पूंजीवाद और समाजवाद में क्या अंतर है?...


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SONU SINGH

EDUCATOR

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हमारी अर्थव्यवस्था तीन प्रकार की है पूंजीवादी अर्थव्यवस्था समाजवादी अर्थव्यवस्था मिश्रित अर्थव्यवस्था पूंजीवादी अर्थव्यवस्था ऐसी अर्थव्यवस्था जिसमें उत्पादन के साधन पर निजी स्वामित्व होता है अर्थात इसमें सरकार का कोई भी हस्तक्षेप नहीं होता है उसको हम लोग पूंजीवादी अर्थव्यवस्था कहते हैं जैसे यूएसए और ब्रिटेन में इसमें सरकार का कोई भी नहीं होता है इसको पूंजीवादी अर्थव्यवस्था बोलते हैं समाजवादी अर्थव्यवस्था इस व्यवस्था में धन संपत्ति का स्वामित्व और वित्त राज्य के नियंत्रण में अर्थ सरकार के अनुसार होता है जैसे रूस में मिश्रित अर्थव्यवस्था जिसमें निजी और सार्वजनिक दोनों को स्वामित्व स्वामित्व का मिश्रण होता है अर्थात निजी का और सरकार का विश्वामित्र होता है उसको हम लोग मिश्रित अर्थव्यवस्था कहते हैं जैसे भारत में निजी लोगों का भी स्वामित्व होता है और सरकार का भी उसमें पड़ता है जैसे अब रेलवे रेलवे में निजी ट्रेनें भी चल रही है और सरकार की भी इसको हम लोग मिश्रित अर्थव्यवस्था बोलते हैं

hamari arthavyavastha teen prakar ki hai punjiwadi arthavyavastha samajwadi arthavyavastha mishrit arthavyavastha punjiwadi arthavyavastha aisi arthavyavastha jisme utpadan ke sadhan par niji swamitwa hota hai arthat isme sarkar ka koi bhi hastakshep nahi hota hai usko hum log punjiwadi arthavyavastha kehte hain jaise usa aur britain me isme sarkar ka koi bhi nahi hota hai isko punjiwadi arthavyavastha bolte hain samajwadi arthavyavastha is vyavastha me dhan sampatti ka swamitwa aur vitt rajya ke niyantran me arth sarkar ke anusaar hota hai jaise rus me mishrit arthavyavastha jisme niji aur sarvajanik dono ko swamitwa swamitwa ka mishran hota hai arthat niji ka aur sarkar ka vishwamitra hota hai usko hum log mishrit arthavyavastha kehte hain jaise bharat me niji logo ka bhi swamitwa hota hai aur sarkar ka bhi usme padta hai jaise ab railway railway me niji trainen bhi chal rahi hai aur sarkar ki bhi isko hum log mishrit arthavyavastha bolte hain

हमारी अर्थव्यवस्था तीन प्रकार की है पूंजीवादी अर्थव्यवस्था समाजवादी अर्थव्यवस्था मिश्रित अ

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Jyoti Mehta

Ex-History Teacher

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पूंजीवाद और समाजवाद में काफी अंतर है सरकारी प्रणाली के अलावा निजी तौर पर स्वामित्व वाले किसी भी आर्थिक तंत्र को पूंजीवादी तंत्र के नाम से बुलाया जा सकता है यह कहा जा सकता है कि लाभ के लिए पूंजीवादी तंत्र चलाया जाता है इस में बाजार मूल्य निवेश वितरण और उत्पादन मूल्य सभी का निर्धारण मुक्त बाजार में प्रतिस्पर्धा द्वारा किया जाता है यह एक आर्थिक पद्धति है जिसमें पूंजी के निजी स्वामित्व उत्पादन के साधनों पर व्यक्तिगत नियंत्रण स्वतंत्र उद्योगिक प्रतियोगिता उपभोक्ता जोगियों की अनियंत्रित वितरण की व्यवस्था होती है काल में नैतिक मूल्यों के अनुसार इसके अलग-अलग रूप बनती रहे हैं जबकि समाजवाद में धन का स्वामित्व वितरण समाज के हाथों में रहता है आर्थिक सामाजिक व वैचारिक तौर पर समाजवाद में की संपत्ति पर आधारित अधिकारों का विरोध करता है इसके अनुसार संपदा उत्पादन का वितरण राज्य समाज के हाथों में होना चाहिए समाजवाद की परिभाषा कठिन है यह सिद्धांत आंदोलन दोनों ही है यह एक आंदोलन है जो उत्पादन के मुख्य साधनों के समाजिकरण पर आधारित वर्ग विहीन समाज स्थापित करने के लिए प्रयत्नशील है और मजदूर वर्ग को इसका मुख्य आधार बनाता है क्योंकि यह स्वर्ग को शोषित वर्ग मानता है

punjivad aur samajavad mein kaafi antar hai sarkari pranali ke alava niji taur par swamitwa waale kisi bhi aarthik tantra ko punjiwadi tantra ke naam se bulaya ja sakta hai yah kaha ja sakta hai ki labh ke liye punjiwadi tantra chalaya jata hai is mein BA zaar mulya nivesh vitaran aur utpadan mulya sabhi ka nirdharan mukt BA zaar mein pratispardha dwara kiya jata hai yah ek aarthik paddhatee hai jisme punji ke niji swamitwa utpadan ke saadhano par vyaktigat niyantran swatantra uddyogik pratiyogita upbhokta jogiyon ki aniyantrit vitaran ki vyavastha hoti hai kaal mein naitik mulyon ke anusaar iske alag alag roop BA nti rahe hai jabki samajavad mein dhan ka swamitwa vitaran samaj ke hathon mein rehta hai aarthik samajik va vaicharik taur par samajavad mein ki sampatti par aadharit adhikaaro ka virodh karta hai iske anusaar sampada utpadan ka vitaran rajya samaj ke hathon mein hona chahiye samajavad ki paribhasha kathin hai yah siddhant andolan dono hi hai yah ek andolan hai jo utpadan ke mukhya saadhano ke samajikaran par aadharit varg vihin samaj sthapit karne ke liye prayatnashil hai aur majdur varg ko iska mukhya aadhaar BA nata hai kyonki yah swarg ko shoshit varg manata hai

पूंजीवाद और समाजवाद में काफी अंतर है सरकारी प्रणाली के अलावा निजी तौर पर स्वामित्व वाले कि

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Ashwani Thakur

👤Teacher & Advisor🙏

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नमस्कार गुरु जी का समाजवाद में अंतर और धन सृजन करने के निशुल्क बाजार की चीजों की अनुमति देता है बाजारों का उदारीकरण पसंद की स्वतंत्रता की अनुमति देता है जिसके परिणाम स्वरुप सफलता का विफलता होता है

namaskar guru ji ka samajavad me antar aur dhan srijan karne ke nishulk bazaar ki chijon ki anumati deta hai bazaro ka udaarikaran pasand ki swatantrata ki anumati deta hai jiske parinam swarup safalta ka vifalta hota hai

नमस्कार गुरु जी का समाजवाद में अंतर और धन सृजन करने के निशुल्क बाजार की चीजों की अनुमति दे

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पूंजीवाद देखे नवाचार और व्यक्तिगत लक्ष्यों को प्रोत्साहित करता है जबकि समाजवाद समाज में समानता और निष्पक्ष का को बढ़ावा देता है समाजवादी अर्थव्यवस्था में संसाधन राज्य के स्वामित्व में है लेकिन पूंजीवादी अर्थव्यवस्था के मामले में उत्पादन के साधन निजी स्वामित्व में है तो ऐसा होता है

punjivad dekhe navachar aur vyaktigat lakshyon ko protsahit karta hai jabki samajavad samaj mein samanata aur nishpaksh ka ko BA dhawa deta hai samajwadi arthavyavastha mein sansadhan rajya ke swamitwa mein hai lekin punjiwadi arthavyavastha ke mamle mein utpadan ke sadhan niji swamitwa mein hai toh aisa hota hai

पूंजीवाद देखे नवाचार और व्यक्तिगत लक्ष्यों को प्रोत्साहित करता है जबकि समाजवाद समाज में सम

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Sharmistha

Ops Answerer

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पूंजीवाद समाजवाद के बीच जो है मूलभूत अर्थव्यवस्था में सरकारी हस्तक्षेप का दायरा है ठीक है और पूंजीवादी आर्थिक मॉडल नवाचार और विसर्जन करने के लिए निशुल्क बाजार की स्थितियों की अनुमति देता है और यह बाजार बलों का उदारीकरण पसंद की स्वतंत्रता की अनुमति देता है और जिसके परिणाम स्वरूप सफलता या विफलता होती है और समाजवादी आधारित अर्थव्यवस्था में विकेंद्रीकृत आर्थिक योजनाओं के तत्वों को शामिल किया गया है जिसका उपयोग है अनुरूपता सुनिश्चित करने और अवसरों और आर्थिक परिणामों का समानता को प्रोत्साहित करने के लिए किया जाता है

punjivad samajavad ke beech jo hai mulbhut arthavyavastha mein sarkari hastakshep ka dayara hai theek hai aur punjiwadi aarthik model navachar aur visarjan karne ke liye nishulk BA zaar ki sthitiyo ki anumati deta hai aur yah BA zaar BA lon ka udaarikaran pasand ki swatantrata ki anumati deta hai aur jiske parinam swaroop safalta ya vifalta hoti hai aur samajwadi aadharit arthavyavastha mein vikendrikrit aarthik yojnao ke tatvon ko shaamil kiya gaya hai jiska upyog hai anurupta sunishchit karne aur avasaron aur aarthik parinamon ka samanata ko protsahit karne ke liye kiya jata hai

पूंजीवाद समाजवाद के बीच जो है मूलभूत अर्थव्यवस्था में सरकारी हस्तक्षेप का दायरा है ठीक है

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