भारत के राष्ट्रपति 'नागरिक दिमाग वाला राष्ट्र' बनाना चाहतें है, जहां लोग दूसरों का मजाक उड़ाए बिना एक-दूसरे से असहमत हो सकते हैं! यह कैसे होसकता है?...


user

Ishita Seth

Obstinate Programmer

1:53
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखा जाए तो जो यह अपना भारत देश है जिसमें हम रहते हैं यह बहुत यह इसकी बहुत ही ज्यादा वैरायटी है यह बहुत ही सादा डायबिटीज में बटा हुआ है या भिन्न-भिन्न तरह के लोग रहते हैं यहां बहुत सारे कल चीज है वह सारी जिंदगी है और जो कई बार कुछ टॉपिक पर एक दूसरे से और सहमत हो जाते हैं पर लेकिन ऐसा जरूरी नहीं है कि और सहमति हम एक दूसरे का मजाक उड़ा कर ही दिखाएं भारत के राष्ट्रपति हैं चाहते हैं कि दूसरे का मजाक उड़ाना एक दूसरे से और सीने में कुछ बुरा नहीं है इसमें बुरा क्या है कि अगर आप उसकी ओर से मेरी एक बहुत ही साधारण तरीके से व्यक्त करें जिससे दूसरों की भावनाओं को मीठे समोसे अगर अगर हम मैं अब यहां पर एक परी एग्जांपल बताओ जो भारत देश है वहां देखा जाए तो हम बहुत सारे लोग रहते हैं क्योंकि जो इंसान ही होते हैं क्योंकि न्यू वीडियो दिखाते तो जॉइंट फैमिली और फैमिली विनायक गोडसे का मजाक उड़ा व्यक्त करते हैं और अगर यही काम अगर हम बाहर के लोगों को भी अपना समझ सके और समझना शुरू कर दे और उनके साथ भी और सहमति एक ऐसे ही तरीके से जताए तो इससे भारत और कार्टून भेज दो इस भारत देश है जिनकी होगा पूरा नहीं होगा और हम दूसरों की फीलिंग को हर्ट कम कर हर हॉट कम कर पाएंगे क्योंकि बहुत ही ज्यादा अच्छी बात है

dekha jaaye toh jo yah apna bharat desh hai jisme hum rehte hain yah bahut yah iski bahut hi zyada Variety hai yah bahut hi saada diabetes mein bataa hua hai ya bhinn bhinn tarah ke log rehte hain yahan bahut saare kal cheez hai vaah saree zindagi hai aur jo kai baar kuch topic par ek dusre se aur sahmat ho jaate hain par lekin aisa zaroori nahi hai ki aur sahmati hum ek dusre ka mazak uda kar hi dikhaen bharat ke rashtrapati hain chahte hain ki dusre ka mazak udana ek dusre se aur seene mein kuch bura nahi hai isme bura kya hai ki agar aap uski aur se meri ek bahut hi sadhaaran tarike se vyakt kare jisse dusro ki bhavnao ko meethe samose agar agar hum main ab yahan par ek pari example batao jo bharat desh hai wahan dekha jaaye toh hum bahut saare log rehte hain kyonki jo insaan hi hote hain kyonki new video dikhate toh joint family aur family vinayak godse ka mazak uda vyakt karte hain aur agar yahi kaam agar hum bahar ke logo ko bhi apna samajh sake aur samajhna shuru kar de aur unke saath bhi aur sahmati ek aise hi tarike se jataayen toh isse bharat aur cartoon bhej do is bharat desh hai jinki hoga pura nahi hoga aur hum dusro ki feeling ko heart kam kar har hot kam kar payenge kyonki bahut hi zyada achi baat hai

देखा जाए तो जो यह अपना भारत देश है जिसमें हम रहते हैं यह बहुत यह इसकी बहुत ही ज्यादा वैराय

Romanized Version
Likes  3  Dislikes    views  121
WhatsApp_icon
3 जवाब
qIcon
ask
ऐसे और सवाल
Loading...
Loading...
user

.

Hhhgnbhh

1:56
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखें जो भारत के राष्ट्रपति नागरिक दिमाग वाला राष्ट्र बनाना चाहते हैं याने कि जहां लोग दूसरों का मजाक उड़ाए बिना एक दूसरे से सहमत हूं कि वह रखते हैं रखते हैं उसे पर प्रदर्शन उसका प्रदर्शन कर सके यह बिल्कुल मुमकिन है यह हो सकता है देखिए होता क्या है कि जिस व्यक्ति से हम प्यार करते हैं हम खुद ब खुद चाहते हैं कि उसे हम बहुत ठराव उसे अपनी बात समझाएं उससे ज्यादा हम ज्यादा उस पर चढ़े ना उसको ज्यादा बुरी भाषा का प्रयोग ना करें उसको और सहमति भी हम इस तरीके से समझाएं कि उसको समझ में आए और हम उसको अपनी बात एक अच्छे तरीके से कर ले कर सके तो हम लोग बाकी लोगों के साथ क्यों नहीं कर सकते हैं हम बिल्कुल बाकी लोगों के साथ कर सकते हैं इससे होता भी क्या है कि जब हम किसी दूसरे को असहमति भी बहुत अच्छे तरीके दिखाते हैं या उसे बताते हैं तुम्हें कहीं ना कहीं उसका भी तो दिल होता है वह आपकी बात समझने की थोड़ी प्रयास करता है आजकल का समय क्या हो गया हम एक दूसरे की बात काटने मैं बहुत मजा आता है अगर हम कुछ एक फोल्डर तो दूसरा बंदा कर भाई बोलना चाहता तो दोनों एक दूसरे से लड़ जायेंगे कि नहीं यह सही है ऐसे चाहिए अंदर ही अंदर मैं उसके लिए 1 पॉइंट से सहमत क्यों ना हो कि हां यह व्यक्ति जिसका यह तो एक इसने विषय बोला यह सही बोला है मैं उसे बताएगा भी नहीं कि यह सही है मिल के अंदर ही अंदर पर मानेगा यह सही है तो यह दोस्ती होती है यह कहीं ना कहीं हम लोग यह सही नहीं करते और इससे तो एक कंफ्यूजन निकलकर आता है वह कभी नहीं आ पाता तो अगर हम लोग प्यार से बिना मजाक उड़ाए भी अगर वह सहमत होंगे किसी से तो वह भी हमारा जो तात्पर्य है समझ पाएगा हम भी इसका तात्पर्य समझ पाएंगे एक अच्छा कौन सा एक अच्छा कंफ्यूजन निकल कर कहां से आएगा तो ऐसा हो सकता है पर यह तब होगा जब हम सब लोग एक जुट होकर अपनी सोच बदलने का निर्णय लेंगे कि हम बिना मजाक उड़ाए लोगों की भावनाओं का आदर करते हुए सहमत होंगे

dekhen jo bharat ke rashtrapati nagarik dimag vala rashtra banana chahte hain yane ki jaha log dusro ka mazak udaye bina ek dusre se sahmat hoon ki vaah rakhte hain rakhte hain use par pradarshan uska pradarshan kar sake yah bilkul mumkin hai yah ho sakta hai dekhiye hota kya hai ki jis vyakti se hum pyar karte hain hum khud bsp khud chahte hain ki use hum bahut tharao use apni baat samjhayen usse zyada hum zyada us par chade na usko zyada buri bhasha ka prayog na kare usko aur sahmati bhi hum is tarike se samjhayen ki usko samajh mein aaye aur hum usko apni baat ek acche tarike se kar le kar sake toh hum log baki logo ke saath kyon nahi kar sakte hain hum bilkul baki logo ke saath kar sakte hain isse hota bhi kya hai ki jab hum kisi dusre ko asahmati bhi bahut acche tarike dikhate hain ya use batatey hain tumhe kahin na kahin uska bhi toh dil hota hai vaah aapki baat samjhne ki thodi prayas karta hai aajkal ka samay kya ho gaya hum ek dusre ki baat katne main bahut maza aata hai agar hum kuch ek folder toh doosra banda kar bhai bolna chahta toh dono ek dusre se lad jayenge ki nahi yah sahi hai aise chahiye andar hi andar main uske liye 1 point se sahmat kyon na ho ki haan yah vyakti jiska yah toh ek isne vishay bola yah sahi bola hai use batayega bhi nahi ki yah sahi hai mil ke andar hi andar par manega yah sahi hai toh yah dosti hoti hai yah kahin na kahin hum log yah sahi nahi karte aur isse toh ek confusion nikalkar aata hai vaah kabhi nahi aa pata toh agar hum log pyar se bina mazak udaye bhi agar vaah sahmat honge kisi se toh vaah bhi hamara jo tatparya hai samajh payega hum bhi iska tatparya samajh payenge ek accha kaun sa ek accha confusion nikal kar kahaan se aayega toh aisa ho sakta hai par yah tab hoga jab hum sab log ek jut hokar apni soch badalne ka nirnay lenge ki hum bina mazak udaye logo ki bhavnao ka aadar karte hue sahmat honge

देखें जो भारत के राष्ट्रपति नागरिक दिमाग वाला राष्ट्र बनाना चाहते हैं याने कि जहां लोग दूस

Romanized Version
Likes  1  Dislikes    views  133
WhatsApp_icon
play
user

Jyoti Mehta

Ex-History Teacher

1:58

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जी हां ऐसा हो सकता है कि लोग एक दूसरे का मजाक उड़ाए बिना एक दूसरे से असहमत हो हम भारत में रहते हैं जहां संयुक्त परिवारों का प्रचलन है संयुक्त परिवार ना भी हो तो भी एकल परिवार तो होते ही हैं जहां हम पेरेंट्स और अपने भाई-बहनों के साथ रहते हैं तब भी जरूरी नहीं है कि हम सब के विचार एक जैसे हो या हम सभी किसी एक बात से सहमत हो हमारे बीच में मतभेद होते हैं लेकिन हम अब हम अपने पेरेंट्स से या अपने भाई-बहनों से जब किसी बात पर सहमत होते हैं तो उनका मजाक उड़ा कर उन्हें नहीं बताते हैं कि हम आपसे सहमत हैं हम अपनी बात रखते हैं एक किस तो शालीन भाषा में एक व्यवहार की Naaptol को हम अच्छे से अपनी बातों को समझा पाए और फिर वह हमारी बात समझते भी हैं ठीक है ऐसा ही हम किसी और व्यक्ति के साथ जो व्यवहार करते हैं तभी हो सकता है हम उसे एक्सेप्ट और शालीन भाषा में समझा सकते हैं कि हम आप की बात से सहमत नहीं है अगर हमारी बोली मीठी होगी और हम शालीनता से कहेंगे तो सामने वाला जरूर हमार बात को समझेगा सुनेगा और कोशिश करेगा कि मैं सही हूं या गलत हूं लेकिन यही बात अगर हम उसका मजाक उड़ा कर अभद्र भाषा में और शालीनता से और मीठी बोली में नहीं बोलेंगे तो वह बात जरूर उसको सही होते हुए भी गलत ही लगेगी क्योंकि उसे आपका व्यवहार पसंद नहीं आया है इसलिए मुझे लगता है कि इंसान का व्यवहार अच्छा होना और शिफ्ट होना बहुत जरूरी है अगर आपके व्यवहार में शालीनता है आपकी भाषा श्रेष्ठ है और आप मीठी बोली बोल रहे हैं तो सामने वाला आपकी बात गलत होते हुए भी समझने की और सुनने की कोशिश जरूर करेगा चाहे वह आपसे असहमत हूं तब भी वह आपकी बात को समझने की कोशिश करेगा और आपको समझाने की कोशिश करेगा कि वह सही है और आप गलत है लेकिन इस से दूरियां नहीं बढ़ेगी इस से नफरत नहीं बढ़ेगी और एक अच्छा व्यवहार एक दूसरे के साथ में बनेगा

ji haan aisa ho sakta hai ki log ek dusre ka mazak udaye bina ek dusre se asahamat ho hum bharat mein rehte hain jaha sanyukt parivaron ka prachalan hai sanyukt parivar na bhi ho toh bhi ekal parivar toh hote hi hain jaha hum parents aur apne bhai bahnon ke saath rehte hain tab bhi zaroori nahi hai ki hum sab ke vichar ek jaise ho ya hum sabhi kisi ek baat se sahmat ho hamare beech mein matbhed hote hain lekin hum ab hum apne parents se ya apne bhai bahnon se jab kisi baat par sahmat hote hain toh unka mazak uda kar unhe nahi batatey hain ki hum aapse sahmat hain hum apni baat rakhte hain ek kis toh shaleen bhasha mein ek vyavhar ki Naaptol ko hum acche se apni baaton ko samjha paye aur phir vaah hamari baat samajhte bhi hain theek hai aisa hi hum kisi aur vyakti ke saath jo vyavhar karte hain tabhi ho sakta hai hum use except aur shaleen bhasha mein samjha sakte hain ki hum aap ki baat se sahmat nahi hai agar hamari boli mithi hogi aur hum shalinata se kahenge toh saamne vala zaroor hamar baat ko samjhega sunegaa aur koshish karega ki main sahi hoon ya galat hoon lekin yahi baat agar hum uska mazak uda kar abhadra bhasha mein aur shalinata se aur mithi boli mein nahi bolenge toh vaah baat zaroor usko sahi hote hue bhi galat hi lagegi kyonki use aapka vyavhar pasand nahi aaya hai isliye mujhe lagta hai ki insaan ka vyavhar accha hona aur shift hona bahut zaroori hai agar aapke vyavhar mein shalinata hai aapki bhasha shreshtha hai aur aap mithi boli bol rahe hain toh saamne vala aapki baat galat hote hue bhi samjhne ki aur sunne ki koshish zaroor karega chahen vaah aapse asahamat hoon tab bhi vaah aapki baat ko samjhne ki koshish karega aur aapko samjhane ki koshish karega ki vaah sahi hai aur aap galat hai lekin is se duriyan nahi badhegi is se nafrat nahi badhegi aur ek accha vyavhar ek dusre ke saath mein banega

जी हां ऐसा हो सकता है कि लोग एक दूसरे का मजाक उड़ाए बिना एक दूसरे से असहमत हो हम भारत में

Romanized Version
Likes  1  Dislikes    views  161
WhatsApp_icon
qIcon
ask
QuestionsProfiles

Vokal App bridges the knowledge gap in India in Indian languages by getting the best minds to answer questions of the common man. The Vokal App is available in 11 Indian languages. Users ask questions on 100s of topics related to love, life, career, politics, religion, sports, personal care etc. We have 1000s of experts from different walks of life answering questions on the Vokal App. People can also ask questions directly to experts apart from posting a question to the entire answering community. If you are an expert or are great at something, we invite you to join this knowledge sharing revolution and help India grow. Download the Vokal App!