एक मुस्लिम महिला के खिलाफ फ़तवा जारी किया गया, जो पुरुषों को फुटबॉल में खेलते हुए (घुटने नहीं ढके होते) देखते हैं, क्योंकि यह इस्लाम के सिद्धांतों का उल्लंघन करता है! यह कैसे हो सकता है?...


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Ishita Seth

Obstinate Programmer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए अभी न्यूज़ आई थी कि एक मुस्लिम महिला के खिलाफ फतवा जारी कर दिया गया है जो कि पुरुषों के फुटबॉल में खेलते हुए देखती हैं क्योंकि उनके जो फुटबॉल वास्तुपुरुष खेलते हैं उनके घुटने लिखते हैं और यह न्यूज़ आई थी कि यह इस्लाम के सिद्धांतों का उल्लंघन है वह औरत कोई भी एक मुस्लिम महिला किसी पुरुष के घुटने नहीं देख सकती ऐसे कमला फुटबॉल खेलते हुए थे हिंदू है आफ्टर मिलाकर एक लड़की है उसे फुटबॉल देखने का सॉन्ग है तो और उसमें अगर उन्होंने फुटबॉल खेलते हुए फूलों के घुटने देख ले तो उसे इतनी बड़ी बात क्या हो गई है इस्लाम के सिद्धांत बीच में कहां से आ जाते हैं यह बिल्कुल फालतू की न्यूज़ थी एक यह जो फतवा जारी किया गया था बिल्कुल फालतू का फतवा था इसमें इतनी बड़ी बात नहीं है कि आप किसी भी बात पर छोटी मोटी बात है जो है मुझे मुस्लिम लोग हैं वह सदाचारी कर देते हैं की पब्लिसिटी चाहिए थी और इसी पब्लिसिटी को पाने के लिए ही फ्रेम और थोड़ा नाम हो जाए इसी नाम को पाने के लिए उन्होंने फतवा जारी कर दिया था जो कि एक भेजो कि मुझे पर्सनली बिल्कुल ही गलत लगा था क्योंकि यह एक बहुत ही छोटी सी बात है आम सेंचुरी में जो हम कनिका सेंचुरी में रह रहे हैं अगर आप इतनी ज्यादा मॉडल हो कर भी हमें छोटी-छोटी बातों पर फतवा जारी करेंगे वह श्रमिक पब्लिसिटी पाने के लिए तो वह बहुत ही ज्यादा गलत है

dekhiye abhi news I thi ki ek muslim mahila ke khilaf fatwa jaari kar diya gaya hai jo ki purushon ke football mein khelte hue dekhti hain kyonki unke jo football vastupurush khelte hain unke ghutne likhte hain aur yah news I thi ki yah islam ke siddhanto ka ullanghan hai vaah aurat koi bhi ek muslim mahila kisi purush ke ghutne nahi dekh sakti aise kamla football khelte hue the hindu hai after milakar ek ladki hai use football dekhne ka song hai toh aur usme agar unhone football khelte hue fulo ke ghutne dekh le toh use itni badi baat kya ho gayi hai islam ke siddhant beech mein kahaan se aa jaate hain yah bilkul faltu ki news thi ek yah jo fatwa jaari kiya gaya tha bilkul faltu ka fatwa tha isme itni badi baat nahi hai ki aap kisi bhi baat par choti moti baat hai jo hai mujhe muslim log hain vaah sadachari kar dete hain ki publicity chahiye thi aur isi publicity ko paane ke liye hi frame aur thoda naam ho jaaye isi naam ko paane ke liye unhone fatwa jaari kar diya tha jo ki ek bhejo ki mujhe personally bilkul hi galat laga tha kyonki yah ek bahut hi choti si baat hai aam century mein jo hum kanika century mein reh rahe hain agar aap itni zyada model ho kar bhi hamein choti choti baaton par fatwa jaari karenge vaah shramik publicity paane ke liye toh vaah bahut hi zyada galat hai

देखिए अभी न्यूज़ आई थी कि एक मुस्लिम महिला के खिलाफ फतवा जारी कर दिया गया है जो कि पुरुषों

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Swati

सुनो ..सुनाओ..सीखो!

1:51
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

गांधी जी एक सीनियर ग्राफिक ने इस्लामिक सेमिनरी के नोट्स इन इंडिया में एक फतवा रिलीज किया एक मुस्लिम महिला के खिलाफ जो फुटबॉल मैच देख रही थी जिस पथ वाक्य कोडिंग जो निकाला गया है महिला के खिलाफ उसमें यह बोला गया कि महिलाएं जो है वह पुरूषों के लड़ाई यानी कि हर झूठा की हुई नहीं होंगी वह था इसको जागो को देखकर डिस्ट्रिक्ट होंगे उन्होंने यह तो बोला कि वह मतलब घुटनों तक के कपड़े 200 पदों के कपड़े होते हैं तो उन्हें देखकर महिलाएं डिस्ट्रिक्ट होंगी और यह उल्लंघन होगा इस्लाम धर्म के जो भी मोड़ हाल है उन सबका उन्होंने यहां तक बोला कि वह महिलाएं सिर्फ मैच में यही देखने के लिए आएंगे और 19 को उसको क्या चल रही है अभी मालूम नहीं होगा और बहुत ही मुझे लगता है गलत बात है पहली बात तो महिलाएं देखने के लिए आ रही है गेम वह उनकी अपनी पर्सनल सोच है और अब यह जो रिसेंटली अभी सऊदी सऊदी अरेबिया में एंजेल की गई थी कि महिलाएं सोकर माचिस देख सकती है स्टेडियम में आकर पर इन भाई साहब ने तो बोला कि महिलाओं को टीवी पर भी नहीं दिखाना चाहिए क्योंकि उनके लिए गलत है वह इस्लाम के खिलाफ है मैं इस बात से बिल्कुल भी अभी नहीं करती हूं और लिखी महिलाएं भी इंसान हैं उनके अंदर भी फीलिंग्स है और और अगर वैसा कोई मैच देखने में इंटरेस्टेड है तो उन्हें रोकने का कोई हक किसी को भी नहीं है माना है इस्लाम की जरूरत है वह बहुत स्ट्रिक्ट है महिलाओं को लेकर स्पेशली बटन वक्त आ गया किसी से बदल जाए

gandhi ji ek senior graphic ne islamic seminary ke notes in india mein ek fatwa release kiya ek muslim mahila ke khilaf jo football match dekh rahi thi jis path vakya coding jo nikaala gaya hai mahila ke khilaf usme yah bola gaya ki mahilaye jo hai vaah purusho ke ladai yani ki har jhutha ki hui nahi hongi vaah tha isko jaago ko dekhkar district honge unhone yah toh bola ki vaah matlab ghutno tak ke kapde 200 padon ke kapde hote hain toh unhe dekhkar mahilaye district hongi aur yah ullanghan hoga islam dharm ke jo bhi mod haal hai un sabka unhone yahan tak bola ki vaah mahilaye sirf match mein yahi dekhne ke liye aayenge aur 19 ko usko kya chal rahi hai abhi maloom nahi hoga aur bahut hi mujhe lagta hai galat baat hai pehli baat toh mahilaye dekhne ke liye aa rahi hai game vaah unki apni personal soch hai aur ab yah jo recently abhi saudi saudi arabia mein angel ki gayi thi ki mahilaye sokar machis dekh sakti hai stadium mein aakar par in bhai saheb ne toh bola ki mahilaon ko TV par bhi nahi dikhana chahiye kyonki unke liye galat hai vaah islam ke khilaf hai is baat se bilkul bhi abhi nahi karti hoon aur likhi mahilaye bhi insaan hain unke andar bhi feelings hai aur aur agar waisa koi match dekhne mein interested hai toh unhe rokne ka koi haq kisi ko bhi nahi hai mana hai islam ki zarurat hai vaah bahut strict hai mahilaon ko lekar speshli button waqt aa gaya kisi se badal jaaye

गांधी जी एक सीनियर ग्राफिक ने इस्लामिक सेमिनरी के नोट्स इन इंडिया में एक फतवा रिलीज किया ए

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Rajsi

Sports Commentator & Reporter

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Sameer Tripathy

Political Critic

1:38

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए पहले तो मैं यह बोलना चाहूंगा कि जो फतवा जारी कर रहा है इन लोगों को एक का एक हमेशा एक तो कुछ ना कुछ तो इश्क यूज मिलता है यह करो यह कर दिया तो फतवा जारी कर लो और गाना सुन लिया इस्लामिक का फतवा जारी कर लो लेकिन मुझे नहीं लगता है कि इस्लामिक में गुजरो का रण में यह सब चीज है हर किसी छोटे-मोटे चीज में फतवा जारी करना तो यह जो लोग हैं उनको कुछ पल कुछ का टाइम काम धंधा नहीं है उनको एकली पब्लिसिटी की जरूरत होता है यह जो वह कुछ मुस्लिम मौलवी लोग रहते हैं उन लोगों को कुछ काम धंधा नहीं रहता है तो हर किसी छोटे-मोटे चीज में फतवा जारी करना अगर किसी महिला अगर कोई कुछ फुटबॉल मैच देखती है या उनको अगर घुटनों अगर कुछ जो खेलते हैं उनका घुटने देख ले तो उसमें क्या उसमें गलत क्या है पहले तो हम लोग आज के जमाने में ट्रिपल सेंचुरी में हम लोग रहते हैं और यह सब काम कर लिया हम लोगों को भी लोगों को लेकर महिलाओं को बहन करते हैं और हम लोग हमेशा बोलते जेंडर इक्वलिटी जाए और जेंडर डिस्क क्यों करते हैं हम लोग तो यह मुस्लिम मौसमा समाजों को मुस्लिम जो लोग हैं मुस्लिम कि जो लोग इन लोगों को मैं आप लोगों में बोलना चाहूंगा कि आप लोग प्लीज यह सब चीजें मिस गाइड हो ना आप लोगों को जो करना है करिए मुस्लिम महिलाओं को मैं इस वर्ष भी के लिए बोलना चाहूंगा मगर यह जो चीज है यह बापू उनके जिले इस्लाम कंट्री को खुद के ऊपर सवाल उठाता है इस्लाम जो इस्लामिक धर्म है तो ही तो फतवा जारी करते हैं लोग उन लोग को मुझे तो लगता है कुछ उनको कुछ इंटरव्यू को काम धंधा नहीं रहता है सिर्फ पब्लिसिटी के लिए यह सब चीज न्यूज़ में आने के लिए सब चीज करते रहते हैं तो इन लोगों को तो हम लोग को पहले तो इग्नोर करना चाहिए बस

dekhiye pehle toh main yah bolna chahunga ki jo fatwa jaari kar raha hai in logo ko ek ka ek hamesha ek toh kuch na kuch toh ishq use milta hai yah karo yah kar diya toh fatwa jaari kar lo aur gaana sun liya islamic ka fatwa jaari kar lo lekin mujhe nahi lagta hai ki islamic mein gujro ka ran mein yah sab cheez hai har kisi chote mote cheez mein fatwa jaari karna toh yah jo log hain unko kuch pal kuch ka time kaam dhandha nahi hai unko ekali publicity ki zarurat hota hai yah jo vaah kuch muslim maulavi log rehte hain un logo ko kuch kaam dhandha nahi rehta hai toh har kisi chote mote cheez mein fatwa jaari karna agar kisi mahila agar koi kuch football match dekhti hai ya unko agar ghutno agar kuch jo khelte hain unka ghutne dekh le toh usme kya usme galat kya hai pehle toh hum log aaj ke jamane mein triple century mein hum log rehte hain aur yah sab kaam kar liya hum logo ko bhi logo ko lekar mahilaon ko behen karte hain aur hum log hamesha bolte gender Equality jaaye aur gender disk kyon karte hain hum log toh yah muslim mausma Samajon ko muslim jo log hain muslim ki jo log in logo ko main aap logo mein bolna chahunga ki aap log please yah sab cheezen miss guide ho na aap logo ko jo karna hai kariye muslim mahilaon ko main is varsh bhi ke liye bolna chahunga magar yah jo cheez hai yah bapu unke jile islam country ko khud ke upar sawaal uthaata hai islam jo islamic dharm hai toh hi toh fatwa jaari karte hain log un log ko mujhe toh lagta hai kuch unko kuch interview ko kaam dhandha nahi rehta hai sirf publicity ke liye yah sab cheez news mein aane ke liye sab cheez karte rehte hain toh in logo ko toh hum log ko pehle toh ignore karna chahiye bus

देखिए पहले तो मैं यह बोलना चाहूंगा कि जो फतवा जारी कर रहा है इन लोगों को एक का एक हमेशा एक

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