क्या वैलेंटाइन मानना ज़रूरी है? क्यों?...


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Abhishek Sharma

Forest Range Officer, MP

1:57

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

वैलेंटाइन डे मनाना बिल्कुल जरूरी नहीं है लेकिन इसका विरोध करना भी जरूरी नहीं है क्योंकि अगर आप यह कहते हैं कि पश्चिमीकरण के इस त्यौहार को हमारे देश में नहीं आना चाहिए तो कल को अमेरिका यूरोपियन कंट्री से दीवाली मनाना बंद कर देंगे उनकी वजह से हमारे यहां से जाने वाली साड़ियां फुलझड़ियां तथा और सारा एक्सपोर्ट होता है सामान हो जाना बंद हो जाएगा तो हमारे व्यापारी वर्ग को नुकसान होगा हम क्यों न ग्लोबलाइजेशन का हिस्सा बनकर इन सब चीजों का सपोर्ट करें क्यों नाम हर धर्म के त्यौहार को मनाए क्या परेशानी है इसमें बात यह है कि हम इतने शिक्षित नहीं है कि हमें पता हो कि क्या करना चाहिए क्या नहीं करना चाहिए अगर आप स्वयं वैलेंटाइन डे नहीं बनाना चाहते हैं तो कोई आपत्ति नहीं है लेकिन किसी और को इसे बनाने से मत रखिए सबसे ज्यादा इंपॉर्टेंट बात है कि हमारे देश में आप देखिए अभी कुछ समय पहले जब 26 जनवरी और 15 अगस्त त्यौहार था दुनिया के शहर में भारत की एक रैली निकली थी जिसमें भारतीय झंडा फहराते हुए रोकने के लिए थे सूची अमेरिका में कितनी आजादी है हमारे देश में कोई अमेरिका का झंडा लेकर रब्बा निकलता है क्या कभी नहीं निकलता तो यही हमारे देश की खासियत है कि हम कुछ संस्कृति लेते हैं तो हमारी संस्कृति भी बाहर जाती है हमारी संस्कृति बाहर जाएगी तो हमारे बाहर के लोग दिवाली मनाएंगे होली मनाएंगे ईदगाह बनाएंगे तो यह सारे त्यौहार अगर वह मना सकते हैं तो हम क्यों नहीं संत वैलेंटाइन डे का मना सकते और किसी पर भी 4:00 से बाउंड एक्शन नहीं है जो बनाना चाहे वह बना सकता है जो नहीं मनाना चाहिए उसे दूर रह सकता है शांति से देख सकता है यह आपकी परेशानी है क्या आप नहीं मनाते हैं या आपकी परेशानी है आप बनाते हैं किसी को फोर्स नहीं कर सकते किसी चीज के लिए हमारे संविधान में हमें अधिकार दिया गया है कि हम किसी भी कार्य को संविधान के अंदर अंदर जो आता है उसको करने के लिए आ जाते तो किसी भी चीज पर आ रही हो या किसी भी चीज पसंद से उठाने का सवाल ही पैदा नहीं होता संस्कृति आएंगी जाएंगी तभी सारा का सारा ग्लोबलाइजेशन होगा तभी हम दूसरों व्यक्तियों को समझ पाएंगे और अपनी चीजों को भेज पाएंगे तथा और भी सारे फायदे हमारी कंट्री को ही होंगे धन्यवाद

valentine day manana bilkul zaroori nahi hai lekin iska virodh karna bhi zaroori nahi hai kyonki agar aap yah kehte hain ki pashchimikaran ke is tyohar ko hamare desh mein nahi aana chahiye toh kal ko america european country se diwali manana band kar denge unki wajah se hamare yahan se jaane wali sadiyan fulajhadiyan tatha aur saara export hota hai saamaan ho jana band ho jaega toh hamare vyapaari varg ko nuksan hoga hum kyon na globalization ka hissa bankar in sab chijon ka support kare kyon naam har dharm ke tyohar ko manaye kya pareshani hai isme baat yah hai ki hum itne shikshit nahi hai ki hamein pata ho ki kya karna chahiye kya nahi karna chahiye agar aap swayam valentine day nahi banana chahte hain toh koi apatti nahi hai lekin kisi aur ko ise banane se mat rakhiye sabse zyada important baat hai ki hamare desh mein aap dekhiye abhi kuch samay pehle jab 26 january aur 15 august tyohar tha duniya ke shehar mein bharat ki ek rally nikli thi jisme bharatiya jhanda fahrate hue rokne ke liye the suchi america mein kitni azadi hai hamare desh mein koi america ka jhanda lekar rabba nikalta hai kya kabhi nahi nikalta toh yahi hamare desh ki khasiyat hai ki hum kuch sanskriti lete hain toh hamari sanskriti bhi bahar jaati hai hamari sanskriti bahar jayegi toh hamare bahar ke log diwali manayenge holi manayenge eidgah banayenge toh yah saare tyohar agar vaah mana sakte hain toh hum kyon nahi sant valentine day ka mana sakte aur kisi par bhi 4 00 se bound action nahi hai jo banana chahen vaah bana sakta hai jo nahi manana chahiye use dur reh sakta hai shanti se dekh sakta hai yah aapki pareshani hai kya aap nahi manate hain ya aapki pareshani hai aap banate hain kisi ko force nahi kar sakte kisi cheez ke liye hamare samvidhan mein hamein adhikaar diya gaya hai ki hum kisi bhi karya ko samvidhan ke andar andar jo aata hai usko karne ke liye aa jaate toh kisi bhi cheez par aa rahi ho ya kisi bhi cheez pasand se uthane ka sawaal hi paida nahi hota sanskriti aayengi jayegi tabhi saara ka saara globalization hoga tabhi hum dusro vyaktiyon ko samajh payenge aur apni chijon ko bhej payenge tatha aur bhi saare fayde hamari country ko hi honge dhanyavad

वैलेंटाइन डे मनाना बिल्कुल जरूरी नहीं है लेकिन इसका विरोध करना भी जरूरी नहीं है क्योंकि अग

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