काम करने वालों को भी आज की डेट में मिल रहा है| और शहरों में रहते हुए इतने खर्चे हैं, इन लोगों को भी अपने बच्चों को अच्छी जगह पढाना है और भी कई बार जरूरत पड़ने पर उनका हॉस्पिटल में इलाज भी कराना है| और उसके अलावा भी बहुत सारे खर्चे होते हैं, खासकर शहरों की लाइफ में तो जब हम यह उम्मीद करते हैं कि हमारे सीनियर ऑफिसर करप्शन ना करें तो हम को उनको सही एडिकुएट सैलरी तो देनी ही चाहिए| बल्कि मैं सोचता हूं ऐसे पदों पर तो अगर लोगों को एक करोड़ भी साल की सैलरी मिलती है तो शायद ज्यादा नहीं है क्योंकि यह बहुत सम्मानित पद हैं और उनको उसी तरीके के लाइफस्टाइल भी मेंटेन करना होता है| और उसके अलावा उनको और भी बहुत सारे खर्चे हैं अगर हम उनको करोडो रुपए की सैलरी देकर देश में करप्शन रोक ले, क्योंकि न्यायपालिका में भी बहुत सारी प्रॉब्लमस है जो जगह जगह हाई लाईट होती हैं तो यह हमारे लिए बहुत बड़ी उपलब्धि होगी|

dekhiye bhale hi hamein aisa laga jo data dekha percentage terms mein jo nyaydhisho ki salary hai vaah do sau pratishat badha di gayi hai lekin agar aap abhi bhi dekhen unki jo salary hai nyaydhisho ki prati mah salary vo do lakh dhai lakh rupya hi ki gayi hai jo itna bhi bada amount nahi hai dekhiye dhai lakh teen lakh rupya milna aur jab aap carrier ke is mukam par ho ki aap ucchatam nyayalaya aur ucch nyayalaya mein nyayadhish hain aap ki umr 50 saal se upar hai toh kuch zyada nahi hai agar aap dekhenge toh private mein 20 30 lakh rupaye ka package 5 6 saal kaam karne walon ko bhi aaj ki date mein mil raha hai aur shaharon mein rehte hue itne kharche hain in logo ko bhi apne baccho ko achi jagah padhana hai aur bhi kai baar zarurat padane par unka hospital mein ilaj bhi krana hai aur uske alava bhi bahut saare kharche hote hain khaskar shaharon ki life mein toh jab hum yah ummid karte hain ki hamare senior officer corruption na kare toh hum ko unko sahi edikuet salary toh deni hi chahiye balki main sochta hoon aise padon par toh agar logo ko ek crore bhi saal ki salary milti hai toh shayad zyada nahi hai kyonki yah bahut sammanit pad hain aur unko usi tarike ke lifestyle bhi maintain karna hota hai aur uske alava unko aur bhi bahut saare kharche hain agar hum unko corodo rupaye ki salary dekar desh mein corruption rok le kyonki nyaypalika mein bhi bahut saree prablamas hai jo jagah jagah high lait hoti hain toh yah hamare liye bahut badi upalabdhi hogi

देखिये भले ही हमें ऐसा लगा जो डाटा देखा परसेंटेज टर्म्स में जो न्यायाधीशों की सैलरी है वह

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MD HAROON

Teacher

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

दोस्तों आपके द्वारा पूछा गया सवाल है सुप्रीम कोर्ट और उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों को 200% वेतन वृद्धि मिलेगी क्या यह बहुत अधिक मिलती है क्या इस पैसे का उपयोग गरीबी हटाने के लिए नहीं हो सकता जी बिल्कुल अगर देखा जाए तो बहुत ही ज्यादा व्यक्ति है और सरकारी कर्मचारियों की वृद्धि होती है तो 4 परसेंट पांच परसेंट हजार दस परसेंट 15 परसेंट लेकिन इस तरह से दो सौ पर्सेंट बेदी करना यह बहुत ही ज्यादा होता है अगर भारत सरकार चाहे तो कम विधि करके इस पैसा को गरीबी हटाने के उपयोग में ला सकती है

doston aapke dwara poocha gaya sawaal hai supreme court aur ucch nyayalaya ke nyaydhisho ko 200 vetan vriddhi milegi kya yah bahut adhik milti hai kya is paise ka upyog garibi hatane ke liye nahi ho sakta ji bilkul agar dekha jaaye toh bahut hi zyada vyakti hai aur sarkari karmachariyon ki vriddhi hoti hai toh 4 percent paanch percent hazaar das percent 15 percent lekin is tarah se do sau percent bedi karna yah bahut hi zyada hota hai agar bharat sarkar chahen toh kam vidhi karke is paisa ko garibi hatane ke upyog me la sakti hai

दोस्तों आपके द्वारा पूछा गया सवाल है सुप्रीम कोर्ट और उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों को 200%

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Pragati

Aspiring Lawyer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जी हां यह बात तो सही है कि सुप्रीम कोर्ट और उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों को 200 परसेंट की वेतन वृद्धि मिलती है लेकिन मेरे हिसाब से जो आप कह रहे हैं कि यह प्रतीत होता था अधिक है और इस पैसे का उपयोग गरीबी हटाने के लिए किया जा सकता है तो मैं आपको बताना चाहूंगी जो उच्चतम न्यायालय होते हैं उसमें बहुत सारे केसेस आते है हमारे पूरे देश से और जो हमारे लोयर्स होते हैं, जो हमारे जजस होते हैं उनको पूरे पूरे दिन पूरी पूरी रात और काफी ज्यादा समय तक अपने वर्ककिग ऑवर से ज्यादा समय तक काम करना पड़ता है| हमारे देश की न्यायपालिका को चलाने के लिए और उनके कंधों पर इतना ज्यादा भार होता है जिसको उनको उठाने के लिए अगर 200 प्रतिशत वेतन नदी मिल भी रही है, तो यह बहुत ही सही है उनके लिए| उसके अलावा और जो एक न्यायपालिका होती है, एक न्यायाधीश होते हैं, उनकी जो एक जॉब होती है वह बहुत ही उच्चतम होती हमारे देश में और बहुत ही रिस्पेक्टेड होती है| तो अगर हम एक न्यायपालिका को एक वृद्धि नहीं दे सकते इतनी ज्यादा तो फिर उनकी जो जॉब है वह कहीं ना कहीं खतरे में भी आ सकती है| जैसे कि अगर उन लोगों के पास खुद के लिए खुद की लाइफ स्टाइल मेंटेन करने के लिए या फिर जितना वह काम कर रहे हैं, उतना उनको वेतन नहीं मिलेगा तो हो सकता है कि जब वह जजमेंट दे| तो वह जज मेंट में और किसी से पैसे ले सकते हैं, घूसखोरी कर सकते, करप्शन हो सकता है जो कि आगे चलकर उनके जजमेंट को उनके वर्डिक्ट को इफ़ेक्ट करेगा और जो वह जजमेंट देंगे वह जजमेंट हो सकता है उस पार्टी के पैसे देने की वजह से या करप्शन की वजह से हो तो जो की बहुत ही गलत बात होगी| तो यह हमारे देश में प्रावधान है कि जो न्यायाधीश है उनका वेतन बढ़ा दिया जाता है 200 प्रतिशत ताकि जो भी वह जजमेंट थे वह किसी भी तरह की चीज से अफेक्ट ना हो और वह जो जजमेंट दे रहे हो बिल्कुल सही होने पालिका के हिसाब से और जो आप गरीबों की बात कर रहे हैं तो उसके लिए बहुत ही अलग योजनाएं|

ji haan yeh baat to sahi hai ki supreme court aur uccha chahiye nyayalaya ke nyayadhisho ko 200 percent ki vetan vriddhi milti hai lekin mere hisab se jo aap keh rahe hain ki yeh pratit hota tha adhik hai aur is paise ka upyog garibi hatane ke liye kiya ja sakta hai to main aapko batana chahungi jo ucchatam nyayalaya hote hain usamen chahiye bahut sare cases aate hai hamare poore desh se aur jo hamare lawyers hote hain jo hamare jajas hote hain unko poore poore din puri puri raat aur kaafi jyada samay tak apne varkakig over se jyada samay tak kaam karna padata hai hamare desh ki nyaypalika ko chalane ke liye aur unke kandhon par itna jyada bhar hota hai jisko unko uthane ke liye agar 200 pratishat vetan nadi mil bhi rahi hai to yeh bahut hi sahi hai unke liye uske alava aur jo ek nyaypalika hoti hai ek nyayadhish hote hain unki jo ek job hoti hai wah bahut hi ucchatam hoti hamare desh mein aur bahut hi respected hoti hai to agar hum ek nyaypalika ko ek vriddhi nahi de sakte itni jyada to phir unki jo job hai wah kahin na kahin khatre mein bhi aa sakti hai jaise ki agar un logo chahiye ke paas khud ke liye khud ki life style maintain karne ke liye ya phir jitna wah kaam kar rahe hain utana chahiye unko vetan nahi milega to ho sakta hai ki jab wah judgement de to wah judge ment mein aur kisi se paise le sakte hain ghuskhori kar sakte corruption ho sakta hai jo ki aage chalkar unke judgement ko unke verdict ko effect karega aur jo wah judgement denge wah judgement ho sakta hai us party ke paise dene ki wajah se ya corruption ki wajah se ho to jo ki bahut hi galat baat hogi to yeh hamare desh mein pravadhan hai ki jo nyayadhish hai unka vetan badha diya jata hai 200 pratishat taki jo bhi wah judgement the wah kisi bhi tarah ki cheez se affect na ho aur wah jo judgement de rahe ho bilkul sahi hone palika ke hisab se aur jo aap garibon ki baat kar rahe hain to uske liye bahut hi alag yojanaye

जी हां यह बात तो सही है कि सुप्रीम कोर्ट और उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों को 200 परसेंट की

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